Health Alert: देश के 50 शहरों में 'रेड जोन' में पहुंचा प्रदूषण

केंद्र सरकार ने जारी की नई 'नेशनल क्लीन एयर गाइडलाइंस'

दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत के कई शहरों में सांस लेना हुआ दूषित; स्वास्थ्य मंत्रालय की सलाह- बुजुर्ग और बच्चे घर से बाहर निकलने में बरतें सावधानी

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देश के 50 शहरों में प्रदूषण रेड जोन तक

 

नई दिल्ली: जनवरी के आखिरी हफ्ते में कड़ाके की ठंड के साथ-साथ प्रदूषण ने भी विकराल रूप धारण कर लिया है। आज जारी केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली, नोएडा, कानपुर, लखनऊ और पटना समेत 50 बड़े शहरों का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 'गंभीर' (Severe) श्रेणी में दर्ज किया गया है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि कम हवा की गति और नमी के कारण प्रदूषक कण (PM 2.5) सतह के करीब जमा हो गए हैं।

केंद्र सरकार की नई 'क्लीन एयर' नीति 2026
बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए केंद्र सरकार ने आज 'नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम (NCAP) 2.0' की गाइडलाइंस जारी की हैं। इसके तहत:

GRAP-4 लागू: दिल्ली-NCR में निर्माण कार्यों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है।
इलेक्ट्रिक मोबिलिटी: शहरों में सार्वजनिक परिवहन के लिए केवल ई-बसों और सीएनजी वाहनों को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया गया है।
 
ग्रीन बेल्ट: नगर निगमों को शहरी क्षेत्रों में 'मियांवाकी' तकनीक से छोटे जंगल विकसित करने के लिए विशेष बजट आवंटित किया गया है।

डॉक्टरों की चेतावनी: बढ़ रहे हैं अस्थमा और हार्ट अटैक के मामले
एम्स (AIIMS) दिल्ली के विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि खराब हवा के कारण अस्पतालों में सांस के मरीजों की संख्या में 30% की वृद्धि हुई है।

मास्क का उपयोग: डॉक्टरों ने घर से बाहर निकलने पर N-95 मास्क पहनने की सलाह दी है।
डाइट टिप्स: प्रदूषण के प्रभाव को कम करने के लिए विटामिन-C युक्त फल और गुड़ का सेवन करने का सुझाव दिया गया है।
 
सुप्रीम कोर्ट सख्त: "सिर्फ कागजों पर न रहे एक्शन"
प्रदूषण के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने भी स्वतः संज्ञान लिया है। कोर्ट ने राज्यों को फटकार लगाते हुए कहा कि पराली जलाने और औद्योगिक उत्सर्जन पर नियंत्रण के लिए जमीनी स्तर पर काम होना चाहिए, न कि केवल बैठकों में।

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