गणेश विसर्जन से पहले पानी पर बवाल, करीमनगर में BJP का प्रदर्शन; पुलिस ने कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया

तेलंगाना के करीमनगर में गणेश प्रतिमा विसर्जन से पहले चिन्नतकुंटा नहर में पर्याप्त पानी छोड़ने की मांग को लेकर BJP कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया।

करीमनगर में गणेश विसर्जन से पहले पानी की कमी बड़ा मुद्दा बन गई है। BJP ने SRSP से चिन्नतकुंटा समेत नहरों में पानी छोड़ने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। इसी जगह करीब 700 से 800 प्रतिमाओं के विसर्जन का अनुमान बताया गया है।

गणेश विसर्जन से पहले पानी पर बवाल, करीमनगर में BJP का प्रदर्शन; पुलिस ने कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया

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गणेश विसर्जन से पहले चिन्नतकुंटा नहर में पानी छोड़ने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया गया।

प्रत्यक्षदर्शी समाचार | करीमनगर | 21 सितंबर 2026

खबर में खास

  • गणेश विसर्जन से पहले पानी की कमी को लेकर प्रदर्शन
  • SRSP से नहरों में पानी छोड़ने की मांग
  • करीब 700-800 प्रतिमाओं के विसर्जन का अनुमान
  • पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया
तेलंगाना के करीमनगर में गणेश प्रतिमा विसर्जन से पहले पानी को लेकर विवाद बढ़ गया है। चिन्नतकुंटा नहर में पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने की मांग को लेकर सोमवार को BJP कार्यकर्ता और कुछ हिंदू संगठनों से जुड़े लोग प्रदर्शन करने पहुंचे।
प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार से श्रीराम सागर परियोजना (SRSP) से चिन्नतकुंटा और दूसरी नहरों में तत्काल पानी छोड़ने की मांग की। उनका कहना था कि पानी कम होने से गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन में परेशानी हो सकती है।
मामला उस समय और बढ़ गया जब पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने की कोशिश की। कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर नजदीकी पुलिस स्टेशनों में भेजा गया।

क्यों खड़ी हुई पानी की समस्या?

करीमनगर में चिन्नतकुंटा SRSP नहर का इस्तेमाल कई वर्षों से गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए होता रहा है। इसके अलावा मनकोंडूर और कोठापल्ली के जलाशयों में भी प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाता है।
इस बार समस्या यह है कि करीमनगर और आसपास के कुछ जलाशयों तथा नहरों में पानी का स्तर कम बताया जा रहा है। इसी कारण विसर्जन से पहले पानी उपलब्ध कराने की मांग लगातार उठ रही है।

700 से 800 प्रतिमाओं के विसर्जन का अनुमान

इस मामले में एक महत्वपूर्ण तथ्य यह भी है कि चिन्नतकुंटा विसर्जन स्थल पर बड़ी संख्या में प्रतिमाएं आने वाली हैं।
करीमनगर विधायक गंगुला कमलाकर ने 15 सितंबर को विसर्जन स्थल का निरीक्षण किया था। उस दौरान उन्होंने अधिकारियों से SRSP का पानी छोड़ने की मांग की थी।
उनके मुताबिक इस स्थान पर करीब 700 से 800 गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन होने का अनुमान है। इसी वजह से पर्याप्त जलस्तर बनाए रखने की मांग पहले से की जा रही थी।
यानी सोमवार का प्रदर्शन अचानक पैदा हुआ मुद्दा नहीं है। विसर्जन से कई दिन पहले से स्थानीय स्तर पर पानी की उपलब्धता को लेकर चिंता जताई जा रही थी।

बंडी संजय ने भी पहले किया था निरीक्षण

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री और करीमनगर सांसद बंडी संजय कुमार ने भी इसी महीने विसर्जन की तैयारियों का निरीक्षण किया था।
उन्होंने अधिकारियों से क्रेन, रोशनी और दूसरी व्यवस्थाओं के साथ पर्याप्त पानी सुनिश्चित करने को कहा था। उन्होंने विसर्जन से करीब तीन दिन पहले पानी छोड़ने की बात कही थी ताकि आखिरी समय पर समस्या पैदा न हो।
इस तरह पानी उपलब्ध कराने की मांग केवल सोमवार के प्रदर्शन तक सीमित नहीं थी।

‘चलो चिन्नतकुंटा’ प्रदर्शन में क्या हुआ?

सोमवार को BJP कार्यकर्ताओं ने ‘चलो चिन्नतकुंटा’ के नाम से विरोध प्रदर्शन किया और करीमनगर-वेमुलावाड़ा मुख्य मार्ग पर धरना दिया।
प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार के खिलाफ नारे लगाए और पानी छोड़ने की मांग की। इसके बाद पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया।
प्रदर्शन में शामिल नेताओं ने पुलिस पर लाठीचार्ज करने का आरोप लगाया। सामने आए दृश्यों में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की तथा कुछ लोगों पर पुलिस कार्रवाई दिखाई देने की रिपोर्ट है। हालांकि किसी के घायल होने की विस्तृत आधिकारिक जानकारी शुरुआती रिपोर्टों में उपलब्ध नहीं थी। इसलिए चोट या लाठीचार्ज से संबंधित दावों को अंतिम तथ्य के रूप में नहीं लिखा जा सकता।

प्रशासन भी कर रहा है विसर्जन की तैयारी

करीमनगर पुलिस कमिश्नर गौश आलम ने भी विसर्जन स्थलों का निरीक्षण किया है।
उन्होंने पुलिस अधिकारियों को नगर निकाय, राजस्व और बिजली विभाग के साथ मिलकर व्यवस्था करने और विसर्जन के दौरान किसी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए।
पिछले वर्षों में विसर्जन स्थलों पर क्रेन, बैरिकेडिंग, लाइटिंग, साफ-सफाई, पुलिस बल और तैराकों जैसी व्यवस्थाएं की जाती रही हैं।

अब सबसे बड़ा सवाल—विसर्जन तक पर्याप्त पानी मिलेगा?

गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन का समय नजदीक होने के कारण अब पूरा मामला इस बात पर टिका है कि चिन्नतकुंटा और दूसरे निर्धारित विसर्जन स्थलों पर समय रहते पर्याप्त पानी उपलब्ध हो पाता है या नहीं।
एक स्थानीय रिपोर्ट में सोमवार को SRSP से पानी छोड़ना शुरू होने और आगे अतिरिक्त पानी छोड़े जाने का दावा किया गया है, लेकिन इसकी स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि स्पष्ट रूप से उपलब्ध नहीं मिली। इसलिए पानी की वास्तविक मात्रा और चिन्नतकुंटा तक उसके पहुंचने की स्थिति पर प्रशासन की आधिकारिक जानकारी आने के बाद इसी खबर को अपडेट करना बेहतर होगा।

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