छोटी घटना पर भी तुरंत मौके पर पहुंचें DM-SP, CM योगी की चेतावनी- लापरवाही हुई तो होगी कार्रवाई

लखनऊ में जनता दर्शन के दौरान CM योगी ने DM-SP को छोटी से छोटी घटना पर नजर रखने और जरूरत पड़ते ही मौके पर पहुंचने का निर्देश दिया। पुलिस-राजस्व की शिकायतों पर भी उन्होंने जवाबदेही तय करने को कहा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता दर्शन में अधिकारियों को साफ निर्देश दिया कि छोटी घटनाओं की अनदेखी न हो। DM-SP स्वयं नजर रखें, पीड़ित की सुनवाई करें और दोषियों पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित कराएं।

छोटी घटना पर भी तुरंत मौके पर पहुंचें DM-SP, CM योगी की चेतावनी- लापरवाही हुई तो होगी कार्रवाई

cm-yogi-dm-sp-warning-up-law-order-janta-darshan.jpg2
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता दर्शन में अधिकारियों को छोटी घटनाओं की अनदेखी नहीं करने का निर्देश दिया।

प्रत्यक्षदर्शी समाचार | लखनऊ | 21 सितंबर 2026

खबर में खास

  • छोटी घटनाओं पर DM-SP खुद रखें नजर
  • जरूरत पड़ने पर वरिष्ठ अधिकारी पहुंचें मौके पर
  • पुलिस और राजस्व की शिकायतों पर CM सख्त
  • भूमाफिया-दबंगों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश
उत्तर प्रदेश में छोटी घटना की अनदेखी अब संबंधित अधिकारियों पर भारी पड़ सकती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लखनऊ में आयोजित जनता दर्शन के दौरान जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को साफ निर्देश दिया कि अपने जिले में होने वाली छोटी से छोटी घटना पर खुद नजर रखें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कई बार मामूली घटनाओं को बड़ा रूप देने की कोशिश की जाती है। ऐसे मामलों में समय पर कार्रवाई जरूरी है। उन्होंने निर्देश दिया कि घटना की जानकारी मिलते ही अधिकारी मौके पर पहुंचें, पीड़ित की बात सुनें, वास्तविक स्थिति समझें और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई कर मामले का समाधान कराएं।

छोटी घटना को हल्के में लिया तो बिगड़ सकती है स्थिति

मुख्यमंत्री के निर्देशों का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा छोटी घटनाओं को शुरुआती स्तर पर ही गंभीरता से लेने को लेकर है।
उनका कहना था कि समाज में वैमनस्य फैलाने वाले लोग मामूली घटनाओं को बड़ा बनाने का प्रयास कर सकते हैं। ऐसे में जिला प्रशासन और पुलिस की जिम्मेदारी है कि समय रहते हस्तक्षेप किया जाए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि छोटी घटनाओं में भी उदासीनता और लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

DM-SP को क्या करना होगा?

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद जिलों में केवल मातहत अधिकारियों की रिपोर्ट पर निर्भर रहने के बजाय DM और SP स्तर पर भी घटनाओं की निगरानी करने पर जोर दिया गया है।
जरूरत पड़ने पर वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचकर:
पीड़ित की बात सुनें,
घटना की वास्तविक स्थिति जानें,
दोषियों की पहचान कराएं,
नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करें।
मुख्यमंत्री ने शिकायतों के निस्तारण को केवल कागजी प्रक्रिया तक सीमित नहीं रखने पर भी जोर दिया।

जनता दर्शन में पुलिस और राजस्व की शिकायतें अधिक

सोमवार को मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित जनता दर्शन में प्रदेश के विभिन्न जिलों से लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे।
इनमें प्रशासन, पुलिस, राजस्व और बिजली समेत विभिन्न विभागों से जुड़ी शिकायतें शामिल थीं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार पुलिस और राजस्व से संबंधित शिकायतें अधिक सामने आईं।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को भी नियमित रूप से जनसमस्याओं के समाधान की समीक्षा करने का निर्देश दिया।

मातहत ने लापरवाही की तो उस पर भी एक्शन

निर्देश केवल DM और SP तक सीमित नहीं रहे।
मुख्यमंत्री ने पुलिस कमिश्नर, ADG, IG, DIG और SSP स्तर के अधिकारियों से नियमित रूप से जनसमस्याओं का निस्तारण कराने को कहा।
अगर किसी मातहत अधिकारी या कर्मचारी के स्तर पर लापरवाही की शिकायत मिलती है तो उसकी जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश भी दिया गया।
इसका मतलब यह है कि मुख्यमंत्री ने शिकायत के समाधान के साथ-साथ शिकायत संभालने वाले अधिकारियों की जवाबदेही पर भी जोर दिया है।

जमीन के विवाद और दबंगों पर भी निर्देश

जनता दर्शन में जमीन और दबंगों से जुड़ी शिकायतें भी मुख्यमंत्री के सामने पहुंचीं।
मुख्यमंत्री ने भूमाफिया और दबंग प्रवृत्ति के लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और राजस्व से जुड़े मामलों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखने का निर्देश दिया।
साथ ही पात्र लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने और गंभीर रूप से बीमार जरूरतमंद लोगों के इलाज की व्यवस्था में संवेदनशीलता बरतने की बात भी कही गई।

एक दिन पहले कानून-व्यवस्था पर क्या बोले थे योगी?

इस घटनाक्रम का एक महत्वपूर्ण फ्लैशबैक भी है।
एक दिन पहले, 20 सितंबर को लखनऊ में नव नियुक्त पुलिसकर्मियों के नियुक्ति-पत्र वितरण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने UP की कानून-व्यवस्था और पुलिस की भूमिका को लेकर कई दावे किए थे।
उन्होंने कहा था कि राज्य में दंगे अब अतीत की बात हो गए हैं और UP पुलिस ने प्रदेश की छवि बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ये राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री के अपने दावे थे, जिन पर विपक्ष की ओर से अलग-अलग सवाल भी उठाए गए हैं।
इसके अगले ही दिन जनता दर्शन में उन्होंने अधिकारियों को छोटी घटनाओं की अनदेखी न करने और समय रहते कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

शिकायत का निस्तारण ही नहीं, पीड़ित की संतुष्टि भी जरूरी

मुख्यमंत्री ने जनशिकायतों के समाधान को केवल फाइल बंद करने की प्रक्रिया नहीं मानने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि पीड़ित की संतुष्टि सरकार की प्राथमिकता है। शिकायतकर्ता को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और उसकी समस्या का वास्तविक समाधान हो, इसकी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों को लेनी चाहिए।
अब इन निर्देशों के बाद फोकस इस बात पर रहेगा कि जिलों में छोटी घटनाओं, पुलिस-राजस्व शिकायतों और जनसुनवाई के मामलों में अधिकारियों के स्तर पर इन निर्देशों का पालन किस तरह होता है।

About The Author

Related Posts

Advertisement

LatestNews

IIT Bombay विवाद में नया मोड़: प्रो. डूला को सस्पेंड नहीं किया गया, Faculty Forum ने बताया आखिर क्या कार्रवाई हुई
28 साल पुराना चुनाव चिन्ह फ्रीज, अब ‘फुटबॉलर’ के साथ मैदान में ममता; पार्टी ने जारी किया नया लोगो
साथ लड़ेंगे, फिर 403 सीटों पर अलग-अलग तैयारी क्यों? UP में सपा-कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे का पेच
अमेरिकी टैरिफ के दबाव के बीच UN में भारत की आवाज बनेंगे जयशंकर, 26 सितंबर को दुनिया के सामने रखेंगे देश का पक्ष
लखनऊ कोर्ट के पास फिर चलेगा बुलडोजर, करीब 150 अवैध चैंबर-दुकानें निशाने पर; 3 अक्टूबर की तारीख तय
रूस में पुतिन की पार्टी की बड़ी जीत, 450 में 355 सीटों पर कब्जा; 2021 से भी बढ़ा वोट शेयर
गणेश विसर्जन से पहले पानी पर बवाल, करीमनगर में BJP का प्रदर्शन; पुलिस ने कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया