प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लखनऊ में किया 'राष्ट्र प्रेरणा स्थल' का लोकार्पण
अटल, मुखर्जी और दीनदयाल के आदर्शों से महकेगी अवध की धरती
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पीएम मोदी का संबोधन: "एक देश, एक विधान" का सपना हुआ पूरा
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के गौरवमयी इतिहास में आज एक नया अध्याय जुड़ गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की याद में बने 'राष्ट्र प्रेरणा स्थल' का भव्य उद्घाटन किया। 65 एकड़ में फैला यह स्थल न केवल एक स्मारक है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए राष्ट्रवाद और सुशासन की पाठशाला भी है।
विरासत और विकास का संगम: ₹230 करोड़ का प्रोजेक्ट
लखनऊ में गोमती किनारे बना यह स्थल ₹230 करोड़ की लागत से तैयार हुआ है। यहाँ श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पंडित दीनदयाल उपाध्याय की विशाल प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। परिसर में एक आधुनिक संग्रहालय और सांस्कृतिक केंद्र भी है, जो इन महान नेताओं के संघर्ष और उनके राष्ट्र-निर्माण के विजन को जीवंत करता है।
पीएम मोदी का संबोधन: "एक देश, एक विधान" का सपना हुआ पूरा
अपने संबोधन की शुरुआत में पीएम मोदी ने देशवासियों को क्रिसमस और अटल जी व महामना मदन मोहन मालवीय की जयंती की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने जो सपना 'एक विधान' (अनुच्छेद 370 हटाना) का देखा था, उसे आज की सरकार ने पूरा कर दिखाया है। पीएम ने जोर देकर कहा कि ये प्रतिमाएं जितनी ऊंची हैं, इनसे मिलने वाली प्रेरणा उससे भी कहीं अधिक गहरी है।
सुशासन की कसौटी: नारों से निकलकर धरातल पर आया विकास
पिछली सरकारों पर कटाक्ष करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले सिर्फ 'गरीबी हटाओ' के नारे दिए जाते थे, लेकिन अटल जी ने सुशासन (Good Governance) को धरातल पर उतारा।
डिजिटल क्रांति: अटल जी ने इंटरनेट और मोबाइल की नींव रखी, जिसका नतीजा है कि आज भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल निर्माता है और इसमें यूपी 'नंबर वन' राज्य बनकर उभरा है।
इंफ्रास्ट्रक्चर: दिल्ली मेट्रो और 'प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना' जैसी पहल अटल जी की ही दूरदर्शिता का परिणाम थीं।
परिवारवाद पर प्रहार: "हमने महापुरुषों को एक परिवार के बंधन से मुक्त किया"
पीएम मोदी ने बेबाकी से कहा कि आजादी के बाद दशकों तक केवल एक ही परिवार का महिमामंडन किया गया और सरदार पटेल, बाबा साहेब अंबेडकर व सुभाष चंद्र बोस जैसी महान विभूतियों के कद को छोटा करने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार ने इस मानसिकता को बदला है। आज हमारी सरकार नरसिम्हा राव और मुलायम सिंह यादव जैसे नेताओं का भी उतना ही सम्मान करती है, जितना अपने आदर्शों का।
यूपी का बदलता स्वरूप: डिफेंस कॉरिडोर से राम मंदिर तक
उत्तर प्रदेश की बदलती तस्वीर का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा कि आज यूपी 'मेहनत का नया अध्याय' लिख रहा है।
ब्रह्मोस मिसाइल: लखनऊ में बन रही ब्रह्मोस मिसाइल भारत की सुरक्षा का नया केंद्र है।
विरासत और विकास का संगम: ₹230 करोड़ का प्रोजेक्ट
लखनऊ में गोमती किनारे बना यह स्थल ₹230 करोड़ की लागत से तैयार हुआ है। यहाँ श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पंडित दीनदयाल उपाध्याय की विशाल प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। परिसर में एक आधुनिक संग्रहालय और सांस्कृतिक केंद्र भी है, जो इन महान नेताओं के संघर्ष और उनके राष्ट्र-निर्माण के विजन को जीवंत करता है।
पीएम मोदी का संबोधन: "एक देश, एक विधान" का सपना हुआ पूरा
अपने संबोधन की शुरुआत में पीएम मोदी ने देशवासियों को क्रिसमस और अटल जी व महामना मदन मोहन मालवीय की जयंती की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने जो सपना 'एक विधान' (अनुच्छेद 370 हटाना) का देखा था, उसे आज की सरकार ने पूरा कर दिखाया है। पीएम ने जोर देकर कहा कि ये प्रतिमाएं जितनी ऊंची हैं, इनसे मिलने वाली प्रेरणा उससे भी कहीं अधिक गहरी है।
सुशासन की कसौटी: नारों से निकलकर धरातल पर आया विकास
पिछली सरकारों पर कटाक्ष करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले सिर्फ 'गरीबी हटाओ' के नारे दिए जाते थे, लेकिन अटल जी ने सुशासन (Good Governance) को धरातल पर उतारा।
डिजिटल क्रांति: अटल जी ने इंटरनेट और मोबाइल की नींव रखी, जिसका नतीजा है कि आज भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल निर्माता है और इसमें यूपी 'नंबर वन' राज्य बनकर उभरा है।
इंफ्रास्ट्रक्चर: दिल्ली मेट्रो और 'प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना' जैसी पहल अटल जी की ही दूरदर्शिता का परिणाम थीं।
परिवारवाद पर प्रहार: "हमने महापुरुषों को एक परिवार के बंधन से मुक्त किया"
पीएम मोदी ने बेबाकी से कहा कि आजादी के बाद दशकों तक केवल एक ही परिवार का महिमामंडन किया गया और सरदार पटेल, बाबा साहेब अंबेडकर व सुभाष चंद्र बोस जैसी महान विभूतियों के कद को छोटा करने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार ने इस मानसिकता को बदला है। आज हमारी सरकार नरसिम्हा राव और मुलायम सिंह यादव जैसे नेताओं का भी उतना ही सम्मान करती है, जितना अपने आदर्शों का।
यूपी का बदलता स्वरूप: डिफेंस कॉरिडोर से राम मंदिर तक
उत्तर प्रदेश की बदलती तस्वीर का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा कि आज यूपी 'मेहनत का नया अध्याय' लिख रहा है।
ब्रह्मोस मिसाइल: लखनऊ में बन रही ब्रह्मोस मिसाइल भारत की सुरक्षा का नया केंद्र है।
सांस्कृतिक राष्ट्रवाद: अयोध्या में भव्य राम मंदिर और काशी विश्वनाथ धाम यूपी की नई वैश्विक पहचान बन चुके हैं।
अंत्योदय: सरकार बिना किसी भेदभाव के समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं (बीमा, मुफ्त राशन) का लाभ पहुंचा रही है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय रक्षामंत्री व लखनऊ से सांसद राजनाथ सिंह ने जताया आभार
इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे प्रदेश के लिए गौरव का क्षण बताया। वहीं, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पीएम मोदी की सराहना करते हुए कहा कि आज भारत की आवाज पूरी दुनिया सुन रही है। उन्होंने पीएम मोदी को मिले अंतरराष्ट्रीय सम्मानों और गरीबों के लिए शुरू की गई नई श्रम नीतियों का भी विशेष उल्लेख किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे प्रदेश के लिए गौरव का क्षण बताया। वहीं, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पीएम मोदी की सराहना करते हुए कहा कि आज भारत की आवाज पूरी दुनिया सुन रही है। उन्होंने पीएम मोदी को मिले अंतरराष्ट्रीय सम्मानों और गरीबों के लिए शुरू की गई नई श्रम नीतियों का भी विशेष उल्लेख किया।
राष्ट्र प्रेरणा स्थल केवल ईंट-पत्थर का ढांचा नहीं, बल्कि उस संकल्प का प्रतीक है जो 'विकसित भारत 2047' की नींव रखेगा। लखनऊ के केंद्र में स्थित यह स्थल अब पर्यटन और राष्ट्रवाद का भी नया केंद्र बनेगा।
