सीने पर चाकू लगा, विमान 18 हजार फीट नीचे गिरा… फिर भी कैप्टन स्मित ने बचाईं 174 जिंदगियां; PM मोदी बोले—टाल दी 9/11 जैसी त्रासदी
FlyDubai की दुबई से तेल अवीव जा रही उड़ान में कथित तौर पर सह-पायलट ने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोला और विमान में सवार लोगों को बचाने में अहम भूमिका निभाई।
FlyDubai विमान में हुए हमले के बाद भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की दुनियाभर में चर्चा हो रही है। PM नरेंद्र मोदी ने उन्हें ‘हीरो’ बताते हुए कहा कि उनके साहस ने 9/11 जैसी बड़ी त्रासदी टाल दी।
कॉकपिट में चाकू से हमला, तेजी से नीचे गिरता विमान और भीतर 174 जिंदगियां—गंभीर रूप से घायल कैप्टन स्मित ने आखिरी पल तक हार नहीं मानी
FlyDubai विमान में 174 लोगों की जान बचाने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की PM मोदी ने प्रशंसा की
प्रत्यक्षदर्शी समाचार | राष्ट्रीय डेस्क | 1 अक्टूबर 2026
खबर में खास
FlyDubai की उड़ान में भारतीय पायलट पर कथित हमला
विमान में सवार थे कुल 174 लोग
90 सेकंड में करीब 18 हजार फीट नीचे आया विमान
सऊदी अरब के तबुक में कराई गई आपात लैंडिंग
PM मोदी ने कैप्टन स्मित को बताया देश का हीरो
दुबई से इजरायल के तेल अवीव जा रही FlyDubai की उड़ान में बुधवार को ऐसा घटनाक्रम सामने आया, जिसने विमान में सवार 174 लोगों की जिंदगी खतरे में डाल दी। आरोप है कि विमान के सह-पायलट ने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर कॉकपिट में चाकू से हमला कर दिया और विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने का प्रयास किया।
हमले में गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित ने हिम्मत नहीं छोड़ी। उन्होंने कथित हमलावर का मुकाबला करते हुए कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। इसके बाद यात्रियों और विमान के दूसरे क्रू सदस्यों ने हमलावर को काबू करने में सहायता की।
90 सेकंड में 18 हजार फीट नीचे आया विमान
रिपोर्टों के मुताबिक, हमले के दौरान विमान करीब 90 सेकंड में 18 हजार फीट नीचे आ गया था। इस दौरान यात्रियों के बीच दहशत फैल गई और कुछ ही पलों में विमान में मौजूद सभी लोगों की जिंदगी संकट में पड़ गई।
स्थिति को संभालने के बाद विमान को सऊदी अरब की तरफ मोड़ा गया और तबुक शहर में उसकी आपात लैंडिंग कराई गई। विमान में सवार सभी 174 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया। गंभीर रूप से घायल कैप्टन स्मित को तबुक के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत सुरक्षित और स्थिर बताई गई है।
PM मोदी बोले—देश को कैप्टन स्मित पर गर्व
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने UPSC के शताब्दी समारोह में कैप्टन स्मित की वीरता का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि एक भारतीय ने अपने साहस से 9/11 जैसी संभावित त्रासदी को टाल दिया और आज पूरी दुनिया को उस पर गर्व है।
PM मोदी ने सोशल मीडिया पर भी कैप्टन स्मित को ‘हीरो’ बताते हुए कहा कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने दूसरों की जिंदगी बचाने के लिए अद्भुत साहस और मजबूत संकल्प दिखाया। उनकी वीरता के कारण सैकड़ों लोगों की जान बची और एक बड़ी त्रासदी टल गई।
प्रधानमंत्री ने कैप्टन स्मित की पत्नी और माता-पिता से फोन पर बातचीत कर उन्हें हरसंभव सहायता का भरोसा भी दिया है। उन्होंने बताया कि रियाद और जेद्दा में मौजूद भारतीय मिशन लगातार सहायता उपलब्ध करा रहे हैं।
नेतन्याहू ने भी बताया ‘सच्चा हीरो’
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी कैप्टन स्मित की बहादुरी की प्रशंसा की है। उन्होंने भारतीय पायलट को ‘सच्चा हीरो’ बताते हुए कहा कि उनके साहस ने एक भयावह विमान दुर्घटना को रोक दिया। नेतन्याहू ने उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की।
इजरायल ने कड़ी की पायलटों की जांच
इस घटना के बाद इजरायल ने देश में आने वाली उड़ानों के पायलटों की सुरक्षा जांच और कड़ी करने का निर्णय लिया है। अब इजरायल आने वाली उड़ानों के पायलटों की पहचान और सुरक्षा से जुड़ी जानकारियों की अतिरिक्त जांच की जाएगी।
सऊदी अरब के अधिकारियों ने कथित हमलावर सह-पायलट को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। फिलहाल हमले का वास्तविक उद्देश्य स्पष्ट नहीं हुआ है। FlyDubai ने भी कहा है कि जांच पूरी होने से पहले घटना को लेकर किसी अंतिम निष्कर्ष पर नहीं पहुंचना चाहिए।
कौन हैं कैप्टन स्मित मच्छार?
मुंबई के रहने वाले कैप्टन स्मित मच्छार को विमान उड़ाने का लगभग 15 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने न्यूजीलैंड में विमान उड़ाने का प्रशिक्षण लिया था और करीब 11 वर्षों तक SpiceJet में सेवाएं दीं। वह साल 2022 में FlyDubai से जुड़े थे और उनके पास लगभग 9,750 घंटे विमान उड़ाने का अनुभव है।
मौत कुछ ही कदम दूर थी, शरीर गंभीर रूप से घायल था और विमान तेजी से नीचे गिर रहा था—लेकिन कैप्टन स्मित मच्छार ने अपनी जान से पहले 174 यात्रियों की जिंदगी को चुना। उनके साहस ने एक विमान को ही नहीं बचाया, बल्कि दुनिया के सामने भारतीय कर्तव्यनिष्ठा और वीरता की ऐसी मिसाल रखी है, जिस पर आज पूरा देश गर्व कर रहा है।