‘जिनकी मुफ्त की कमाई बंद हुई, वो मोदी से प्यार करेंगे?’ PM का वार; DBT से ₹5 लाख करोड़ बचत का दावा
India Mobile Congress 2026 में प्रधानमंत्री ने कहा—सरकारी मदद सीधे खातों में पहुंचने से लीकेज घटी; साइबर फ्रॉड, Deepfake और डिजिटल सुरक्षा के लिए वैश्विक framework की जरूरत बताई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने India Mobile Congress 2026 में DBT, डिजिटल सेवाओं, साइबर सुरक्षा और गेमिंग पर बड़ी बातें कहीं। उन्होंने कहा कि DBT के जरिए करीब ₹50 लाख करोड़ लाभार्थियों के खातों तक पहुंचे और इससे करीब ₹5 लाख करोड़ गलत हाथों में जाने से बचे। इसी दौरान उन्होंने सवाल किया—‘जिनकी मुफ्त की कमाई बंद हो गई, वे मोदी से प्यार करेंगे क्या?’ सरकारी DBT dashboard पर cumulative transfer ₹53.7 लाख करोड़ से ज्यादा और estimated gains करीब ₹5.14 लाख करोड़ दिख रहे हैं।
₹5 लाख करोड़ की बचत से Deepfake तक, मोदी ने रखे कई बड़े मुद्दे
PM मोदी ने IMC 2026 में DBT, gaming और digital security पर बात की।
प्रत्यक्षदर्शी समाचार | राष्ट्रीय डेस्क | 8 अक्टूबर 2026
खबर में खास
PM मोदी ने India Mobile Congress 2026 को संबोधित किया
DBT के जरिए करीब ₹50 लाख करोड़ लाभार्थियों तक पहुंचने की बात
करीब ₹5 लाख करोड़ की बचत का दावा
सरकारी DBT dashboard पर estimated gains करीब ₹5.14 लाख करोड़
PM का सवाल—“जिनकी मुफ्त की कमाई बंद हुई, वो मोदी से प्यार करेंगे क्या?”
बोले—गलत तरीके और लीकेज रोकने का काम जारी रहेगा
मोबाइल को सिर्फ chatting नहीं, governance tool बताया
सैकड़ों सरकारी सेवाएं mobile पर उपलब्ध होने का जिक्र
Deepfake और cyber fraud पर चिंता जताई
Data security के लिए global framework की जरूरत बताई
Gaming ecosystem में 50 करोड़ से ज्यादा लोगों की भागीदारी का जिक्र
छोटे शहरों के युवाओं की gaming और content creation में बढ़ती भूमिका
IMC 2026 में 5G, 6G, AI, semiconductor और cyber security प्रमुख विषय
100 से ज्यादा देशों की भागीदारी
1.5 लाख से ज्यादा visitors की उम्मीद
600+ startups और 2,000+ technology use cases showcase किए जा रहे हैं
‘मुफ्त की कमाई बंद हुई तो प्यार कैसे करेंगे?’
नई दिल्ली: India Mobile Congress 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने technology, governance और भ्रष्टाचार पर बात करते हुए ऐसा बयान दिया जो तेजी से चर्चा में आ गया।
DBT यानी Direct Benefit Transfer का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकारी मदद सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों तक पहुंचाने से बीच की लीकेज रोकने में मदद मिली है।
उन्होंने कहा कि करीब ₹50 लाख करोड़ की राशि DBT के जरिए लाभार्थियों तक पहुंची और लगभग ₹5 लाख करोड़ गलत हाथों में जाने से बचाए गए।
इसके बाद प्रधानमंत्री ने सवालिया अंदाज में कहा कि जिन लोगों की “मुफ्त की कमाई” बंद हुई है, वे मोदी से प्यार क्यों करेंगे।
‘चिल्लाते रहें, मैं करके रहूंगा’
अपने संबोधन में मोदी ने इस मुद्दे को सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं रखा।
उन्होंने कहा कि अगर सरकारी योजनाओं में गलत तरीकों और लीकेज को रोका गया है तो ऐसा करना सही है और इसे आगे भी जारी रखा जाएगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि विरोध या आलोचना के बावजूद वह ऐसी गड़बड़ियों को रोकने के काम से पीछे नहीं हटेंगे।
यह प्रधानमंत्री का राजनीतिक और प्रशासनिक दावा है।
DBT का सरकारी आंकड़ा क्या कहता है?
प्रधानमंत्री ने मंच से करीब ₹50 लाख करोड़ transfer और ₹5 लाख करोड़ बचत की बात कही।
सरकार के DBT dashboard पर 8 अक्टूबर के आसपास cumulative Direct Benefit Transfer की राशि ₹53.7 लाख करोड़ से अधिक दिखाई जा रही है।
यानी भाषण में इस्तेमाल किया गया ₹5 लाख करोड़ का आंकड़ा सरकारी dashboard पर दर्ज अनुमानित gains के करीब है।
हालांकि “estimated gains” को सीधे किसी audited fraud recovery के बराबर नहीं समझना चाहिए। यह अलग-अलग योजनाओं में duplicate, ineligible beneficiaries और leakage reduction से जुड़े सरकारी अनुमान हैं।
Mobile अब सिर्फ बात करने की चीज नहीं: मोदी
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 10-12 वर्षों में mobile phone की भूमिका काफी बदल गई है।
उनके मुताबिक mobile अब सिर्फ बात करने या chatting करने का माध्यम नहीं है, बल्कि banking, government services, digital payments, education और governance का अहम tool बन चुका है। AajTak
उन्होंने कहा कि आज सैकड़ों सरकारी सेवाएं mobile phone पर उपलब्ध हैं और लोगों को कई कामों के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर कम लगाने पड़ते हैं।
DBT और mobile का क्या connection?
DBT व्यवस्था में सरकारी subsidy और financial benefits सीधे पात्र लाभार्थियों के bank accounts में भेजे जाते हैं।
इसके लिए bank account, digital identity और mobile connectivity ने बड़ा infrastructure तैयार किया है।
सरकारी dashboard के मुताबिक अभी DBT framework में 320 schemes और 56 ministries शामिल हैं। DBT | Direct Benefit Transfer
यही व्यवस्था pension, scholarship, subsidy और कई welfare schemes में direct transfer के लिए इस्तेमाल होती है।
‘गलत हाथों’ वाला बयान क्यों महत्वपूर्ण?
प्रधानमंत्री का भाषण technology event में था, लेकिन DBT पर उनकी टिप्पणी सीधे राजनीतिक messaging में बदल गई।
उन्होंने कहा कि जिन लोगों को पुरानी व्यवस्था में गलत तरीके से फायदा मिलता था, direct transfer और digital verification के कारण ऐसे रास्ते बंद हुए।
यह सरकार का दावा है।
DBT dashboard पर estimated savings/gains जरूर दर्ज हैं, लेकिन इस आंकड़े को किसी एक व्यक्ति, पार्टी या specific corruption case से जोड़ना सही नहीं होगा जब तक उसका अलग प्रमाण न हो।
Deepfake को लेकर PM ने जताई चिंता
प्रधानमंत्री ने AI और digital technology से पैदा हो रहे खतरों पर भी बात की।
उन्होंने Deepfake, cyber fraud और data security को बड़ी चुनौती बताया।
PM ने कहा कि digital ecosystem जितना मजबूत और बड़ा हो रहा है, उतना ही trust और security पर ध्यान देना जरूरी है। AajTak
Deepfake technology में AI की मदद से किसी व्यक्ति के चेहरे, आवाज या वीडियो को इस तरह बदला जा सकता है कि नकली content असली जैसा दिखाई दे।
Cyber Security के लिए Global Framework की बात
मोदी ने cyber security को सिर्फ भारत की समस्या नहीं बताया।
उन्होंने कहा कि digital fraud, deepfake और data-related threats सीमा नहीं देखते, इसलिए इनके लिए global cooperation और मजबूत international framework जरूरी है। AajTak
एक दिन पहले global mobile-industry representatives के साथ बैठक में भी प्रधानमंत्री ने technology-driven solutions के जरिए cyber fraud से निपटने पर जोर दिया था। Press Information Bureau
Gaming पर भी बोले मोदी
प्रधानमंत्री ने भारत के तेजी से बढ़ते gaming ecosystem का भी जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि देश में 50 करोड़ से ज्यादा लोग gaming ecosystem से जुड़े हुए हैं और छोटे शहरों तथा कस्बों के युवाओं की भी इसमें बड़ी भूमिका है। AajTak
Gaming आज सिर्फ entertainment तक सीमित नहीं है।
इससे game development, animation, coding, esports, live-streaming, content creation और digital design जैसे नए career opportunities भी जुड़ रहे हैं।
छोटे शहरों के युवाओं पर क्यों जोर?
मोदी ने अपने भाषण में कहा कि तेज internet और smartphones ने digital opportunities को metro cities से बाहर भी पहुंचाया है।
Gaming और content creation जैसे sectors में अब tier-2 और tier-3 cities से भी युवा आगे आ रहे हैं।
यह बदलाव affordable data, smartphones और बेहतर connectivity के साथ जुड़ा है।
5G ने क्या बदला?
प्रधानमंत्री ने digital connectivity की तेजी का भी जिक्र किया।
आज देश के सभी जिलों तक 5G connectivity पहुंचने और 5.5 लाख से ज्यादा 5G base stations सक्रिय होने की जानकारी सामने आई है। Jansatta
तेज internet का असर सिर्फ video streaming तक सीमित नहीं है।
इससे cloud services, gaming, AI applications, smart manufacturing, telemedicine और connected devices जैसे sectors को भी विस्तार मिल सकता है।
India Mobile Congress 2026 इतना बड़ा क्यों?
India Mobile Congress का यह 10वां edition है।
कार्यक्रम 7 से 10 अक्टूबर तक नई दिल्ली के यशोभूमि में आयोजित हो रहा है।
इस साल theme है:
“Scale Without Boundaries”
इसका focus India के digital ecosystem को बड़े scale पर लेकर जाने, innovation और secure technology infrastructure को मजबूत करने पर है। PM India
किन technologies पर सबसे ज्यादा focus?
IMC 2026 में नौ बड़े technology sectors पर focus है:
5G और 6G Next-generation AI Networks Semiconductors Non-Terrestrial Networks Cyber Security Quantum Communication Enterprise Transformation Circular Economy और ESG Electronics Manufacturing
इसके अलावा Smart Mobility, Industrial Robotics और Transport Technology जैसे नए sectors भी जोड़े गए हैं। PM India
100 से ज्यादा देशों की भागीदारी
IMC 2026 का scale इस बार काफी बड़ा रखा गया है।
आयोजकों के मुताबिक:
100+ देशों के प्रतिनिधि 1.5 लाख+ attendees 500+ partners और exhibitors 600+ startups 900+ thought leaders 2,000+ technology use cases 120+ sessions
कार्यक्रम का हिस्सा हैं या होने की उम्मीद है। PM India
Semiconductor पर क्यों बढ़ रहा जोर?
भारत पिछले कुछ वर्षों से semiconductor manufacturing ecosystem तैयार करने की कोशिश कर रहा है।
IMC में semiconductor को प्रमुख anchor sectors में शामिल किया गया है।
इसका महत्व smartphones से कहीं आगे है—cars, defence equipment, medical devices, telecom networks, data centres और AI systems में chips की जरूरत होती है।
इसलिए domestic semiconductor capability को strategic technology capacity से भी जोड़ा जा रहा है।
6G की तैयारी अभी से क्यों?
भारत में 5G expansion जारी है, लेकिन telecom industry अब अगली generation यानी 6G पर भी काम शुरू कर चुकी है।
6G से बेहद high-speed connectivity, low latency और AI-driven networks जैसे नए use cases की उम्मीद की जा रही है।
भारत का लक्ष्य सिर्फ नई technology इस्तेमाल करना नहीं, बल्कि standards, research और intellectual property में भी भूमिका बढ़ाना है। Press Information Bureau
PM के भाषण का सबसे बड़ा संदेश क्या?
प्रधानमंत्री के संबोधन में तीन साफ themes दिखाई दीं:
Technology से Governance सरकारी सेवाओं को सीधे लोगों तक पहुंचाना।
Technology से Opportunity Gaming, content creation, startups और innovation के नए अवसर।
Technology के साथ Security Deepfake, cyber fraud और data protection के नए खतरे।
यानी सरकार technology को सिर्फ telecom infrastructure नहीं, बल्कि governance और economy दोनों से जोड़कर देख रही है।
क्या ₹5 लाख करोड़ ‘बरामद’ किए गए?
नहीं, यह फर्क बहुत जरूरी है।
प्रधानमंत्री ने करीब ₹5 लाख करोड़ के “बचने” की बात कही।
“DBT से करीब ₹5 लाख करोड़ की बचत/estimated gains का दावा।”
‘मुफ्त की कमाई’ से किसका नाम लिया?
प्रधानमंत्री ने इस हिस्से में किसी व्यक्ति का नाम लेकर आरोप नहीं लगाया।
उन्होंने सामान्य राजनीतिक अंदाज में कहा कि जिनकी गलत या “मुफ्त की कमाई” बंद हुई, उनसे समर्थन की उम्मीद नहीं की जा सकती।
इसलिए headline में किसी specific opposition leader या party का नाम जोड़ना factual नहीं होगा जब तक प्रधानमंत्री ने खुद ऐसा न कहा हो।
Digital India की अगली चुनौती
भारत में digital services और connectivity के बढ़ते इस्तेमाल के साथ दो चुनौतियां साथ-साथ बढ़ रही हैं:
Access बढ़ाना और Digital trust बनाए रखना।
यही कारण है कि IMC 2026 की चार pillars में एक pillar “Suraksha: Strengthening Trust” भी रखा गया है। PM India
आने वाले वर्षों में 6G, AI और connected devices बढ़ने के साथ cyber security और data protection का महत्व और बढ़ने वाला है।
India Mobile Congress में PM मोदी का भाषण technology से ज्यादा governance और politics का भी संदेश लेकर आया। DBT के जरिए करीब ₹5 लाख करोड़ की estimated बचत का जिक्र करते हुए उन्होंने ‘मुफ्त की कमाई’ वाला तंज कसा, वहीं Deepfake और cyber fraud को आने वाले समय की बड़ी चुनौती बताया। दूसरी तरफ gaming, 5G, AI और 6G को युवाओं और digital economy के नए अवसर के रूप में पेश किया। यानी सरकार का अगला digital narrative सिर्फ तेज internet नहीं, बल्कि ‘Direct Benefit + Digital Opportunity + Digital Security’ पर केंद्रित दिखाई देता है।