‘मासूमों को बीमारी निगल रही थी, सरकारें नहीं जागीं’: देवरिया में CM योगी का SP-कांग्रेस पर हमला; Encephalitis पर क्या कहते हैं आंकड़े?
देवरिया में ₹305 करोड़ की 80 विकास परियोजनाओं के कार्यक्रम में योगी आदित्यनाथ ने पूर्वांचल की इंसेफेलाइटिस त्रासदी को लेकर पिछली सरकारों पर साधा निशाना; 40 साल में 50 हजार से अधिक मौतों का किया दावा
CM योगी आदित्यनाथ ने देवरिया में इंसेफेलाइटिस को ‘बीमार मानसिकता’ से जोड़ते हुए सपा और कांग्रेस की पूर्ववर्ती सरकारों पर लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने 40 वर्षों में 50 हजार से ज्यादा बच्चों की मौत का दावा किया। जानिए उनके बयान, सरकारी आंकड़ों और पूर्वांचल में बीमारी की मौजूदा स्थिति की पूरी कहानी।
देवरिया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को देवरिया में पूर्वांचल की दशकों पुरानी इंसेफेलाइटिस त्रासदी को लेकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि जब यह बीमारी पूर्वांचल में मासूम बच्चों की जान ले रही थी, तब पूर्ववर्ती सरकारों ने पर्याप्त संवेदनशीलता नहीं दिखाई।
योगी आदित्यनाथ ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर भी भाषण का वीडियो शेयर करते हुए सपा और कांग्रेस सरकारों की “मानसिकता बीमार” होने का आरोप लगाया।
देवरिया की सभा में मुख्यमंत्री ने इंसेफेलाइटिस को केवल बीमारी नहीं बल्कि तत्कालीन शासन की “बीमार मानसिकता” का प्रतीक बताया। उन्होंने दावा किया कि करीब चार दशकों में इंसेफेलाइटिस के कारण पूर्वांचल में 50 हजार से ज्यादा बच्चों की मौत हुई।
‘मासूमों की जान जाती रही, सरकारें संवेदनशील नहीं थीं’
योगी ने आरोप लगाया कि लंबे समय तक पूर्वांचल में बच्चे इंसेफेलाइटिस की चपेट में आते रहे, लेकिन तत्कालीन सरकारों की तरफ से इस समस्या को वह प्राथमिकता नहीं मिली जिसकी जरूरत थी।
उनका हमला खास तौर पर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर था।
यहां एक जरूरी editorial distinction है: पिछली सरकारों की “संवेदनहीनता” योगी आदित्यनाथ का राजनीतिक आरोप है, इसे स्वतंत्र तथ्य के रूप में नहीं बल्कि उनके बयान के रूप में ही लिखा जाना चाहिए।
क्या सच में 50 हजार बच्चों की मौत हुई थी?
यही आपकी खबर को बाकी राजनीतिक reports से ज्यादा मजबूत बनाने वाला हिस्सा है।
योगी आदित्यनाथ ने शनिवार के भाषण में 40 वर्षों में 50 हजार से ज्यादा बच्चों की मौत होने का दावा किया।
उत्तर प्रदेश सरकार की एक आधिकारिक publication में लिखा गया है कि वर्ष 1978 से करीब 25 हजार बच्चों की मौत का documented estimate रहा, जबकि independent estimates मौतों की संख्या करीब 50 हजार तक बताते हैं क्योंकि बहुत से बच्चे अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ देते थे।
इसलिए आपकी वेबसाइट पर सबसे precise line होगी:
“CM योगी ने 50 हजार से अधिक मौतों का दावा किया। UP सरकार की एक publication करीब 25 हजार documented deaths और independent estimates करीब 50 हजार तक होने का उल्लेख करती है।”
इससे न तो CM का statement कमजोर होता है, न संख्या को बिना context के absolute fact बनाया जाता है।
Encephalitis क्या है?
Encephalitis का अर्थ broadly मस्तिष्क में सूजन से है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में दशकों तक Japanese Encephalitis (JE) और Acute Encephalitis Syndrome (AES) सार्वजनिक स्वास्थ्य की बड़ी समस्या रहे हैं।
इसमें तेज बुखार, मानसिक स्थिति में बदलाव, दौरे और गंभीर neurological complications हो सकते हैं। बच्चों में बीमारी विशेष रूप से खतरनाक रही है।
पूर्वांचल के गोरखपुर, महाराजगंज, कुशीनगर, सिद्धार्थनगर, बस्ती और संत कबीर नगर जैसे जिले लंबे समय तक AES और JE से सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में गिने जाते रहे।
अब बीमारी की स्थिति कितनी बदली?
यहां CM योगी के राजनीतिक बयान के साथ वास्तविक health data देना बहुत जरूरी है।
उत्तर प्रदेश सरकार की publication के मुताबिक:
| वर्ष | Japanese Encephalitis से दर्ज मौतें |
|---|---|
| 2018 | 25 |
| 2019 | 21 |
| 2020 | 9 |
| 2021 | 5 |
| 2022 | 4 |
| 2023 | 3 |
| 2024 | 2 |
| 2025 | 0 |
राज्य सरकार ने इस गिरावट का श्रेय vaccination, स्वच्छता, साफ पेयजल, surveillance और communicable disease control campaigns को दिया है।
एक अन्य सरकारी summary में AES के cases 2018 के 1,472 से घटकर 2024 में 116 और JE cases 174 से घटकर सिर्फ 5 बताए गए।
इसलिए यह कहना उचित है कि पूर्वांचल में JE/AES burden में बहुत बड़ी गिरावट दर्ज हुई है, लेकिन “दुनिया से बीमारी पूरी तरह समाप्त हो गई” जैसी broad wording से बचना चाहिए।
केंद्र ने भी बीमारी में गिरावट की बात कही थी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2020 के एक सरकारी कार्यक्रम में कहा था कि पूर्वांचल में encephalitis के मरीज और मृत्यु दर में बड़ी कमी आई है। उस समय PIB के बयान में death rate में करीब 90 प्रतिशत गिरावट की बात कही गई थी।
2021 में मेडिकल कॉलेजों के उद्घाटन के दौरान भी प्रधानमंत्री ने कहा था कि पूर्वांचल में encephalitis से निपटने के लिए राज्य सरकार के प्रयासों से हजारों बच्चों की जान बची।
यह context article में इसलिए जरूरी है क्योंकि इससे story केवल राजनीतिक बयान नहीं रह जाती, बल्कि public-health timeline भी बनती है।
सरकार ने क्या कदम उठाए?
उत्तर प्रदेश सरकार अपने encephalitis-control model में कई interventions को महत्वपूर्ण बताती है:
- Japanese Encephalitis vaccination
- Dastak और communicable disease control campaign
- साफ पेयजल
- खुले में शौच कम करने के अभियान
- ग्रामीण sanitation
- disease surveillance
- primary health infrastructure
- प्रभावित जिलों में treatment facilities
राज्य सरकार की publication में खास तौर पर clean drinking water और sanitation को disease-control strategy का अहम हिस्सा बताया गया है।
‘एक जिला, एक माफिया’ से ‘एक जिला, एक मेडिकल कॉलेज’
देवरिया के भाषण में योगी ने health infrastructure को law-and-order politics से भी जोड़ा।
उन्होंने कहा कि पहले प्रदेश में “एक जिला, एक माफिया” जैसी स्थिति थी, जबकि उनकी सरकार का लक्ष्य “एक जिला, एक मेडिकल कॉलेज” है।
योगी ने देवरिया और कुशीनगर में मेडिकल कॉलेजों का उदाहरण दिया।
यह उनकी सरकार के development narrative का मुख्य हिस्सा था।
SP पर Mafia और परिवारवाद को लेकर भी हमला
इंसेफेलाइटिस के अलावा योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर भ्रष्टाचार, लूट और परिवारवाद के आरोप लगाए।
उन्होंने सपा को लेकर बेहद तीखी राजनीतिक भाषा का इस्तेमाल किया और पार्टी के भविष्य की तुलना जनता दल के पतन से की।
योगी ने अखिलेश यादव के परिवार के कई सदस्यों के सांसद होने का जिक्र करते हुए दावा किया कि परिवारवाद वाली राजनीति लंबे समय तक नहीं टिकेगी।
ये सभी मुख्यमंत्री के political allegations और predictions हैं; इन्हें इसी attribution के साथ प्रकाशित करना चाहिए।
बेटियों और व्यापारियों की सुरक्षा पर क्या बोले?
CM योगी ने law and order पर भी अपनी सरकार का पक्ष रखा।
उन्होंने कहा कि महिलाओं और व्यापारियों की सुरक्षा को खतरा पैदा करने वालों के लिए सरकार सख्त कार्रवाई करेगी। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि प्रदेश में mafia networks को कमजोर किया गया है।
इस हिस्से को article में CM के law-and-order claim की तरह रखें; स्वतंत्र crime-statistics conclusion के रूप में नहीं।
देवरिया को ₹305 करोड़ की 80 परियोजनाएं
योगी आदित्यनाथ का देवरिया दौरा केवल राजनीतिक सभा नहीं था।
मुख्यमंत्री ने सलेमपुर और भाटपार रानी विधानसभा क्षेत्रों में करीब ₹305 करोड़ लागत की 80 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। कार्यक्रम में सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाणपत्र और आर्थिक सहायता भी दी गई।
यह तथ्य headline में जरूरी नहीं है, लेकिन story में इसे रखने से report ज्यादा complete बनेगी।
उसी दिन Gorakhpur में भी ₹130 करोड़ से अधिक के काम
29 अगस्त के पूर्वांचल दौरे में मुख्यमंत्री ने गोरखपुर में भी विकास परियोजनाओं का कार्यक्रम रखा।
गोरखपुर में नगर निगम की 140 और GDA की 30, यानी कुल 170 परियोजनाओं की लागत करीब ₹130.73 करोड़ बताई गई।
इस तरह देवरिया और गोरखपुर में उस दिन घोषित/लोकार्पित परियोजनाओं का कुल मूल्य ₹435 करोड़ से अधिक रहा।
Ballia Flood का भी लिया जायजा
पूर्वांचल दौरे के दौरान CM योगी का बलिया के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण भी कार्यक्रम में शामिल था।
बांसडीह, बैरिया और सदर तहसील के प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचाने की व्यवस्था की गई।
यानी 29 अगस्त का दौरा तीन हिस्सों में था:
Flood relief + development projects + political speech.
इस बयान की राजनीति क्यों महत्वपूर्ण?
पूर्वांचल में इंसेफेलाइटिस सिर्फ health issue नहीं रहा है; वर्षों से यह सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था, गरीबी, sanitation और political accountability से जुड़ा विषय रहा है।
योगी आदित्यनाथ गोरखपुर से लंबे समय तक सांसद रहे और मुख्यमंत्री बनने से पहले भी संसद में encephalitis का मुद्दा उठाते रहे थे। 2021 में प्रधानमंत्री मोदी ने भी उस पुराने parliamentary intervention का उल्लेख किया था।
इसलिए जब योगी इंसेफेलाइटिस को लेकर सपा-कांग्रेस पर निशाना साधते हैं तो वह अपने पुराने राजनीतिक narrative को 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले फिर आगे बढ़ा रहे हैं।
