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                <title>Lucknow Politics - Pratyakshdarshi Samachar</title>
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                <description>Lucknow Politics RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>अमरेश कुमार कौन हैं? मोहनलालगंज से पहली बार बने BJP विधायक, जानिए शिक्षा, संपत्ति और पूरा राजनीतिक सफर</title>
                                    <description><![CDATA[अमरेश कुमार भारतीय जनता पार्टी के नेता और 176-मोहनलालगंज विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। जानिए उनका जन्म, शिक्षा, सामाजिक जीवन, 2022 चुनाव परिणाम, विधानसभा उपस्थिति, घोषित संपत्ति और राजनीतिक सफर की पूरी जानकारी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/politics/amresh-kumar-biography-mohanlalganj-mla-bjp-political-career-assets-election-profile/article-1862"><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/400/2026-08/amresh-kumar-mohanlalganj-mla-bjp-profile-biography.jpg-(2).jpg" alt=""></a><br /><h1 class="PDq2pG_selectionAnchorContainer">अमरेश कुमार कौन हैं?</h1>
<img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/2026-08/amresh-kumar-mohanlalganj-mla-bjp-profile-biography.jpg-(2).jpg" alt="amresh-kumar-mohanlalganj-mla-bjp-profile-biography.jpg (2)" width="1366" height="768"></img>
अमरेश कुमार भारतीय जनता पार्टी के नेता और 176-मोहनलालगंज विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। उन्होंने 2022 में पहली बार विधानसभा चुनाव जीता।

<p><strong>अमरेश कुमार</strong> भारतीय जनता पार्टी के नेता और <strong>176–मोहनलालगंज विधानसभा क्षेत्र से विधायक</strong> हैं। उन्होंने वर्ष 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवार के रूप में जीत दर्ज की और पहली बार उत्तर प्रदेश विधानसभा पहुंचे।</p>
<p>मोहनलालगंज अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित विधानसभा क्षेत्र है और इसमें लखनऊ जिले के बड़े ग्रामीण तथा तेजी से विकसित हो रहे अर्धशहरी इलाके शामिल हैं।</p>
<p>अमरेश कुमार की राजनीतिक पहचान ग्रामीण और सामाजिक पृष्ठभूमि से निकले भाजपा नेता के रूप में है। चुनावी शपथपत्र में उन्होंने अपना मुख्य पेशा <strong>कृषि और प्रॉपर्टी डीलिंग</strong> बताया है।</p>
<p>राजनीति में प्रमुखता से आने से पहले वह सामाजिक संगठनों के माध्यम से भी सक्रिय रहे।</p>
<h1>जन्म और पारिवारिक पृष्ठभूमि</h1>
<p> </p>
<p>अमरेश कुमार का जन्म <strong>7 सितंबर 1974</strong> को लखनऊ के आईआईएम रोड क्षेत्र स्थित <strong>ग्राम रायपुर</strong> में हुआ था।</p>
<p>उनके पिता का नाम <strong>राम प्रसाद</strong> था। उपलब्ध सार्वजनिक विधायक परिचय में उन्हें स्वर्गीय बताया गया है।</p>
<p>उनकी पत्नी का नाम <strong>श्रीमती वीरमती</strong> है। वर्ष 2022 के चुनावी शपथपत्र के मुताबिक उनकी पत्नी कृषि कार्य से जुड़ी हुई हैं।</p>
<p>सार्वजनिक विधायक परिचय में अमरेश कुमार के परिवार में <strong>दो पुत्र और एक पुत्री</strong> होने का उल्लेख मिलता है।</p>
<p>हालांकि कुछ गैर-आधिकारिक स्रोतों में बच्चों की संख्या को लेकर अलग-अलग जानकारी मिलती है। इसलिए पारिवारिक जानकारी देते समय अधिकृत या निकटतम आधिकारिक विवरण को प्राथमिकता देना उचित है।</p>
<h1>अमरेश कुमार की शिक्षा</h1>
<p>अमरेश कुमार स्नातक हैं।</p>
<p>वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में दाखिल उनके चुनावी शपथपत्र के अनुसार उन्होंने <strong>2018 में श्री सतगुरु साईं कॉलेज, रुदामऊ, माधौगंज, हरदोई</strong> से स्नातक की शिक्षा पूरी की।</p>
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<div class="TyagGW_tableWrapper flex flex-col-reverse w-fit">
<table class="w-fit min-w-(--thread-content-width)">
<thead>
<tr>
<th class="last:pe-10">योग्यता</th>
<th class="last:pe-10">संस्थान</th>
<th class="last:pe-10">वर्ष</th>
</tr>
</thead>
<tbody>
<tr>
<td><strong>स्नातक</strong></td>
<td>श्री सतगुरु साईं कॉलेज, रुदामऊ, माधौगंज, हरदोई</td>
<td><strong>2018</strong></td>
</tr>
</tbody>
</table>
</div>
</div>
<p>यह जानकारी उनके 2022 के चुनावी शपथपत्र में दी गई स्वघोषित शैक्षणिक जानकारी पर आधारित है।</p>
<h1>कृषि और प्रॉपर्टी कारोबार से जुड़ाव</h1>
<p>अमरेश कुमार की आर्थिक और पेशेवर पृष्ठभूमि ग्रामीण जीवन से जुड़ी रही है।</p>
<p>2022 के चुनावी affidavit में उन्होंने अपने पेशे के रूप में:</p>
<ul>
<li>कृषि</li>
<li>प्रॉपर्टी डीलिंग</li>
</ul>
<p>का उल्लेख किया था।</p>
<p>उनकी पत्नी ने भी अपने पेशे के रूप में कृषि की जानकारी दी थी।</p>
<p>इस तरह राजनीति में सक्रिय होने से पहले उनकी पहचान कृषि और संपत्ति व्यवसाय से जुड़े व्यक्ति के रूप में भी रही।</p>
<h1>सामाजिक संगठनों से सार्वजनिक जीवन की शुरुआत</h1>
<p>अमरेश कुमार का सार्वजनिक जीवन केवल चुनावी राजनीति से शुरू नहीं हुआ।</p>
<p>उपलब्ध विधायक परिचय के मुताबिक वह वर्ष <strong>2007 से कबीर मिशन के सक्रिय सदस्य</strong> रहे हैं।</p>
<p>इसके बाद वर्ष <strong>2012 से पारख महासंघ में जिलाध्यक्ष</strong> की जिम्मेदारी संभालने का उल्लेख भी मिलता है।</p>
<p>उनकी सामाजिक गतिविधियों में:</p>
<ul>
<li>शिक्षा से जुड़े कार्यक्रम</li>
<li>सामाजिक जागरूकता</li>
<li>महापुरुषों के विचारों का प्रचार</li>
<li>सामाजिक सुधारकों के इतिहास में रुचि</li>
<li>स्थानीय स्तर पर सामाजिक कार्यक्रम</li>
</ul>
<p>शामिल रहे हैं।</p>
<p>इन संगठनों में उनका वर्तमान पद समय के साथ बदल सकता है, इसलिए आज की स्थिति में किसी पद का उल्लेख करने से पहले अलग आधिकारिक पुष्टि करना बेहतर होगा।</p>
<h1>राजनीति में कैसे आए अमरेश कुमार?</h1>
<p>अमरेश कुमार की सक्रिय राजनीति के शुरुआती वर्षों को लेकर बहुत विस्तृत आधिकारिक दस्तावेज सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं हैं।</p>
<p>हालांकि उनके सार्वजनिक परिचय से यह स्पष्ट होता है कि उन्होंने पहले सामाजिक संगठनों और स्थानीय जनसंपर्क के जरिए अपनी पहचान बनाई।</p>
<p>मोहनलालगंज और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक गतिविधियों तथा स्थानीय संपर्क के आधार पर वह धीरे-धीरे भाजपा की राजनीति में सक्रिय हुए।</p>
<p>भारतीय जनता पार्टी ने वर्ष 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में उन्हें <strong>176–मोहनलालगंज सुरक्षित सीट</strong> से उम्मीदवार बनाया।</p>
<p>यही चुनाव उनके राजनीतिक करियर का सबसे बड़ा मोड़ साबित हुआ।</p>
<h1>2022 में पहली बार लड़ा विधानसभा चुनाव</h1>
<p>2022 के विधानसभा चुनाव में अमरेश कुमार का मुख्य मुकाबला समाजवादी पार्टी की वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद <strong>सुशीला सरोज</strong> से हुआ।</p>
<p>चुनाव परिणाम में अमरेश कुमार ने एक लाख से अधिक वोट हासिल किए।</p>
<div class="group TyagGW_tableContainer">
<div class="TyagGW_tableWrapper flex flex-col-reverse w-fit">
<table class="w-fit min-w-(--thread-content-width)">
<thead>
<tr>
<th class="last:pe-10">उम्मीदवार</th>
<th class="last:pe-10">पार्टी</th>
<th class="last:pe-10">प्राप्त वोट</th>
<th class="last:pe-10">मत प्रतिशत</th>
</tr>
</thead>
<tbody>
<tr>
<td><strong>अमरेश कुमार</strong></td>
<td>भाजपा</td>
<td><strong>1,07,089</strong></td>
<td><strong>लगभग 43.6%</strong></td>
</tr>
<tr>
<td>सुशीला सरोज</td>
<td>समाजवादी पार्टी</td>
<td>90,541</td>
<td>लगभग 36.8%</td>
</tr>
</tbody>
</table>
</div>
</div>
<p>अमरेश कुमार ने सुशीला सरोज को <strong>16,548 वोटों के अंतर</strong> से हराया।</p>
<p>इस जीत के साथ वह पहली बार उत्तर प्रदेश विधानसभा के सदस्य बने।</p>
<h1>535 वोट या 16,548 वोट? क्या है सही अंतर</h1>
<p>अमरेश कुमार के 2022 चुनाव परिणाम को लेकर शुरुआती मतगणना के दौरान कुछ खबरों में उनकी बढ़त केवल <strong>535 वोट</strong> बताई गई थी।</p>
<p>लेकिन वह अंतिम परिणाम नहीं था।</p>
<p>अंतिम मतगणना में अमरेश कुमार को <strong>1,07,089 वोट</strong> और सुशीला सरोज को <strong>90,541 वोट</strong> मिले।</p>
<p>इस हिसाब से जीत का अंतिम और सही अंतर:</p>
<p><strong>16,548 वोट</strong></p>
<p>रहा।</p>
<p>इसलिए वेबसाइट पर 535 वोट वाला आंकड़ा इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।</p>
<h1>भाजपा के लिए मोहनलालगंज की जीत क्यों महत्वपूर्ण थी?</h1>
<p>मोहनलालगंज सीट पर समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और दूसरे दलों का लंबे समय से प्रभाव रहा था।</p>
<p>2017 में यहां से समाजवादी पार्टी के <strong>अम्ब्रीश सिंह पुष्कर</strong> विधायक बने थे।</p>
<p>2022 में अमरेश कुमार की जीत ने सीट भाजपा के खाते में पहुंचा दी।</p>
<p>उनकी जीत कई कारणों से राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण रही:</p>
<ul>
<li>उन्होंने पहली बार विधानसभा चुनाव लड़कर जीत दर्ज की।</li>
<li>उन्हें एक लाख से अधिक वोट मिले।</li>
<li>उन्होंने सपा की वरिष्ठ नेता सुशीला सरोज को हराया।</li>
<li>भाजपा ने मोहनलालगंज सुरक्षित सीट पर महत्वपूर्ण वापसी की।</li>
<li>2017 में यह सीट समाजवादी पार्टी के पास थी।</li>
</ul>
<p>इसी वजह से 2022 का परिणाम अमरेश कुमार के व्यक्तिगत राजनीतिक करियर के साथ भाजपा के लिए भी महत्वपूर्ण माना गया।</p>
<h1>विधायक के रूप में अमरेश कुमार</h1>
<p>मार्च 2022 से अमरेश कुमार उत्तर प्रदेश की <strong>18वीं विधानसभा</strong> में मोहनलालगंज क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।</p>
<p>मोहनलालगंज का राजनीतिक भूगोल बाकी शहरी लखनऊ से अलग है।</p>
<p>यहां ग्रामीण आबादी, खेती, गांवों की connectivity और तेजी से फैलते Lucknow urban expansion—दोनों तरह के मुद्दे एक साथ मौजूद हैं।</p>
<p>इस क्षेत्र के प्रमुख मुद्दों में सामान्य तौर पर शामिल हैं:</p>
<ul>
<li>ग्रामीण सड़कों का निर्माण और मरम्मत</li>
<li>बिजली आपूर्ति</li>
<li>पेयजल</li>
<li>सिंचाई</li>
<li>किसानों की समस्याएं</li>
<li>प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र</li>
<li>सरकारी विद्यालयों की स्थिति</li>
<li>रोजगार एवं स्वरोजगार</li>
<li>अनुसूचित जाति की बस्तियों में मूलभूत सुविधाएं</li>
<li>आवास और जमीन से जुड़े विवाद</li>
<li>राजस्व संबंधी मामले</li>
<li>लखनऊ शहर के विस्तार से प्रभावित गांवों का नियोजित विकास</li>
</ul>
<p>हालांकि इन मुद्दों को क्षेत्र की जरूरतें माना जा सकता है, लेकिन विधायक की व्यक्तिगत उपलब्धियों का मूल्यांकन करते समय <strong>घोषणा, स्वीकृति, जारी धन और धरातल पर पूरा हुआ काम</strong>—इन चारों को अलग-अलग देखना जरूरी है।</p>
<h1>विधानसभा में कितनी रही उपस्थिति?</h1>
<p>PRS Legislative Research पर उपलब्ध संबंधित अवधि के आंकड़ों में अमरेश कुमार की विधानसभा उपस्थिति लगभग <strong>95.1 प्रतिशत</strong> दर्ज की गई।</p>
<p>इसी अवधि में उत्तर प्रदेश विधानसभा का औसत लगभग <strong>86.8 प्रतिशत</strong> बताया गया।</p>
<p>यानी उपलब्ध tracking period के हिसाब से उनकी attendance राज्य के औसत से ऊपर रही।</p>
<p>लेकिन ध्यान रहे:</p>
<p>यह आंकड़ा <strong>10 मार्च 2022 से 5 मार्च 2025 तक उपलब्ध data period</strong> से संबंधित है।</p>
<p>इसे पूरे पांच साल के कार्यकाल का final attendance percentage नहीं माना जाना चाहिए।</p>
<h1>2022 में कितनी संपत्ति घोषित की?</h1>
<p>अमरेश कुमार ने 2022 के विधानसभा चुनाव में दाखिल affidavit में लगभग <strong>₹12.13 करोड़ की कुल संपत्ति</strong> घोषित की थी।</p>
<div class="group TyagGW_tableContainer">
<div class="TyagGW_tableWrapper flex flex-col-reverse w-fit">
<table class="w-fit min-w-(--thread-content-width)">
<thead>
<tr>
<th class="last:pe-10">विवरण</th>
<th class="last:pe-10">2022 में घोषित जानकारी</th>
</tr>
</thead>
<tbody>
<tr>
<td><strong>कुल संपत्ति</strong></td>
<td><strong>₹12,12,61,397</strong></td>
</tr>
<tr>
<td><strong>कुल देनदारियां</strong></td>
<td><strong>शून्य</strong></td>
</tr>
<tr>
<td><strong>मुख्य पेशा</strong></td>
<td>कृषि और प्रॉपर्टी डीलिंग</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>पत्नी का पेशा</strong></td>
<td>कृषि</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>शैक्षणिक योग्यता</strong></td>
<td>स्नातक</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>घोषित आपराधिक मामले</strong></td>
<td><strong>शून्य</strong></td>
</tr>
</tbody>
</table>
</div>
</div>
<p>इन संपत्तियों में उम्मीदवार, उनकी पत्नी और आश्रितों की घोषित चल-अचल संपत्तियां शामिल हो सकती हैं।</p>
<p>यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि यह <strong>2022 में उम्मीदवार द्वारा निर्वाचन आयोग को दिया गया self-declared affidavit data</strong> है।</p>
<p>इसका अर्थ यह नहीं है कि 2026 में उनकी वर्तमान संपत्ति का बाजार मूल्य भी ठीक ₹12.12 करोड़ ही है।</p>
<p>सही wording होगी:</p>
<p><strong>“अमरेश कुमार ने 2022 के चुनावी शपथपत्र में ₹12.12 करोड़ से अधिक की कुल संपत्ति घोषित की थी।”</strong></p>
<h1>क्या अमरेश कुमार पर आपराधिक मामले हैं?</h1>
<p>वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में दाखिल affidavit में अमरेश कुमार ने <strong>कोई लंबित आपराधिक मामला घोषित नहीं किया था।</strong></p>
<p>इसका अर्थ सिर्फ इतना है कि:</p>
<p><strong>2022 में दाखिल चुनावी शपथपत्र के मुताबिक उनके द्वारा कोई criminal case घोषित नहीं किया गया था।</strong></p>
<p>इसे:</p>
<p><strong>“अमरेश कुमार पर कभी कोई मुकदमा नहीं हुआ”</strong></p>
<p>के रूप में नहीं लिखना चाहिए।</p>
<p>दोनों statements अलग हैं।</p>
<p>अगर भविष्य में नया affidavit या कोई न्यायिक रिकॉर्ड आता है तो वर्तमान स्थिति अलग हो सकती है।</p>
<h1>अमरेश कुमार का राजनीतिक सफर: Timeline</h1>
<div class="group TyagGW_tableContainer">
<div class="TyagGW_tableWrapper flex flex-col-reverse w-fit">
<table class="w-fit min-w-(--thread-content-width)">
<thead>
<tr>
<th class="last:pe-10">वर्ष</th>
<th class="last:pe-10">गतिविधि / राजनीतिक पड़ाव</th>
</tr>
</thead>
<tbody>
<tr>
<td><strong>2007</strong></td>
<td>कबीर मिशन में सक्रिय सदस्य के रूप में जुड़ाव</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>2012</strong></td>
<td>पारख महासंघ में जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी का उल्लेख</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>2018</strong></td>
<td>स्नातक की शिक्षा पूरी</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>2022</strong></td>
<td>भाजपा ने मोहनलालगंज विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशी बनाया</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>मार्च 2022</strong></td>
<td>पहली बार विधायक निर्वाचित</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>2022-वर्तमान</strong></td>
<td>176-मोहनलालगंज विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक</td>
</tr>
</tbody>
</table>
</div>
</div>
<h1>अमरेश कुमार की राजनीतिक पहचान</h1>
<p>अमरेश कुमार की राजनीतिक पहचान मुख्य रूप से <strong>ग्रामीण और सामाजिक पृष्ठभूमि से आए भाजपा नेता</strong> की है।</p>
<p>उनके सार्वजनिक और राजनीतिक जीवन की मुख्य विशेषताएं हैं:</p>
<ul>
<li>कृषि परिवार से जुड़ाव</li>
<li>कृषि और प्रॉपर्टी कारोबार की पृष्ठभूमि</li>
<li>सामाजिक संगठनों के जरिए सक्रियता</li>
<li>कबीर मिशन से जुड़ाव</li>
<li>पहली बार विधानसभा चुनाव लड़कर जीत</li>
<li>एक लाख से अधिक मत हासिल करना</li>
<li>मोहनलालगंज सुरक्षित सीट भाजपा के खाते में लाना</li>
<li>विधानसभा में उपलब्ध अवधि में 95 प्रतिशत से अधिक attendance</li>
</ul>
<h1>परिवार और सार्वजनिक जानकारी में कुछ अंतर</h1>
<p>अमरेश कुमार के बारे में अलग-अलग सार्वजनिक websites पर कुछ सीमित जानकारियां अलग-अलग रूप में मिलती हैं।</p>
<p>इसलिए profile बनाते समय कुछ facts को सावधानी से लिखना चाहिए।</p>
<p><strong>जन्मतिथि:</strong> 7 सितंबर 1974 बताई गई है और 2022 के affidavit में उनकी आयु 47 वर्ष थी। दोनों बातें broadly एक-दूसरे से मेल खाती हैं।</p>
<p><strong>पिता:</strong> चुनावी affidavit में नाम राम प्रसाद है, जबकि विधायक परिचय में उन्हें स्वर्गीय बताया गया है।</p>
<p><strong>बच्चे:</strong> कुछ websites अलग संख्या बताती हैं, जबकि उपलब्ध विधायक परिचय में दो पुत्र और एक पुत्री का उल्लेख है।</p>
<p><strong>2022 जीत:</strong> मतगणना के शुरुआती दौर के 535 वोट के आंकड़े को final result न मानें; अंतिम जीत का अंतर <strong>16,548 वोट</strong> था।</p>
<h1>एक नजर में अमरेश कुमार</h1>
<div class="group TyagGW_tableContainer">
<div class="TyagGW_tableWrapper flex flex-col-reverse w-fit">
<table class="w-fit min-w-(--thread-content-width)">
<thead>
<tr>
<th class="last:pe-10">जानकारी</th>
<th class="last:pe-10">विवरण</th>
</tr>
</thead>
<tbody>
<tr>
<td><strong>पूरा नाम</strong></td>
<td>अमरेश कुमार</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>जन्म</strong></td>
<td>7 सितंबर 1974</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>जन्मस्थान</strong></td>
<td>ग्राम रायपुर, आईआईएम रोड क्षेत्र, लखनऊ</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>पिता</strong></td>
<td>राम प्रसाद</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>पत्नी</strong></td>
<td>वीरमती</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>शिक्षा</strong></td>
<td>स्नातक</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>पेशा</strong></td>
<td>कृषि और प्रॉपर्टी डीलिंग</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>पार्टी</strong></td>
<td>भारतीय जनता पार्टी</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>विधानसभा क्षेत्र</strong></td>
<td>176–मोहनलालगंज</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>सीट का प्रकार</strong></td>
<td>अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>पहली विधानसभा जीत</strong></td>
<td>2022</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>2022 में प्राप्त वोट</strong></td>
<td>1,07,089</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>जीत का अंतर</strong></td>
<td>16,548</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>2022 घोषित संपत्ति</strong></td>
<td>₹12,12,61,397</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>2022 घोषित देनदारियां</strong></td>
<td>शून्य</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>2022 घोषित आपराधिक मामले</strong></td>
<td>शून्य</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>उपलब्ध अवधि की विधानसभा उपस्थिति</strong></td>
<td>लगभग 95.1%</td>
</tr>
</tbody>
</table>
</div>
</div>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजनीति</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 27 Aug 2026 15:27:36 +0530</pubDate>
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                <title>अमरेश कुमार कौन हैं? मोहनलालगंज से पहली बार बने BJP विधायक, जानिए शिक्षा, संपत्ति और पूरा राजनीतिक सफर</title>
                                    <description><![CDATA[अमरेश कुमार भारतीय जनता पार्टी के नेता और 176-मोहनलालगंज विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। जानिए उनका जन्म, शिक्षा, सामाजिक जीवन, 2022 चुनाव परिणाम, विधानसभा उपस्थिति, घोषित संपत्ति और राजनीतिक सफर की पूरी जानकारी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/politics/amresh-kumar-biography-mohanlalganj-mla-bjp-political-career-assets-election-profile/article-1861"><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/400/2026-08/amresh-kumar-mohanlalganj-mla-bjp-profile-biography.jpg.jpg" alt=""></a><br /><h1 class="PDq2pG_selectionAnchorContainer">अमरेश कुमार कौन हैं?</h1>
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अमरेश कुमार भारतीय जनता पार्टी के नेता और 176-मोहनलालगंज विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। उन्होंने 2022 में पहली बार विधानसभा चुनाव जीता।

<p><strong>अमरेश कुमार</strong> भारतीय जनता पार्टी के नेता और <strong>176–मोहनलालगंज विधानसभा क्षेत्र से विधायक</strong> हैं। उन्होंने वर्ष 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवार के रूप में जीत दर्ज की और पहली बार उत्तर प्रदेश विधानसभा पहुंचे।</p>
<p>मोहनलालगंज अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित विधानसभा क्षेत्र है और इसमें लखनऊ जिले के बड़े ग्रामीण तथा तेजी से विकसित हो रहे अर्धशहरी इलाके शामिल हैं।</p>
<p>अमरेश कुमार की राजनीतिक पहचान ग्रामीण और सामाजिक पृष्ठभूमि से निकले भाजपा नेता के रूप में है। चुनावी शपथपत्र में उन्होंने अपना मुख्य पेशा <strong>कृषि और प्रॉपर्टी डीलिंग</strong> बताया है।</p>
<p>राजनीति में प्रमुखता से आने से पहले वह सामाजिक संगठनों के माध्यम से भी सक्रिय रहे।</p>
<h1>जन्म और पारिवारिक पृष्ठभूमि</h1>
<p>अमरेश कुमार का जन्म <strong>7 सितंबर 1974</strong> को लखनऊ के आईआईएम रोड क्षेत्र स्थित <strong>ग्राम रायपुर</strong> में हुआ था।</p>
<p>उनके पिता का नाम <strong>राम प्रसाद</strong> था। उपलब्ध सार्वजनिक विधायक परिचय में उन्हें स्वर्गीय बताया गया है।</p>
<p>उनकी पत्नी का नाम <strong>श्रीमती वीरमती</strong> है। वर्ष 2022 के चुनावी शपथपत्र के मुताबिक उनकी पत्नी कृषि कार्य से जुड़ी हुई हैं।</p>
<p>सार्वजनिक विधायक परिचय में अमरेश कुमार के परिवार में <strong>दो पुत्र और एक पुत्री</strong> होने का उल्लेख मिलता है।</p>
<p>हालांकि कुछ गैर-आधिकारिक स्रोतों में बच्चों की संख्या को लेकर अलग-अलग जानकारी मिलती है। इसलिए पारिवारिक जानकारी देते समय अधिकृत या निकटतम आधिकारिक विवरण को प्राथमिकता देना उचित है।</p>
<h1>अमरेश कुमार की शिक्षा</h1>
<p>अमरेश कुमार स्नातक हैं।</p>
<p>वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में दाखिल उनके चुनावी शपथपत्र के अनुसार उन्होंने <strong>2018 में श्री सतगुरु साईं कॉलेज, रुदामऊ, माधौगंज, हरदोई</strong> से स्नातक की शिक्षा पूरी की।</p>
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<table class="w-fit min-w-(--thread-content-width)">
<thead>
<tr>
<th class="last:pe-10">योग्यता</th>
<th class="last:pe-10">संस्थान</th>
<th class="last:pe-10">वर्ष</th>
</tr>
</thead>
<tbody>
<tr>
<td><strong>स्नातक</strong></td>
<td>श्री सतगुरु साईं कॉलेज, रुदामऊ, माधौगंज, हरदोई</td>
<td><strong>2018</strong></td>
</tr>
</tbody>
</table>
</div>
</div>
<p>यह जानकारी उनके 2022 के चुनावी शपथपत्र में दी गई स्वघोषित शैक्षणिक जानकारी पर आधारित है।</p>
<h1>कृषि और प्रॉपर्टी कारोबार से जुड़ाव</h1>
<p>अमरेश कुमार की आर्थिक और पेशेवर पृष्ठभूमि ग्रामीण जीवन से जुड़ी रही है।</p>
<p>2022 के चुनावी affidavit में उन्होंने अपने पेशे के रूप में:</p>
<ul>
<li>कृषि</li>
<li>प्रॉपर्टी डीलिंग</li>
</ul>
<p>का उल्लेख किया था।</p>
<p>उनकी पत्नी ने भी अपने पेशे के रूप में कृषि की जानकारी दी थी।</p>
<p>इस तरह राजनीति में सक्रिय होने से पहले उनकी पहचान कृषि और संपत्ति व्यवसाय से जुड़े व्यक्ति के रूप में भी रही।</p>
<h1>सामाजिक संगठनों से सार्वजनिक जीवन की शुरुआत</h1>
<p>अमरेश कुमार का सार्वजनिक जीवन केवल चुनावी राजनीति से शुरू नहीं हुआ।</p>
<p>उपलब्ध विधायक परिचय के मुताबिक वह वर्ष <strong>2007 से कबीर मिशन के सक्रिय सदस्य</strong> रहे हैं।</p>
<p>इसके बाद वर्ष <strong>2012 से पारख महासंघ में जिलाध्यक्ष</strong> की जिम्मेदारी संभालने का उल्लेख भी मिलता है।</p>
<p>उनकी सामाजिक गतिविधियों में:</p>
<ul>
<li>शिक्षा से जुड़े कार्यक्रम</li>
<li>सामाजिक जागरूकता</li>
<li>महापुरुषों के विचारों का प्रचार</li>
<li>सामाजिक सुधारकों के इतिहास में रुचि</li>
<li>स्थानीय स्तर पर सामाजिक कार्यक्रम</li>
</ul>
<p>शामिल रहे हैं।</p>
<p>इन संगठनों में उनका वर्तमान पद समय के साथ बदल सकता है, इसलिए आज की स्थिति में किसी पद का उल्लेख करने से पहले अलग आधिकारिक पुष्टि करना बेहतर होगा।</p>
<h1>राजनीति में कैसे आए अमरेश कुमार?</h1>
<p>अमरेश कुमार की सक्रिय राजनीति के शुरुआती वर्षों को लेकर बहुत विस्तृत आधिकारिक दस्तावेज सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं हैं।</p>
<p>हालांकि उनके सार्वजनिक परिचय से यह स्पष्ट होता है कि उन्होंने पहले सामाजिक संगठनों और स्थानीय जनसंपर्क के जरिए अपनी पहचान बनाई।</p>
<p>मोहनलालगंज और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक गतिविधियों तथा स्थानीय संपर्क के आधार पर वह धीरे-धीरे भाजपा की राजनीति में सक्रिय हुए।</p>
<p>भारतीय जनता पार्टी ने वर्ष 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में उन्हें <strong>176–मोहनलालगंज सुरक्षित सीट</strong> से उम्मीदवार बनाया।</p>
<p>यही चुनाव उनके राजनीतिक करियर का सबसे बड़ा मोड़ साबित हुआ।</p>
<h1>2022 में पहली बार लड़ा विधानसभा चुनाव</h1>
<p>2022 के विधानसभा चुनाव में अमरेश कुमार का मुख्य मुकाबला समाजवादी पार्टी की वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद <strong>सुशीला सरोज</strong> से हुआ।</p>
<p>चुनाव परिणाम में अमरेश कुमार ने एक लाख से अधिक वोट हासिल किए।</p>
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<div class="TyagGW_tableWrapper flex flex-col-reverse w-fit">
<table class="w-fit min-w-(--thread-content-width)">
<thead>
<tr>
<th class="last:pe-10">उम्मीदवार</th>
<th class="last:pe-10">पार्टी</th>
<th class="last:pe-10">प्राप्त वोट</th>
<th class="last:pe-10">मत प्रतिशत</th>
</tr>
</thead>
<tbody>
<tr>
<td><strong>अमरेश कुमार</strong></td>
<td>भाजपा</td>
<td><strong>1,07,089</strong></td>
<td><strong>लगभग 43.6%</strong></td>
</tr>
<tr>
<td>सुशीला सरोज</td>
<td>समाजवादी पार्टी</td>
<td>90,541</td>
<td>लगभग 36.8%</td>
</tr>
</tbody>
</table>
</div>
</div>
<p>अमरेश कुमार ने सुशीला सरोज को <strong>16,548 वोटों के अंतर</strong> से हराया।</p>
<p>इस जीत के साथ वह पहली बार उत्तर प्रदेश विधानसभा के सदस्य बने।</p>
<h1>535 वोट या 16,548 वोट? क्या है सही अंतर</h1>
<p>अमरेश कुमार के 2022 चुनाव परिणाम को लेकर शुरुआती मतगणना के दौरान कुछ खबरों में उनकी बढ़त केवल <strong>535 वोट</strong> बताई गई थी।</p>
<p>लेकिन वह अंतिम परिणाम नहीं था।</p>
<p>अंतिम मतगणना में अमरेश कुमार को <strong>1,07,089 वोट</strong> और सुशीला सरोज को <strong>90,541 वोट</strong> मिले।</p>
<p>इस हिसाब से जीत का अंतिम और सही अंतर:</p>
<p><strong>16,548 वोट</strong></p>
<p>रहा।</p>
<p>इसलिए वेबसाइट पर 535 वोट वाला आंकड़ा इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।</p>
<h1>भाजपा के लिए मोहनलालगंज की जीत क्यों महत्वपूर्ण थी?</h1>
<p>मोहनलालगंज सीट पर समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और दूसरे दलों का लंबे समय से प्रभाव रहा था।</p>
<p>2017 में यहां से समाजवादी पार्टी के <strong>अम्ब्रीश सिंह पुष्कर</strong> विधायक बने थे।</p>
<p>2022 में अमरेश कुमार की जीत ने सीट भाजपा के खाते में पहुंचा दी।</p>
<p>उनकी जीत कई कारणों से राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण रही:</p>
<ul>
<li>उन्होंने पहली बार विधानसभा चुनाव लड़कर जीत दर्ज की।</li>
<li>उन्हें एक लाख से अधिक वोट मिले।</li>
<li>उन्होंने सपा की वरिष्ठ नेता सुशीला सरोज को हराया।</li>
<li>भाजपा ने मोहनलालगंज सुरक्षित सीट पर महत्वपूर्ण वापसी की।</li>
<li>2017 में यह सीट समाजवादी पार्टी के पास थी।</li>
</ul>
<p>इसी वजह से 2022 का परिणाम अमरेश कुमार के व्यक्तिगत राजनीतिक करियर के साथ भाजपा के लिए भी महत्वपूर्ण माना गया।</p>
<h1>विधायक के रूप में अमरेश कुमार</h1>
<p>मार्च 2022 से अमरेश कुमार उत्तर प्रदेश की <strong>18वीं विधानसभा</strong> में मोहनलालगंज क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।</p>
<p>मोहनलालगंज का राजनीतिक भूगोल बाकी शहरी लखनऊ से अलग है।</p>
<p>यहां ग्रामीण आबादी, खेती, गांवों की connectivity और तेजी से फैलते Lucknow urban expansion—दोनों तरह के मुद्दे एक साथ मौजूद हैं।</p>
<p>इस क्षेत्र के प्रमुख मुद्दों में सामान्य तौर पर शामिल हैं:</p>
<ul>
<li>ग्रामीण सड़कों का निर्माण और मरम्मत</li>
<li>बिजली आपूर्ति</li>
<li>पेयजल</li>
<li>सिंचाई</li>
<li>किसानों की समस्याएं</li>
<li>प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र</li>
<li>सरकारी विद्यालयों की स्थिति</li>
<li>रोजगार एवं स्वरोजगार</li>
<li>अनुसूचित जाति की बस्तियों में मूलभूत सुविधाएं</li>
<li>आवास और जमीन से जुड़े विवाद</li>
<li>राजस्व संबंधी मामले</li>
<li>लखनऊ शहर के विस्तार से प्रभावित गांवों का नियोजित विकास</li>
</ul>
<p>हालांकि इन मुद्दों को क्षेत्र की जरूरतें माना जा सकता है, लेकिन विधायक की व्यक्तिगत उपलब्धियों का मूल्यांकन करते समय <strong>घोषणा, स्वीकृति, जारी धन और धरातल पर पूरा हुआ काम</strong>—इन चारों को अलग-अलग देखना जरूरी है।</p>
<h1>विधानसभा में कितनी रही उपस्थिति?</h1>
<p>PRS Legislative Research पर उपलब्ध संबंधित अवधि के आंकड़ों में अमरेश कुमार की विधानसभा उपस्थिति लगभग <strong>95.1 प्रतिशत</strong> दर्ज की गई।</p>
<p>इसी अवधि में उत्तर प्रदेश विधानसभा का औसत लगभग <strong>86.8 प्रतिशत</strong> बताया गया।</p>
<p>यानी उपलब्ध tracking period के हिसाब से उनकी attendance राज्य के औसत से ऊपर रही।</p>
<p>लेकिन ध्यान रहे:</p>
<p>यह आंकड़ा <strong>10 मार्च 2022 से 5 मार्च 2025 तक उपलब्ध data period</strong> से संबंधित है।</p>
<p>इसे पूरे पांच साल के कार्यकाल का final attendance percentage नहीं माना जाना चाहिए।</p>
<h1>2022 में कितनी संपत्ति घोषित की?</h1>
<p>अमरेश कुमार ने 2022 के विधानसभा चुनाव में दाखिल affidavit में लगभग <strong>₹12.13 करोड़ की कुल संपत्ति</strong> घोषित की थी।</p>
<div class="group TyagGW_tableContainer">
<div class="TyagGW_tableWrapper flex flex-col-reverse w-fit">
<table class="w-fit min-w-(--thread-content-width)">
<thead>
<tr>
<th class="last:pe-10">विवरण</th>
<th class="last:pe-10">2022 में घोषित जानकारी</th>
</tr>
</thead>
<tbody>
<tr>
<td><strong>कुल संपत्ति</strong></td>
<td><strong>₹12,12,61,397</strong></td>
</tr>
<tr>
<td><strong>कुल देनदारियां</strong></td>
<td><strong>शून्य</strong></td>
</tr>
<tr>
<td><strong>मुख्य पेशा</strong></td>
<td>कृषि और प्रॉपर्टी डीलिंग</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>पत्नी का पेशा</strong></td>
<td>कृषि</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>शैक्षणिक योग्यता</strong></td>
<td>स्नातक</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>घोषित आपराधिक मामले</strong></td>
<td><strong>शून्य</strong></td>
</tr>
</tbody>
</table>
</div>
</div>
<p>इन संपत्तियों में उम्मीदवार, उनकी पत्नी और आश्रितों की घोषित चल-अचल संपत्तियां शामिल हो सकती हैं।</p>
<p>यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि यह <strong>2022 में उम्मीदवार द्वारा निर्वाचन आयोग को दिया गया self-declared affidavit data</strong> है।</p>
<p>इसका अर्थ यह नहीं है कि 2026 में उनकी वर्तमान संपत्ति का बाजार मूल्य भी ठीक ₹12.12 करोड़ ही है।</p>
<p>सही wording होगी:</p>
<p><strong>“अमरेश कुमार ने 2022 के चुनावी शपथपत्र में ₹12.12 करोड़ से अधिक की कुल संपत्ति घोषित की थी।”</strong></p>
<h1>क्या अमरेश कुमार पर आपराधिक मामले हैं?</h1>
<p>वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में दाखिल affidavit में अमरेश कुमार ने <strong>कोई लंबित आपराधिक मामला घोषित नहीं किया था।</strong></p>
<p>इसका अर्थ सिर्फ इतना है कि:</p>
<p><strong>2022 में दाखिल चुनावी शपथपत्र के मुताबिक उनके द्वारा कोई criminal case घोषित नहीं किया गया था।</strong></p>
<p>इसे:</p>
<p><strong>“अमरेश कुमार पर कभी कोई मुकदमा नहीं हुआ”</strong></p>
<p>के रूप में नहीं लिखना चाहिए।</p>
<p>दोनों statements अलग हैं।</p>
<p>अगर भविष्य में नया affidavit या कोई न्यायिक रिकॉर्ड आता है तो वर्तमान स्थिति अलग हो सकती है।</p>
<h1>अमरेश कुमार का राजनीतिक सफर: Timeline</h1>
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<div class="TyagGW_tableWrapper flex flex-col-reverse w-fit">
<table class="w-fit min-w-(--thread-content-width)">
<thead>
<tr>
<th class="last:pe-10">वर्ष</th>
<th class="last:pe-10">गतिविधि / राजनीतिक पड़ाव</th>
</tr>
</thead>
<tbody>
<tr>
<td><strong>2007</strong></td>
<td>कबीर मिशन में सक्रिय सदस्य के रूप में जुड़ाव</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>2012</strong></td>
<td>पारख महासंघ में जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी का उल्लेख</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>2018</strong></td>
<td>स्नातक की शिक्षा पूरी</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>2022</strong></td>
<td>भाजपा ने मोहनलालगंज विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशी बनाया</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>मार्च 2022</strong></td>
<td>पहली बार विधायक निर्वाचित</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>2022-वर्तमान</strong></td>
<td>176-मोहनलालगंज विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक</td>
</tr>
</tbody>
</table>
</div>
</div>
<h1>अमरेश कुमार की राजनीतिक पहचान</h1>
<p>अमरेश कुमार की राजनीतिक पहचान मुख्य रूप से <strong>ग्रामीण और सामाजिक पृष्ठभूमि से आए भाजपा नेता</strong> की है।</p>
<p>उनके सार्वजनिक और राजनीतिक जीवन की मुख्य विशेषताएं हैं:</p>
<ul>
<li>कृषि परिवार से जुड़ाव</li>
<li>कृषि और प्रॉपर्टी कारोबार की पृष्ठभूमि</li>
<li>सामाजिक संगठनों के जरिए सक्रियता</li>
<li>कबीर मिशन से जुड़ाव</li>
<li>पहली बार विधानसभा चुनाव लड़कर जीत</li>
<li>एक लाख से अधिक मत हासिल करना</li>
<li>मोहनलालगंज सुरक्षित सीट भाजपा के खाते में लाना</li>
<li>विधानसभा में उपलब्ध अवधि में 95 प्रतिशत से अधिक attendance</li>
</ul>
<h1>परिवार और सार्वजनिक जानकारी में कुछ अंतर</h1>
<p>अमरेश कुमार के बारे में अलग-अलग सार्वजनिक websites पर कुछ सीमित जानकारियां अलग-अलग रूप में मिलती हैं।</p>
<p>इसलिए profile बनाते समय कुछ facts को सावधानी से लिखना चाहिए।</p>
<p><strong>जन्मतिथि:</strong> 7 सितंबर 1974 बताई गई है और 2022 के affidavit में उनकी आयु 47 वर्ष थी। दोनों बातें broadly एक-दूसरे से मेल खाती हैं।</p>
<p><strong>पिता:</strong> चुनावी affidavit में नाम राम प्रसाद है, जबकि विधायक परिचय में उन्हें स्वर्गीय बताया गया है।</p>
<p><strong>बच्चे:</strong> कुछ websites अलग संख्या बताती हैं, जबकि उपलब्ध विधायक परिचय में दो पुत्र और एक पुत्री का उल्लेख है।</p>
<p><strong>2022 जीत:</strong> मतगणना के शुरुआती दौर के 535 वोट के आंकड़े को final result न मानें; अंतिम जीत का अंतर <strong>16,548 वोट</strong> था।</p>
<h1>एक नजर में अमरेश कुमार</h1>
<div class="group TyagGW_tableContainer">
<div class="TyagGW_tableWrapper flex flex-col-reverse w-fit">
<table class="w-fit min-w-(--thread-content-width)">
<thead>
<tr>
<th class="last:pe-10">जानकारी</th>
<th class="last:pe-10">विवरण</th>
</tr>
</thead>
<tbody>
<tr>
<td><strong>पूरा नाम</strong></td>
<td>अमरेश कुमार</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>जन्म</strong></td>
<td>7 सितंबर 1974</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>जन्मस्थान</strong></td>
<td>ग्राम रायपुर, आईआईएम रोड क्षेत्र, लखनऊ</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>पिता</strong></td>
<td>राम प्रसाद</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>पत्नी</strong></td>
<td>वीरमती</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>शिक्षा</strong></td>
<td>स्नातक</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>पेशा</strong></td>
<td>कृषि और प्रॉपर्टी डीलिंग</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>पार्टी</strong></td>
<td>भारतीय जनता पार्टी</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>विधानसभा क्षेत्र</strong></td>
<td>176–मोहनलालगंज</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>सीट का प्रकार</strong></td>
<td>अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>पहली विधानसभा जीत</strong></td>
<td>2022</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>2022 में प्राप्त वोट</strong></td>
<td>1,07,089</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>जीत का अंतर</strong></td>
<td>16,548</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>2022 घोषित संपत्ति</strong></td>
<td>₹12,12,61,397</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>2022 घोषित देनदारियां</strong></td>
<td>शून्य</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>2022 घोषित आपराधिक मामले</strong></td>
<td>शून्य</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>उपलब्ध अवधि की विधानसभा उपस्थिति</strong></td>
<td>लगभग 95.1%</td>
</tr>
</tbody>
</table>
</div>
</div>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजनीति</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 27 Aug 2026 14:58:26 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>रविदास मेहरोत्रा कौन हैं? 174-लखनऊ मध्य से 3 बार विधायक, अखिलेश सरकार में रहे मंत्री; जानिए पूरा राजनीतिक सफर</title>
                                    <description><![CDATA[रविदास मेहरोत्रा समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और 174-लखनऊ मध्य विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। जानिए उनका जन्म, शिक्षा, छात्र राजनीति, विधानसभा चुनावों का इतिहास, मंत्री पद, 2024 लोकसभा चुनाव, संपत्ति और चुनावी शपथपत्र में घोषित मुकदमों की पूरी जानकारी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/politics/wravidas-mehrotra-biography-lucknow-central-mla-sp-political-career-election-profileho-is-ravidas-mehrotra-174-3-times-mla-from-lucknow/article-1860"><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/400/2026-08/ravidas-mehrotra-lucknow-central-mla-samajwadi-party-profile.jpg1.jpg" alt=""></a><br /><h1 class="PDq2pG_selectionAnchorContainer">रविदास मेहरोत्रा कौन हैं?</h1>
<img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/2026-08/ravidas-mehrotra-lucknow-central-mla-samajwadi-party-profile.jpg1.jpg" alt="ravidas-mehrotra-lucknow-central-mla-samajwadi-party-profile.jpg" width="1366" height="768"></img>
रविदास मेहरोत्रा समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और 174-लखनऊ मध्य विधानसभा क्षेत्र से तीसरी बार विधायक हैं।

<p><strong>रविदास मेहरोत्रा</strong> समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और <strong>174–लखनऊ मध्य विधानसभा क्षेत्र से विधायक</strong> हैं। वह अब तक तीन बार उत्तर प्रदेश विधानसभा के सदस्य निर्वाचित हो चुके हैं। अखिलेश यादव की सरकार में वह <strong>परिवार कल्याण तथा मातृ एवं शिशु कल्याण विभाग के राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार</strong> भी रह चुके हैं।</p>
<p>छात्र राजनीति और जन आंदोलनों से अपना राजनीतिक सफर शुरू करने वाले रविदास मेहरोत्रा करीब पांच दशक से लखनऊ की राजनीति में सक्रिय हैं। उनकी पहचान सड़क से लेकर विधानसभा तक नागरिक समस्याओं को उठाने वाले नेताओं में होती है।</p>
<p>महंगाई, बेरोजगारी, व्यापारियों की समस्याएं, सरकारी स्वास्थ्य सेवाएं, बिजली-पानी, सड़क और दूसरी स्थानीय नागरिक सुविधाएं उनके राजनीतिक आंदोलनों के प्रमुख विषय रहे हैं।</p>
<h1>जन्म और पारिवारिक परिचय</h1>
<p>रविदास मेहरोत्रा का जन्म <strong>21 अप्रैल 1955 को लखनऊ</strong> में हुआ था। उनके पिता का नाम स्वर्गीय <strong>वाई.एस. मेहरोत्रा</strong> था।</p>
<p>उनका विवाह वर्ष <strong>1981 में रश्मि मेहरोत्रा</strong> से हुआ था। उपलब्ध पारिवारिक विवरण के अनुसार उनकी एक पुत्री और एक पुत्र हैं।</p>
<p>वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में दाखिल उनके चुनावी शपथपत्र में उनकी पत्नी को दिवंगत बताया गया था।</p>
<h1>रविदास मेहरोत्रा की शिक्षा</h1>
<p>रविदास मेहरोत्रा ने अपनी उच्च शिक्षा लखनऊ से ही पूरी की।</p>
<p>चुनावी शपथपत्र के मुताबिक उन्होंने:</p>
<ul>
<li>वर्ष <strong>1975 में जयनारायण डिग्री कॉलेज से BSc</strong> की।</li>
<li>वर्ष <strong>1979 में लखनऊ विश्वविद्यालय से LLB</strong> की उपाधि प्राप्त की।</li>
</ul>
<p>इस तरह वह शिक्षा से विज्ञान स्नातक और विधि स्नातक हैं। हालांकि उनका अधिकांश सार्वजनिक जीवन राजनीति, सामाजिक सेवा और आंदोलनों में बीता है।</p>
<h1>छात्र राजनीति से हुई राजनीतिक जीवन की शुरुआत</h1>
<p>रविदास मेहरोत्रा का राजनीतिक सफर छात्र जीवन से शुरू हुआ।</p>
<p>वह <strong>जयनारायण महाविद्यालय छात्रसंघ के उपाध्यक्ष</strong> रहे। इसके बाद वह <strong>लखनऊ विश्वविद्यालय छात्रसंघ के महामंत्री</strong> भी चुने गए।</p>
<p>छात्र राजनीति के दौरान उन्होंने शिक्षा व्यवस्था, विद्यार्थियों की समस्याओं और नागरिक मुद्दों को लेकर कई आंदोलनों में भाग लिया।</p>
<p>यही दौर था जिसने उन्हें लखनऊ की स्थानीय राजनीति में पहचान दिलाई।</p>
<h1>समाजवादी आंदोलन से जुड़ाव</h1>
<p>पढ़ाई पूरी करने के बाद रविदास मेहरोत्रा समाजवादी विचारधारा से जुड़े।</p>
<p>उन्होंने अलग-अलग समाजवादी संगठनों के साथ काम किया और बाद में समाजवादी पार्टी से अपनी राजनीतिक यात्रा आगे बढ़ाई।</p>
<p>पार्टी संगठन में भी उन्होंने प्रदेश स्तर पर जिम्मेदारियां संभालीं। अलग-अलग समय में वह समाजवादी पार्टी के <strong>प्रदेश महासचिव सहित कई संगठनात्मक पदों</strong> पर रहे।</p>
<p>रविदास मेहरोत्रा की राजनीतिक शैली का बड़ा हिस्सा <strong>धरना, प्रदर्शन और जन आंदोलन</strong> रहा है।</p>
<h1>1989 में पहली बार बने विधायक</h1>
<p>रविदास मेहरोत्रा पहली बार <strong>नवंबर 1989</strong> में उत्तर प्रदेश विधानसभा के सदस्य चुने गए।</p>
<p>उस समय उन्होंने <strong>लखनऊ पूर्व विधानसभा क्षेत्र</strong> से जनता दल के प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा था।</p>
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<div class="TyagGW_tableWrapper flex flex-col-reverse w-fit">
<table class="w-fit min-w-(--thread-content-width)">
<thead>
<tr>
<th class="last:pe-10">उम्मीदवार</th>
<th class="last:pe-10">पार्टी</th>
<th class="last:pe-10">प्राप्त वोट</th>
</tr>
</thead>
<tbody>
<tr>
<td><strong>रविदास मेहरोत्रा</strong></td>
<td>जनता दल</td>
<td><strong>23,966</strong></td>
</tr>
<tr>
<td>स्वरूप कुमारी बख्शी</td>
<td>कांग्रेस</td>
<td>17,053</td>
</tr>
<tr>
<td>भगवती प्रसाद शुक्ल</td>
<td>भाजपा</td>
<td>10,764</td>
</tr>
</tbody>
</table>
</div>
</div>
<p>रविदास मेहरोत्रा ने कांग्रेस प्रत्याशी स्वरूप कुमारी बख्शी को <strong>6,913 मतों के अंतर</strong> से हराया।</p>
<p>यह उनका पहला विधानसभा कार्यकाल था।</p>
<h1>पहली जीत के बाद लंबा चुनावी संघर्ष</h1>
<p>1989 की जीत के बाद रविदास मेहरोत्रा ने लखनऊ की अलग-अलग सीटों से कई चुनाव लड़े।</p>
<p>इस दौरान उन्हें कई बार हार का भी सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने स्थानीय राजनीति और समाजवादी आंदोलन में अपनी सक्रियता जारी रखी।</p>
<p>वर्ष <strong>2002</strong> के विधानसभा चुनाव में वह लखनऊ पूर्व सीट से समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार थे।</p>
<p>उस चुनाव में भाजपा प्रत्याशी <strong>विद्यासागर गुप्ता ने उन्हें केवल 339 वोटों के मामूली अंतर</strong> से हराया था।</p>
<p>इतनी करीबी हार के बावजूद रविदास मेहरोत्रा लखनऊ में लगातार सक्रिय रहे।</p>
<h1>2012 में दूसरी बार विधानसभा पहुंचे</h1>
<p>उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2012 में समाजवादी पार्टी ने रविदास मेहरोत्रा को <strong>174–लखनऊ मध्य विधानसभा क्षेत्र</strong> से उम्मीदवार बनाया।</p>
<p>इस बार उन्होंने बड़ी जीत दर्ज की।</p>
<div class="group TyagGW_tableContainer">
<div class="TyagGW_tableWrapper flex flex-col-reverse w-fit">
<table class="w-fit min-w-(--thread-content-width)">
<thead>
<tr>
<th class="last:pe-10">उम्मीदवार</th>
<th class="last:pe-10">पार्टी</th>
<th class="last:pe-10">प्राप्त वोट</th>
</tr>
</thead>
<tbody>
<tr>
<td><strong>रविदास मेहरोत्रा</strong></td>
<td>समाजवादी पार्टी</td>
<td><strong>62,622</strong></td>
</tr>
<tr>
<td>विद्यासागर गुप्ता</td>
<td>भाजपा</td>
<td>39,890</td>
</tr>
</tbody>
</table>
</div>
</div>
<p>रविदास मेहरोत्रा ने भाजपा प्रत्याशी विद्यासागर गुप्ता को <strong>22,732 वोटों के अंतर</strong> से हराया।</p>
<p>इस जीत के साथ वह दूसरी बार उत्तर प्रदेश विधानसभा पहुंचे।</p>
<p>2012 के चुनाव में समाजवादी पार्टी ने प्रदेश में सरकार बनाई और <strong>अखिलेश यादव मुख्यमंत्री</strong> बने।</p>
<h1>अखिलेश यादव सरकार में बने मंत्री</h1>
<p>अखिलेश यादव सरकार के अंतिम दौर में वर्ष <strong>2016</strong> में रविदास मेहरोत्रा को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया।</p>
<p>उन्हें मुख्य रूप से:</p>
<ul>
<li>परिवार कल्याण</li>
<li>मातृ कल्याण</li>
<li>शिशु कल्याण</li>
</ul>
<p>से जुड़े विभागों की जिम्मेदारी दी गई।</p>
<p>वह इन विभागों के <strong>राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार</strong> रहे।</p>
<p>उनके मंत्री कार्यकाल में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, परिवार नियोजन, टीकाकरण और सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं से संबंधित प्रशासनिक जिम्मेदारियां उनके विभाग के दायरे में थीं।</p>
<p>उनका मंत्री कार्यकाल <strong>2016 से 2017</strong> तक रहा।</p>
<h1>2017 में ब्रजेश पाठक से हुआ मुकाबला</h1>
<p>2017 के विधानसभा चुनाव में रविदास मेहरोत्रा एक बार फिर लखनऊ मध्य सीट से समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार बने।</p>
<p>इस बार भाजपा ने उनके सामने <strong>ब्रजेश पाठक</strong> को उतारा।</p>
<div class="group TyagGW_tableContainer">
<div class="TyagGW_tableWrapper flex flex-col-reverse w-fit">
<table class="w-fit min-w-(--thread-content-width)">
<thead>
<tr>
<th class="last:pe-10">उम्मीदवार</th>
<th class="last:pe-10">पार्टी</th>
<th class="last:pe-10">प्राप्त वोट</th>
</tr>
</thead>
<tbody>
<tr>
<td>ब्रजेश पाठक</td>
<td>भाजपा</td>
<td><strong>78,400</strong></td>
</tr>
<tr>
<td>रविदास मेहरोत्रा</td>
<td>समाजवादी पार्टी</td>
<td><strong>73,306</strong></td>
</tr>
</tbody>
</table>
</div>
</div>
<p>ब्रजेश पाठक ने उन्हें <strong>5,094 वोटों के अंतर</strong> से पराजित किया।</p>
<p>इस हार के बाद रविदास मेहरोत्रा वर्ष 2017 से 2022 तक विधानसभा से बाहर रहे।</p>
<h1>2022 में तीसरी बार विधायक बने</h1>
<p>वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी ने एक बार फिर रविदास मेहरोत्रा पर भरोसा जताया।</p>
<p>भाजपा ने इस बार लखनऊ मध्य से <strong>रजनीश कुमार गुप्ता</strong> को प्रत्याशी बनाया।</p>
<div class="group TyagGW_tableContainer">
<div class="TyagGW_tableWrapper flex flex-col-reverse w-fit">
<table class="w-fit min-w-(--thread-content-width)">
<thead>
<tr>
<th class="last:pe-10">उम्मीदवार</th>
<th class="last:pe-10">पार्टी</th>
<th class="last:pe-10">प्राप्त वोट</th>
<th class="last:pe-10">मत प्रतिशत</th>
</tr>
</thead>
<tbody>
<tr>
<td><strong>रविदास मेहरोत्रा</strong></td>
<td>समाजवादी पार्टी</td>
<td><strong>1,04,488</strong></td>
<td><strong>49.62%</strong></td>
</tr>
<tr>
<td>रजनीश कुमार गुप्ता</td>
<td>भाजपा</td>
<td>93,553</td>
<td>44.43%</td>
</tr>
</tbody>
</table>
</div>
</div>
<p>रविदास मेहरोत्रा ने भाजपा उम्मीदवार को <strong>10,935 वोटों के अंतर</strong> से हराया।</p>
<p>इस जीत के साथ उन्होंने पांच साल बाद लखनऊ मध्य सीट पर वापसी की और <strong>तीसरी बार विधायक</strong> बने।</p>
<h1>2024 में लखनऊ से लोकसभा चुनाव</h1>
<p>समाजवादी पार्टी ने वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में रविदास मेहरोत्रा को <strong>लखनऊ संसदीय क्षेत्र</strong> से उम्मीदवार बनाया।</p>
<p>उनका मुकाबला भाजपा के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय रक्षामंत्री <strong>राजनाथ सिंह</strong> से हुआ।</p>
<div class="group TyagGW_tableContainer">
<div class="TyagGW_tableWrapper flex flex-col-reverse w-fit">
<table class="w-fit min-w-(--thread-content-width)">
<thead>
<tr>
<th class="last:pe-10">उम्मीदवार</th>
<th class="last:pe-10">पार्टी</th>
<th class="last:pe-10">प्राप्त वोट</th>
</tr>
</thead>
<tbody>
<tr>
<td>राजनाथ सिंह</td>
<td>भाजपा</td>
<td><strong>6,12,709</strong></td>
</tr>
<tr>
<td>रविदास मेहरोत्रा</td>
<td>समाजवादी पार्टी</td>
<td><strong>4,77,550</strong></td>
</tr>
</tbody>
</table>
</div>
</div>
<p>रविदास मेहरोत्रा को <strong>4,77,550 वोट</strong> मिले।</p>
<p>राजनाथ सिंह ने उन्हें <strong>1,35,159 मतों के अंतर</strong> से पराजित किया।</p>
<p>लोकसभा चुनाव हारने के बावजूद रविदास मेहरोत्रा <strong>लखनऊ मध्य के विधायक बने रहे।</strong></p>
<h1>रविदास मेहरोत्रा का राजनीतिक सफर: Timeline</h1>
<div class="group TyagGW_tableContainer">
<div class="TyagGW_tableWrapper flex flex-col-reverse w-fit">
<table class="w-fit min-w-(--thread-content-width)">
<thead>
<tr>
<th class="last:pe-10">वर्ष</th>
<th class="last:pe-10">प्रमुख राजनीतिक घटनाक्रम</th>
</tr>
</thead>
<tbody>
<tr>
<td><strong>छात्र जीवन</strong></td>
<td>जयनारायण महाविद्यालय छात्रसंघ के उपाध्यक्ष</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>छात्र जीवन</strong></td>
<td>लखनऊ विश्वविद्यालय छात्रसंघ के महामंत्री</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>1989</strong></td>
<td>जनता दल से लखनऊ पूर्व के विधायक निर्वाचित</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>2002</strong></td>
<td>लखनऊ पूर्व से केवल 339 वोटों से चुनाव हारे</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>2012</strong></td>
<td>समाजवादी पार्टी से लखनऊ मध्य के विधायक बने</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>2016–2017</strong></td>
<td>परिवार कल्याण तथा मातृ-शिशु कल्याण राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>2017</strong></td>
<td>लखनऊ मध्य में ब्रजेश पाठक से चुनाव हारे</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>2022</strong></td>
<td>लखनऊ मध्य से तीसरी बार विधायक बने</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>2024</strong></td>
<td>लखनऊ लोकसभा सीट से SP उम्मीदवार, राजनाथ सिंह से पराजित</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>वर्तमान</strong></td>
<td>174–लखनऊ मध्य से समाजवादी पार्टी के विधायक</td>
</tr>
</tbody>
</table>
</div>
</div>
<h1>सामाजिक और संगठनात्मक गतिविधियां</h1>
<p>रविदास मेहरोत्रा का राजनीतिक जीवन केवल चुनाव लड़ने तक सीमित नहीं रहा है।</p>
<p>वह अलग-अलग सामाजिक, राजनीतिक और जन संगठनों से भी जुड़े रहे हैं।</p>
<p>उपलब्ध सार्वजनिक विवरणों में उनका नाम <strong>लोक सेनानी कल्याण से जुड़े संगठनों, व्यापारिक संगठनों और सामाजिक संस्थाओं</strong> के साथ भी जुड़ा मिलता है।</p>
<p>उनकी प्रमुख राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियों में शामिल रहे हैं:</p>
<ul>
<li>महंगाई के खिलाफ प्रदर्शन</li>
<li>बेरोजगारी के मुद्दे</li>
<li>व्यापारियों की समस्याएं</li>
<li>बिजली-पानी और सड़क के मुद्दे</li>
<li>सरकारी अस्पतालों की व्यवस्था</li>
<li>स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़े सवाल</li>
<li>गरीब एवं जरूरतमंदों की सहायता</li>
<li>दुर्घटना पीड़ितों की मदद</li>
<li>विधानसभा में लखनऊ की स्थानीय समस्याओं को उठाना</li>
</ul>
<p>संगठनों में उनके वर्तमान पद समय के साथ बदल सकते हैं, इसलिए किसी मौजूदा संगठनात्मक पद को प्रकाशित करते समय आधिकारिक पुष्टि करना उचित होगा।</p>
<h1>विधानसभा में रविदास मेहरोत्रा की सक्रियता</h1>
<p>विधायकों की गतिविधियों को track करने वाली संस्था PRS के उपलब्ध आंकड़ों में रविदास मेहरोत्रा की विधानसभा उपस्थिति लगभग <strong>98.4 प्रतिशत</strong> दर्ज की गई है।</p>
<p>इसी data period में प्रदेश के विधायकों की औसत उपस्थिति लगभग <strong>86.8 प्रतिशत</strong> बताई गई थी।</p>
<p>यह ध्यान रखना जरूरी है कि यह संबंधित tracking period तक का आंकड़ा है, पूरे मौजूदा विधानसभा कार्यकाल का अंतिम attendance figure नहीं।</p>
<h1>2024 के शपथपत्र में कितनी संपत्ति घोषित की?</h1>
<p>रविदास मेहरोत्रा ने वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में नया चुनावी शपथपत्र दाखिल किया था।</p>
<p>यह वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में दाखिल affidavit से अधिक नया public declaration है।</p>
<div class="group TyagGW_tableContainer">
<div class="TyagGW_tableWrapper flex flex-col-reverse w-fit">
<table class="w-fit min-w-(--thread-content-width)">
<thead>
<tr>
<th class="last:pe-10">विवरण</th>
<th class="last:pe-10">2024 में घोषित जानकारी</th>
</tr>
</thead>
<tbody>
<tr>
<td><strong>कुल संपत्ति</strong></td>
<td><strong>₹1,18,50,112</strong></td>
</tr>
<tr>
<td><strong>कुल देनदारियां</strong></td>
<td><strong>₹88,480</strong></td>
</tr>
<tr>
<td><strong>पेशा</strong></td>
<td>विधानसभा सदस्य</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>शैक्षणिक योग्यता</strong></td>
<td>LLB</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>आयु</strong></td>
<td>69 वर्ष</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>घोषित लंबित आपराधिक मामले</strong></td>
<td><strong>18</strong></td>
</tr>
</tbody>
</table>
</div>
</div>
<p>ये आंकड़े उम्मीदवार की ओर से चुनाव आयोग को दिए गए <strong>स्वघोषित चुनावी शपथपत्र</strong> पर आधारित हैं।</p>
<p>इसका अर्थ यह नहीं है कि वर्ष 2026 में भी उनकी वर्तमान संपत्ति बिल्कुल इतनी ही है।</p>
<p>इसलिए वेबसाइट पर इसे:</p>
<p><strong>“2024 के चुनावी शपथपत्र में घोषित संपत्ति”</strong></p>
<p>के रूप में ही लिखें।</p>
<h1>रविदास मेहरोत्रा पर कितने मुकदमे घोषित हैं?</h1>
<p>2024 के लोकसभा चुनाव के शपथपत्र में रविदास मेहरोत्रा ने <strong>18 लंबित आपराधिक मामलों</strong> की जानकारी दी थी।</p>
<p>इन मामलों में अलग-अलग समय के धरना-प्रदर्शन, निषेधाज्ञा उल्लंघन, रास्ता रोकने, सरकारी काम में बाधा, बलवा और दूसरी धाराओं से जुड़े मामलों का उल्लेख है।</p>
<p>कुछ मामलों में गंभीर धाराओं का भी विवरण दिया गया है।</p>
<p>लेकिन यहां कानूनी रूप से एक महत्वपूर्ण अंतर समझना जरूरी है:</p>
<p><strong>मुकदमा दर्ज होना, आरोप लगना और अदालत द्वारा दोषी ठहराया जाना तीन अलग-अलग बातें हैं।</strong></p>
<p>इसलिए रविदास मेहरोत्रा को केवल इन pending cases के आधार पर <strong>“अपराधी” या “दोषी”</strong> नहीं कहा जा सकता।</p>
<p>सही wording होगी:</p>
<p><strong>“2024 के चुनावी शपथपत्र में उन्होंने 18 लंबित आपराधिक मामलों की जानकारी घोषित की थी।”</strong></p>
<p>2022 के विधानसभा चुनावी affidavit में उनके खिलाफ <strong>22 मामले</strong> घोषित थे, जबकि 2024 के नवीनतम affidavit में संख्या <strong>18</strong> दर्ज है।</p>
<p>इसीलिए मौजूदा profile में newer 2024 declaration का इस्तेमाल करना ज्यादा उचित है।</p>
<h1>लखनऊ की राजनीति में रविदास मेहरोत्रा की पहचान</h1>
<p>रविदास मेहरोत्रा की राजनीतिक पहचान लखनऊ की <strong>जमीनी समाजवादी राजनीति</strong> से जुड़े पुराने नेता के रूप में रही है।</p>
<p>उनके करीब पांच दशक लंबे सार्वजनिक जीवन के कुछ प्रमुख पड़ाव हैं:</p>
<ul>
<li>छात्र राजनीति से शुरुआत</li>
<li>लखनऊ विश्वविद्यालय छात्र राजनीति में सक्रिय भूमिका</li>
<li>1989 में पहली बार विधायक</li>
<li>जनता दल से समाजवादी पार्टी तक का सफर</li>
<li>2012 में दूसरी विधानसभा जीत</li>
<li>अखिलेश यादव सरकार में मंत्री</li>
<li>2017 में हार</li>
<li>2022 में लखनऊ मध्य से वापसी</li>
<li>तीन बार विधानसभा सदस्य</li>
<li>2024 में लखनऊ से लोकसभा चुनाव</li>
<li>स्थानीय नागरिक मुद्दों पर लगातार आंदोलन</li>
</ul>
<p>लंबे राजनीतिक जीवन में उन्हें चुनावी जीत और हार दोनों का सामना करना पड़ा, लेकिन लखनऊ मध्य और आसपास के क्षेत्रों में उनकी राजनीतिक सक्रियता लगातार बनी रही।</p>
<h1>एक नजर में रविदास मेहरोत्रा</h1>
<div class="group TyagGW_tableContainer">
<div class="TyagGW_tableWrapper flex flex-col-reverse w-fit">
<table class="w-fit min-w-(--thread-content-width)">
<thead>
<tr>
<th class="last:pe-10">जानकारी</th>
<th class="last:pe-10">विवरण</th>
</tr>
</thead>
<tbody>
<tr>
<td><strong>पूरा नाम</strong></td>
<td>रविदास मेहरोत्रा</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>जन्म</strong></td>
<td>21 अप्रैल 1955</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>जन्मस्थान</strong></td>
<td>लखनऊ, उत्तर प्रदेश</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>पिता</strong></td>
<td>स्वर्गीय वाई.एस. मेहरोत्रा</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>शिक्षा</strong></td>
<td>BSc, LLB</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>पार्टी</strong></td>
<td>समाजवादी पार्टी</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>विधानसभा क्षेत्र</strong></td>
<td>174–लखनऊ मध्य</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>पहली विधानसभा जीत</strong></td>
<td>1989, लखनऊ पूर्व</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>दूसरी जीत</strong></td>
<td>2012, लखनऊ मध्य</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>तीसरी जीत</strong></td>
<td>2022, लखनऊ मध्य</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>मंत्री पद</strong></td>
<td>राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार, परिवार कल्याण एवं मातृ-शिशु कल्याण</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>2024 लोकसभा चुनाव</strong></td>
<td>लखनऊ से SP प्रत्याशी</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>2024 लोकसभा वोट</strong></td>
<td>4,77,550</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>2024 घोषित संपत्ति</strong></td>
<td>₹1.18 करोड़ से अधिक</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>2024 घोषित लंबित मामले</strong></td>
<td>18</td>
</tr>
</tbody>
</table>
</div>
</div>
<h1>Website के लिए Short Biography</h1>
<p><strong>रविदास मेहरोत्रा समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और 174–लखनऊ मध्य विधानसभा क्षेत्र से तीसरी बार विधायक हैं। उनका जन्म 21 अप्रैल 1955 को लखनऊ में हुआ। उन्होंने वर्ष 1975 में जयनारायण डिग्री कॉलेज से BSc और वर्ष 1979 में लखनऊ विश्वविद्यालय से LLB की शिक्षा प्राप्त की। छात्र राजनीति में वह जयनारायण महाविद्यालय छात्रसंघ के उपाध्यक्ष और लखनऊ विश्वविद्यालय छात्रसंघ के महामंत्री रहे। वर्ष 1989 में वह जनता दल के टिकट पर लखनऊ पूर्व से पहली बार विधायक बने। 2012 में समाजवादी पार्टी के टिकट पर लखनऊ मध्य से दूसरी जीत दर्ज की और वर्ष 2016 में अखिलेश यादव सरकार में परिवार कल्याण तथा मातृ एवं शिशु कल्याण राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार बनाए गए। 2017 में भाजपा के ब्रजेश पाठक से 5,094 वोटों से हारने के बाद उन्होंने 2022 में वापसी की और भाजपा प्रत्याशी रजनीश कुमार गुप्ता को 10,935 वोटों से हराकर तीसरी बार विधानसभा पहुंचे। 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने लखनऊ सीट से समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार के रूप में 4,77,550 वोट हासिल किए, लेकिन भाजपा के राजनाथ सिंह से हार गए।</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजनीति</category>
                                    

                <link>https://www.pratyakshdarshisamachar.com/politics/wravidas-mehrotra-biography-lucknow-central-mla-sp-political-career-election-profileho-is-ravidas-mehrotra-174-3-times-mla-from-lucknow/article-1860</link>
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                <pubDate>Thu, 27 Aug 2026 14:32:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Pratyakshdarshi Samachar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ब्रजेश पाठक कौन हैं? 130 वोट की हार से UP के Deputy CM बनने तक का पूरा राजनीतिक सफर</title>
                                    <description><![CDATA[जानिए उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक की उम्र, शिक्षा, परिवार, छात्र राजनीति, लोकसभा-राज्यसभा कार्यकाल, चुनावी सफर, विभाग और घोषित संपत्ति की पूरी जानकारी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/politics/who-is-brajesh-pathak-complete-political-journey-from-defeat-of/article-1858"><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/400/2026-08/up-deputy-cm-brajesh-pathak-lucknow-cantt-bjp.jpg.jpg" alt=""></a><br /><h1>ब्रजेश पाठक कौन हैं? 130 वोट की हार से UP के Deputy CM बनने तक का पूरा राजनीतिक सफर</h1>
<img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/2026-08/up-deputy-cm-brajesh-pathak-lucknow-cantt-bjp.jpg.jpg" alt="up-deputy-cm-brajesh-pathak-lucknow-cantt-bjp.jpg" width="1366" height="768"></img>
up-deputy-cm-brajesh-pathak-lucknow-cantt-bjp.jpg

<p class="isSelectedEnd"><strong>लखनऊ।</strong> छात्र राजनीति से सार्वजनिक जीवन की शुरुआत करने वाले ब्रजेश पाठक आज उत्तर प्रदेश के सबसे प्रमुख राजनीतिक चेहरों में शामिल हैं। वह भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता, उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और 175–लखनऊ कैंट विधानसभा क्षेत्र के विधायक हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">उनका राजनीतिक सफर बेहद दिलचस्प रहा है। वर्ष 2002 में वह विधानसभा चुनाव केवल 130 वोट से हार गए थे। इसके बाद 2004 में उन्नाव से लोकसभा पहुंचे, 2008 में राज्यसभा सदस्य बने, 2017 में पहली बार उत्तर प्रदेश विधानसभा का चुनाव जीता और 2022 में उन्हें उपमुख्यमंत्री बनाया गया।</p>
<p class="isSelectedEnd">ब्रजेश पाठक कांग्रेस, बहुजन समाज पार्टी और भारतीय जनता पार्टी—तीनों प्रमुख राजनीतिक दलों से जुड़े रहे हैं। वह संसद के दोनों सदनों में काम कर चुके हैं और उत्तर प्रदेश सरकार में कानून, न्याय, ग्रामीण अभियंत्रण तथा स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विभाग संभाल चुके हैं।</p>
<h2>जन्म और पारिवारिक पृष्ठभूमि</h2>
<p class="isSelectedEnd">ब्रजेश पाठक का जन्म 25 जून 1964 को उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के मल्लावां कस्बे में हुआ। उनके पिता का नाम स्वर्गीय सुरेश पाठक और माता का नाम स्वर्गीय कमला पाठक था।</p>
<p class="isSelectedEnd">कुछ पुराने समाचारों और ऑनलाइन परिचयों में उनकी जन्मतिथि 25 जून 1954 भी लिखी गई है। हालांकि संसद की आधिकारिक जीवनी में जन्मतिथि 25 जून 1964 दर्ज है। वर्ष 2022 के चुनावी शपथपत्र में उनकी आयु 57 वर्ष लिखी गई थी, जो 1964 की जन्मतिथि से मेल खाती है।</p>
<p class="isSelectedEnd">इसलिए 25 जून 1964 को उनकी अधिक विश्वसनीय और दस्तावेज आधारित जन्मतिथि माना जाना चाहिए।</p>
<h2>पत्नी और बच्चे</h2>
<p class="isSelectedEnd">ब्रजेश पाठक की पत्नी का नाम नम्रता पाठक है। संसद के अभिलेख के मुताबिक दोनों का विवाह 8 मार्च 1995 को हुआ था और उनकी दो पुत्रियां हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">नम्रता पाठक सामाजिक एवं राजनीतिक गतिविधियों से भी जुड़ी रही हैं। उन्होंने 2012 में बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर उन्नाव विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा था। चुनावी शपथपत्र में उन्होंने अपना पेशा समाजसेवा बताया था।</p>
<p class="isSelectedEnd">ब्रजेश पाठक के 2022 के शपथपत्र में उनकी पत्नी का पेशा गृहिणी और समाजसेवी दर्ज है।</p>
<h2>ब्रजेश पाठक की शिक्षा</h2>
<p class="isSelectedEnd">ब्रजेश पाठक ने लखनऊ विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा प्राप्त की। अलग-अलग आधिकारिक चुनावी और संसदीय अभिलेखों के अनुसार उन्होंने:</p>
<ul>
<li>वर्ष 1982 में बीकॉम की पढ़ाई पूरी की।</li>
<li>वर्ष 1987 में लखनऊ विश्वविद्यालय से एलएलबी की डिग्री हासिल की।</li>
<li>संसद की जीवनी में M.A. (I), Composite History का भी उल्लेख मिलता है।</li>
<li>पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने वकालत को अपना पेशा बनाया।</li>
</ul>
<p class="isSelectedEnd">वर्ष 2022 के विधानसभा चुनावी शपथपत्र में उनकी शैक्षणिक श्रेणी “Graduate Professional” और योग्यता Bachelor of Law दर्ज की गई है। उसी शपथपत्र में उनका पेशा अधिवक्ता बताया गया है।</p>
<h2>लखनऊ विश्वविद्यालय से शुरू हुई राजनीति</h2>
<p class="isSelectedEnd">ब्रजेश पाठक की राजनीति की शुरुआत किसी बड़े दल से नहीं, बल्कि लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्रसंघ से हुई।</p>
<p class="isSelectedEnd">वह विश्वविद्यालय में कानून की पढ़ाई के दौरान छात्र राजनीति में सक्रिय हुए। वर्ष 1987 में वह विधि संकाय के प्रतिनिधि बने। इसके बाद 1989 में लखनऊ विश्वविद्यालय छात्रसंघ के उपाध्यक्ष निर्वाचित हुए।</p>
<p class="isSelectedEnd">वर्ष 1990 में उन्होंने छात्रसंघ अध्यक्ष का चुनाव जीता। छात्रसंघ की राजनीति ने उन्हें लखनऊ और उत्तर प्रदेश के छात्र एवं युवा वर्ग में पहचान दिलाई। यही अनुभव आगे चलकर उनके मुख्यधारा के राजनीतिक सफर की नींव बना।</p>
<h2>कांग्रेस से मुख्यधारा की राजनीति में प्रवेश</h2>
<p class="isSelectedEnd">छात्र राजनीति के बाद ब्रजेश पाठक कांग्रेस से जुड़े। कांग्रेस ने उन्हें 2002 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में हरदोई जिले की मल्लावां सीट से उम्मीदवार बनाया।</p>
<h3>केवल 130 वोट से हारे चुनाव</h3>
<p class="isSelectedEnd">वर्ष 2002 का मल्लावां विधानसभा चुनाव बेहद करीबी रहा। बहुजन समाज पार्टी के कृष्ण कुमार सिंह उर्फ सतीश वर्मा को 37,220 वोट मिले, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार ब्रजेश पाठक ने 37,090 वोट हासिल किए।</p>
<table>
<tbody>
<tr>
<td>उम्मीदवार</td>
<td>पार्टी</td>
<td>वोट</td>
</tr>
<tr>
<td>कृष्ण कुमार सिंह उर्फ सतीश वर्मा</td>
<td>बसपा</td>
<td>37,220</td>
</tr>
<tr>
<td>ब्रजेश पाठक</td>
<td>कांग्रेस</td>
<td>37,090</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p class="isSelectedEnd">ब्रजेश पाठक केवल 130 वोटों से चुनाव हार गए। यह उनके राजनीतिक जीवन की पहली बड़ी चुनावी परीक्षा थी।</p>
<p class="isSelectedEnd">हालांकि इस हार के केवल दो वर्ष बाद वह लोकसभा चुनाव जीतकर संसद पहुंच गए।</p>
<h2>बसपा में शामिल होकर बदला राजनीतिक सफर</h2>
<p class="isSelectedEnd">कांग्रेस छोड़ने के बाद ब्रजेश पाठक वर्ष 2004 में बहुजन समाज पार्टी में शामिल हो गए। बसपा ने उन्हें उन्नाव लोकसभा क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया।</p>
<p class="isSelectedEnd">यहीं से उनके राजनीतिक करियर ने तेजी से राष्ट्रीय स्तर की ओर कदम बढ़ाया।</p>
<h2>2004 में उन्नाव से बने लोकसभा सांसद</h2>
<p class="isSelectedEnd">वर्ष 2004 के लोकसभा चुनाव में ब्रजेश पाठक ने उन्नाव सीट से 1,78,366 वोट हासिल किए। उन्होंने समाजवादी पार्टी के दीपक कुमार को 17,761 मतों के अंतर से हराया।</p>
<table>
<tbody>
<tr>
<td>उम्मीदवार</td>
<td>पार्टी</td>
<td>वोट</td>
</tr>
<tr>
<td>ब्रजेश पाठक</td>
<td>बसपा</td>
<td>1,78,366</td>
</tr>
<tr>
<td>दीपक कुमार</td>
<td>समाजवादी पार्टी</td>
<td>1,60,605</td>
</tr>
<tr>
<td>देवी बख्श सिंह</td>
<td>भाजपा</td>
<td>94,711</td>
</tr>
<tr>
<td>शिवपाल सिंह</td>
<td>कांग्रेस</td>
<td>83,473</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p class="isSelectedEnd">इस जीत के साथ ब्रजेश पाठक पहली बार लोकसभा पहुंचे। उन्हें चौदहवीं लोकसभा में बसपा संसदीय दल का उपनेता भी बनाया गया।</p>
<h2>लोकसभा की समितियों में जिम्मेदारी</h2>
<p class="isSelectedEnd">संसद की आधिकारिक जीवनी के मुताबिक लोकसभा सदस्य रहते हुए ब्रजेश पाठक कई संसदीय समितियों से जुड़े। इनमें प्रमुख रूप से शामिल थीं:</p>
<ul>
<li>कार्मिक, लोक शिकायत, विधि एवं न्याय संबंधी समिति</li>
<li>व्यापार सलाहकार समिति</li>
<li>गृह मंत्रालय की परामर्शदात्री समिति</li>
<li>परिसीमन आयोग से संबंधित समिति</li>
<li>विदेश मामलों की स्थायी समिति</li>
<li>विशेषाधिकार समिति</li>
<li>कोयला एवं इस्पात संबंधी समिति</li>
<li>वित्त संबंधी समिति</li>
<li>रेलवे संबंधी समिति</li>
<li>पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की परामर्शदात्री समिति</li>
</ul>
<p class="isSelectedEnd">इन जिम्मेदारियों ने उन्हें कानून, प्रशासन, वित्त, गृह और विदेश नीति जैसे विषयों पर संसदीय अनुभव दिया।</p>
<h2>2008 में राज्यसभा पहुंचे</h2>
<p class="isSelectedEnd">बसपा ने नवंबर 2008 में ब्रजेश पाठक को उत्तर प्रदेश से राज्यसभा भेजा। उनका राज्यसभा कार्यकाल 26 नवंबर 2008 से 25 नवंबर 2014 तक रहा।</p>
<p class="isSelectedEnd">इस तरह वह उन चुनिंदा उत्तर प्रदेश नेताओं में शामिल हो गए जिन्हें संसद के दोनों सदनों—लोकसभा और राज्यसभा—में काम करने का अवसर मिला।</p>
<p class="isSelectedEnd">बसपा के भीतर उनकी पहचान प्रमुख ब्राह्मण नेताओं में होने लगी। पार्टी की सामाजिक समीकरण आधारित राजनीति और सम्मेलनों में भी वह सक्रिय भूमिका निभाते रहे।</p>
<h2>2014 में दोबारा उन्नाव से लोकसभा चुनाव</h2>
<p class="isSelectedEnd">राज्यसभा कार्यकाल के दौरान उन्होंने 2014 का लोकसभा चुनाव उन्नाव से बसपा उम्मीदवार के रूप में लड़ा। इस चुनाव में उन्हें 2,00,176 वोट मिले और वह तीसरे स्थान पर रहे।</p>
<p class="isSelectedEnd">भाजपा के साक्षी महाराज ने 5,18,834 वोट प्राप्त करके चुनाव जीता। समाजवादी पार्टी के अरुण शंकर शुक्ला दूसरे स्थान पर रहे।</p>
<h2>अगस्त 2016 में भाजपा में शामिल</h2>
<p class="isSelectedEnd">लगभग 12 वर्ष तक बसपा में रहने के बाद ब्रजेश पाठक ने अगस्त 2016 में पार्टी छोड़ दी।</p>
<p class="isSelectedEnd">22 अगस्त 2016 को वह तत्कालीन भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए।</p>
<p class="isSelectedEnd">भाजपा में आने के कुछ महीनों बाद ही उन्हें 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में लखनऊ मध्य से टिकट दे दिया गया।</p>
<h2>2017 में पहली बार विधायक बने</h2>
<p class="isSelectedEnd">वर्ष 2017 में ब्रजेश पाठक ने 174–लखनऊ मध्य विधानसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा।</p>
<p class="isSelectedEnd">उन्होंने 78,400 वोट प्राप्त किए, जबकि समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार और तत्कालीन मंत्री रविदास मेहरोत्रा को 73,306 वोट मिले।</p>
<table>
<tbody>
<tr>
<td>उम्मीदवार</td>
<td>पार्टी</td>
<td>वोट</td>
</tr>
<tr>
<td>ब्रजेश पाठक</td>
<td>भाजपा</td>
<td>78,400</td>
</tr>
<tr>
<td>रविदास मेहरोत्रा</td>
<td>समाजवादी पार्टी</td>
<td>73,306</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p class="isSelectedEnd">ब्रजेश पाठक ने यह चुनाव 5,094 मतों के अंतर से जीता। इस जीत के साथ वह पहली बार उत्तर प्रदेश विधानसभा पहुंचे।</p>
<h2>योगी सरकार में कानून मंत्री बने</h2>
<p class="isSelectedEnd">2017 में विधायक बनने के बाद उन्हें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहली सरकार में कैबिनेट मंत्री बनाया गया।</p>
<p class="isSelectedEnd">शुरुआती समय में उन्हें प्रमुख रूप से इन विभागों की जिम्मेदारी मिली:</p>
<ul>
<li>विधि एवं न्याय</li>
<li>विधायी कार्य</li>
<li>अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत</li>
<li>राजनीतिक पेंशन</li>
</ul>
<p class="isSelectedEnd">अगस्त 2019 के मंत्रिमंडल विस्तार और विभागीय फेरबदल के बाद उन्हें विधायी, न्याय एवं ग्रामीण अभियंत्रण सेवा जैसे विभागों की जिम्मेदारी दी गई।</p>
<p class="isSelectedEnd">कानून मंत्री के रूप में उनके कार्यक्षेत्र में सरकारी मुकदमे, सरकारी अधिवक्ता, न्यायिक ढांचे और विधायी मामलों से संबंधित जिम्मेदारियां शामिल थीं।</p>
<h2>2022 में लखनऊ कैंट से उतारा गया</h2>
<p class="isSelectedEnd">वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने ब्रजेश पाठक का विधानसभा क्षेत्र बदल दिया। उन्हें लखनऊ मध्य के बजाय 175–लखनऊ कैंट सीट से उम्मीदवार बनाया गया।</p>
<p class="isSelectedEnd">इस सीट पर उनका मुकाबला समाजवादी पार्टी के सुरेंद्र सिंह गांधी उर्फ राजू गांधी से हुआ।</p>
<table>
<tbody>
<tr>
<td>उम्मीदवार</td>
<td>पार्टी</td>
<td>वोट</td>
<td>मत प्रतिशत</td>
</tr>
<tr>
<td>ब्रजेश पाठक</td>
<td>भाजपा</td>
<td>1,08,147</td>
<td>54.70%</td>
</tr>
<tr>
<td>सुरेंद्र सिंह गांधी ‘राजू गांधी’</td>
<td>समाजवादी पार्टी</td>
<td>68,635</td>
<td>34.71%</td>
</tr>
<tr>
<td>अनिल पांडेय</td>
<td>बसपा</td>
<td>10,426</td>
<td>5.27%</td>
</tr>
<tr>
<td>दिलप्रीत सिंह विर्क</td>
<td>कांग्रेस</td>
<td>6,510</td>
<td>3.29%</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p class="isSelectedEnd">ब्रजेश पाठक ने सपा उम्मीदवार को 39,512 वोटों के अंतर से पराजित किया। इसके साथ वह लगातार दूसरी बार उत्तर प्रदेश विधानसभा के सदस्य बने।</p>
<h2>25 मार्च 2022 को बने उपमुख्यमंत्री</h2>
<p class="isSelectedEnd">उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत के बाद 25 मार्च 2022 को योगी आदित्यनाथ ने दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।</p>
<p class="isSelectedEnd">इसी मंत्रिमंडल में ब्रजेश पाठक को उत्तर प्रदेश का उपमुख्यमंत्री बनाया गया। केशव प्रसाद मौर्य के साथ वह राज्य के दो उपमुख्यमंत्रियों में शामिल हुए।</p>
<p class="isSelectedEnd">उपमुख्यमंत्री पद के साथ उन्हें स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी दी गई।</p>
<p class="isSelectedEnd">उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री कार्यालय की मंत्रिपरिषद सूची के मुताबिक उनके पास:</p>
<ul>
<li>चिकित्सा शिक्षा</li>
<li>चिकित्सा एवं स्वास्थ्य</li>
<li>परिवार कल्याण</li>
<li>मातृ एवं शिशु कल्याण</li>
</ul>
<p class="isSelectedEnd">से संबंधित विभाग हैं।</p>
<h2>स्वास्थ्य मंत्री के रूप में जिम्मेदारी</h2>
<p class="isSelectedEnd">स्वास्थ्य मंत्री के रूप में ब्रजेश पाठक राज्य के सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों के निरीक्षणों को लेकर चर्चा में रहे हैं। विभिन्न अवसरों पर उन्होंने अस्पतालों का दौरा करके मरीजों और उनके तीमारदारों से बातचीत की।</p>
<p class="isSelectedEnd">उनके विभाग के प्रमुख कार्यक्षेत्रों में शामिल हैं:</p>
<ul>
<li>सरकारी अस्पतालों में उपचार की उपलब्धता</li>
<li>डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मचारियों की नियुक्ति एवं उपस्थिति</li>
<li>मेडिकल कॉलेजों का विस्तार</li>
<li>चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता</li>
<li>दवाओं और जांच सुविधाओं की उपलब्धता</li>
<li>मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं</li>
<li>ग्रामीण एवं शहरी स्वास्थ्य केंद्र</li>
<li>परिवार कल्याण योजनाएं</li>
<li>अस्पतालों की साफ-सफाई और प्रबंधन</li>
</ul>
<p class="isSelectedEnd">सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की उपलब्धियों का मूल्यांकन करते समय सरकारी दावों के साथ स्वतंत्र स्वास्थ्य आंकड़ों, मरीजों के अनुभव और जमीनी स्थिति को भी देखना आवश्यक है।</p>
<h2>ब्रजेश पाठक की राजनीतिक समयरेखा</h2>
<table>
<tbody>
<tr>
<td>वर्ष</td>
<td>राजनीतिक घटनाक्रम</td>
</tr>
<tr>
<td>1987</td>
<td>लखनऊ विश्वविद्यालय में विधि संकाय प्रतिनिधि</td>
</tr>
<tr>
<td>1989</td>
<td>लखनऊ विश्वविद्यालय छात्रसंघ के उपाध्यक्ष</td>
</tr>
<tr>
<td>1990</td>
<td>लखनऊ विश्वविद्यालय छात्रसंघ के अध्यक्ष</td>
</tr>
<tr>
<td>2002</td>
<td>कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में मल्लावां से चुनाव; 130 वोट से हार</td>
</tr>
<tr>
<td>2004</td>
<td>बसपा में शामिल और उन्नाव से लोकसभा सांसद निर्वाचित</td>
</tr>
<tr>
<td>2008</td>
<td>उत्तर प्रदेश से राज्यसभा सदस्य बने</td>
</tr>
<tr>
<td>2008–2014</td>
<td>राज्यसभा सदस्य</td>
</tr>
<tr>
<td>2012</td>
<td>पत्नी नम्रता पाठक ने बसपा से उन्नाव विधानसभा चुनाव लड़ा</td>
</tr>
<tr>
<td>2014</td>
<td>उन्नाव से बसपा उम्मीदवार के रूप में लोकसभा चुनाव लड़ा</td>
</tr>
<tr>
<td>22 अगस्त 2016</td>
<td>बसपा छोड़कर भाजपा में शामिल</td>
</tr>
<tr>
<td>2017</td>
<td>लखनऊ मध्य से पहली बार विधायक बने</td>
</tr>
<tr>
<td>2017–2022</td>
<td>योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री</td>
</tr>
<tr>
<td>2022</td>
<td>लखनऊ कैंट से दूसरी बार विधायक बने</td>
</tr>
<tr>
<td>25 मार्च 2022</td>
<td>उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बने</td>
</tr>
<tr>
<td>अगस्त 2026 तक</td>
<td>उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य संबंधी विभागों के मंत्री</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<h2>ब्रजेश पाठक की घोषित संपत्ति</h2>
<p class="isSelectedEnd">वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में दाखिल स्वघोषित शपथपत्र के अनुसार ब्रजेश पाठक और उनके परिवार की कुल घोषित संपत्ति ₹10,03,83,962 थी।</p>
<p class="isSelectedEnd">शपथपत्र में किसी प्रकार की देनदारी घोषित नहीं की गई थी।</p>
<table>
<tbody>
<tr>
<td>विवरण</td>
<td>2022 में घोषित जानकारी</td>
</tr>
<tr>
<td>कुल संपत्ति</td>
<td>₹10,03,83,962</td>
</tr>
<tr>
<td>कुल देनदारी</td>
<td>शून्य</td>
</tr>
<tr>
<td>पेशा</td>
<td>अधिवक्ता</td>
</tr>
<tr>
<td>पत्नी का पेशा</td>
<td>गृहिणी एवं समाजसेवी</td>
</tr>
<tr>
<td>शैक्षणिक श्रेणी</td>
<td>Graduate Professional</td>
</tr>
<tr>
<td>घोषित योग्यता</td>
<td>एलएलबी</td>
</tr>
<tr>
<td>घोषित आपराधिक मामले</td>
<td>शून्य</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p class="isSelectedEnd">इन आंकड़ों में उम्मीदवार, पत्नी और आश्रित सदस्यों की घोषित चल एवं अचल संपत्ति शामिल हो सकती है। ये 2022 के चुनाव के समय उम्मीदवार द्वारा दिए गए स्वघोषित आंकड़े हैं। इन्हें 2026 की वर्तमान संपत्ति या वर्तमान बाजार मूल्य नहीं माना जाना चाहिए।</p>
<h2>क्या ब्रजेश पाठक पर आपराधिक मामले हैं?</h2>
<p class="isSelectedEnd">ब्रजेश पाठक ने 2022 के नवीनतम उपलब्ध विधानसभा चुनावी शपथपत्र में कोई लंबित आपराधिक मामला घोषित नहीं किया था।</p>
<p class="isSelectedEnd">हालांकि पुराने चुनावी शपथपत्रों में मामलों का उल्लेख मिलता है। वर्ष 2004 के लोकसभा शपथपत्र में चार, 2014 में एक और 2017 के विधानसभा शपथपत्र में एक मामला दर्ज था।</p>
<p class="isSelectedEnd">इसका अर्थ यह नहीं है कि पुराने मामले 2026 में भी लंबित हैं। नवीनतम उपलब्ध 2022 के शपथपत्र में घोषित मामलों की संख्या शून्य है।</p>
<p class="isSelectedEnd">इसलिए वेबसाइट पर सबसे सटीक वाक्य होगा:</p>
<p class="isSelectedEnd">“ब्रजेश पाठक ने 2022 के विधानसभा चुनावी शपथपत्र में कोई लंबित आपराधिक मामला घोषित नहीं किया था।”</p>
<h2>तीन दलों से जुड़ा रहा राजनीतिक सफर</h2>
<p class="isSelectedEnd">ब्रजेश पाठक के राजनीतिक जीवन की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि वह तीन बड़े राजनीतिक दलों से जुड़े रहे:</p>
<ul>
<li>कांग्रेस से उन्होंने 2002 का विधानसभा चुनाव लड़ा।</li>
<li>बसपा के टिकट पर लोकसभा जीते और राज्यसभा पहुंचे।</li>
<li>भाजपा में शामिल होने के बाद दो बार विधायक, कैबिनेट मंत्री और उपमुख्यमंत्री बने।</li>
</ul>
<p class="isSelectedEnd">उनके राजनीतिक सफर में पार्टी परिवर्तन के साथ लगातार बढ़ती जिम्मेदारियां दिखाई देती हैं। भाजपा में शामिल होने के लगभग छह वर्ष के भीतर वह राज्य के उपमुख्यमंत्री पद तक पहुंच गए।</p>
<h2>ब्रजेश पाठक की राजनीतिक पहचान</h2>
<p class="isSelectedEnd">ब्रजेश पाठक की पहचान छात्र राजनीति से निकले, कानून की पढ़ाई करने वाले और संसदीय तथा राज्य स्तर पर लंबा अनुभव रखने वाले नेता के रूप में बनी है।</p>
<p class="isSelectedEnd">उनके राजनीतिक करियर की प्रमुख विशेषताएं हैं:</p>
<ul>
<li>लखनऊ विश्वविद्यालय की छात्र राजनीति से शुरुआत</li>
<li>वकालत और कानून की शैक्षणिक पृष्ठभूमि</li>
<li>केवल 130 वोट से विधानसभा चुनाव की हार</li>
<li>लोकसभा और राज्यसभा दोनों का अनुभव</li>
<li>उत्तर प्रदेश विधानसभा में लगातार दो जीत</li>
<li>कानून और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी</li>
<li>बसपा से भाजपा में आने के बाद तेजी से बढ़ता राजनीतिक कद</li>
<li>लखनऊ की शहरी राजनीति में सक्रिय उपस्थिति</li>
</ul>
<h2>निष्कर्ष</h2>
<p class="isSelectedEnd">ब्रजेश पाठक का राजनीतिक सफर छात्रसंघ के प्रतिनिधि से शुरू होकर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पद तक पहुंचा है। इस दौरान उन्होंने चुनावी हार, पार्टी परिवर्तन, लोकसभा, राज्यसभा, विधानसभा और राज्य मंत्रिमंडल—सभी स्तरों पर राजनीति का अनुभव प्राप्त किया।</p>
<p class="isSelectedEnd">वर्ष 2002 में केवल 130 वोटों से चुनाव हारने के दो साल बाद वह लोकसभा सांसद बने। बसपा में रहते हुए राज्यसभा पहुंचे और भाजपा में शामिल होने के बाद लगातार दो विधानसभा चुनाव जीते। वर्ष 2022 में लखनऊ कैंट से 39,512 वोट की जीत के बाद उन्हें उत्तर प्रदेश का उपमुख्यमंत्री बनाया गया।</p>
<p>उनकी राजनीतिक यात्रा संघर्ष, संगठनात्मक अनुकूलन और लगातार बढ़ती प्रशासनिक जिम्मेदारियों की कहानी है। अगस्त 2026 तक वह लखनऊ कैंट से भाजपा विधायक, उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और राज्य के स्वास्थ्य संबंधी प्रमुख विभागों के मंत्री हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजनीति</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 27 Aug 2026 14:13:28 +0530</pubDate>
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