पंजाब की LPU में आधी रात बवाल: दुष्कर्म के दावे पर भड़के छात्र, आगजनी-पथराव के बाद FIR और SIT जांच
छात्रों ने यूनिवर्सिटी परिसर में तोड़फोड़ के बाद जालंधर-फगवाड़ा हाईवे जाम किया। पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर सात सदस्यीय SIT बनाई है।
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पंजाब की लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में एक छात्रा से कथित दुष्कर्म और उसकी मौत से जुड़े दावों के बाद छात्रों का प्रदर्शन हिंसक हो गया। कैंपस में तोड़फोड़ और आगजनी के साथ पुलिस वाहनों को भी निशाना बनाया गया। पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच के लिए SIT गठित की है।
दुष्कर्म के दावे से सुलगा LPU कैंपस, छात्रों का प्रदर्शन हिंसक
प्रत्यक्षदर्शी समाचार | राष्ट्रीय डेस्क | 28 सितंबर 2026
खबर में खास
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दुष्कर्म और छात्रा की मौत से जुड़े दावों पर भड़के छात्र
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यूनिवर्सिटी परिसर में तोड़फोड़ और आगजनी
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प्रदर्शनकारियों ने जालंधर-फगवाड़ा हाईवे किया जाम
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अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ दुष्कर्म की FIR दर्ज
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जांच के लिए सात सदस्यीय SIT का गठन
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दस दिनों के लिए नियमित कक्षाएं स्थगित
पंजाब के फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी यानी LPU में छात्रा से कथित दुष्कर्म और उसकी मौत से जुड़े दावों के बाद भारी बवाल हो गया। सोशल मीडिया पर खबर फैलते ही बड़ी संख्या में छात्र कैंपस में जमा हुए और न्याय की मांग करते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया।
शांत प्रदर्शन ने अचानक लिया हिंसक रूप
छात्रों का प्रदर्शन कुछ ही समय में हिंसक हो गया। परिसर में तोड़फोड़ और आगजनी की गई, जबकि पुलिस के वाहनों को भी नुकसान पहुंचाए जाने की खबर है। प्रदर्शनकारी यूनिवर्सिटी से बाहर निकलकर जालंधर-फगवाड़ा नेशनल हाईवे पर पहुंच गए और यातायात बाधित कर दिया।
पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव तथा पथराव की घटनाएं भी सामने आईं। हालात नियंत्रित करने के लिए परिसर और उसके आसपास बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए।
दुष्कर्म के आरोप में FIR, SIT करेगी जांच
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, छात्रों की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज किया है। पूरे मामले की जांच के लिए सात सदस्यीय विशेष जांच दल यानी SIT का गठन किया गया है।
पुलिस दुष्कर्म के आरोप, छात्रा की कथित मौत और सोशल मीडिया पर फैलाए गए संदेशों की अलग-अलग जांच कर रही है। शुरुआती दौर में पुलिस और यूनिवर्सिटी प्रशासन ने कई वायरल दावों को अपुष्ट बताया था। इसलिए जांच पूरी होने से पहले किसी भी दावे को अंतिम सच नहीं माना जा सकता।
दस दिनों के लिए नियमित कक्षाएं स्थगित
कैंपस में हिंसा और तनाव को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने 28 सितंबर से दस दिनों के लिए नियमित कक्षाएं स्थगित कर दी हैं। मध्यावधि परीक्षाएं भी अगले आदेश तक टाल दी गई हैं। कई छात्र कैंपस से अपने घर लौटने लगे हैं।
आरोप सच हैं या सोशल मीडिया से फैली अफवाह—इसका फैसला निष्पक्ष जांच से ही होगा। लेकिन एक गंभीर शिकायत के बाद कैंपस में आगजनी, पथराव और हाईवे जाम होना सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े करता है। अब सबकी नजर SIT की जांच और पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी है।
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