Punjab CMO पर भ्रष्टाचार के आरोप: हाईकोर्ट ने CBI को सौंपी जांच, 2 महीने में मांगी रिपोर्ट

ED ने पंजाब DGP को तीन पत्र लिखकर CM के OSD और अन्य लोगों पर ट्रांसफर-पोस्टिंग, सरकारी काम और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में कथित दखल के आरोप लगाए थे

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े लोगों पर लगे कथित भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच CBI को सौंप दी है। मामला ED की ओर से पंजाब DGP को भेजे गए पत्रों से जुड़ा है, जिनमें मुख्यमंत्री भगवंत मान के OSD राजबीर सिंह घुमन और कथित सहयोगियों की भूमिका पर सवाल उठाए गए थे। कोर्ट ने CBI को दो महीने के भीतर जांच रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है।

Punjab CMO से जुड़े आरोपों पर अब CBI जांच

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पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब CMO से जुड़े लोगों पर लगे कथित भ्रष्टाचार के आरोपों की CBI जांच का आदेश दिया है।

प्रत्यक्षदर्शी समाचार | पंजाब डेस्क | 5 अक्टूबर 2026

खबर में खास

  • पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने CBI जांच के आदेश दिए
  • जांच CMO से जुड़े लोगों पर लगे आरोपों को लेकर होगी
  • CM भगवंत मान के OSD राजबीर सिंह घुमन का नाम ED के पत्र में
  • ED ने पंजाब DGP को तीन पत्र भेजे थे
  • आरोपों में ट्रांसफर-पोस्टिंग और सरकारी प्रक्रियाओं में कथित दखल का जिक्र
  • CBI को दो महीने में रिपोर्ट दाखिल करनी होगी
  • पंजाब सरकार और पुलिस को जांच में CBI की मदद करने को कहा गया 

पंजाब CMO से जुड़े मामले में हाईकोर्ट का बड़ा आदेश

चंडीगढ़: पंजाब मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े लोगों पर लगे कथित भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच अब केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI करेगी। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने 5 अक्टूबर को मामले की जांच CBI को सौंपते हुए एजेंसी से दो महीने के भीतर जांच रिपोर्ट पेश करने को कहा है। Bar and Bench - Indian Legal news
चीफ जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा और जस्टिस रोहित कपूर की पीठ ने यह आदेश अधिवक्ता निखिल सराफ की जनहित याचिका पर दिया। कोर्ट ने पंजाब सरकार और पंजाब पुलिस से भी CBI को निष्पक्ष जांच के लिए आवश्यक सहयोग देने को कहा है। 

पूरा मामला क्या है?

यह मामला प्रवर्तन निदेशालय यानी ED की ओर से पंजाब के DGP को भेजे गए पत्रों से जुड़ा है।
के मुताबिक ED ने पंजाब DGP को तीन पत्र भेजकर मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े कुछ लोगों के खिलाफ कथित भ्रष्टाचार के आरोपों पर कार्रवाई की मांग की थी। इन आरोपों में ट्रांसफर-पोस्टिंग, CLU और अन्य सरकारी कामों में कथित गड़बड़ियों का जिक्र किया गया था। AajTak
के अनुसार ED की communication में सरकारी अधिकारियों की posting, सरकारी काम, tender processes, confidential documents तक कथित पहुंच और प्रशासनिक approvals को प्रभावित करने जैसे आरोपों का उल्लेख था। 

OSD राजबीर सिंह घुमन का नाम क्यों आया?

ED की ओर से भेजे गए पत्र में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के Officer on Special Duty यानी OSD राजबीर सिंह घुमन का नाम भी सामने आया था।
Bar & Bench की रिपोर्ट के अनुसार ED ने आरोप लगाया कि नितिन गोहल नाम का एक व्यक्ति सरकारी फायदे चाहने वाले लोगों और OSD राजबीर सिंह घुमन के बीच कथित intermediary की भूमिका निभाता था। ये अभी जांच के अधीन आरोप हैं और अदालत ने इनकी सत्यता पर अंतिम फैसला नहीं दिया है।

पुलिस की कार्रवाई पर सवाल के बाद कोर्ट पहुंचा मामला

ED के पत्रों के बाद पंजाब पुलिस की ओर से अपेक्षित कार्रवाई न होने का आरोप लगाते हुए अधिवक्ता निखिल सराफ हाईकोर्ट पहुंचे।
याचिका में मांग की गई कि मामला पंजाब सरकार से स्वतंत्र जांच एजेंसी को दिया जाए, क्योंकि आरोप मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े लोगों और राज्य सरकार की कार्यप्रणाली से संबंधित हैं।

CBI को क्या करना होगा?

हाईकोर्ट ने CBI को आरोपों की जांच करने और दो महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट अदालत में दाखिल करने का निर्देश दिया है।
Bar & Bench के अनुसार अदालत ने CBI को criminal case दर्ज कर जांच करने का निर्देश दिया और पंजाब सरकार तथा पुलिस को एजेंसी की सहायता करने को कहा।
यानी अब आरोपों, संभावित financial transactions और संबंधित लोगों की भूमिका की जांच केंद्रीय एजेंसी के हाथ में रहेगी।

क्या भगवंत मान पर भी केस है?

यहां सबसे महत्वपूर्ण बात समझना जरूरी है।
मौजूदा हाईकोर्ट आदेश भगवंत मान को भ्रष्टाचार का दोषी घोषित नहीं करता। रिपोर्टों के अनुसार जांच का केंद्र मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े लोगों और ED द्वारा लगाए गए आरोप हैं।
इसलिए खबर में “भगवंत मान पर भ्रष्टाचार साबित” या “CM भगवंत मान के खिलाफ CBI केस” 

भगवंत मान ने आरोपों पर क्या कहा था?

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पिछले महीने ED की ओर से उठाए गए आरोपों को खारिज किया था।
Indian Express के मुताबिक मान ने इसे BJP से जुड़ी कार्रवाई बताते हुए कहा था कि आरोपों में सच्चाई नहीं है और उन्होंने केंद्र पर जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया था। यह मुख्यमंत्री का राजनीतिक पक्ष है; हाईकोर्ट ने अब आरोपों की स्वतंत्र जांच CBI को सौंप दी है। 
AAP भी पहले आरोप लगाती रही है कि केंद्र सरकार ED का इस्तेमाल पंजाब सरकार को बदनाम करने के लिए कर रही है। 

आगे क्या होगा?

अब CBI को हाईकोर्ट के निर्देश के अनुसार मामले की जांच आगे बढ़ानी होगी।

जांच में ED की ओर से भेजी गई सामग्री, कथित financial transactions, अधिकारियों की postings, administrative approvals और संबंधित लोगों की भूमिका की पड़ताल हो सकती है। अदालत ने जांच रिपोर्ट के लिए दो महीने की समयसीमा तय की है। 
यह रिपोर्ट आने के बाद ही साफ होगा कि आरोपों के समर्थन में कितने सबूत मिले और आगे किसी व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की आवश्यकता बनती है या नहीं।
पंजाब CMO से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के आरोप अब राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से आगे बढ़कर CBI जांच के दायरे में आ गए हैं। हाईकोर्ट ने एजेंसी को दो महीने में रिपोर्ट देने को कहा है। फिलहाल किसी व्यक्ति की दोषसिद्धि नहीं हुई है, इसलिए इस मामले में अगला महत्वपूर्ण पड़ाव CBI की जांच और अदालत के सामने आने वाली रिपोर्ट होगी।

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