‘मां गंगा भी बुलाएं तो इस रास्ते से मत जाना’, एक्सप्रेसवे पर गड्ढों को लेकर अखिलेश यादव का योगी सरकार पर तीखा हमला

सहारनपुर में अखिलेश यादव बोले—एक्सप्रेसवे बनने में समय लग रहा, टूटने में नहीं; उन्नाव में गंगा एक्सप्रेसवे के एंट्री रैंप का हिस्सा धंसने और कारपेट बिछाने की घटना पर गरमाई सियासत

गंगा एक्सप्रेसवे विवाद पर बयान देते अखिलेश यादव

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गंगा एक्सप्रेसवे पर सड़क धंसने की घटना को लेकर योगी सरकार पर भ्रष्टाचार और खराब निर्माण का आरोप लगाया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि एक्सप्रेसवे के गड्ढे कभी पंखे से सुखाए जा रहे हैं तो कभी कारपेट से ढके जा रहे हैं। हालांकि अधिकारियों के मुताबिक प्रभावित हिस्सा मुख्य एक्सप्रेसवे पर नहीं, बल्कि एक एंट्री रैंप पर था और उसे करीब ढाई घंटे में ठीक कर दिया गया।

एक्सप्रेसवे के गड्ढों पर अखिलेश का बड़ा हमला

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अखिलेश यादव ने गंगा एक्सप्रेसवे के एंट्री रैंप में हुए धंसाव और उस पर अस्थायी कारपेट बिछाए जाने को लेकर योगी सरकार को घेरा।

सहारनपुर: उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता को लेकर एक बार फिर राजनीतिक घमासान शुरू हो गया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने गंगा एक्सप्रेसवे के एक हिस्से में हुए धंसाव को लेकर योगी सरकार पर तीखा हमला बोला है।

सहारनपुर दौरे के दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि प्रदेश में एक्सप्रेसवे पर गहरे-गहरे गड्ढे हो रहे हैं और सरकार निर्माण की कमियों को छिपाने का प्रयास कर रही है।

अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा, “एक्सप्रेसवे पर गहरे-गहरे गड्ढे हो रहे हैं। कभी पंखे से सुखाते हैं, कभी कारपेट से ढकते हैं, दुनिया हंसेगी।”

उनके इस बयान का वीडियो समाजवादी पार्टी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा किया है।

‘मां गंगा बुलाएं तो भी इस रास्ते से मत जाना’

गंगा एक्सप्रेसवे की स्थिति पर सवाल उठाते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी सरकार में एक्सप्रेसवे बनने में समय लग रहा है, लेकिन उसके टूटने में समय नहीं लग रहा।

उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “अगर मां गंगा भी बुलाएं तो गंगा एक्सप्रेसवे से मत जाना।”

अपने बयान के माध्यम से अखिलेश यादव ने एक्सप्रेसवे की सुरक्षा और निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता के पैसे से बनाई जा रही परियोजनाओं में भ्रष्टाचार हो रहा है और कमियों को अस्थायी उपायों से छिपाया जा रहा है।

समाजवादी पार्टी की मूल X पोस्ट में अखिलेश यादव के बयान का वीडियो साझा किया गया है।

कारपेट से ढका गया था धंसा हुआ हिस्सा

इस राजनीतिक विवाद की पृष्ठभूमि में उन्नाव में हुई सड़क धंसने की घटना है। भारी बारिश के बाद गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़े एक एंट्री रैंप का कुछ हिस्सा धंस गया था। घटनास्थल से सामने आए दृश्यों में कर्मचारियों को क्षतिग्रस्त हिस्से पर कारपेट जैसा आवरण बिछाते हुए देखा गया।

कारपेट बिछाए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों ने निर्माण की गुणवत्ता और मरम्मत के तरीके को लेकर सवाल उठाने शुरू कर दिए। इसी घटना को आधार बनाते हुए अखिलेश यादव ने सरकार पर निशाना साधा।

हालांकि यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि प्रभावित हिस्सा मुख्य गंगा एक्सप्रेसवे के नियमित कैरिज-वे पर नहीं, बल्कि एक्सप्रेसवे को फूड प्लाजा से जोड़ने वाले एंट्री रैंप पर था।

उन्नाव के दही चौकी क्षेत्र में हुआ धंसाव

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक घटना उन्नाव के दही चौकी क्षेत्र में लगभग 423 किलोमीटर माइलस्टोन के पास हुई।

लगातार भारी बारिश के कारण सड़क की सतह के नीचे की मिट्टी पानी के साथ बह गई, जिससे रैंप का हिस्सा धंस गया। मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने बहते हुए पानी को क्षतिग्रस्त हिस्से में जाने से रोकने के लिए शुरुआत में उस पर कारपेट बिछाया था।

यह कारपेट स्थायी मरम्मत नहीं था, बल्कि पानी का बहाव मोड़ने के लिए किया गया अस्थायी उपाय बताया गया।

अधिकारियों ने क्या सफाई दी?

अधिकारियों के अनुसार घटना की जानकारी मिलते ही संबंधित कंपनी और रखरखाव करने वाले कर्मचारियों को मौके पर भेजा गया। इसके बाद क्षतिग्रस्त हिस्से में कंक्रीट और पत्थर भरकर सड़क को दोबारा ठीक किया गया।

अधिकारियों का दावा है कि प्रभावित हिस्से की मरम्मत लगभग ढाई घंटे में पूरी कर दी गई थी। लगातार बारिश के कारण नजदीकी टोल प्लाजा पर भी जलभराव की समस्या सामने आई थी।

उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण यानी UPEIDA के अधिकारियों ने समस्या की जानकारी मिलने के बाद आवश्यक कार्रवाई के निर्देश देने की बात कही।

सवाल केवल कारपेट का नहीं, स्थायी समाधान का भी

अधिकारियों ने धंसाव की वजह लगातार बारिश और सड़क के नीचे की मिट्टी बहने को बताया है। लेकिन इस घटना ने एक्सप्रेसवे के आसपास जल निकासी और मिट्टी को सुरक्षित रखने वाली व्यवस्थाओं पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

अगर भारी बारिश में रैंप के नीचे की मिट्टी बह रही है तो यह जांच का विषय है कि वहां पानी की निकासी के पर्याप्त इंतजाम थे या नहीं। यह भी देखा जाना चाहिए कि ऐसी घटना दोबारा रोकने के लिए स्थायी मरम्मत और तकनीकी परीक्षण कराया गया है या नहीं।

रिपोर्टों के मुताबिक संबंधित कंपनी से टोल प्लाजा के आसपास जलभराव रोकने के लिए रिटेनिंग वॉल सहित दीर्घकालिक उपाय करने की अपेक्षा की गई है।

अखिलेश ने लगाया भ्रष्टाचार का आरोप

अखिलेश यादव ने इस घटना को केवल बारिश से जुड़ी समस्या मानने से इनकार करते हुए सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि एक्सप्रेसवे पर गहरे गड्ढे हो रहे हैं और सरकार उन्हें छिपाने के लिए कभी पंखे तो कभी कारपेट का इस्तेमाल कर रही है।

यहां यह समझना जरूरी है कि भ्रष्टाचार संबंधी बातें अखिलेश यादव के राजनीतिक आरोप हैं। उपलब्ध रिपोर्टों में किसी आधिकारिक जांच के आधार पर इन आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है।

TV9 UP की रिपोर्ट के अनुसार सपा अध्यक्ष ने एक्सप्रेसवे के अलावा हर घर नल योजना और प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी सरकार को घेरा।

गन्ना किसानों को लेकर किया बड़ा वादा

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में अखिलेश यादव ने गन्ना किसानों के मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि 2027 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर किसानों के गन्ने का भुगतान 24 से 48 घंटे के भीतर कराने की व्यवस्था की जाएगी।

उन्होंने युवाओं के लिए खेल स्टेडियम और स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स विकसित करने तथा अग्निवीर योजना समाप्त कर सेना में नियमित भर्ती बहाल करने की मांग भी उठाई।

ये बातें समाजवादी पार्टी के राजनीतिक वादे और मांगें हैं, जिनका क्रियान्वयन भविष्य में सरकार बनने तथा नीतिगत निर्णयों पर निर्भर करेगा।

2027 के चुनाव से पहले सड़क पर सियासत

उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सड़क, एक्सप्रेसवे, रोजगार और किसानों के मुद्दे राजनीतिक बहस के केंद्र में आने लगे हैं। बीजेपी अपने कार्यकाल में बने एक्सप्रेसवे और आधारभूत ढांचे को विकास के प्रमुख प्रमाण के रूप में पेश करती रही है।

वहीं समाजवादी पार्टी निर्माण की गुणवत्ता, लागत और परियोजनाओं में कथित भ्रष्टाचार के आरोप लगाकर सरकार को घेरने की कोशिश कर रही है। उन्नाव में रैंप धंसने और उस पर अस्थायी रूप से कारपेट बिछाने की तस्वीरों ने विपक्ष को सरकार के खिलाफ एक नया मुद्दा दे दिया है।

अब महत्वपूर्ण सवाल यह है कि क्या यह घटना केवल असाधारण बारिश के कारण हुई या इसके पीछे जल निकासी, मिट्टी के कटाव और निर्माण संबंधी कमियां भी जिम्मेदार थीं। इसका स्पष्ट उत्तर विस्तृत तकनीकी जांच से ही सामने आ सकता है।


तथ्य और आरोप में अंतर

  • उन्नाव में गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़ा एक एंट्री रैंप भारी बारिश के बाद धंसा था।
  • प्रभावित हिस्सा मुख्य एक्सप्रेसवे कैरिज-वे पर नहीं था।
  • कर्मचारियों ने पानी का बहाव मोड़ने के लिए अस्थायी रूप से कारपेट बिछाया था।
  • अधिकारियों के अनुसार करीब ढाई घंटे में कंक्रीट और पत्थरों से मरम्मत कर दी गई।
  • भ्रष्टाचार और खराब निर्माण के आरोप अखिलेश यादव ने लगाए हैं।
  • इन राजनीतिक आरोपों की किसी आधिकारिक जांच से पुष्टि सामने नहीं आई है।

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