कर्नाटक में VIP Culture पर बवाल: BJP विधायक की बेटी पर महिला SI को थप्पड़ मारने का आरोप, CCTV आने के बाद मचा हंगामा

मांड्या जिले के आरती उक्काडा मंदिर में कथित VIP entry विवाद के बाद Tumakuru Rural के BJP विधायक बी. सुरेश गौड़ा की बेटी ऐश्वर्या पर महिला पुलिस अधिकारी से दुर्व्यवहार और मारपीट का केस दर्ज; दोनों पक्षों ने दी शिकायत

कर्नाटक मंदिर विवाद में BJP विधायक की बेटी पर महिला SI से मारपीट का आरोप

कर्नाटक के मांड्या जिले के एक मंदिर में VIP दर्शन को लेकर विवाद ने तूल पकड़ लिया है। BJP विधायक बी. सुरेश गौड़ा की बेटी ऐश्वर्या पर ड्यूटी पर तैनात महिला SI सविता पाटिल से मारपीट और सरकारी काम में बाधा डालने का आरोप है। CCTV फुटेज सामने आने के बाद मामला और गरमा गया है।

बेंगलुरु/मांड्या। कर्नाटक में एक मंदिर के भीतर कथित VIP entry को लेकर हुआ विवाद अब बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक मुद्दा बन गया है। Tumakuru Rural से BJP विधायक बी. सुरेश गौड़ा की बेटी ऐश्वर्या पर आरोप है कि उन्होंने मांड्या जिले के श्रीरंगपटना तालुक स्थित आरती उक्काडा मंदिर में ड्यूटी पर तैनात महिला पुलिस अधिकारी सविता पाटिल के साथ दुर्व्यवहार किया और उन्हें थप्पड़ मारा। इस घटना का CCTV सामने आने के बाद मामला और तेज हो गया है।

रिपोर्टों के मुताबिक यह घटना 12 अगस्त को भीमा अमावस्या के मौके पर हुई। मंदिर में भारी भीड़ थी और पुलिसकर्मी दर्शन व्यवस्था संभाल रहे थे। आरोप है कि इसी दौरान विधायक की बेटी ने VIP तरीके से जल्दी प्रवेश की मांग की, जिस पर ड्यूटी पर मौजूद महिला SI ने सामान्य भीड़ व्यवस्था का हवाला देते हुए रोकने की कोशिश की। इसके बाद कहासुनी बढ़ गई।

क्या है पूरा आरोप?

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कर्नाटक के मांड्या जिले के मंदिर में VIP entry विवाद के बाद BJP विधायक बी. सुरेश गौड़ा की बेटी ऐश्वर्या पर महिला SI से मारपीट और ड्यूटी में बाधा डालने का आरोप लगा है।

महिला पुलिस अधिकारी की शिकायत के मुताबिक जब उन्हें लाइन और भीड़ व्यवस्था के कारण इंतजार करने को कहा गया, तब ऐश्वर्या ने कथित तौर पर अपना परिचय विधायक की बेटी के रूप में दिया, बहस की और फिर मारपीट की। शिकायत में यह भी कहा गया कि सरकारी ड्यूटी में बाधा डाली गई। इस मामले में ऐश्वर्या के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।

बाद में सामने आए CCTV वीडियो ने विवाद को और बड़ा बना दिया। Times of India की रिपोर्ट के मुताबिक वायरल फुटेज में BJP विधायक की बेटी और महिला पुलिस अधिकारी के बीच टकराव दिखाई देता है, जिसके बाद यह मामला फिर चर्चा में आ गया।

दोनों पक्षों ने शिकायत दी

यह सिर्फ एकतरफा आरोप का मामला नहीं है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार दोनों पक्षों ने cross-complaints दी हैं। यानी महिला SI की शिकायत के साथ-साथ ऐश्वर्या की ओर से भी counter-complaint दी गई है। पुलिस ने cross-complaints के आधार पर जांच शुरू की।

इसलिए खबर लिखते समय यह साफ रखना जरूरी है कि मारपीट और दुर्व्यवहार के आरोप दर्ज हुए हैं, और पुलिस जांच की प्रक्रिया चल रही है।

मामला सिर्फ थप्पड़ का नहीं, VIP Culture का क्यों बन गया?

इस खबर की सबसे बड़ी वजह यही है कि विवाद मंदिर में VIP entry को लेकर हुआ बताया जा रहा है। एक तरफ आम श्रद्धालु लाइन में खड़े थे, दूसरी तरफ आरोप है कि राजनीतिक रसूख के आधार पर जल्दी अंदर जाने की कोशिश हुई। इसी कारण यह मामला अब सिर्फ कानून-व्यवस्था का नहीं, बल्कि ‘रसूख बनाम नियम’ वाली बहस बन गया है।

यही angle आपकी वेबसाइट पर इस खबर को ज्यादा traction देगा, क्योंकि आम पाठक इस story को “नेता की बेटी बनाम ड्यूटी पर तैनात महिला पुलिसकर्मी” के lens से देखेगा।

BJP विधायक बी. सुरेश गौड़ा का क्या रुख है?

रिपोर्टों के मुताबिक विधायक बी. सुरेश गौड़ा ने अपनी बेटी के व्यवहार पर खेद जताया है और विभागीय/उचित जांच की बात कही है। Rediff में प्रकाशित PTI आधारित रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने माफी भी जताई और पूरे मामले की जांच की मांग की

यह point कहानी में balance जोड़ता है, क्योंकि इससे यह दिखता है कि मामला सामने आने के बाद परिवार की ओर से defensive silence नहीं, बल्कि प्रतिक्रिया भी आई।

अभी तक क्या-क्या verified है?

अब तक उपलब्ध रिपोर्टों के आधार पर ये बातें स्पष्ट हैं:

  • घटना 12 अगस्त 2026 की बताई गई है।
  • स्थान मांड्या जिले के श्रीरंगपटना तालुक का आरती उक्काडा मंदिर बताया गया है।
  • महिला SI/PSI सविता पाटिल की शिकायत पर ऐश्वर्या के खिलाफ केस दर्ज हुआ।
  • दोनों पक्षों की ओर से cross-complaints दी गईं।
  • बाद में CCTV फुटेज सामने आया, जिससे मामला फिर सुर्खियों में आया।

इस खबर का बड़ा राजनीतिक मतलब

यह मामला सिर्फ कर्नाटक का local temple row नहीं रह गया है। इसमें तीन बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं:

  1. क्या VIP culture आम लोगों और ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों पर हावी हो रहा है?
  2. क्या किसी जनप्रतिनिधि के परिवार के लिए नियम अलग हैं?
  3. क्या महिला पुलिस अधिकारी के साथ दुर्व्यवहार के मामलों में कार्रवाई निष्पक्ष होगी?

यही वजह है कि यह कहानी social media पर तेजी से फैल रही है और राजनीतिक टिप्पणी के लिए भी material दे रही है।

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