Defense Expo 2026: भारत बना हथियारों का बड़ा निर्यातक
'ब्रह्मोस' और 'तेजस' की डिमांड के बीच रक्षा निर्यात ने छुआ ₹35,000 करोड़ का जादुई आंकड़ा
पूरी दुनिया में गूंजी 'मेक इन इंडिया' की धमक; 80 से ज्यादा देशों को हथियार बेच रहा है भारत, डिफेंस एक्सपो में दिखी स्वदेशी 'किलर ड्रोन' की ताकत।
नई दिल्ली/गांधीनगर: भारत के रक्षा मंत्रालय ने आज वित्तीय वर्ष 2025-26 के रक्षा निर्यात के आंकड़े जारी किए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान के तहत भारत का रक्षा निर्यात अब ₹35,000 करोड़ के पार निकल गया है। यह 10 साल पहले के आंकड़ों की तुलना में लगभग 20 गुना ज्यादा है। भारत अब केवल हथियार खरीदने वाला देश नहीं, बल्कि दुनिया को 'अचूक' हथियार बेचने वाला देश बन गया है।
दुनिया भर में 'ब्रह्मोस' और 'तेजस' का बोलबाला
रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, फिलीपींस को ब्रह्मोस मिसाइल की सफल डिलीवरी के बाद वियतनाम और कई खाड़ी देशों ने भी इसमें रुचि दिखाई है। वहीं, स्वदेशी लड़ाकू विमान LCA तेजस और हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर (LCH) प्रचंड के लिए दक्षिण-पूर्व एशिया और अफ्रीकी देशों से बड़े ऑर्डर मिलने की संभावना है।
डिफेंस एक्सपो 2026: स्वदेशी 'किलर ड्रोन' ने खींचा ध्यान
गुजरात में आयोजित हो रहे 'डिफेंस एक्सपो' में भारतीय स्टार्टअप्स ने अपनी तकनीक का लोहा मनवाया है।
आत्मघाती ड्रोन (Kamikaze Drones): भारतीय कंपनियों ने ऐसे ड्रोन प्रदर्शित किए हैं जो दुश्मन के रडार की पकड़ में आए बिना हमला करने में सक्षम हैं।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI): इस बार एक्सपो की थीम 'AI इन डिफेंस' है, जिसमें रोबोटिक सोल्जर्स और स्वायत्त टैंकों का प्रदर्शन किया जा रहा है।
वैश्विक समीकरणों में भारत का बढ़ता कद
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत का लक्ष्य 2029 तक रक्षा निर्यात को ₹50,000 करोड़ तक ले जाना है। स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) की हालिया रिपोर्ट भी तस्दीक करती है कि भारत अब दुनिया के टॉप 25 हथियार निर्यातक देशों की सूची में मजबूती से अपनी जगह बना चुका है।
