दिल्ली में CJP प्रदर्शन: करीब 2000 हिरासत में, केजरीवाल-ममता पर भी कार्रवाई; कनॉट प्लेस में पथराव

दिल्ली में CJP प्रदर्शन के दौरान करीब 2,000 लोगों की हिरासत की रिपोर्ट है। केजरीवाल और ममता बनर्जी को भी पुलिस ने रोका। कनॉट प्लेस में पथराव से एक पुलिसकर्मी घायल हुआ।

दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ CJP प्रदर्शन के दौरान बड़े पैमाने पर पुलिस कार्रवाई हुई। अभिजीत दीपके, अरविंद केजरीवाल और ममता बनर्जी समेत कई लोग हिरासत में लिए गए। कनॉट प्लेस में पथराव और दिल्ली हाट बंद होने की खबर भी सामने आई।

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन रोकने के लिए कड़ी सुरक्षा, कई इलाकों में धरपकड़; केजरीवाल-ममता समेत बड़े नेता हिरासत में

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दिल्ली में CJP प्रदर्शन के दौरान कई नेताओं समेत बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया।

प्रत्यक्षदर्शी समाचार | दिल्ली डेस्क | 10 अक्टूबर 2026

दिल्ली में शनिवार, 10 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर बुलाए गए CJP प्रदर्शन के दौरान राजधानी के कई इलाकों में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की स्थिति बन गई। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं होने के बावजूद अलग-अलग संगठनों के कार्यकर्ताओं ने वहां पहुंचने की कोशिश की।
दोपहर बाद आई रिपोर्टों के अनुसार, दिल्ली में करीब 2,000 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है। इनमें CJP संस्थापक अभिजीत दीपके, दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी जैसे नाम भी शामिल हैं।
वहीं कनॉट प्लेस इलाके में पथराव की घटना में एक पुलिसकर्मी के घायल होने की खबर सामने आई। सुरक्षा कारणों से कनॉट प्लेस की कई दुकानें बंद रहीं और INA स्थित दिल्ली हाट को भी दिनभर के लिए बंद करने की जानकारी दी गई।
खबर में खास
  • दिल्ली में CJP प्रदर्शन के दौरान करीब 2,000 लोगों को हिरासत में लिए जाने की रिपोर्ट।
  • अभिजीत दीपके, अरविंद केजरीवाल और ममता बनर्जी को भी हिरासत में लिया गया।

  • कनॉट प्लेस और नई दिल्ली के कुछ इलाकों में पथराव की घटनाएं सामने आईं।

  • पथराव में पुलिसकर्मियों के घायल होने की जानकारी मिली।

  • जंतर-मंतर के आसपास पुलिस का कड़ा पहरा, कई प्रदर्शनकारी रोके गए।

  • सुरक्षा कारणों से दिल्ली हाट बंद और कनॉट प्लेस की कई दुकानें बंद रहीं।

दिल्ली में करीब 2000 प्रदर्शनकारियों की हिरासत की रिपोर्ट

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ शनिवार को बुलाए गए CJP प्रदर्शन को लेकर दिल्ली में सुबह से पुलिस की कार्रवाई जारी रही।
जंतर-मंतर और उससे जुड़े प्रमुख रास्तों पर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए। प्रदर्शन में शामिल होने के लिए पहुंच रहे लोगों को कई स्थानों पर रोककर हिरासत में लिया गया।
दोपहर के शुरुआती अपडेट में करीब 400 लोगों को हिरासत में लेने की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद यह संख्या बढ़ती गई।
दोपहर 3:53 बजे तक की रिपोर्टों में करीब 2,000 लोगों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी दी गई है। हालांकि, हिरासत में लिए गए सभी लोगों की अंतिम आधिकारिक सूची और कुल संख्या की पुष्टि अभी बाकी है।
अरविंद केजरीवाल समेत AAP के कई नेता हिरासत में
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को भी शनिवार दोपहर पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
केजरीवाल CJP के जंतर-मंतर प्रदर्शन में शामिल होने के लिए घर से निकले थे। पुलिस ने उन्हें प्रदर्शन स्थल पर पहुंचने से पहले ही रोक दिया।
इस दौरान आम आदमी पार्टी के समर्थकों और पुलिस के बीच खींचतान की स्थिति भी बनी।
केजरीवाल के अलावा सौरभ भारद्वाज, संजय सिंह और दुर्गेश पाठक को हिरासत में लिए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
केजरीवाल ने शुक्रवार को ही प्रदर्शन में शामिल होने की घोषणा की थी।

ममता बनर्जी को भी पुलिस ने हिरासत में लिया

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी भी शनिवार को दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के दौरान हिरासत में ली गईं।

ममता बनर्जी मुंह पर बैंड-ऐड लगाकर विरोध जता रही थीं। पुलिस कार्रवाई के बाद उन्हें अन्य नेताओं के साथ बस में बैठाकर ले जाया गया।

उनके साथ तृणमूल कांग्रेस नेता डोला सेन को भी हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई।

NCP सांसद सुप्रिया सुले ने इस पुलिस कार्रवाई की आलोचना करते हुए कहा कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करना नागरिकों का संवैधानिक अधिकार है।

हालांकि, ममता बनर्जी और अन्य नेताओं की औपचारिक गिरफ्तारी होने की पुष्टि नहीं हुई है।
कनॉट प्लेस में पथराव, पुलिसकर्मी घायल
प्रदर्शन के बीच कनॉट प्लेस इलाके में पथराव की घटना भी सामने आई है।
रिपोर्ट के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान पत्थर लगने से एक पुलिस अधिकारी घायल हुआ।
इससे पहले नई दिल्ली में आकाशवाणी भवन के आसपास भी पथराव की खबर सामने आई थी। उस घटना में दो पुलिसकर्मियों के घायल होने की जानकारी दी गई।
पुलिस ने संबंधित घटनाओं के बाद कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया।
हालांकि, पथराव करने वाले सभी लोगों की पहचान और संबंधित घटनाओं की विस्तृत जांच की जानकारी अभी पूरी तरह उपलब्ध नहीं है।
पथराव के आरोप को शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले सभी लोगों पर लागू करना सही नहीं होगा।
जंतर-मंतर पर पुलिस का पहरा, दूसरे इलाकों में प्रदर्शन
CJP ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का ऐलान किया था।
लेकिन दिल्ली पुलिस ने आयोजन को अनुमति नहीं दी थी।
शनिवार सुबह से जंतर-मंतर की ओर जाने वाले प्रमुख रास्तों पर बैरिकेडिंग और पुलिस की तैनाती रही।
दोपहर में जंतर-मंतर के मुख्य प्रदर्शन स्थल पर अपेक्षाकृत सन्नाटा दिखाई दिया, जबकि SFI, AISA और वामपंथी संगठनों के कार्यकर्ता आसपास के इलाकों में विरोध करते नजर आए।
भाजपा मुख्यालय के आसपास भी AISA और वाम दलों के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया।
 
कनॉट प्लेस में दुकानें बंद, दिल्ली हाट भी प्रभावित
CJP प्रदर्शन के कारण दिल्ली के प्रमुख बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर भी असर पड़ा।
कनॉट प्लेस में कई दुकानें बंद रहीं और इलाके में सुरक्षा बलों की भारी तैनाती की गई।
वहीं INA के पास AISA और दूसरे संगठनों के विरोध प्रदर्शन के बाद दिल्ली हाट को शनिवार के लिए बंद करने का फैसला लिया गया।
इससे खरीदारी और घूमने के लिए आने वाले लोगों की योजनाएं प्रभावित हुईं।
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने दोपहर में एम्स से सफदरजंग मकबरे तक अरबिंदो मार्ग पर यातायात सामान्य होने की जानकारी भी दी थी।
ऐसे में राजधानी के सभी इलाकों में एक जैसी पाबंदियां लागू होने की बात सही नहीं होगी।
अभिजीत दीपके को फ्लाइट से हिरासत में लिया गया था
शनिवार सुबह CJP संस्थापक अभिजीत दीपके मुंबई से दिल्ली पहुंचे थे।
उनके साथ सौरव दास और आशुतोष रांका भी यात्रा कर रहे थे।
फ्लाइट के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरने के बाद पुलिस अधिकारी विमान के अंदर पहुंचे और तीनों नेताओं को हिरासत में लिया।
इस दौरान अभिजीत दीपके और पुलिसकर्मियों के बीच बहस भी हुई थी।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया। CJP ने अपने नेताओं को हिरासत में लिए जाने की निंदा की और इसे प्रदर्शन को रोकने की कोशिश बताया।
दादी के निधन पर अभिजीत दीपके को घर लौटने का विकल्प
अभिजीत दीपके की हिरासत के बीच उनकी दादी सावित्रीबाई शंकर दीपके के निधन की खबर भी सामने आई।
सावित्रीबाई का शनिवार को महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया।
दिल्ली पुलिस के सूत्रों के मुताबिक, अभिजीत दीपके को उनकी दादी के निधन की जानकारी दी गई।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि उन्हें अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए महाराष्ट्र लौटने का विकल्प दिया गया है।
हालांकि, अभिजीत ने इस विकल्प पर क्या फैसला किया और क्या उन्हें रिहा किया गया, इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है।
मोबाइल इंटरनेट और मेट्रो सेवाओं पर भी असर
दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए कुछ इलाकों में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं पर अस्थायी पाबंदियां लगाई गईं।
कई मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास गेट भी सुरक्षा कारणों से बंद किए गए।
दिल्ली की सीमाओं पर वाहनों की जांच बढ़ाई गई और नई दिल्ली के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती की गई।
रेल सेवाओं पर भी असर पड़ा। कुछ ट्रेनों को रद्द किया गया और कुछ के परिचालन में बदलाव हुआ।
हालांकि, मेट्रो और रेलवे की स्थिति स्थान तथा समय के अनुसार अलग थी। यात्रियों के लिए संबंधित विभाग का आधिकारिक अपडेट देखना जरूरी है।
दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति क्यों नहीं दी?
दिल्ली पुलिस ने CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन के लिए अनुमति देने से इनकार किया था।
पुलिस के मुताबिक, आयोजकों ने निर्धारित समय से कम अवधि पहले आवेदन किया था।
इसके अलावा पहले के प्रदर्शनों में नियमों के कथित उल्लंघन और कानून-व्यवस्था से जुड़ी आशंकाओं का भी हवाला दिया गया।
वहीं CJP का कहना है कि शांतिपूर्ण विरोध करना लोकतांत्रिक अधिकार है और उसके नेताओं तथा कार्यकर्ताओं को प्रदर्शन में शामिल होने से रोका जा रहा है।
इस मामले में पुलिस की सुरक्षा संबंधी दलीलों और प्रदर्शनकारियों के अधिकारों को लेकर अलग-अलग सवाल उठ रहे हैं।
भाजपा ने विरोध प्रदर्शन पर क्या कहा?
CJP और विपक्षी नेताओं के विरोध के बीच भाजपा की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई है।
भाजपा सांसद संबित पात्रा ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि कुछ नेता चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाकर देश में अव्यवस्था पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने विपक्षी दलों पर सत्ता हासिल करने के लिए जनता को गुमराह करने का भी आरोप लगाया।
ये भाजपा नेता के राजनीतिक आरोप हैं। दूसरी ओर प्रदर्शनकारी संगठन चुनाव आयोग की निष्पक्षता और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों की जांच की मांग कर रहे हैं।
CJP आखिर किस मुद्दे पर प्रदर्शन कर रही है?
CJP और दूसरे प्रदर्शनकारी संगठन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
विरोध का प्रमुख मुद्दा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR में कथित अनियमितताएं हैं।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि मतदाता सूची में बदलाव के दौरान योग्य मतदाताओं के नाम हटाए गए और इससे चुनाव की निष्पक्षता प्रभावित हुई।
वहीं चुनाव आयोग इन आरोपों से इनकार करता रहा है।
आयोग के अनुसार, मतदाता सूची को सही और अद्यतन रखने के लिए मृत, स्थानांतरित और दोहरे नामों की पहचान करना जरूरी है।
विपक्ष के आरोपों और चुनाव आयोग के जवाब को अलग-अलग समझना जरूरी है।
अब आगे क्या होगा?
शनिवार के प्रदर्शन के दौरान बड़े पैमाने पर हिरासत और पुलिस कार्रवाई की खबरें सामने आई हैं।
कई नेताओं की हिरासत, पथराव में पुलिसकर्मियों के घायल होने और दिल्ली के विभिन्न इलाकों में लागू सुरक्षा पाबंदियों के बाद स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
अब सबसे जरूरी सवाल यह है कि कितने लोगों को औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया गया, कितनों को रिहा किया गया और पथराव की घटनाओं में पुलिस क्या कार्रवाई करती है।
दिल्ली में 10 अक्टूबर को CJP के विरोध प्रदर्शन के दौरान करीब 2,000 लोगों की हिरासत की रिपोर्ट सामने आई है। अरविंद केजरीवाल और ममता बनर्जी जैसे नेता भी हिरासत में लिए गए, जबकि कुछ स्थानों पर पथराव और पुलिसकर्मियों के घायल होने की खबर मिली। फिलहाल हिरासत की अंतिम संख्या और सभी नेताओं की रिहाई की स्थिति की आधिकारिक पुष्टि महत्वपूर्ण है।

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