दुबई से इजरायल जा रही Flydubai की फ्लाइट ने हवा में हाईजैकिंग से जुड़ा इमरजेंसी कोड भेज दिया। इजरायल ने लड़ाकू विमान रवाना किए, लेकिन विमान सऊदी अरब के तबूक एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतर गया और हाईजैकिंग की आशंका खारिज कर दी गई।
174 यात्रियों की जान पर मंडराया खतरा, हाईजैकिंग कोड मिलते ही इजरायल में मचा हड़कंप
हाईजैकिंग का इमरजेंसी कोड भेजने वाली Flydubai की फ्लाइट को सऊदी अरब के तबूक एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतारा गया।
प्रत्यक्षदर्शी समाचार | अंतरराष्ट्रीय डेस्क | 30 सितंबर 2026
खबर में खास
दुबई से तेल अवीव जा रही थी Flydubai की फ्लाइट
विमान ने पहले 7700 और फिर 7500 कोड भेजा
7500 कोड हाईजैकिंग या गैरकानूनी हस्तक्षेप का संकेत
इजरायल ने तुरंत लड़ाकू विमान रवाना किए
सऊदी अरब में सुरक्षित उतरे सभी यात्री
दुबई से इजरायल के तेल अवीव जा रही Flydubai की एक यात्री फ्लाइट से अचानक हाईजैकिंग से जुड़ा इमरजेंसी कोड भेजे जाने के बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। खतरे को देखते हुए इजरायल ने अपने लड़ाकू विमानों को रवाना कर दिया और प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सुरक्षा अधिकारियों के साथ आपात बैठक की।
हालांकि, विमान को बाद में सऊदी अरब के तबूक एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतार लिया गया। विमान में सवार सभी यात्री सुरक्षित बताए गए हैं। इजरायली प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी स्पष्ट कर दिया कि इस घटना को अब हाईजैकिंग नहीं माना जा रहा है।
हवा में भेजे गए दो इमरजेंसी कोड
रिपोर्ट के मुताबिक, विमान ने उड़ान के दौरान सबसे पहले ट्रांसपोंडर कोड 7700 भेजा। विमानन क्षेत्र में यह कोड किसी सामान्य आपात स्थिति का संकेत देता है। इसके कुछ समय बाद विमान से 7500 कोड भेजा गया, जिसे हाईजैकिंग या विमान में गैरकानूनी हस्तक्षेप के संकेत के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।
इसके बाद विमान ने अपना रास्ता बदल लिया और सऊदी अरब की तरफ मुड़ते हुए कम ऊंचाई पर उड़ने लगा। विमान से संपर्क स्थापित नहीं होने के कारण अधिकारियों की चिंता और बढ़ गई।
इजरायल ने रवाना किए लड़ाकू विमान
हाईजैकिंग से जुड़ा कोड मिलने के बाद इजरायली वायुसेना ने तुरंत लड़ाकू विमान रवाना किए। इजरायल ने शुरुआत में इसे संभावित विमान अपहरण की घटना मानते हुए अपनी सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया।
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों के साथ तत्काल बैठक की। इजरायली पुलिस ने भी अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर एक संयुक्त कमांड सेंटर बनाया, ताकि किसी भी स्थिति से निपटा जा सके।
सऊदी अरब के तबूक में सुरक्षित लैंडिंग
विमान को उत्तर-पश्चिमी सऊदी अरब के तबूक एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतारा गया। तबूक में नागरिक हवाई अड्डे के साथ सैन्य ठिकाना भी मौजूद है। विमान में सवार यात्रियों और चालक दल के सभी सदस्यों के सुरक्षित होने की जानकारी दी गई है।
अलग-अलग शुरुआती रिपोर्ट में यात्रियों की संख्या करीब 180 बताई गई थी। इजरायली मीडिया की बाद की रिपोर्ट के मुताबिक विमान में 174 यात्री सवार थे, जिनमें 27 बच्चे भी शामिल थे।
क्या कॉकपिट में भिड़ गए थे दोनों पायलट?
इजरायली मीडिया ने सुरक्षा अधिकारियों के हवाले से दावा किया है कि विमान के दोनों पायलटों के बीच कथित विवाद या हाथापाई के कारण आपात स्थिति बनी थी। इसी घटना के बाद विमान से इमरजेंसी सिग्नल भेजे जाने की बात सामने आई है।
हालांकि, विवाद किस कारण हुआ और 7500 कोड जानबूझकर भेजा गया या गलती से सक्रिय हुआ, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है। घटना की जांच की जा रही है। इसलिए पायलटों के बीच हाथापाई की बात को जांच पूरी होने तक मीडिया रिपोर्ट के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
हाईजैकिंग की आशंका खारिज
इजरायली प्रधानमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि शुरुआती जांच में यह विमान अपहरण का मामला नहीं माना जा रहा है। सऊदी अरब में सुरक्षित लैंडिंग और यात्रियों की सुरक्षा की पुष्टि होने के बाद अधिकारियों ने राहत की सांस ली।
फ्लाइट ने दुबई से स्थानीय समय के अनुसार सुबह करीब 7:05 बजे उड़ान भरी थी और उसे करीब 9:30 बजे तेल अवीव के बेन गुरियन एयरपोर्ट पर उतरना था। लेकिन उड़ान के करीब 90 मिनट बाद इमरजेंसी कोड मिलने से उसका रास्ता बदलना पड़ा।
हाईजैकिंग का संकेत देने वाले 7500 कोड ने कुछ समय के लिए इजरायल से सऊदी अरब तक सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर ला दिया। विमान की सुरक्षित लैंडिंग और सभी यात्रियों के सुरक्षित होने से बड़ा खतरा टल गया है, लेकिन कॉकपिट में आखिर क्या हुआ और हाईजैकिंग कोड कैसे सक्रिय हुआ—इसका अंतिम जवाब जांच के बाद ही सामने आएगा।