अयोध्या में रामलला प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ
राजनाथ सिंह और सीएम योगी ने किए दर्शन, पूर्ववर्ती सरकारों पर योगी का तीखा प्रहार
प्रतिष्ठा द्वादशी समारोह में सीएम योगी ने कहा- पहले 'जय श्रीराम' बोलने पर मिलती थी लाठी, अब बेखौफ जयघोष; 500 साल की तपस्या का फल है भव्य राम मंदिर
अयोध्या। रामनगरी अयोध्या में साल 2025 के अंतिम दिन श्री राम जन्मभूमि मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ 'प्रतिष्ठा द्वादशी' के रूप में बड़े उत्साह और भक्ति भाव से मनाई जा रही है। इस पावन अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह विशेष रूप से रामनगरी पहुंचे और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ मिलकर हनुमानगढ़ी मंदिर तथा राम मंदिर में दर्शन-पूजन किया। दोनों नेताओं ने मां अन्नपूर्णा मंदिर पर धर्मध्वजा भी फहराई।
प्रतिष्ठा द्वादशी समारोह को संबोधित करते हुए योगी का पुरानी सरकारों पर हमला
श्री राम जन्मभूमि मंदिर में आयोजित 'प्रतिष्ठा द्वादशी' कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्ववर्ती सरकारों पर जोरदार प्रहार किया। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने अपने संकीर्ण स्वार्थों, मजहबी उन्माद और सत्ता लोलुपता के चलते अयोध्या के साथ षड्यंत्र रचा और इसे उपद्रव व संघर्ष का केंद्र बना दिया था। अयोध्या, जिसका नाम ही संकेत करता है कि यहां कभी युद्ध नहीं हुआ और कोई शत्रु टिक नहीं सका, उसे कुछ लोग लहूलुहान करने पर तुले थे।
सीएम योगी ने आगे कहा कि आज लोग निर्भीक होकर 'जय श्रीराम' का उद्घोष कर रहे हैं, जबकि पहले ऐसा करने पर लाठियां बरसती थीं। स्वतंत्रता के बाद अयोध्या ने राम मंदिर आंदोलन के कई महत्वपूर्ण पड़ाव देखे। 500 वर्षों की प्रतीक्षा और संघर्ष के बाद आज रामलला का भव्य मंदिर में विराजमान होना और यह दिव्य स्वरूप देखकर हर रामभक्त के हृदय में अपार आनंद और गौरव की अनुभूति हो रही है।
राजनाथ सिंह की उपस्थिति से बढ़ी रौनक
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी इस अवसर पर रामलला के दर्शन किए और कार्यक्रम में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि अयोध्या की हर सांस में राम बस्ते हैं और यह शहर अब आस्था, संस्कृति और विकास का प्रतीक बन चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सोशल मीडिया पर रामभक्तों को बधाई दी और इसे हमारी आस्था व परंपराओं का दिव्य उत्सव बताया।
मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ा हुआ है। देश-विदेश से आए भक्त लंबी कतारों में रामलला के दर्शन कर रहे हैं और 'जय श्रीराम' के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा है। सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखी गई है। यह उत्सव न केवल धार्मिक महत्व का है, बल्कि यह भारत की सांस्कृतिक विरासत और एकता का भी प्रतीक बन गया है।
