एशियन गेम्स में नीरू ढांडा ने रचा इतिहास, महिला ट्रैप में भारत को पहली बार दिलाया गोल्ड
भारतीय निशानेबाज नीरू ढांडा ने महिला ट्रैप की व्यक्तिगत स्पर्धा में एशियाई रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता। मौजूदा एशियन गेम्स में यह भारत का पांचवां गोल्ड है।
नीरू ढांडा ने एशियन गेम्स 2026 की महिला ट्रैप शूटिंग में भारत का पहला व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। उन्होंने फाइनल में एशियाई रिकॉर्ड भी अपने नाम किया।
नीरू ढांडा के अचूक निशाने ने भारत को दिलाया ऐतिहासिक स्वर्ण, एक ही दिन में जीते दो पदक
महिला ट्रैप शूटिंग में ऐतिहासिक गोल्ड जीतने के बाद भारतीय निशानेबाज नीरू ढांडा।
प्रत्यक्षदर्शी समाचार | खेल डेस्क | 29 सितंबर 2026
खबर में खास
महिला ट्रैप की व्यक्तिगत स्पर्धा में नीरू ढांडा ने जीता गोल्ड
इस स्पर्धा में भारत का पहला एशियन गेम्स स्वर्ण पदक
नीरू ने फाइनल में बनाया नया एशियाई रिकॉर्ड
मौजूदा एशियन गेम्स में भारत का पांचवां गोल्ड
महिला ट्रैप टीम स्पर्धा में भी भारत को मिला सिल्वर
भारतीय निशानेबाज नीरू ढांडा ने एशियन गेम्स 2026 में इतिहास रच दिया है। नीरू ने महिला ट्रैप शूटिंग की व्यक्तिगत स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत के लिए स्वर्ण पदक जीता। एशियन गेम्स के इतिहास में इस स्पर्धा का गोल्ड जीतने वाली वह पहली भारतीय निशानेबाज बन गई हैं।
नीरू ने दबाव से भरे फाइनल में संयम बनाए रखा और लगातार सटीक निशाने लगाकर शीर्ष स्थान हासिल किया। उन्होंने स्वर्ण पदक जीतने के साथ नया एशियाई रिकॉर्ड भी बनाया। उनकी इस जीत से भारत की स्वर्ण पदकों की संख्या बढ़कर पांच हो गई।
भारत को मिला पहला व्यक्तिगत गोल्ड
मौजूदा एशियन गेम्स में नीरू ढांडा का यह पदक भारत का पहला व्यक्तिगत गोल्ड है। इससे पहले भारत को मिले चार स्वर्ण पदक टीम या डबल्स स्पर्धाओं में आए थे। इसलिए नीरू की यह उपलब्धि भारतीय दल के लिए और भी महत्वपूर्ण बन गई है।
नीरू ने प्रतियोगिता के क्वालिफिकेशन दौर से ही शानदार प्रदर्शन किया था। शुरुआती 50 में से 48 निशाने लगाकर उन्होंने अपने मजबूत इरादे जाहिर कर दिए थे। फाइनल में भी उन्होंने अपनी लय बरकरार रखी और ऐतिहासिक स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया।
एक दिन में गोल्ड और सिल्वर
नीरू के लिए 29 सितंबर का दिन दोहरी सफलता लेकर आया। व्यक्तिगत स्पर्धा में गोल्ड जीतने से पहले उन्होंने मनीषा कीर और आशीमा अहलावत के साथ महिला ट्रैप टीम स्पर्धा में भारत को सिल्वर मेडल भी दिलाया।
इस तरह नीरू ने एक ही दिन में भारत की झोली में दो पदक डाल दिए। उनकी जीत ने भारतीय निशानेबाजी की बढ़ती ताकत को एक बार फिर दुनिया के सामने साबित किया है।
भाई की बंदूक से शुरू हुई बड़ी सफलता की कहानी
हरियाणा के जींद जिले से आने वाली 26 वर्षीय नीरू ढांडा का निशानेबाजी का सफर बेहद प्रेरणादायक रहा है। बताया जाता है कि उन्होंने अपने भाई और निशानेबाज लक्ष्य श्योराण की बंदूक से प्रशिक्षण शुरू किया था। लक्ष्य ने भी 2018 के एशियन गेम्स में भारत के लिए सिल्वर मेडल जीता था।
नीरू इससे पहले जुलाई 2026 में इटली के लोनाटो में आयोजित ISSF विश्व कप की महिला ट्रैप स्पर्धा में भी गोल्ड जीत चुकी हैं। वह उस प्रतियोगिता में व्यक्तिगत महिला ट्रैप का स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय बनी थीं।
विश्व कप के बाद अब एशियन गेम्स में ऐतिहासिक गोल्ड जीतकर नीरू ढांडा ने साबित कर दिया कि भारतीय बेटियां निशानेबाजी में दुनिया की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को चुनौती देने के लिए तैयार हैं। एक ही दिन में गोल्ड और सिल्वर जीतने वाली नीरू की यह सफलता पूरे देश के लिए गर्व का पल है।