मणिपुर में फिर भड़की हिंसा, 3 लोगों की हत्या के बाद 48 घंटे बंद; INDIA गठबंधन ने CM से की बड़ी मांग

मणिपुर में तीन नागरिकों की हत्या के बाद विरोध प्रदर्शन और बंद से जनजीवन प्रभावित हुआ है। कांग्रेस सहित INDIA गठबंधन के नेताओं ने मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह से मुलाकात कर सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की।

मणिपुर में नए सिरे से हुई हिंसा के बाद तनाव बढ़ गया है। तीन मैतेई नागरिकों की हत्या के विरोध में 48 घंटे का बंद बुलाया गया है। INDIA गठबंधन के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से मिलकर कानून-व्यवस्था और नागरिकों की सुरक्षा पर तत्काल कदम उठाने की मांग की।

मणिपुर में फिर भड़की हिंसा, 3 लोगों की हत्या के बाद 48 घंटे बंद; INDIA गठबंधन ने CM से की बड़ी मांग

manipur-violence-india-bloc-cm-meeting-20-october-2026.jpg (2)
मणिपुर में तीन नागरिकों की हत्या के बाद विरोध प्रदर्शन और 48 घंटे के बंद के बीच INDIA गठबंधन ने मुख्यमंत्री से सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की।
प्रत्यक्षदर्शी समाचार | इंफाल | 20 अक्टूबर 2026
मणिपुर में लंबे समय से जारी जातीय तनाव के बीच हिंसा की नई घटनाओं से एक बार फिर हालात चिंताजनक हो गए हैं। सोमवार को इंफाल पूर्व जिले में लकड़ियां इकट्ठा करने गए तीन मैतेई नागरिकों की गोली मारकर हत्या कर दी गई। हमले में तीन अन्य लोग घायल हुए। घटना के विरोध में मंगलवार को 48 घंटे का बंद शुरू हुआ, जिससे कई इलाकों में सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ।
इसी बीच कांग्रेस सहित INDIA गठबंधन के नेताओं ने मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह से मुलाकात कर राज्य में शांति बहाल करने के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की।

खबर में खास

  • इंफाल पूर्व में तीन नागरिकों की गोली मारकर हत्या।
  • विरोध में 48 घंटे के बंद से कई इलाकों में आवाजाही प्रभावित।

  • प्रदर्शनकारी दो मृतकों के शव लेकर मुख्यमंत्री आवास पहुंचे।

  • INDIA गठबंधन ने मुख्यमंत्री से सर्वदलीय बैठक की मांग की।

  • मुख्यमंत्री ने विपक्ष के सुझावों पर विचार करने का आश्वासन दिया।

लकड़ियां लेने गए लोगों पर कैसे हुआ हमला?

सोमवार सुबह मैतेई समुदाय के कुछ लोग इंफाल पूर्व और कांगपोकपी जिलों की सीमा के पास जंगल में लकड़ियां इकट्ठा करने गए थे।
रिपोर्टों के मुताबिक, इसी दौरान अज्ञात हथियारबंद हमलावरों ने उन पर गोलीबारी कर दी। तीन लोगों की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हुए।
घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया। हमलावरों की पहचान और किसी सशस्त्र संगठन की जिम्मेदारी की अंतिम आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।
मुख्यमंत्री आवास के बाहर क्यों हुआ प्रदर्शन?
हत्या के विरोध में नाराज ग्रामीण और पीड़ित परिवारों के सदस्य दो मृतकों के शव लेकर मुख्यमंत्री आवास के बाहर पहुंचे।
प्रदर्शनकारी हमलावरों की गिरफ्तारी और नागरिकों की सुरक्षा के लिए ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे थे।
भीड़ को हटाने के दौरान सुरक्षा बलों ने आंसू गैस का इस्तेमाल किया। पुलिस ने कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया, जिन्हें बाद में रिहा कर दिया गया।
48 घंटे के बंद से जनजीवन प्रभावित
मंगलवार को मणिपुर के कई हिस्सों में बंद का असर दिखाई दिया। सड़कों पर वाहनों की आवाजाही कम रही और कई इलाकों में बाजार तथा दुकानें बंद रहीं।
बंद बुलाने वाले संगठनों ने हमलावरों के खिलाफ कार्रवाई, संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
इन संगठनों ने कुछ सशस्त्र समूहों की गतिविधियों पर भी सवाल उठाए हैं। हालांकि, लगाए गए आरोपों को जांच के बिना प्रमाणित तथ्य नहीं माना जा सकता।
INDIA गठबंधन ने मुख्यमंत्री से क्या कहा?
मंगलवार को मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री ओकराम इबोबी सिंह के नेतृत्व में INDIA गठबंधन का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री खेमचंद सिंह से मिला।
इसमें कांग्रेस विधायक दल के नेता के. मेघचंद्र सिंह, लोकसभा सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजाम और अन्य विपक्षी नेता शामिल थे।
विपक्षी नेताओं ने कहा कि लगातार हो रही हिंसा को रोकने के लिए सभी राजनीतिक दलों को मिलकर समाधान तलाशना चाहिए।
उन्होंने मुख्यमंत्री से तत्काल सर्वदलीय बैठक बुलाने और आवश्यकता पड़ने पर प्रधानमंत्री तथा केंद्रीय गृह मंत्री के साथ भी चर्चा करने का सुझाव दिया।
मुख्यमंत्री ने क्या जवाब दिया?
मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने विपक्षी प्रतिनिधिमंडल की बात सुनने के बाद उनकी मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया।
उन्होंने शांति बहाल करने और राज्य में सामान्य स्थिति लौटाने के लिए सामूहिक प्रयास की आवश्यकता पर भी चर्चा की।
हालांकि, सर्वदलीय बैठक की किसी निश्चित तारीख की घोषणा अभी नहीं हुई है।
मणिपुर में अब आगे क्या होगा?
राज्य में हिंसा की नई घटनाओं ने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर फिर चिंता बढ़ाई है। मंगलवार को कांगपोकपी जिले में एक अन्य व्यक्ति की हत्या और उखरूल में कुछ घरों में आग लगाए जाने की भी रिपोर्ट सामने आई है। इन घटनाओं की जिम्मेदारी अभी जांच का विषय है।
अब सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि प्रशासन हमलावरों की पहचान, प्रभावित इलाकों की सुरक्षा और विरोध प्रदर्शन के बीच सामान्य जनजीवन बहाल करने के लिए क्या कदम उठाता है।
फिलहाल मुख्यमंत्री ने विपक्ष के सुझावों पर विचार करने की बात कही है, लेकिन हिंसा रोकने के लिए किसी नए सर्वदलीय समझौते की घोषणा नहीं हुई है।

About The Author

Advertisement

LatestNews

UP Election 2027: BJP के टिकट पर चुनाव लड़ने की इच्छा, हत्या मामले में दोषी पूर्व नेता को हाईकोर्ट से राहत
मणिपुर में फिर भड़की हिंसा, 3 लोगों की हत्या के बाद 48 घंटे बंद; INDIA गठबंधन ने CM से की बड़ी मांग
दशहरे पर बुलेटप्रूफ रथ में निकले CM योगी, गोरखपुर में भव्य शोभायात्रा; जानिए क्या है खास परंपरा
TMC छोड़ने के बाद यूसुफ पठान को गुजरात सरकार से जमीन का तोहफा? ₹20 करोड़ के प्लॉट पर उठे सवाल
UP Election 2027: राजा भैया से BJP प्रदेश अध्यक्ष की मुलाकात, सपा का तंज; क्या बनेगा नया गठजोड़?
रातभर धरने पर रहे गहलोत-डोटासरा, रितु बराला केस में FIR क्यों नहीं? पुलिस ने बताई वजह
कोलकाता भगदड़ में 19 मौतें, जांच में सुरक्षा की बड़ी चूक के संकेत; BJP सरकार पर कांग्रेस का हमला