नंदीग्राम में बड़ा मोड़: शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात के बाद ममता गुट की उम्मीदवार संचिता प्रधान ने नामांकन लिया वापस

नंदीग्राम उपचुनाव में ममता बनर्जी गुट की उम्मीदवार संचिता प्रधान (डे) ने अपना नामांकन वापस ले लिया है। इससे पहले उन्होंने पति सत्यजीत के साथ CM शुभेंदु अधिकारी से नबन्ना में मुलाकात की थी। नाम वापस लेने की वजह अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।

पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम उपचुनाव में नया राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट की उम्मीदवार संचिता प्रधान (डे) ने शुक्रवार को अपना नामांकन वापस ले लिया। इससे पहले उन्होंने अपने पति सत्यजीत के साथ नबन्ना में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात की थी। संचिता के हटने से ममता बनर्जी के नेतृत्व वाला गुट फिलहाल नंदीग्राम में उम्मीदवार के बिना रह गया है। यह घटनाक्रम उसी दिन सामने आया जब चुनाव आयोग ने ममता गुट को नया नाम Mamata All India Trinamool Congress और Football Player चुनाव चिह्न आवंटित किया।

प्रत्यक्षदर्शी समाचार | कोलकाता | 18 सितंबर 2026

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ममता बनर्जी गुट की नंदीग्राम उम्मीदवार संचिता प्रधान ने शुक्रवार को अपना नामांकन वापस ले लिया।

खबर में खास

  • संचिता प्रधान ने नंदीग्राम से नामांकन लिया वापस
  • इससे पहले CM शुभेंदु अधिकारी से की थी मुलाकात
  • नाम वापस लेने की वजह अभी सार्वजनिक नहीं
  • 6 अक्टूबर को होना है नंदीग्राम में मतदान
पश्चिम बंगाल की राजनीति में शुक्रवार को तेजी से बदलते घटनाक्रम के बीच नंदीग्राम उपचुनाव में नया मोड़ आ गया है।
ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले TMC गुट की उम्मीदवार संचिता प्रधान (डे) ने नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव से अपना नामांकन वापस ले लिया है। नामांकन वापसी की आखिरी तारीख 19 सितंबर है।

शुभेंदु अधिकारी से मिली थीं संचिता प्रधान

नामांकन वापस लेने से पहले संचिता प्रधान अपने पति सत्यजीत के साथ नबन्ना पहुंची थीं, जहां उन्होंने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात की।
स्थानीय मीडिया में मुलाकात की तस्वीरें सामने आने के बाद राजनीतिक चर्चाएं शुरू हो गई थीं।
मुलाकात के बाद संचिता प्रधान ने अपना नामांकन वापस ले लिया।
हालांकि यहां एक बात महत्वपूर्ण है—संचिता ने अभी सार्वजनिक रूप से यह नहीं बताया है कि उन्होंने चुनाव से हटने का फैसला क्यों किया। इसलिए शुभेंदु अधिकारी से उनकी मुलाकात और नामांकन वापसी के बीच कारणात्मक संबंध स्थापित नहीं किया जा सकता।

शुभेंदु से मिलने क्यों गई थीं?

मुलाकात के समय संचिता प्रधान ने कहा था कि वह चुनाव से पहले मुख्यमंत्री का आशीर्वाद लेने आई थीं।
उस समय तक उन्होंने नामांकन वापस लेने की घोषणा नहीं की थी।
लेकिन इसके कुछ समय बाद उनके चुनाव मैदान से हटने की खबर सामने आ गई।

5 दिन पहले ममता गुट ने बनाया था उम्मीदवार

ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट ने 13 सितंबर को संचिता प्रधान (डे) को नंदीग्राम से अपना उम्मीदवार घोषित किया था।
संचिता को नया चेहरा बताया गया था और वह पेशे से शिक्षिका हैं। वहीं रेजीनगर सीट से पूर्व विधायक रबीउल आलम चौधरी को उम्मीदवार बनाया गया था।

उसी दिन मिला था ‘Football Player’ सिंबल

यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब चुनाव आयोग ने शुक्रवार को ही TMC के दोनों प्रतिद्वंद्वी गुटों को उपचुनाव के लिए अलग-अलग नाम और चुनाव चिह्न आवंटित किए।
ममता बनर्जी वाले गुट को Mamata All India Trinamool Congress नाम और Football Player चुनाव चिह्न दिया गया।
आयोग की व्यवस्था के तहत संचिता प्रधान इसी नए नाम और चुनाव चिह्न पर नंदीग्राम से उम्मीदवार मानी जानी थीं।
लेकिन कुछ ही घंटों बाद उन्होंने नामांकन वापस ले लिया।

अब नंदीग्राम में क्या होगा?

संचिता प्रधान की नामांकन वापसी के बाद ममता बनर्जी के नेतृत्व वाला गुट फिलहाल नंदीग्राम में उम्मीदवार के बिना रह गया है।
चुनाव कार्यक्रम के मुताबिक उम्मीदवारों के नाम वापस लेने की अंतिम तारीख 19 सितंबर है।
नंदीग्राम में मतदान 6 अक्टूबर को होगा और मतगणना 9 अक्टूबर को होगी।

नंदीग्राम में क्यों हो रहा उपचुनाव?

2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीटों पर जीत दर्ज की थी।
बाद में उन्होंने भवानीपुर सीट अपने पास रखी और नंदीग्राम छोड़ दी। इसी वजह से नंदीग्राम में उपचुनाव कराया जा रहा है।
संचिता प्रधान की अचानक नामांकन वापसी ने मतदान से पहले यहां राजनीतिक समीकरण को फिर बदल दिया है। इसका वास्तविक चु

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