4 साल में 4 गुना बिहार की अर्थव्यवस्था कैसे? सम्राट चौधरी ने बताया रोडमैप—10 एयरपोर्ट, 6 एक्सप्रेसवे और 12 टाउनशिप

World Leaders Forum में CM सम्राट चौधरी ने उद्योग, निवेश और रोजगार को बताया अगला फोकस; गंगा-गंडक-कोसी किनारे इंडस्ट्रियल कॉरिडोर बनाने की तैयारी

4 साल में 4 गुना बिहार की अर्थव्यवस्था कैसे? सम्राट चौधरी ने बताया रोडमैप—10 एयरपोर्ट, 6 एक्सप्रेसवे और 12 टाउनशिप

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अगले चार वर्षों में राज्य की अर्थव्यवस्था को चार गुना करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए एयरपोर्ट, एक्सप्रेसवे, टाउनशिप, इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और रोजगार पर बड़ा रोडमैप पेश किया गया है।

पटना/नई दिल्ली। बिहार की अर्थव्यवस्था को अगले चार वर्षों में चार गुना करने का लक्ष्य—मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य के विकास को लेकर यह बड़ा दावा दिल्ली में आयोजित ‘द इकोनॉमिक टाइम्स वर्ल्ड लीडर्स फोरम 2026’ में किया है। उन्होंने कहा कि बिहार अब सड़क, बिजली और पानी जैसी बुनियादी जरूरतों से आगे बढ़कर उद्योग, निवेश, रोजगार और नई तकनीक पर फोकस कर रहा है।

4 साल में 4 गुना अर्थव्यवस्था, लेकिन कैसे?

बिहार की अर्थव्यवस्था चार साल में चार गुना करने के लक्ष्य पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी
World Leaders Forum 2026 में बिहार के विकास रोडमैप पर अपनी बात रखते मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी।

मुख्यमंत्री ने केवल लक्ष्य का ऐलान नहीं किया, बल्कि इसके लिए सरकार की प्राथमिकताएं भी गिनाईं। उनका कहना है कि बिहार में नए उद्योग लाने, निवेशकों के लिए जमीन और बिजली उपलब्ध कराने तथा रोजगार के अवसर बढ़ाने पर सरकार काम कर रही है।

2026 में राज्य सरकार ने सेमीकंडक्टर और Global Capability Centres के लिए विशेष नीतियां भी बनाई हैं। सरकार का दावा है कि इन नीतियों के जरिए घरेलू और विदेशी निवेश को बिहार की ओर आकर्षित किया जाएगा।

10 नए एयरपोर्ट और 6 एक्सप्रेसवे पर काम

सम्राट चौधरी के मुताबिक बिहार में फिलहाल चार एयरपोर्ट संचालित हैं, जबकि 10 छोटे-बड़े एयरपोर्ट पर काम चल रहा है। इसके साथ छह एक्सप्रेसवे भी सरकार के इन्फ्रास्ट्रक्चर प्लान का हिस्सा हैं।

सरकार का मानना है कि बेहतर हवाई और सड़क कनेक्टिविटी से उद्योगों को बाजार तक पहुंचने में आसानी होगी और नए निवेश को बढ़ावा मिलेगा।

गंगा-गंडक-कोसी के किनारे इंडस्ट्रियल कॉरिडोर

मुख्यमंत्री ने राज्य की प्रमुख नदियों को भी आर्थिक विकास से जोड़ने की योजना बताई। गंगा, गंडक और कोसी के दोनों किनारों पर चार लेन सड़क और औद्योगिक कॉरिडोर विकसित करने की परिकल्पना की गई है।

गंगा और गंडक के आसपास एजुकेशन हब, इंस्टीट्यूशनल हब और बड़ी टाउनशिप बनाने की भी तैयारी है। सरकार बिहार को केवल कृषि आधारित अर्थव्यवस्था तक सीमित न रखकर उद्योग, शिक्षा, पर्यटन, परिवहन और जलमार्ग से जोड़ना चाहती है।

12 टाउनशिप का भी प्लान

सरकार राज्य में आधुनिक सुविधाओं से लैस 12 टाउनशिप विकसित करने की योजना पर काम कर रही है। इसके लिए करीब 3.5 लाख एकड़ क्षेत्र से जुड़े विकास की बात भी सामने आई है।

यह योजना अगर जमीन पर उतरती है तो आवास, उद्योग, शिक्षा और सेवा क्षेत्र में नए आर्थिक केंद्र विकसित हो सकते हैं।

रोजगार को लेकर 1 करोड़ का नया लक्ष्य

रोजगार भी मुख्यमंत्री के रोडमैप का बड़ा हिस्सा है। सम्राट चौधरी के मुताबिक सरकार ने अब अगले पांच वर्षों में एक करोड़ नौकरी और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का लक्ष्य तय किया है।

सरकार का कहना है कि उद्योगों के विस्तार, नई परियोजनाओं और बुनियादी ढांचे के विकास के जरिए रोजगार के नए अवसर पैदा किए जाएंगे।

हाल में ₹51,600 करोड़ के निवेश के MoU

बिहार सरकार निवेश आकर्षित करने की कोशिशों को अपनी आर्थिक रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बता रही है। 6 अगस्त को राज्य सरकार की मौजूदगी में विभिन्न औद्योगिक समूहों के साथ करीब ₹51,600 करोड़ के निवेश के MoU किए गए थे। इनमें स्टील, टेक्सटाइल और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़े प्रस्ताव शामिल थे।

बिजली और सिंचाई पर भी सरकार का दावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में बिजली की उपलब्धता एक समय करीब 350 मेगावाट थी, जो अब बढ़कर 10,000 मेगावाट से अधिक हो गई है। इसी तरह सिंचित भूमि का क्षेत्र 21 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 44 लाख हेक्टेयर तक पहुंचने का दावा किया गया है।

‘Build Bihar, Believe in Bihar’ पर जोर

सम्राट चौधरी ने बिहार के विकास मॉडल को ‘Build Bihar, Believe in Bihar’ की सोच से जोड़ा। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का लक्ष्य तब तक पूरा नहीं हो सकता जब तक बिहार आर्थिक रूप से समृद्ध नहीं होता। राज्य को कृषि के साथ उद्योग और टेक्नोलॉजी से जोड़ने की आवश्यकता पर भी उन्होंने जोर दिया।

चार गुना अर्थव्यवस्था का लक्ष्य कितना बड़ा?

चार साल में अर्थव्यवस्था का आकार चार गुना करना बेहद महत्वाकांक्षी लक्ष्य है। इसलिए आने वाले वर्षों में असली परीक्षा इस बात की होगी कि घोषित निवेश में से कितना जमीन पर उतरता है, औद्योगिक परियोजनाएं कितनी तेजी से पूरी होती हैं और राज्य में रोजगार तथा निजी निवेश कितनी गति से बढ़ता है।

About The Author

Advertisement

LatestNews

महाकाल मंदिर में बड़ा Security Breach: बैरिकेड तोड़ गर्भगृह की ओर बढ़ी भीड़, रोकने पर सुरक्षाकर्मियों से मारपीट
UP की 50 हजार बेटियों को अक्टूबर-नवंबर में मिलेगी Free Scooty: Top 5% Merit से चयन, जानिए पूरा नियम
नेपाल में तबाही के बाद बिहार की ओर बढ़ रहा पानी! 6 जिलों में High Alert, लोगों से ऊंची जगह जाने की अपील
नेपाल में तबाही के बीच PM मोदी का फोन: Balendra Shah को हरसंभव मदद का भरोसा, 105 भारतीयों का अभी पता नहीं
नेपाल में जलप्रलय: 16 की मौत, 105 भारतीयों का पता नहीं; UP-Bihar तक पहुंचा बाढ़ का खतरा
बिहार में Inter-Caste Marriage पर ₹2.5 लाख: SC-ST महिलाओं के लिए CM सम्राट का बड़ा ऐलान, जानिए नियम
हिंदू बनी पूजा बोली- ‘वापस धर्म बदलने का दबाव, घर का मंदिर भी तोड़ा’; बागपत में FIR, Police जांच में नया पहलू