UP Congress: रागिनी नायक के सामने आपस में भिड़े कांग्रेसी, 'वोट बचाओ, देश बचाओ' अभियान के दौरान गाजियाबाद में हंगामा
कांग्रेस के जिला कार्यालय में वरिष्ठ नेता नरेंद्र चौहान और अन्य पदाधिकारियों के बीच विवाद हुआ। जिलाध्यक्ष सतीश शर्मा ने कार्यक्रम की सूचना को लेकर उठे सवालों पर अपना पक्ष रखा।
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गाजियाबाद कांग्रेस कार्यालय में रागिनी नायक की मौजूदगी में नेताओं के बीच नोकझोंक और धक्का-मुक्की हुई। जानिए विवाद क्यों हुआ और जिलाध्यक्ष ने क्या कहा।
प्रत्यक्षदर्शी समाचार | गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश | 26 अक्टूबर 2026
खबर में खास
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कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता रागिनी नायक की मौजूदगी में स्थानीय नेताओं के बीच विवाद हुआ।
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कार्यक्रम की सूचना नहीं मिलने को लेकर वरिष्ठ नेता नरेंद्र चौहान ने नाराजगी जताई।
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बहस के बाद धक्का-मुक्की हुई, कार्यकर्ताओं ने बीच-बचाव किया।
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जिलाध्यक्ष सतीश शर्मा ने कार्यक्रम को कार्यकर्ता बैठक के बजाय पत्रकार वार्ता बताया।
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घटना कांग्रेस के 'वोट बचाओ, देश बचाओ' अभियान के शुभारंभ के दौरान हुई।
गाजियाबाद कांग्रेस कार्यालय में क्या हुआ?
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में कांग्रेस के 'वोट बचाओ, देश बचाओ' अभियान के दौरान पार्टी नेताओं में विवाद हो गया। घटना रविवार, 25 अक्टूबर को जिला कांग्रेस कार्यालय में हुई, जहां पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता रागिनी नायक एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंची थीं।
कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ कांग्रेस नेता नरेंद्र चौहान और अन्य पदाधिकारियों के बीच पहले तीखी बहस हुई। इसके बाद मामला नोकझोंक और धक्का-मुक्की तक पहुंच गया।
विवाद के दौरान रागिनी नायक भी मौजूद थीं। स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने और अन्य कार्यकर्ताओं ने स्थिति शांत कराने की कोशिश की। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी सामने आया है।
कार्यक्रम की सूचना नहीं मिलने पर नाराजगी
लाइव हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार, वरिष्ठ कांग्रेस नेता नरेंद्र चौहान ने सवाल उठाया कि पार्टी से लंबे समय से जुड़े होने के बावजूद उन्हें कार्यक्रम की सूचना क्यों नहीं दी गई।
इसी मुद्दे पर पार्टी के कुछ पदाधिकारियों से उनकी बहस शुरू हुई।
रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 15 मिनट तक विवाद और नोकझोंक होती रही।
हालांकि सभी पक्षों के बीच हुई पूरी बातचीत की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है। इसलिए विवाद के पीछे किसी व्यापक संगठनात्मक साजिश या गुटबाजी को स्थापित तथ्य के रूप में नहीं कहा जा सकता।
जिलाध्यक्ष सतीश शर्मा ने क्या सफाई दी?
विवाद सामने आने के बाद गाजियाबाद कांग्रेस जिलाध्यक्ष सतीश शर्मा ने कार्यक्रम की प्रकृति को लेकर अपना पक्ष रखा।
उनके अनुसार, यह पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की आम बैठक नहीं, बल्कि पत्रकार वार्ता थी। इसी कारण सीमित लोगों को सूचना दी गई थी।
उनका स्पष्टीकरण नरेंद्र चौहान की नाराजगी से अलग है। घटना को लेकर किसी अनुशासनात्मक कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं हुई है।
रागिनी नायक ने SIR पर क्या कहा?
विवाद से पहले रागिनी नायक ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चुनाव आयोग और केंद्र सरकार की आलोचना की थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि SIR प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। कांग्रेस ने इस प्रक्रिया को निरस्त करने और कथित गड़बड़ियों की जाँच कराने की मांग उठाई।
रागिनी नायक ने बताया कि पार्टी गाजियाबाद और गौतमबुद्धनगर में मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर अभियान चलाएगी।
उन्होंने बूथ स्तर पर 'वोट रक्षक' नियुक्त करने, चौपाल लगाने और मतदाताओं को अपना नाम जाँचने में सहायता देने की योजना भी बताई।
मतदाता सूची में गड़बड़ी और मुख्य चुनाव आयुक्त की भूमिका को लेकर लगाए गए आरोप कांग्रेस के दावे हैं, न्यायिक या स्वतंत्र जाँच से सिद्ध निष्कर्ष नहीं।
कांग्रेस के अभियान पर आगे क्या कार्यक्रम हैं?
कांग्रेस ने एक महीने तक 'वोट बचाओ, देश बचाओ' अभियान चलाने की योजना बनाई है।
रागिनी नायक के अनुसार, 1 नवंबर से 25 नवंबर तक गांवों में चौपाल और जनसंपर्क कार्यक्रम होंगे। उन्होंने 1 नवंबर को दिल्ली में प्रस्तावित रैली और 27 अक्टूबर को मुरादाबाद में बैठक की जानकारी भी दी।
इन कार्यक्रमों की अंतिम स्थिति संबंधित तारीखों पर ही स्पष्ट होगी।
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