चेहरे पर कपड़ा, हाथ में मिर्च पाउडर… SBI से ₹4.53 लाख लेकर भागा लुटेरा; पुलिस ने 30 मिनट में दबोचा
नागपुर के भांडे प्लॉट इलाके में आरोपी ने SBI कर्मचारियों की आंखों में मिर्च पाउडर फेंककर ₹4.53 लाख लूट लिए। सूचना मिलते ही सक्रिय हुई सक्करदरा पुलिस ने आरोपी सूरज बोरकर को करीब 30 मिनट में नकदी के साथ गिरफ्तार कर लिया। वारदात CCTV में कैद हुई है।
नागपुर की SBI शाखा में कुर्ता पहनकर और चेहरे को सफेद कपड़े से ढककर पहुंचे युवक ने कर्मचारियों पर मिर्च पाउडर फेंका और 4.53 लाख रुपये लेकर भाग गया। पुलिस की तेज घेराबंदी ने उसकी पूरी योजना केवल 30 मिनट में नाकाम कर दी।
नागपुर। महाराष्ट्र के नागपुर में भारतीय स्टेट बैंक की एक शाखा में फिल्मी अंदाज में लूट की घटना सामने आई है। कुर्ता पहने और चेहरे को सफेद कपड़े से ढके एक युवक ने बैंक कर्मचारियों की आंखों में लाल मिर्च पाउडर फेंक दिया। इसके बाद उसने कैश काउंटर से लगभग 4 लाख 53 हजार रुपये उठाए और हरे रंग के बैग में भरकर फरार हो गया।
लेकिन आरोपी ज्यादा दूर नहीं जा सका। बैंक से सूचना मिलने के बाद सक्करदरा पुलिस ने तुरंत इलाके में घेराबंदी शुरू की और लगभग 30 मिनट के भीतर आरोपी सूरज बोरकर को पकड़ लिया। पुलिस ने उसके पास से लूटी गई रकम भी बरामद कर ली।
बैंक के भीतर हुई पूरी वारदात वहां लगे CCTV कैमरों में कैद हो गई। इसका वीडियो सामने आने के बाद बैंक की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
कपड़ों से छिपाई पहचान, फिर बैंक में घुसा आरोपी
घटना नागपुर के सक्करदरा थाना क्षेत्र के भांडे प्लॉट इलाके में स्थित SBI की शाखा की बताई जा रही है। आरोपी पूरी तैयारी के साथ बैंक में दाखिल हुआ था।
उसने कुर्ता पहन रखा था और अपनी पहचान छिपाने के लिए चेहरे को सफेद कपड़े से ढक रखा था। आरोपी अपने साथ लाल मिर्च पाउडर और नकदी रखने के लिए एक बैग भी लेकर आया था।
CCTV फुटेज में आरोपी बैंक के अंदर घूमता और कर्मचारियों की गतिविधियों पर नजर रखता दिखाई देता है। मौका मिलते ही वह अचानक कर्मचारियों के पास पहुंचा और उनके चेहरे तथा आंखों की तरफ मिर्च पाउडर फेंक दिया।
मिर्च पड़ते ही बैंक में मची अफरातफरी
आंखों में मिर्च पाउडर पड़ने के कारण बैंक कर्मचारी कुछ समय के लिए कुछ देख नहीं पाए। कर्मचारियों को आंखों में तेज जलन होने लगी और बैंक के भीतर अफरातफरी मच गई।
इसी स्थिति का फायदा उठाकर आरोपी कैश काउंटर तक पहुंचा। उसने वहां रखे करीब 4.53 लाख रुपये उठाकर अपने बैग में भरे और बैंक से बाहर निकल गया।
दैनिक जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक, वारदात के बाद बैंक कर्मचारियों ने पुलिस को घटना की सूचना दी। जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस की टीम सक्रिय हो गई।
पुलिस ने चारों तरफ कर दी घेराबंदी
बैंक में लूट की खबर मिलते ही सक्करदरा पुलिस ने आसपास के क्षेत्रों में नाकाबंदी कर दी। पुलिस ने आरोपी के कपड़ों, भागने की दिशा और हुलिये की जानकारी सभी गश्ती टीमों तक पहुंचाई।
बैंक और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगाली गई। आरोपी ने चेहरा ढककर अपनी पहचान छिपाने की कोशिश की थी, लेकिन कपड़ों और अन्य संकेतों की मदद से पुलिस ने उसकी तलाश शुरू कर दी।
तेज कार्रवाई का परिणाम यह रहा कि पुलिस ने वारदात के करीब 30 मिनट बाद संदिग्ध को पकड़ लिया।
आरोपी की पहचान सूरज बोरकर के रूप में
पकड़े गए आरोपी की पहचान सूरज बोरकर के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर तलाशी ली तो उसके पास से बैंक से लूटी गई नकदी बरामद होने की जानकारी सामने आई।
इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी से पूछताछ की जा रही है कि उसने अकेले वारदात की योजना बनाई थी या इसके पीछे कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था।
पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी ने बैंक की पहले से रेकी की थी या अचानक मौका देखकर लूट की योजना बनाई। जांच पूरी होने के बाद ही इन सवालों के स्पष्ट जवाब मिलेंगे।
CCTV में कैद हुई पूरी वारदात
बैंक के CCTV फुटेज में आरोपी कुर्ता पहने और चेहरे पर सफेद कपड़ा बांधे दिखाई दे रहा है। वह कर्मचारियों पर मिर्च पाउडर फेंककर नकदी लेकर भागता नजर आता है।
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी ने अपनी पहचान छिपाने के लिए चेहरा ढका हुआ था और बैंक से लगभग 4.53 लाख रुपये लेकर फरार हुआ था।
CCTV फुटेज को पुलिस ने जांच का हिस्सा बनाया है। यह पता लगाने के लिए बैंक के बाहर और आरोपी के भागने वाले रास्ते पर लगे अन्य कैमरों की रिकॉर्डिंग भी देखी जा रही है।
क्या आरोपी के पास कोई हथियार था?
अभी तक सामने आई जानकारी में आरोपी द्वारा कर्मचारियों पर मिर्च पाउडर फेंके जाने की पुष्टि हुई है। उसके पास किसी बंदूक अथवा घातक हथियार की मौजूदगी के संबंध में पुलिस की विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
इसलिए घटना को हथियारबंद डकैती बताने के बजाय मिर्च पाउडर से हमला कर की गई लूट कहना अधिक सही होगा। पुलिस आरोपी से पूछताछ के बाद उसके पास से बरामद सभी सामान की जानकारी जारी कर सकती है।
कर्मचारियों की हालत कैसी है?
मिर्च पाउडर के कारण बैंक कर्मचारियों को आंखों में जलन और कुछ समय के लिए देखने में परेशानी हुई। हालांकि, घटना में किसी कर्मचारी को गंभीर चोट लगने की सूचना नहीं है।
कर्मचारियों को प्राथमिक सहायता दी गई। पुलिस ने बैंक कर्मचारियों और घटना के समय मौजूद लोगों के बयान भी दर्ज किए हैं।
30 मिनट में कैसे पकड़ा गया आरोपी?
आरोपी की गिरफ्तारी में बैंक कर्मचारियों की तरफ से तुरंत पुलिस को सूचना दिया जाना महत्वपूर्ण रहा। समय रहते जानकारी मिलने के कारण पुलिस ने शहर से बाहर जाने वाले रास्तों और आसपास के इलाकों में निगरानी बढ़ा दी।
आरोपी के कपड़ों और बैग की जानकारी पुलिस टीमों को भेजी गई। इसी हुलिये से मिलते-जुलते युवक को रोककर पूछताछ की गई और तलाशी के दौरान नकदी मिलने पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने फिलहाल घटना की जांच जारी रखी है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी के खिलाफ पहले से कोई आपराधिक मामला दर्ज है या नहीं।
बैंक की सुरक्षा पर उठे सवाल
इस घटना ने बैंक शाखाओं में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं। आरोपी चेहरा ढककर बैंक के अंदर दाखिल हुआ और कर्मचारियों के काफी करीब तक पहुंच गया। इसके बाद वह नकदी लेकर बाहर निकलने में भी सफल रहा।
अब जांच में यह देखा जाएगा कि घटना के समय बैंक में सुरक्षा गार्ड मौजूद था या नहीं, शाखा में प्रवेश करने वाले लोगों की निगरानी की क्या व्यवस्था थी और अलार्म का इस्तेमाल समय पर किया गया या नहीं।
बैंक प्रबंधन की तरफ से सुरक्षा में किसी संभावित चूक को लेकर विस्तृत आधिकारिक बयान सामने आने की प्रतीक्षा है।
पुलिस की तेजी से वापस मिली पूरी रकम
इस वारदात में आरोपी कुछ समय के लिए लाखों रुपये लेकर भागने में सफल जरूर हुआ, लेकिन पुलिस की तत्काल घेराबंदी ने उसकी योजना नाकाम कर दी।
आरोपी की गिरफ्तारी और नकदी की बरामदगी के कारण बैंक को बड़ा आर्थिक नुकसान होने से बचा लिया गया। अब पुलिस यह जानने में जुटी है कि आरोपी ने वारदात की तैयारी कब से शुरू की थी और बैंक की आंतरिक व्यवस्था की जानकारी उसे कैसे मिली।
घटना का CCTV वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है। इसमें इस्तेमाल किए गए मिर्च पाउडर और भेष बदलने के तरीके ने लोगों को हैरान किया, लेकिन नागपुर पुलिस की 30 मिनट की कार्रवाई इस मामले का सबसे बड़ा हिस्सा बन गई।
