पहले मुंह मीठा कराया, फिर पूर्व IPS से मारपीट! बीकानेर में टिकट बंटवारे पर कांग्रेस की कलह सड़क पर

कांग्रेस प्रत्याशी नवरतन दत्ता के चुनाव कार्यालय के उद्घाटन में पहुंचे शहर अध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल से धक्का-मुक्की और मारपीट का आरोप, घटना का वीडियो वायरल

बीकानेर कांग्रेस टिकट विवाद में मदन गोपाल मेघवाल से धक्का-मुक्की

टिकट बंटवारे पर कांग्रेस की अंदरूनी लड़ाई खुलकर सामने आई बीकानेर: राजस्थान में नगर निकाय चुनाव के लिए टिकट वितरण को लेकर राजनीतिक दलों में जारी असंतोष अब मारपीट तक पहुंच गया है। बीकानेर में कांग्रेस प्रत्याशी के चुनाव कार्यालय का उद्घाटन करने पहुंचे शहर कांग्रेस अध्यक्ष और रिटायर्ड IPS अधिकारी मदन गोपाल मेघवाल के साथ कथित तौर पर धक्का-मुक्की एवं मारपीट की गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो के एक हिस्से में कुछ लोग मदन गोपाल मेघवाल को मिठाई खिलाते हुए नजर आते हैं। इसके कुछ देर बाद वहां माहौल बदल जाता है और धक्का-मुक्की तथा हाथापाई जैसी स्थिति दिखाई देती है। घटना को कांग्रेस में टिकट वितरण को लेकर चल रही नाराजगी से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि विवाद की पूरी शुरुआत और उसमें शामिल प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका पुलिस जांच तथा संबंधित पक्षों के आधिकारिक बयान के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। नवरतन दत्ता के चुनाव कार्यालय पहुंचे थे मेघवाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार यह घटनाक्रम बीकानेर के वार्ड नंबर-50 में हुआ। कांग्रेस ने यहां से नवरतन दत्ता को चुनाव मैदान में उतारा है। उनके चुनाव कार्यालय के उद्घाटन कार्यक्रम में शहर कांग्रेस अध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल भी पहुंचे थे। कार्यक्रम में शुरुआत में माहौल सामान्य दिखाई दिया। स्थानीय कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने उनका स्वागत किया तथा मिठाई भी खिलाई। इसके बाद अचानक टिकट वितरण को लेकर कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ा कि धक्का-मुक्की और कथित मारपीट होने लगी। मौके पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव करते हुए मदन गोपाल मेघवाल को वहां से सुरक्षित निकालने की कोशिश की। ‘पहले मिठाई, फिर मारपीट’ वाला वीडियो वायरल घटना का वीडियो इस कारण ज्यादा चर्चा में है क्योंकि उसमें कुछ ही समय के भीतर दो बिल्कुल अलग तस्वीरें दिखाई देती हैं। शुरुआत में मदन गोपाल मेघवाल का स्वागत करते हुए उन्हें मिठाई खिलाई जाती है, जबकि बाद में उसी कार्यक्रम में हंगामा और हाथापाई शुरू हो जाती है। सोशल मीडिया पर इसे “पहले मुंह मीठा कराया, फिर मारपीट” लिखकर साझा किया जा रहा है। हालांकि वायरल वीडियो का केवल एक हिस्सा देखकर विवाद की पूरी वजह या किसी व्यक्ति का दोष तय नहीं किया जा सकता। पत्रकार अरविंद छोटिया ने भी घटना का वीडियो साझा करते हुए दावा किया कि टिकट वितरण से नाराज लोगों ने पूर्व IPS अधिकारी के साथ सार्वजनिक रूप से मारपीट की। यहां मूल X पोस्ट देखी जा सकती है। टिकट की दावेदारी करने वाले युवक पर आरोप स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक मदन गोपाल मेघवाल ने वार्ड से कांग्रेस का टिकट मांग रहे एक युवक पर विवाद और मारपीट का आरोप लगाया है। बताया जा रहा है कि टिकट नहीं मिलने को लेकर कुछ कार्यकर्ताओं में पहले से नाराजगी थी। यह स्पष्ट नहीं है कि वायरल वीडियो में मौजूद सभी लोग कांग्रेस कार्यकर्ता थे या उनमें प्रत्याशी के अन्य समर्थक भी शामिल थे। इसलिए किसी विशेष व्यक्ति या समूह को जिम्मेदार बताने से पहले पुलिस और कांग्रेस संगठन की आधिकारिक जांच का इंतजार जरूरी है। चार वार्डों में डुप्लीकेट सिंबल का भी आरोप बीकानेर कांग्रेस में केवल वार्ड नंबर-50 का विवाद ही चर्चा में नहीं है। नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार चार वार्डों में डुप्लीकेट चुनाव चिह्न जारी किए जाने का आरोप भी लगाया गया है। टिकट और चुनाव चिह्न को लेकर बनी कथित भ्रम की स्थिति से अलग-अलग उम्मीदवारों तथा उनके समर्थकों में नाराजगी बढ़ने की बात सामने आई है। कुछ कार्यकर्ता टिकट वितरण में पारदर्शिता नहीं होने का आरोप लगा रहे हैं। हालांकि डुप्लीकेट सिंबल और टिकट वितरण में अनियमितता के ये दावे संबंधित पक्षों के आरोप हैं। निर्वाचन अधिकारियों या कांग्रेस की किसी अंतिम जांच से इनकी पुष्टि होना बाकी है। कौन हैं मदन गोपाल मेघवाल? मदन गोपाल मेघवाल एक रिटायर्ड IPS अधिकारी हैं और वर्तमान में बीकानेर शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हैं। पुलिस सेवा से सेवानिवृत्त होने के बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति में प्रवेश किया। वह बीकानेर लोकसभा सीट से कांग्रेस के प्रत्याशी भी रह चुके हैं। पुलिस प्रशासन में लंबे अनुभव के कारण बीकानेर कांग्रेस संगठन में उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। नगर निकाय चुनाव में प्रत्याशियों के चयन, चुनाव प्रचार और स्थानीय संगठन के बीच समन्वय में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका मानी जा रही है। इसी कारण टिकट नहीं मिलने से नाराज दावेदारों के निशाने पर भी वह आ गए। कांग्रेस के लिए असहज करने वाली घटना चुनाव के बीच पार्टी के शहर अध्यक्ष से कथित मारपीट कांग्रेस के लिए गंभीर संगठनात्मक चुनौती बन सकती है। विपक्ष इस घटना को कांग्रेस की अंदरूनी कलह और टिकट वितरण में अव्यवस्था के उदाहरण के रूप में पेश कर सकता है। दूसरी ओर, कांग्रेस नेतृत्व के सामने नाराज कार्यकर्ताओं को मनाने और आधिकारिक उम्मीदवारों के पक्ष में संगठन को एकजुट करने की चुनौती होगी। यदि टिकट से असंतुष्ट नेता निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतरते हैं तो पार्टी के अधिकृत प्रत्याशियों के वोटों का बंटवारा हो सकता है। टिकट वितरण के समय क्यों बढ़ते हैं विवाद? नगर निकाय चुनाव में वार्ड स्तर के टिकट को लेकर मुकाबला कई बार विधानसभा या लोकसभा चुनाव से भी ज्यादा व्यक्तिगत हो जाता है। एक ही वार्ड से अनेक स्थानीय नेता दावेदारी करते हैं, लेकिन टिकट किसी एक व्यक्ति को मिलता है। टिकट न मिलने के बाद नाराज नेता पार्टी प्रत्याशी का विरोध कर सकते हैं या निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला कर सकते हैं। बीकानेर की घटना भी इसी राजनीतिक असंतोष का परिणाम बताई जा रही है। फिर भी किसी राजनीतिक फैसले से नाराजगी जताने का लोकतांत्रिक तरीका विरोध और संगठन के सामने शिकायत दर्ज कराना है। किसी व्यक्ति से मारपीट या सार्वजनिक हिंसा को उचित नहीं ठहराया जा सकता। पुलिस और कांग्रेस की कार्रवाई पर नजर घटना का वीडियो सामने आने के बाद अब सवाल है कि मदन गोपाल मेघवाल की ओर से पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई है या नहीं और कांग्रेस नेतृत्व इसमें क्या कार्रवाई करता है। खबर लिखे जाने तक इस मामले में किसी गिरफ्तारी अथवा कांग्रेस की ओर से अंतिम अनुशासनात्मक कार्रवाई की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है। आधिकारिक जानकारी मिलने पर खबर को अपडेट किया जाना चाहिए। चुनाव से पहले कांग्रेस को कितना नुकसान? बीकानेर में हुए घटनाक्रम ने कांग्रेस के संगठनात्मक अनुशासन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। चुनाव प्रचार शुरू होने के समय यदि कार्यकर्ता आपस में भिड़ते हैं तो इसका सीधा फायदा प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवारों को मिल सकता है। अब कांग्रेस नेतृत्व के सामने तीन बड़ी चुनौतियां हैं—घटना की निष्पक्ष जांच, मारपीट में शामिल लोगों पर कार्रवाई और टिकट से नाराज कार्यकर्ताओं को मनाना। पार्टी कितनी जल्दी इस विवाद को शांत करती है, इसका असर स्थानीय चुनाव प्रचार पर पड़ सकता है। तथ्य और दावे में अंतर मदन गोपाल मेघवाल बीकानेर शहर कांग्रेस अध्यक्ष और रिटायर्ड IPS अधिकारी हैं। वह वार्ड नंबर-50 के कांग्रेस प्रत्याशी नवरतन दत्ता के चुनाव कार्यालय पहुंचे थे। कार्यक्रम में विवाद और धक्का-मुक्की का वीडियो सामने आया है। टिकट वितरण से नाराज लोगों द्वारा मारपीट किए जाने का आरोप लगाया गया है। चार वार्डों में डुप्लीकेट सिंबल का दावा मीडिया रिपोर्टों में सामने आया है। पुलिस की अंतिम जांच से घटना में शामिल प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका स्पष्ट होना बाकी है।

टिकट बंटवारे पर कांग्रेस की अंदरूनी लड़ाई खुलकर सामने आई

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वार्ड नंबर-50 में कांग्रेस प्रत्याशी के कार्यालय उद्घाटन के दौरान शहर अध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट का आरोप लगा है।

बीकानेर: राजस्थान में नगर निकाय चुनाव के लिए टिकट वितरण को लेकर राजनीतिक दलों में जारी असंतोष अब मारपीट तक पहुंच गया है। बीकानेर में कांग्रेस प्रत्याशी के चुनाव कार्यालय का उद्घाटन करने पहुंचे शहर कांग्रेस अध्यक्ष और रिटायर्ड IPS अधिकारी मदन गोपाल मेघवाल के साथ कथित तौर पर धक्का-मुक्की एवं मारपीट की गई।

घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो के एक हिस्से में कुछ लोग मदन गोपाल मेघवाल को मिठाई खिलाते हुए नजर आते हैं। इसके कुछ देर बाद वहां माहौल बदल जाता है और धक्का-मुक्की तथा हाथापाई जैसी स्थिति दिखाई देती है।

घटना को कांग्रेस में टिकट वितरण को लेकर चल रही नाराजगी से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि विवाद की पूरी शुरुआत और उसमें शामिल प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका पुलिस जांच तथा संबंधित पक्षों के आधिकारिक बयान के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

नवरतन दत्ता के चुनाव कार्यालय पहुंचे थे मेघवाल

उपलब्ध जानकारी के अनुसार यह घटनाक्रम बीकानेर के वार्ड नंबर-50 में हुआ। कांग्रेस ने यहां से नवरतन दत्ता को चुनाव मैदान में उतारा है। उनके चुनाव कार्यालय के उद्घाटन कार्यक्रम में शहर कांग्रेस अध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल भी पहुंचे थे।

कार्यक्रम में शुरुआत में माहौल सामान्य दिखाई दिया। स्थानीय कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने उनका स्वागत किया तथा मिठाई भी खिलाई। इसके बाद अचानक टिकट वितरण को लेकर कहासुनी शुरू हो गई।

देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ा कि धक्का-मुक्की और कथित मारपीट होने लगी। मौके पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव करते हुए मदन गोपाल मेघवाल को वहां से सुरक्षित निकालने की कोशिश की।

‘पहले मिठाई, फिर मारपीट’ वाला वीडियो वायरल

घटना का वीडियो इस कारण ज्यादा चर्चा में है क्योंकि उसमें कुछ ही समय के भीतर दो बिल्कुल अलग तस्वीरें दिखाई देती हैं। शुरुआत में मदन गोपाल मेघवाल का स्वागत करते हुए उन्हें मिठाई खिलाई जाती है, जबकि बाद में उसी कार्यक्रम में हंगामा और हाथापाई शुरू हो जाती है।

सोशल मीडिया पर इसे “पहले मुंह मीठा कराया, फिर मारपीट” लिखकर साझा किया जा रहा है। हालांकि वायरल वीडियो का केवल एक हिस्सा देखकर विवाद की पूरी वजह या किसी व्यक्ति का दोष तय नहीं किया जा सकता।

पत्रकार अरविंद छोटिया ने भी घटना का वीडियो साझा करते हुए दावा किया कि टिकट वितरण से नाराज लोगों ने पूर्व IPS अधिकारी के साथ सार्वजनिक रूप से मारपीट की। यहां मूल X पोस्ट देखी जा सकती है

टिकट की दावेदारी करने वाले युवक पर आरोप

स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक मदन गोपाल मेघवाल ने वार्ड से कांग्रेस का टिकट मांग रहे एक युवक पर विवाद और मारपीट का आरोप लगाया है। बताया जा रहा है कि टिकट नहीं मिलने को लेकर कुछ कार्यकर्ताओं में पहले से नाराजगी थी।

यह स्पष्ट नहीं है कि वायरल वीडियो में मौजूद सभी लोग कांग्रेस कार्यकर्ता थे या उनमें प्रत्याशी के अन्य समर्थक भी शामिल थे। इसलिए किसी विशेष व्यक्ति या समूह को जिम्मेदार बताने से पहले पुलिस और कांग्रेस संगठन की आधिकारिक जांच का इंतजार जरूरी है।

चार वार्डों में डुप्लीकेट सिंबल का भी आरोप

बीकानेर कांग्रेस में केवल वार्ड नंबर-50 का विवाद ही चर्चा में नहीं है। नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार चार वार्डों में डुप्लीकेट चुनाव चिह्न जारी किए जाने का आरोप भी लगाया गया है।

टिकट और चुनाव चिह्न को लेकर बनी कथित भ्रम की स्थिति से अलग-अलग उम्मीदवारों तथा उनके समर्थकों में नाराजगी बढ़ने की बात सामने आई है। कुछ कार्यकर्ता टिकट वितरण में पारदर्शिता नहीं होने का आरोप लगा रहे हैं।

हालांकि डुप्लीकेट सिंबल और टिकट वितरण में अनियमितता के ये दावे संबंधित पक्षों के आरोप हैं। निर्वाचन अधिकारियों या कांग्रेस की किसी अंतिम जांच से इनकी पुष्टि होना बाकी है।

कौन हैं मदन गोपाल मेघवाल?

मदन गोपाल मेघवाल एक रिटायर्ड IPS अधिकारी हैं और वर्तमान में बीकानेर शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हैं। पुलिस सेवा से सेवानिवृत्त होने के बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति में प्रवेश किया।

वह बीकानेर लोकसभा सीट से कांग्रेस के प्रत्याशी भी रह चुके हैं। पुलिस प्रशासन में लंबे अनुभव के कारण बीकानेर कांग्रेस संगठन में उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।

नगर निकाय चुनाव में प्रत्याशियों के चयन, चुनाव प्रचार और स्थानीय संगठन के बीच समन्वय में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका मानी जा रही है। इसी कारण टिकट नहीं मिलने से नाराज दावेदारों के निशाने पर भी वह आ गए।

कांग्रेस के लिए असहज करने वाली घटना

चुनाव के बीच पार्टी के शहर अध्यक्ष से कथित मारपीट कांग्रेस के लिए गंभीर संगठनात्मक चुनौती बन सकती है। विपक्ष इस घटना को कांग्रेस की अंदरूनी कलह और टिकट वितरण में अव्यवस्था के उदाहरण के रूप में पेश कर सकता है।

दूसरी ओर, कांग्रेस नेतृत्व के सामने नाराज कार्यकर्ताओं को मनाने और आधिकारिक उम्मीदवारों के पक्ष में संगठन को एकजुट करने की चुनौती होगी। यदि टिकट से असंतुष्ट नेता निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतरते हैं तो पार्टी के अधिकृत प्रत्याशियों के वोटों का बंटवारा हो सकता है।

टिकट वितरण के समय क्यों बढ़ते हैं विवाद?

नगर निकाय चुनाव में वार्ड स्तर के टिकट को लेकर मुकाबला कई बार विधानसभा या लोकसभा चुनाव से भी ज्यादा व्यक्तिगत हो जाता है। एक ही वार्ड से अनेक स्थानीय नेता दावेदारी करते हैं, लेकिन टिकट किसी एक व्यक्ति को मिलता है।

टिकट न मिलने के बाद नाराज नेता पार्टी प्रत्याशी का विरोध कर सकते हैं या निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला कर सकते हैं। बीकानेर की घटना भी इसी राजनीतिक असंतोष का परिणाम बताई जा रही है।

फिर भी किसी राजनीतिक फैसले से नाराजगी जताने का लोकतांत्रिक तरीका विरोध और संगठन के सामने शिकायत दर्ज कराना है। किसी व्यक्ति से मारपीट या सार्वजनिक हिंसा को उचित नहीं ठहराया जा सकता।

पुलिस और कांग्रेस की कार्रवाई पर नजर

घटना का वीडियो सामने आने के बाद अब सवाल है कि मदन गोपाल मेघवाल की ओर से पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई है या नहीं और कांग्रेस नेतृत्व इसमें क्या कार्रवाई करता है।

खबर लिखे जाने तक इस मामले में किसी गिरफ्तारी अथवा कांग्रेस की ओर से अंतिम अनुशासनात्मक कार्रवाई की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है। आधिकारिक जानकारी मिलने पर खबर को अपडेट किया जाना चाहिए।

चुनाव से पहले कांग्रेस को कितना नुकसान?

बीकानेर में हुए घटनाक्रम ने कांग्रेस के संगठनात्मक अनुशासन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। चुनाव प्रचार शुरू होने के समय यदि कार्यकर्ता आपस में भिड़ते हैं तो इसका सीधा फायदा प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवारों को मिल सकता है।

अब कांग्रेस नेतृत्व के सामने तीन बड़ी चुनौतियां हैं—घटना की निष्पक्ष जांच, मारपीट में शामिल लोगों पर कार्रवाई और टिकट से नाराज कार्यकर्ताओं को मनाना। पार्टी कितनी जल्दी इस विवाद को शांत करती है, इसका असर स्थानीय चुनाव प्रचार पर पड़ सकता है।


तथ्य और दावे में अंतर

  • मदन गोपाल मेघवाल बीकानेर शहर कांग्रेस अध्यक्ष और रिटायर्ड IPS अधिकारी हैं।
  • वह वार्ड नंबर-50 के कांग्रेस प्रत्याशी नवरतन दत्ता के चुनाव कार्यालय पहुंचे थे।
  • कार्यक्रम में विवाद और धक्का-मुक्की का वीडियो सामने आया है।
  • टिकट वितरण से नाराज लोगों द्वारा मारपीट किए जाने का आरोप लगाया गया है।
  • चार वार्डों में डुप्लीकेट सिंबल का दावा मीडिया रिपोर्टों में सामने आया है।
  • पुलिस की अंतिम जांच से घटना में शामिल प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका स्पष्ट होना बाकी है।

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