UP Election 2027 से पहले लखनऊ पहुंचे CEC ज्ञानेश कुमार, 500 BLO से करेंगे सीधा संवाद; बोले- ‘लखनऊ मेरी तपोभूमि’

मुख्य निर्वाचन आयुक्त के नेतृत्व में चुनाव आयोग का प्रतिनिधिमंडल दो दिन यूपी में; पहले दिन छात्रों और निर्वाचन अधिकारियों से संवाद, 25 अगस्त को करीब 500 बूथ लेवल अधिकारियों से होगी सीधी बातचीत

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का लखनऊ दौरा, युवाओं और BLO से करेंगे संवाद

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार दो दिवसीय दौरे पर लखनऊ पहुंचे हैं। आयोग का फोकस युवा मतदाताओं को चुनावी प्रक्रिया से जोड़ने, निर्वाचन साक्षरता बढ़ाने और करीब 500 BLO से जमीनी फीडबैक लेने पर है।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले चुनावी प्रक्रिया को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की गतिविधियां तेज होती दिखाई दे रही हैं। भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार चुनाव आयोग के प्रतिनिधिमंडल के साथ सोमवार को दो दिवसीय दौरे पर लखनऊ पहुंचे। इस दौरान उनका खास फोकस युवा और भावी मतदाताओं को निर्वाचन प्रक्रिया से जोड़ने, चुनावी साक्षरता बढ़ाने और बूथ स्तर पर काम करने वाले अधिकारियों से सीधा फीडबैक लेने पर रहेगा।

लखनऊ पहुंचने पर ज्ञानेश कुमार ने शहर से अपने पुराने संबंध को भी याद किया। उन्होंने कहा कि लखनऊ उनकी ‘तपोभूमि’ रहा है और उनकी शिक्षा भी यहीं हुई। उन्होंने बताया कि आयोग उत्तर प्रदेश के मतदाताओं को निर्वाचन प्रक्रिया के बारे में संदेश देने और बूथ लेवल अधिकारियों से संवाद करने के उद्देश्य से आया है। उन्होंने BLO को लोकतांत्रिक व्यवस्था की आधारशिला बताया।

युवाओं से सीधा संवाद, चुनाव की पूरी प्रक्रिया समझाएगा आयोग

CEC Gyanesh Kumar Lucknow Visit 2026
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार दो दिवसीय दौरे पर लखनऊ पहुंचे हैं। इस दौरान वह विद्यार्थियों, निर्वाचन अधिकारियों और करीब 500 BLO से संवाद करेंगे।

24 अगस्त को मुख्य निर्वाचन आयुक्त का कार्यक्रम लखनऊ के कॉल्विन तालुकदार कॉलेज में रखा गया है, जहां वह विद्यार्थियों से सीधे बातचीत करेंगे। ज्ञानेश कुमार की शुरुआती शिक्षा भी इसी संस्थान में हुई थी। इसके बाद वह इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में ELC 2.0 और ECINET से जुड़े क्षेत्रीय सम्मेलन में हिस्सा लेंगे।

इस सम्मेलन में युवा मतदाताओं को सिर्फ वोट डालने की अपील करने तक बात सीमित नहीं रहेगी। उन्हें मतदाता पंजीकरण, मतदान और मतगणना की प्रक्रिया को व्यावहारिक तरीके से समझाने की योजना है। चुनावी साक्षरता क्लब यानी ELC के नए डिजिटल स्वरूप के जरिए स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालयों में निर्वाचन प्रक्रिया को लेकर जागरूकता बढ़ाने पर भी जोर रहेगा।

20 जिले, 120 विधानसभा क्षेत्र और करीब 1500 प्रतिभागी

लखनऊ में होने वाला यह क्षेत्रीय सम्मेलन बड़े स्तर पर आयोजित किया जा रहा है। इसमें 20 जिलों के निर्वाचन और शिक्षा से जुड़े अधिकारी हिस्सा लेंगे। इन जिलों के 120 विधानसभा क्षेत्रों में स्थित 440 शैक्षणिक संस्थानों से करीब 1,500 विद्यार्थी, शिक्षक, प्राचार्य और संस्थान प्रमुख भी कार्यक्रम से जुड़ेंगे।

निर्वाचन आयोग की योजना उत्तर प्रदेश में ऐसे क्षेत्रीय कार्यक्रम तीन चरणों में आयोजित करने की है। इनमें लखनऊ, मेरठ और वाराणसी को शामिल किया गया है।

25 अगस्त को 500 BLO से होगी सीधी बातचीत

ज्ञानेश कुमार के दौरे का दूसरा दिन भी महत्वपूर्ण है। 25 अगस्त को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में लखनऊ और आसपास के जिलों में तैनात करीब 500 बूथ लेवल अधिकारियों यानी BLO के साथ उनका सीधा संवाद होगा।

BLO चुनाव व्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण जमीनी कड़ियों में शामिल होते हैं। मतदाता सूची को अपडेट रखने, पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने, स्थानांतरित या मृत मतदाताओं से संबंधित प्रविष्टियों के सत्यापन और घर-घर संपर्क जैसे कार्यों में उनकी भूमिका रहती है। आयोग इस बैठक के जरिए उनके अनुभव, समस्याएं और सुझाव सीधे जानना चाहता है।

UP Election 2027 से पहले दौरा क्यों अहम?

उत्तर प्रदेश में अगला विधानसभा चुनाव 2027 में होना है। ऐसे में चुनाव आयोग के शीर्ष स्तर के प्रतिनिधिमंडल का यह दौरा राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

हालांकि आयोग ने इस दौरे को समय से पहले चुनाव कराने की घोषणा या किसी चुनाव तारीख से नहीं जोड़ा है। आधिकारिक कार्यक्रम का फोकस निर्वाचन साक्षरता, युवा मतदाता, चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और BLO से संवाद पर है।

कुछ मीडिया रिपोर्टों में जनगणना और चुनावी कार्यक्रमों के संभावित टकराव के कारण उत्तर प्रदेश में चुनाव समय से पहले होने की अटकलों का जिक्र जरूर किया गया है, लेकिन फिलहाल निर्वाचन आयोग की ओर से ऐसी कोई औपचारिक घोषणा सामने नहीं आई है। इसलिए इसे संभावना या राजनीतिक चर्चा से अधिक नहीं माना जाना चाहिए।

ज्ञानेश कुमार का लखनऊ से पुराना रिश्ता

इस दौरे का एक व्यक्तिगत पहलू भी है। प्रकाशित जानकारी के अनुसार ज्ञानेश कुमार ने 1979 में हाईस्कूल और 1981 में इंटरमीडिएट की यूपी बोर्ड परीक्षा में प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया था। यही कारण है कि छात्र जीवन वाले शहर में मुख्य निर्वाचन आयुक्त के रूप में लौटने को उन्होंने अपने लिए विशेष बताया।

अब इस दो दिवसीय दौरे में सबसे ज्यादा नजर 25 अगस्त को होने वाले BLO संवाद पर रहेगी। इससे पता चलेगा कि मतदाता सूची, बूथ स्तर की चुनौतियों और चुनावी प्रक्रिया को लेकर आयोग जमीनी अधिकारियों को क्या दिशा-निर्देश देता है।

About The Author

Advertisement

LatestNews

‘56 इंच वाले सवालों से डर गए?’ Sergio Gor के दावे पर कांग्रेस का तंज, सरकार बोली- यह सामान्य VVIP प्रक्रिया
मोदी-ट्रंप मुलाकात में भारत ने कहा था ‘सवाल नहीं’? सर्जियो गोर के दावे पर सरकार बोली- यह सामान्य VVIP प्रक्रिया
राहुल गांधी पर CM योगी का तंज, बोले- ‘यह आपके नाना-परनाना या दादी ने नहीं दी है’
आरक्षण पर NDA में बढ़ा दबाव: संजय निषाद बोले- ‘750 साल मुगलों, 350 साल अंग्रेजों से लड़ने वालों को हक मिलना चाहिए’
मंत्रियों के बंगलों पर 12 साल में ₹547.68 करोड़ खर्च: 2025-26 में रिकॉर्ड ₹92 करोड़, CJP बोली- ‘स्कूल ठीक करो’
Mahua Moitra Circuit House Row: ‘कमरा मिला, फिर रात में बाहर क्यों?’ सुप्रीम कोर्ट पहुंचीं TMC सांसद, तत्काल सुनवाई से इनकार
Ayodhya Fish Feast Row: योगी के आरोप पर अजय राय की चुनौती- ‘मछली खाते फोटो दिखाओ, पद छोड़ दूंगा’