CEC के खिलाफ दिल्ली-मुंबई में घमासान: आतिशी-संजय सिंह समेत 500 से ज्यादा हिरासत में, इंटरनेट और 12 मेट्रो स्टेशनों पर रोक

SIR और मतदाता सूची को लेकर जंतर-मंतर पर विपक्ष व छात्र संगठनों का प्रदर्शन; मुंबई के शिवाजी पार्क से CJP ने शुरू किया आंदोलन, 6 अक्टूबर को चुनाव आयोग तक मार्च की तैयारी

CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दिल्ली से मुंबई तक प्रदर्शन तेज हो गया। जंतर-मंतर पर 500 से ज्यादा लोग हिरासत में लिए गए, जबकि मुंबई में CJP ने आंदोलन शुरू किया।

जंतर-मंतर पर हिरासत, इंटरनेट और मेट्रो पाबंदियां; मुंबई में सड़क पर उतरी CJP—ज्ञानेश कुमार के खिलाफ तेज हुआ विरोध

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मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेती पुलिस।

प्रत्यक्षदर्शी समाचार | राष्ट्रीय डेस्क | 2 अक्टूबर 2026

खबर में खास

  • दिल्ली में 500 से ज्यादा प्रदर्शनकारी हिरासत में
  • आतिशी, संजय सिंह और सौरभ भारद्वाज पर पुलिस कार्रवाई
  • जंतर-मंतर के आसपास इंटरनेट सेवा प्रभावित
  • दिल्ली के 12 मेट्रो स्टेशनों की एंट्री-एग्जिट बंद
  • मुंबई के शिवाजी पार्क में CJP का प्रदर्शन शुरू
नई दिल्ली/मुंबई। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर शुक्रवार को दिल्ली से मुंबई तक विरोध प्रदर्शन तेज हो गया। दिल्ली के जंतर-मंतर पर विपक्षी दलों, छात्र संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन की कोशिश की, जबकि मुंबई के शिवाजी पार्क से कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने अपने आंदोलन के दूसरे चरण की शुरुआत की।
दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी और नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 लागू की गई। इसके बावजूद बड़ी संख्या में कार्यकर्ता जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में पहुंचने लगे।

500 से ज्यादा लोग हिरासत में

दिल्ली पुलिस ने AAP नेता आतिशी, संजय सिंह, सौरभ भारद्वाज और संजीव झा समेत कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। AISA, SFI, NSUI, यूथ कांग्रेस और वामपंथी संगठनों से जुड़े कार्यकर्ताओं को भी अलग-अलग स्थानों पर रोका गया।
अलग-अलग रिपोर्टों में हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या 500 से 700 के बीच बताई गई है। पुलिस के अनुसार बड़ी संख्या में SFI कार्यकर्ताओं ने जंतर-मंतर पहुंचने की कोशिश की थी, जिन्हें अशोका रोड के पास रोक दिया गया।

इंटरनेट प्रभावित, मेट्रो स्टेशनों पर रोक

प्रदर्शन के दौरान जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में मोबाइल इंटरनेट सेवा प्रभावित होने की खबर सामने आई। सुरक्षा कारणों से शुरुआत में 11 मेट्रो स्टेशनों की एंट्री और एग्जिट बंद की गई थी। बाद में बाराखंभा रोड स्टेशन को भी इस सूची में शामिल कर दिया गया।
जनपथ, पटेल चौक, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट, राजीव चौक, मंडी हाउस, नई दिल्ली और लोक कल्याण मार्ग समेत कई प्रमुख स्टेशनों पर प्रवेश और निकास रोका गया। हालांकि कुछ स्टेशनों पर इंटरचेंज की सुविधा जारी रखी गई।

प्रदर्शन में पुलिसकर्मियों को चोट

नई दिल्ली के DCP सचिन शर्मा ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान कुछ पुलिसकर्मियों को चोट लगने की सूचना मिली है। पुलिस पूरे घटनाक्रम का आकलन कर रही है। प्रदर्शन स्थल के आसपास पुलिस, अर्धसैनिक बल और दंगा नियंत्रण वाहनों को तैनात किया गया था। ड्रोन से भी इलाके की निगरानी की गई।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि शांतिपूर्ण विरोध उनका लोकतांत्रिक अधिकार है। वहीं पुलिस का पक्ष है कि धारा 163 लागू होने के कारण बिना अनुमति किसी धरने, मार्च या प्रदर्शन की इजाजत नहीं दी जा सकती।

ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी की मांग

CPI(M), SFI और DYFI के प्रदर्शन के दौरान माकपा महासचिव एमए बेबी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाताओं के नाम सूची से हटाया जाना गंभीर मामला है और इसकी स्वतंत्र जांच होनी चाहिए।
विपक्षी दल SIR के दौरान पात्र मतदाताओं के नाम हटाए जाने का आरोप लगा रहे हैं। हालांकि चुनाव आयोग ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि SIR से जुड़े फैसले तीनों चुनाव आयुक्तों ने सर्वसम्मति से लिए थे।

मुंबई में CJP ने खोला मोर्चा

दिल्ली के प्रदर्शन से अलग मुंबई के शिवाजी पार्क में CJP ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन शुरू किया। पुलिस की अनुमति नहीं मिलने के बावजूद समर्थक गेट नंबर-6 के पास पहुंचे। शिवाजी पार्क और दादर स्टेशन के आसपास भारी पुलिस बल और बैरिकेडिंग की गई।
CJP ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, SIR प्रक्रिया पर रोक, जनवरी 2025 की मतदाता सूची बहाल करने और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने की मांग रखी है।

6 अक्टूबर को चुनाव आयोग तक मार्च

INDIA गठबंधन ने 2 से 8 अक्टूबर तक देशभर के जिलों में ‘सेव डेमोक्रेसी’ मार्च निकालने की योजना बनाई है। विपक्षी सांसदों ने 6 अक्टूबर को दिल्ली में चुनाव आयोग के कार्यालय तक मार्च करने का भी ऐलान किया है।
इससे साफ है कि SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर शुरू हुआ विवाद फिलहाल थमने वाला नहीं है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा राजनीतिक रूप से और तेज हो सकता है। 

जंतर-मंतर पर हिरासत और मुंबई में शुरू हुए CJP के आंदोलन ने SIR विवाद को चुनाव आयोग के दफ्तर से निकालकर सड़कों की बड़ी राजनीतिक लड़ाई बना दिया है

अब निगाह 6 अक्टूबर के प्रस्तावित मार्च पर रहेगी। विपक्ष यदि अलग-अलग प्रदर्शनों को एक साझा अभियान में बदलने में सफल होता है, तो मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयोग पर राजनीतिक दबाव और बढ़ सकता है।

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