बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सेना पर डबल अटैक, BLA का 25 जवान मारने का दावा; वीडियो भी किया जारी
जियारत में सैन्य काफिले पर घात लगाकर हमला और सुराब में रिमोट IED विस्फोट का दावा; पाकिस्तान की तरफ से मौतों की पुष्टि बाकी
पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत में बलूच लिबरेशन आर्मी ने दो अलग-अलग हमलों में पाकिस्तानी सेना के 25 जवानों को मारने का दावा किया है। संगठन ने हमलों से जुड़े कथित वीडियो भी जारी किए हैं। पाकिस्तान सरकार या सेना ने BLA के बताए हताहतों के आंकड़े की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
क्वेटा/इस्लामाबाद। पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में हिंसा का नया दौर शुरू हो गया है। प्रतिबंधित अलगाववादी संगठन बलूच लिबरेशन आर्मी यानी BLA ने दो अलग-अलग हमलों में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के 25 जवानों को मारने का दावा किया है।
BLA के अनुसार, पहला हमला जियारत क्रॉस इलाके में पाकिस्तानी सेना के एक काफिले पर किया गया, जबकि दूसरा हमला सुराब के हाजिका इलाके में रिमोट से नियंत्रित विस्फोटक उपकरण यानी IED के जरिए हुआ।
संगठन ने हमलों के कथित वीडियो भी जारी किए हैं। इनमें सैन्य वाहनों को नुकसान पहुंचने और हथियारों के साथ मौजूद लड़ाकों को दिखाया गया है। हालांकि, वीडियो कब और कहां रिकॉर्ड किए गए, इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि 25 सैनिकों की मौत का आंकड़ा BLA का दावा है। पाकिस्तान सरकार या सेना ने इस विशिष्ट दावे की पुष्टि नहीं की है।
जियारत में सैन्य काफिले पर हमला
BLA ने दावा किया कि उसकी ‘फतेह स्क्वॉड’ ने जियारत क्रॉस के पास पाकिस्तानी सेना के काफिले को घेरकर हमला किया। संगठन के अनुसार, हमले में सेना के दो वाहन नष्ट हो गए।
BLA ने इस हमले में 18 पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मियों के मारे जाने और पांच के घायल होने का दावा किया है। संगठन का कहना है कि कुछ घायल जवान घटनास्थल से निकलने में सफल रहे।
जियारत हमला किस तारीख और समय पर हुआ तथा काफिले में कुल कितने जवान मौजूद थे, इस पर पाकिस्तान की तरफ से विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
BLA द्वारा जारी किए गए वीडियो को संगठन अपने दावे के प्रमाण के रूप में पेश कर रहा है, लेकिन स्वतंत्र मीडिया अथवा स्थानीय प्रशासन द्वारा वीडियो की पुष्टि नहीं की गई है।
सुराब में रिमोट IED से हमला
BLA ने दूसरे हमले की जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि उसकी स्पेशल टैक्टिकल ऑपरेशंस स्क्वॉड ने सुराब के हाजिका इलाके में पाकिस्तानी सेना के वाहन को निशाना बनाया।
संगठन के अनुसार, सड़क पर लगाए गए विस्फोटक को रिमोट कंट्रोल से उड़ाया गया। इस हमले में सात पाकिस्तानी जवानों के मारे जाने का दावा किया गया है।
दोनों हमलों को जोड़कर BLA ने कुल 25 सुरक्षाकर्मियों की मौत का दावा किया। हमले में इस्तेमाल किए गए विस्फोटक, वाहन और घटनास्थल से संबंधित विस्तृत जानकारी आधिकारिक जांच के बाद ही सामने आ सकेगी।
पाकिस्तान ने नहीं की 25 मौतों की पुष्टि
खबर लिखे जाने तक पाकिस्तान की सेना या सरकार ने BLA के दो हमलों में 25 जवान मारे जाने के दावे पर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया जारी नहीं की थी।
इसलिए हताहतों की संख्या को प्रमाणित तथ्य नहीं माना जा सकता। संघर्ष वाले क्षेत्रों में सरकार और सशस्त्र संगठनों की ओर से अलग-अलग आंकड़े जारी किए जाना सामान्य है। कई बार दोनों पक्ष अपने नुकसान को कम और विरोधी पक्ष के नुकसान को अधिक बताते हैं।
पाकिस्तान की तरफ से आधिकारिक बयान अथवा स्वतंत्र स्रोतों से पुष्टि होने के बाद ही वास्तविक संख्या स्पष्ट हो सकेगी।
पाकिस्तानी सेना का 48 उग्रवादियों को मारने का दावा
BLA के दावे के बीच पाकिस्तान की सेना ने बलूचिस्तान में अलग-अलग सैन्य अभियानों में 48 कथित उग्रवादियों को मारने का दावा किया है।
एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तानी सेना ने कहा कि पिछले 72 घंटों के दौरान मस्तुंग, सिबी, क्वेटा और कलात जिलों में खुफिया जानकारी के आधार पर अभियान चलाए गए।
सेना के मुताबिक, इन अभियानों में हथियार भी बरामद किए गए। पाकिस्तानी सेना ने मारे गए लोगों को प्रतिबंधित संगठनों से जुड़ा बताया है। सेना के इन आंकड़ों का भी स्वतंत्र सत्यापन नहीं हुआ है।
BLA के दो हमलों और पाकिस्तानी सेना के अभियानों का सीधा संबंध है या नहीं, यह आधिकारिक तौर पर स्पष्ट नहीं किया गया है।
पाकिस्तानी सेना के हथियार ले जाने का भी दावा
BLA ने जियारत हमले के बाद पाकिस्तानी सैनिकों के कथित हथियार अपने कब्जे में लेने का दावा किया है। जारी वीडियो में लड़ाकों को हथियारों और क्षतिग्रस्त वाहनों के पास दिखाया गया है।
संगठन ने यह भी दावा किया कि पाकिस्तानी सेना मृत जवानों के शवों को सार्वजनिक जानकारी दिए बिना उनके परिवारों तक पहुंचा रही है। इस दावे के समर्थन में कोई स्वतंत्र प्रमाण सामने नहीं आया है।
किसी सशस्त्र संगठन द्वारा जारी वीडियो प्रचार सामग्री भी हो सकते हैं। इसलिए उनकी जगह, समय और घटनाक्रम की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी होती है।
क्या है बलूच लिबरेशन आर्मी?
बलूच लिबरेशन आर्मी पाकिस्तान में प्रतिबंधित अलगाववादी संगठन है। यह बलूचिस्तान को पाकिस्तान से अलग करने की मांग करता है और कई वर्षों से पाकिस्तानी सेना, पुलिस, सरकारी प्रतिष्ठानों तथा चीन से जुड़ी परियोजनाओं पर हमले करता रहा है।
पाकिस्तान के साथ अमेरिका और ब्रिटेन समेत कई देशों ने BLA को आतंकवादी संगठन घोषित किया हुआ है। संगठन का दावा है कि वह बलूचिस्तान के प्राकृतिक संसाधनों और लोगों के अधिकारों के लिए लड़ रहा है।
पाकिस्तान सरकार का कहना है कि BLA हिंसा के जरिए आम नागरिकों, सुरक्षाबलों और विकास परियोजनाओं को निशाना बनाता है।
क्यों अशांत है बलूचिस्तान?
बलूचिस्तान क्षेत्रफल के हिसाब से पाकिस्तान का सबसे बड़ा प्रांत है, लेकिन इसकी आबादी अपेक्षाकृत कम है। यह प्राकृतिक गैस, कोयला, तांबा और सोने जैसे संसाधनों से समृद्ध माना जाता है।
बलूच अलगाववादी संगठनों का आरोप है कि प्रांत के प्राकृतिक संसाधनों का लाभ स्थानीय आबादी तक नहीं पहुंचता और केंद्र सरकार राजनीतिक तथा आर्थिक अधिकारों को दबाती है।
पाकिस्तान सरकार इन आरोपों को खारिज करती है। उसका कहना है कि क्षेत्र में विकास परियोजनाएं चलाई जा रही हैं, लेकिन हिंसक संगठन काम में बाधा डालते हैं।
लंबे समय से चले आ रहे इस संघर्ष के कारण बलूचिस्तान में सेना, अलगाववादी संगठन और स्थानीय आबादी लगातार असुरक्षा का सामना कर रहे हैं।
चीन की परियोजनाओं पर भी खतरा
बलूचिस्तान चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे यानी CPEC के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। ग्वादर बंदरगाह सहित चीन के सहयोग से बनाई जा रही कई परियोजनाएं इसी प्रांत में स्थित हैं।
BLA चीनी नागरिकों और चीन से संबंधित परियोजनाओं पर भी हमले कर चुका है। संगठन का आरोप है कि इन परियोजनाओं से बलूच लोगों को पर्याप्त लाभ नहीं मिल रहा।
पाकिस्तान और चीन इन परियोजनाओं को क्षेत्र के आर्थिक विकास के लिए जरूरी बताते हैं। बढ़ती हिंसा दोनों देशों के निवेश और सुरक्षा व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है।
पाकिस्तान लगाता रहा है भारत पर आरोप
पाकिस्तान अक्सर बलूच अलगाववादी संगठनों को भारत से समर्थन मिलने का आरोप लगाता है। हालिया अभियानों के बाद भी पाकिस्तानी सेना ने मारे गए कथित उग्रवादियों को “भारत समर्थित” बताया है।
हालांकि, पाकिस्तान ने इस आरोप के समर्थन में सार्वजनिक रूप से ठोस प्रमाण प्रस्तुत नहीं किए। भारत पहले भी ऐसे आरोपों को खारिज करता रहा है और बलूचिस्तान की हिंसा को पाकिस्तान का आंतरिक मामला बताता रहा है।
बलूचिस्तान में लगातार बढ़ रही हिंसा
साल 2026 के दौरान बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों, पुलिस चौकियों और सरकारी प्रतिष्ठानों पर कई बड़े हमले हो चुके हैं। इसके जवाब में पाकिस्तानी सेना ने भी बड़े पैमाने पर अभियान चलाए हैं।
दोनों पक्षों के हमलों और सैन्य अभियानों में सुरक्षाकर्मियों, सशस्त्र लड़ाकों और आम नागरिकों की मौत हुई है। क्षेत्र में स्वतंत्र मीडिया की सीमित पहुंच के कारण घटनाओं और हताहतों के आंकड़ों की पुष्टि करना कठिन रहता है।
BLA के ताजा दावों और पाकिस्तानी सेना के जवाबी अभियानों ने एक बार फिर संकेत दिया है कि बलूचिस्तान में सुरक्षा संकट गंभीर होता जा रहा है।
अब नजर पाकिस्तान की सेना के आधिकारिक बयान पर रहेगी। उसी से स्पष्ट हो सकेगा कि जियारत और सुराब में हमला हुआ या नहीं तथा BLA द्वारा दावा किए गए 25 सैनिकों की मौत का वास्तविक आंकड़ा क्या है।
महत्वपूर्ण नोट: इस खबर में 25 पाकिस्तानी जवानों की मौत का आंकड़ा BLA द्वारा जारी किया गया दावा है। इसकी पाकिस्तानी सेना या किसी स्वतंत्र संस्था ने पुष्टि नहीं की है।
