वाराणसी MLC चुनाव: 49 घंटे की मतगणना के बाद BJP प्रत्याशी ने मानी हार! सपा के आशुतोष सिन्हा आगे, नतीजे पर सियासी घमासान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी की स्नातक MLC सीट पर सपा के आशुतोष सिन्हा ने बड़ी बढ़त बनाई है। भाजपा प्रत्याशी केदारनाथ सिंह ने हार स्वीकार की, लेकिन अंतिम आधिकारिक परिणाम की पुष्टि बाकी है।

UP MLC Election Result 2026: वाराणसी स्नातक सीट पर करीब 49 घंटे की मतगणना के बाद सपा के आशुतोष सिन्हा 16 हजार से अधिक मतों से आगे हैं। भाजपा उम्मीदवार केदारनाथ सिंह ने हार स्वीकार की है। दोनों दलों ने मतगणना पर सवाल उठाए हैं।

प्रत्यक्षदर्शी समाचार | वाराणसी/लखनऊ | 29 अक्टूबर 2026
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वाराणसी स्नातक विधान परिषद चुनाव में मतगणना को लेकर भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच विवाद।
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले वाराणसी की राजनीति से एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र से जुड़ी वाराणसी खंड स्नातक विधान परिषद सीट पर समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार आशुतोष सिन्हा ने भाजपा प्रत्याशी केदारनाथ सिंह पर बड़ी बढ़त बना ली है। लगभग 49 घंटे चली मतगणना, विरोध प्रदर्शन और दोबारा गिनती की मांग के बाद गुरुवार सुबह भाजपा प्रत्याशी ने अपनी हार स्वीकार कर ली।
नवभारत टाइम्स के 29 अक्टूबर, सुबह 11:04 बजे के अपडेट के अनुसार, केदारनाथ सिंह ने सोशल मीडिया पर अपने कार्यकर्ताओं और मतदाताओं का धन्यवाद दिया। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों में अंतिम आधिकारिक जीत प्रमाणपत्र की स्वतंत्र पुष्टि नहीं मिली है।

खबर में खास

  • वाराणसी स्नातक सीट पर सपा के आशुतोष सिन्हा की बड़ी बढ़त।
  • प्रथम वरीयता की गिनती में 50,462 वोट; भाजपा उम्मीदवार से लगभग 17 हजार आगे।

  • भाजपा के केदारनाथ सिंह ने 29 अक्टूबर की सुबह हार स्वीकार की।

  • भाजपा और सपा, दोनों ने मतगणना प्रक्रिया पर अलग-अलग आरोप लगाए।

  • यूपी की 11 MLC सीटों में 10 के घोषित परिणामों में भाजपा छह और सपा चार पर विजयी।

49 घंटे बाद क्या है वाराणसी का चुनावी गणित?

वाराणसी स्नातक सीट पर प्रथम वरीयता के नौ चरणों की गिनती पूरी होने तक आशुतोष सिन्हा को 50,462 मत मिले। भाजपा प्रत्याशी केदारनाथ सिंह को लगभग 33,500 वोट मिले। इस तरह सपा प्रत्याशी की बढ़त करीब 17 हजार वोट रही।
हालांकि, आशुतोष सिन्हा पहली वरीयता में जीत के लिए आवश्यक मतों का निर्धारित कोटा हासिल नहीं कर पाए। इसी कारण दूसरी वरीयता के मतों की गिनती जरूरी हुई। कुछ मीडिया रिपोर्टों में भाजपा उम्मीदवार के मतों में मामूली अंतर दर्ज है।

भाजपा ने क्यों दिया धरना?

बुधवार को भाजपा प्रत्याशी केदारनाथ सिंह ने मतगणना प्रक्रिया पर आपत्ति दर्ज कराई। भाजपा नेताओं का आरोप था कि कुछ मतों की गिनती और एजेंटों की मौजूदगी को लेकर अनियमितताएं हुई हैं।
इस मुद्दे पर भाजपा कार्यकर्ता और नेता धरने पर बैठ गए। पांचवें चरण की दोबारा गिनती की मांग उठी, जिसके बाद मतगणना कुछ समय प्रभावित हुई।
दूसरी तरफ, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा पर चुनाव परिणाम प्रभावित करने की कोशिश का आरोप लगाया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से मतगणना केंद्र पर बने रहने और प्रमाणपत्र मिलने तक निगरानी करने की अपील की।
दोनों दलों के आरोप राजनीतिक दावे हैं। इनसे मतगणना में धांधली साबित नहीं होती।

मोदी के संसदीय क्षेत्र में क्यों महत्वपूर्ण है यह मुकाबला?

वाराणसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी चुनाव प्रचार के दौरान शिक्षक-स्नातक मतदाताओं को संबोधित किया था।
सपा के आशुतोष सिन्हा वर्ष 2020 में भी वाराणसी स्नातक सीट से जीते थे। इसलिए इस बार उनकी बढ़त भाजपा से सीट छीनने का मामला नहीं, बल्कि मौजूदा सीट बचाए रखने से जुड़ी है।
वाराणसी शिक्षक सीट पर भी सपा के लाल बिहारी यादव ने भाजपा प्रत्याशी को 5,015 वोटों से हराया है। इस प्रकार दोनों निर्वाचन क्षेत्रों में सपा का प्रदर्शन चर्चा का विषय बना हुआ है।

क्या यह 2027 विधानसभा चुनाव का संकेत है?

उत्तर प्रदेश की 11 शिक्षक और स्नातक विधान परिषद सीटों में 10 के घोषित नतीजों के अनुसार भाजपा ने छह और सपा ने चार सीटें जीती हैं। लखनऊ स्नातक सीट पर सपा की कांति सिंह ने भाजपा के अवनीश कुमार सिंह को 17,127 वोटों से पराजित किया।
हालांकि, इन चुनावों में केवल संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों के पात्र पंजीकृत स्नातक और शिक्षक मतदाता हिस्सा लेते हैं। इसलिए इनके नतीजों से पूरे उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव का परिणाम तय नहीं किया जा सकता।
फिर भी दोनों दलों के लिए मतदाता संपर्क, संगठन की सक्रियता और चुनावी रणनीति की समीक्षा करने का यह एक महत्वपूर्ण अवसर है।
फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण सवाल वाराणसी की अंतिम आधिकारिक घोषणा और जीत प्रमाणपत्र का है। भाजपा प्रत्याशी द्वारा हार स्वीकार किए जाने के बाद इस सीट के औपचारिक परिणाम पर नजर बनी हुई है।

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