‘सिर्फ मेरे बेटे को ही गोली क्यों मारी?’ जमुई कांड के आरोपी नंदन यादव की मां ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
नंदन यादव की मां ने पुलिस कार्रवाई को एकतरफा बताते हुए जाति के आधार पर भेदभाव करने का आरोप लगाया है। हालांकि पुलिस का कहना है कि नंदन गिरफ्तारी की कार्रवाई के दौरान हुई मुठभेड़ में घायल हुआ था।
जमुई में नाबालिग छात्रा से बदसलूकी के मामले में आरोपी नंदन यादव की मां ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने पूछा कि घटना में कई आरोपी थे तो केवल उनके बेटे को गोली क्यों लगी?
नाबालिग छात्रा से बदसलूकी के बाद पुलिस कार्रवाई से सुर्खियों में आए जमुई कांड ने अब नया मोड़ ले लिया है। आरोपी नंदन यादव की मां ने पुलिस पर एकतरफा और जाति आधारित कार्रवाई का आरोप लगाया है। अब निष्पक्ष जांच के साथ इन आरोपों की सच्चाई सामने लाना भी पुलिस की जिम्मेदारी है।
जमुई कांड के आरोपी नंदन यादव की मां ने पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाते हुए पूछा कि कई आरोपियों में केवल उनके बेटे को गोली क्यों लगी।
प्रत्यक्षदर्शी समाचार | बिहार डेस्क | 24 सितंबर 2026
खबर में खास
आरोपी नंदन यादव की मां ने पुलिस पर लगाए आरोप
पूछा—कई आरोपी थे तो सिर्फ मेरे बेटे को गोली क्यों लगी?
पुलिस पर एक ही जाति के लोगों को निशाना बनाने का दावा
पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान नंदन के घायल होने की बात कही
मामले की जांच के लिए गठित की गई है SIT
जमुई। बिहार के जमुई में नाबालिग छात्रा और उसके साथी से बदसलूकी के मामले में पुलिस कार्रवाई के बाद अब नया विवाद खड़ा हो गया है। पुलिस मुठभेड़ में घायल आरोपी नंदन यादव की मां ने पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई और जाति के आधार पर भेदभाव करने का आरोप लगाया है।
नंदन की मां ने सवाल उठाया कि घटना में कई लोग शामिल थे तो केवल उनके बेटे को ही गोली क्यों मारी गई? उनका आरोप है कि पुलिस एक ही जाति से जुड़े आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है, जबकि दूसरे लोगों को बचाया जा रहा है।
Mother Questions Police Action
नंदन यादव की मां ने कहा कि उनके बेटे को जीवित रहना चाहिए और मामले में कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए। उनका कहना है कि यदि नंदन ने अपराध किया है तो उसे अदालत से सजा मिले, लेकिन पुलिस को उसकी जान नहीं लेनी चाहिए।
उन्होंने दावा किया कि घटना में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ समान कार्रवाई नहीं की जा रही है। हालांकि परिवार के इन आरोपों की किसी स्वतंत्र जांच में अभी पुष्टि नहीं हुई है।
What Is The Police Version?
पुलिस के अनुसार, नंदन यादव जमुई की घटना का प्रमुख आरोपी है। उसे पकड़ने के लिए चलाए गए अभियान के दौरान पुलिस और आरोपी के बीच मुठभेड़ हुई थी। इसी कार्रवाई में नंदन के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पुलिस ने बताया था कि नंदन के साथ मौजूद दूसरे आरोपी हरेराम यादव ने भी भागने का प्रयास किया, जिसमें उसके पैर में चोट लगी। मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका और उपलब्ध सबूतों की जांच की जा रही है।
What Happened In Jamui?
मामला 19 सितंबर की शाम का है। आरोप है कि सुनसान इलाके में कुछ युवकों ने एक नाबालिग छात्रा और उसके साथी को रोक लिया। छात्र के साथ मारपीट की गई और छात्रा से बदसलूकी की गई।
आरोपियों ने घटना का वीडियो भी बनाया, जो बाद में सोशल मीडिया पर प्रसारित हो गया। वीडियो सामने आने के बाद पूरे देश में नाराजगी फैली और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठने लगी।
पीड़ित नाबालिगों की पहचान और वायरल वीडियो साझा करना कानूनन गलत है। महिला आयोग ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से वीडियो हटाने और पीड़िता की पहचान सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं।
SIT Is Investigating The Case
मामले की गंभीरता को देखते हुए जमुई के SDPO के नेतृत्व में SIT गठित की गई है। पुलिस कई आरोपियों को हिरासत में लेकर उनकी भूमिका की जांच कर रही है और बाकी आरोपियों की तलाश जारी है।
मामले में POCSO Act और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी मामले का संज्ञान लेते हुए बिहार पुलिस से कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है।
Allegations Need Investigation
आरोपी के परिवार को पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाने का अधिकार है, लेकिन इससे नंदन यादव पर लगे आरोप समाप्त नहीं हो जाते। इसी तरह परिवार द्वारा लगाए गए जातिगत भेदभाव के आरोपों को भी बिना जांच के सच नहीं माना जा सकता।
अब पुलिस को मामले की जांच में उपलब्ध सबूत, गिरफ्तारियों और मुठभेड़ से संबंधित पूरी जानकारी पारदर्शी तरीके से सामने रखनी होगी। इससे पीड़ितों को न्याय मिलने के साथ पुलिस कार्रवाई पर उठ रहे सवालों का भी जवाब मिल सकेगा।
जमुई कांड में पहली प्राथमिकता नाबालिग पीड़ितों को न्याय दिलाना है, लेकिन पुलिस कार्रवाई भी कानून और समानता के दायरे में होनी चाहिए। नंदन यादव की मां के आरोपों के बाद अब SIT की निष्पक्ष जांच ही तय करेगी कि कार्रवाई सबूतों के आधार पर हुई या इसमें किसी स्तर पर भेदभाव किया गया।