‘Generation Gutter’ से ‘बड़े भाई’ तक: Ramdev ने Kangana को भेजी मिठाई, रक्षाबंधन पर खत्म हुई तकरार

Gen-Z पर कंगना रनौत के बयान से शुरू हुआ था विवाद; बाबा रामदेव की आलोचना पर सांसद ने किया था तीखा पलटवार, अब रक्षाबंधन पर दोनों ने शिकवे भुलाने का दिया संदेश

रक्षाबंधन पर बाबा रामदेव ने कंगना रनौत को मिठाई और उपहार भेजकर विवाद खत्म करने की पहल की

बाबा रामदेव और भाजपा सांसद कंगना रनौत के बीच चल रही तीखी बयानबाजी रक्षाबंधन पर नरम पड़ गई। रामदेव ने कंगना को बहन बताते हुए मिठाई और उपहार भेजे, जबकि कंगना ने उन्हें बड़ा भाई कहकर ‘भूल-चूक माफ’ करने की बात कही। जानिए आखिर दोनों के बीच विवाद शुरू क्यों हुआ था।

रक्षाबंधन पर ‘कड़वाहट’ हुई खत्म

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रक्षाबंधन पर बाबा रामदेव ने कंगना रनौत को अपनी बहन बताते हुए मिठाई और उपहार भेजा, जिसके जवाब में कंगना ने उन्हें बड़ा भाई कहा।

हरिद्वार/नई दिल्ली। कुछ दिन पहले तक भाजपा सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत तथा योग गुरु बाबा रामदेव एक-दूसरे पर तीखे शब्दों में हमला कर रहे थे। मामला Gen-Z पर दिए गए बयान से शुरू होकर कंगना के निजी जीवन और फिर बेहद तीखे सोशल मीडिया पलटवार तक पहुंच गया था।

लेकिन रक्षाबंधन ने इस सार्वजनिक तकरार को नया मोड़ दे दिया।

बाबा रामदेव ने कंगना रनौत को अपनी “बहन” बताते हुए उनके लिए मिठाई और उपहार डाक से भेजने की घोषणा की। उन्होंने यह भी कहा कि वह कंगना को फोन करके रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देंगे।

इसके कुछ समय बाद कंगना ने भी रामदेव के इस कदम पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी और उन्हें “बड़ा भाई” बताया। कंगना ने कहा कि त्योहार का दिन पुरानी भूल-चूक माफ करने का होता है और वह रामदेव की मिठाई तथा बड़े भाई के प्रेम को स्वीकार करती हैं।

रामदेव ने क्या कहा?

हरिद्वार में मीडिया से बातचीत करते हुए बाबा रामदेव ने बताया कि वह कंगना रनौत को रक्षाबंधन पर मिठाई और gift भेज रहे हैं।

रामदेव का संदेश था कि किसी कारण से लोगों के बीच नफरत या बैर की भावना नहीं होनी चाहिए और विवादों को संवाद के जरिए खत्म किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों उनके और कंगना के बीच जो बातें हुईं, उन्हें पीछे छोड़कर प्रेम के साथ आगे बढ़ना चाहिए।

उन्होंने कंगना को फोन करने की बात भी कही।

यानी यह केवल gift भेजने का मामला नहीं था, बल्कि रामदेव ने सार्वजनिक रूप से इस विवाद को खत्म करने की पहल भी की।

कंगना ने क्या जवाब दिया?

कंगना रनौत ने भी इस पहल को स्वीकार किया।

उन्होंने सोशल मीडिया प्रतिक्रिया में रामदेव को अपना “बड़ा भाई” बताते हुए कहा कि रक्षाबंधन जैसे त्योहार पर पुरानी भूल-चूक को माफ कर देना चाहिए।

कंगना ने रामदेव की मिठाई और उनके भाई वाले प्रेम को स्वीकार करते हुए उनके लिए लंबी उम्र की कामना भी की।

इसके साथ ही कुछ दिनों से सार्वजनिक मंचों और सोशल मीडिया पर चल रही दोनों की तकरार फिलहाल समाप्त होती दिखाई दी।

आखिर विवाद शुरू कैसे हुआ था?

इस पूरे मामले की शुरुआत कंगना रनौत के Gen-Z पर दिए गए बयान से हुई थी।

जुलाई के आखिर में जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन से जुड़े वायरल videos और reels पर टिप्पणी करते हुए कंगना ने युवाओं के एक वर्ग के लिए “Generation Gutter” या “गटरछाप जनरेशन” जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया था। उन्होंने विशेष रूप से कुछ प्रदर्शनकारी युवतियों के व्यवहार और सोशल मीडिया content की आलोचना की थी।

कंगना का यह बयान तेजी से विवाद में आ गया।

राजनीतिक नेताओं, अभिनेताओं और दूसरे सार्वजनिक चेहरों ने भी उनकी भाषा पर सवाल उठाए।

Baba Ramdev भी कंगना पर भड़के

18 अगस्त को बाबा रामदेव ने भी कंगना के Gen-Z वाले बयान की आलोचना की।

उन्होंने सवाल उठाया कि पूरी युवा पीढ़ी को इस तरह संबोधित करना कितना उचित है। इसी दौरान रामदेव ने कंगना के पुराने जीवन और उनके द्वारा युवाओं को नैतिकता की सीख देने को लेकर भी टिप्पणियां कीं।

यहीं से विवाद व्यक्तिगत होने लगा।

रामदेव की बातों पर कंगना ने तीखा ऐतराज जताया।

कंगना बोलीं- मेरी जवानी और Bedroom की चिंता मत कीजिए

रामदेव की टिप्पणी के बाद कंगना ने सोशल मीडिया के जरिए जवाब दिया।

उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि रामदेव को उनके युवावस्था, निजी जिंदगी और bedroom को लेकर कल्पनाएं नहीं करनी चाहिए और उनके चरित्र पर टिप्पणी नहीं करनी चाहिए।

27 अगस्त तक यह विवाद और तीखा हो गया था। कंगना ने फिर रामदेव की personal remarks पर हमला किया और सवाल किया कि उन्हें उनके निजी जीवन के बारे में आखिर जानकारी कैसे हो सकती है।

यानी रक्षाबंधन से महज एक दिन पहले तक दोनों के बीच मामला पूरी तरह शांत नहीं हुआ था।

‘Generation Gutter’ से मिठाई तक सिर्फ कुछ दिनों का सफर

यही इस खबर का सबसे दिलचस्प हिस्सा है।

करीब दस दिन में मामला इस तरह बदला:

18 अगस्त: रामदेव ने कंगना के Gen-Z वाले बयान की आलोचना की।

19-20 अगस्त: कंगना ने रामदेव की निजी टिप्पणियों पर तीखा पलटवार किया।

24 अगस्त: कंगना ने अपने कई आलोचकों के साथ रामदेव पर भी निशाना साधा।

27 अगस्त: निजी जीवन से जुड़ी टिप्पणी को लेकर कंगना ने एक बार फिर रामदेव पर हमला किया।

28 अगस्त, रक्षाबंधन: रामदेव ने मिठाई और gift भेजकर रिश्ते सामान्य करने की पहल की और कंगना ने उन्हें “बड़ा भाई” कहते हुए प्रतिक्रिया स्वीकार की।

इस तरह बेहद तीखी सार्वजनिक तकरार का अंत फिलहाल एक भाई-बहन वाले संदेश पर हुआ।

‘विवाद नहीं, संवाद’ बना संदेश

रामदेव की पूरी प्रतिक्रिया में सबसे महत्वपूर्ण राजनीतिक-सामाजिक संदेश “विवाद नहीं, संवाद” का था।

उनका कहना था कि मतभेद हो सकते हैं, लेकिन इससे एक-दूसरे के प्रति स्थायी बैर या नफरत पैदा नहीं होनी चाहिए।

कंगना ने भी इस संदेश को स्वीकार किया।

इसीलिए यह story सिर्फ celebrity controversy नहीं रही बल्कि Raksha Bandhan reconciliation story भी बन गई।

क्या सच में विवाद पूरी तरह खत्म हो गया?

Public statements को देखें तो दोनों ने फिलहाल विवाद खत्म करने के स्पष्ट संकेत दिए हैं।

रामदेव ने कहा कि वह पुरानी कड़वाहट छोड़ रहे हैं और कंगना को बहन बताते हुए मिठाई तथा उपहार भेज रहे हैं।

कंगना ने भी उन्हें बड़ा भाई कहा और भूल-चूक माफ करने की बात कही।

इसलिए:

“दोनों के बीच समझौता हो गया”

लिखा जा सकता है, लेकिन ज्यादा precise wording होगी:

“दोनों ने सार्वजनिक रूप से विवाद समाप्त करने और आगे बढ़ने के संकेत दिए।”

कोई formal “समझौता” नहीं हुआ था।

भाजपा सांसद भी हैं Kangana Ranaut

इस पूरे विवाद में राजनीतिक angle इसलिए भी जुड़ता है क्योंकि कंगना केवल अभिनेत्री नहीं हैं।

वह हिमाचल प्रदेश की मंडी लोकसभा सीट से भाजपा सांसद भी हैं।

उनके Gen-Z वाले बयान को लेकर विवाद सिर्फ entertainment industry तक सीमित नहीं रहा; youth politics, student protests और सार्वजनिक प्रतिनिधियों की भाषा को लेकर भी बहस हुई।

इसी वजह से Ramdev-Kangana exchange को political news space में भी काफी attention मिला।

Raksha Bandhan ने बदल दिया पूरा माहौल

रक्षाबंधन पर रामदेव ने विवाद को आगे बढ़ाने के बजाय बहन, मिठाई, उपहार और फोन के जरिए reconciliation का रास्ता चुना।

कंगना ने भी जवाब में उनकी पहल को reject नहीं किया बल्कि publicly स्वीकार किया।

इसी वजह से:

“कल तक तकरार, आज भाई-बहन”

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