<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/tmc/tag-644" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Pratyakshdarshi Samachar RSS Feed Generator</generator>
                <title>TMC - Pratyakshdarshi Samachar</title>
                <link>https://www.pratyakshdarshisamachar.com/tag/644/rss</link>
                <description>TMC RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>Mahua Moitra Circuit House Row: ‘कमरा मिला, फिर रात में बाहर क्यों?’ सुप्रीम कोर्ट पहुंचीं TMC सांसद, तत्काल सुनवाई से इनकार</title>
                                    <description><![CDATA[TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने कृष्णनगर सर्किट हाउस खाली कराने के कथित प्रयास को लेकर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। शीर्ष अदालत ने फिलहाल तत्काल सुनवाई की मांग स्वीकार नहीं की। जानिए 14 अगस्त की रात क्या हुआ था।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/national/mahua-moitra-circuit-house-eviction-row-supreme-court-nadia-krishnanagar/article-1818"><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/400/2026-08/mahua-moitra-circuit-house-row-supreme-court-nadia.jpg.png" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer"><strong>नई दिल्ली/कृष्णनगर।</strong> तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा और पश्चिम बंगाल के नदिया जिला प्रशासन के बीच कृष्णनगर सर्किट हाउस को लेकर शुरू हुआ विवाद अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। महुआ मोइत्रा ने आरोप लगाया है कि सरकारी सर्किट हाउस में कमरा आवंटित होने के बावजूद 14 अगस्त की रात अधिकारियों ने उन पर परिसर खाली करने का दबाव बनाया। सोमवार को उनके वकील ने सुप्रीम कोर्ट में मामले की जल्द सुनवाई की मांग की, लेकिन शीर्ष अदालत ने तत्काल लिस्टिंग स्वीकार नहीं की।</p>
<p>मामले का जिक्र चीफ जस्टिस <strong>सूर्यकांत</strong>, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ के सामने किया गया। महुआ की ओर से कहा गया कि यह एक मौजूदा महिला सांसद और स्थानीय प्रशासन से जुड़ा संवैधानिक महत्व का मामला है, जिसकी स्वतंत्र जांच की जरूरत है। हालांकि CJI ने इस चरण पर मामले को तत्काल सुनने में रुचि नहीं दिखाई।</p>
<h2>शाम को कमरा मिला, रात में खाली करने को कहा?</h2>
<img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/2026-08/mahua-moitra-circuit-house-row-supreme-court-nadia.jpg.png" alt="mahua-moitra-circuit-house-row-supreme-court-nadia.jpg" width="1672" height="941"></img>
TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने नदिया के कृष्णनगर सर्किट हाउस को देर रात खाली कराने के कथित प्रयास को लेकर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है।

<p>इस विवाद का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा 14 अगस्त की घटनाओं की टाइमलाइन है।</p>
<p>महुआ मोइत्रा के मुताबिक वह शाम करीब <strong>6:15 बजे</strong> कृष्णनगर सर्किट हाउस पहुंचीं और कर्मचारियों ने उन्हें उनका सामान्य कमरा दिया। कमरे को तैयार किया गया था, शाम करीब 7 बजे चाय और रात <strong>9:20 बजे खाना</strong> भी परोसा गया।</p>
<p>महुआ का दावा है कि इसके केवल 27 मिनट बाद, रात <strong>9:47 बजे</strong>, उन्हें नदिया के अतिरिक्त जिलाधिकारी का फोन आया और सर्किट हाउस खाली करने के लिए कहा गया।</p>
<p>उन्होंने आरोप लगाया कि कारण पूछने पर अधिकारी ने कथित तौर पर बताया कि निर्देश <strong>“ऊपर से आया है।”</strong></p>
<h3>10:52 बजे WhatsApp पर मिला आदेश</h3>
<p>महुआ के मुताबिक रात <strong>10:52 बजे</strong> उन्हें WhatsApp के जरिए एक प्रशासनिक आदेश भेजा गया।</p>
<p>बताया गया कि यह आदेश 12 अगस्त को जारी हुआ था और इसमें वार्षिक रखरखाव तथा सफाई के कारण <strong>14 अगस्त की शाम से सर्किट हाउस की सेवाएं अगले आदेश तक बंद</strong> रखने की बात थी।</p>
<p>लेकिन इसी आदेश में यह भी कहा गया था कि <strong>13 अगस्त से पहले confirm की गई reservations</strong> को इस रोक से अलग रखा जाएगा।</p>
<p>यही बिंदु महुआ के सवाल का केंद्र है।</p>
<p>उनका कहना है कि अगर यह आदेश पहले से प्रभावी था तो उन्हें कमरे में check-in क्यों कराया गया, चाय-खाना क्यों दिया गया और रात करीब 10 बजे के बाद ही कमरा खाली करने को क्यों कहा गया।</p>
<h2>बाहर भीड़ और ‘जय श्री राम’ के नारों का दावा</h2>
<p>महुआ मोइत्रा ने उस रात सोशल मीडिया पर यह भी आरोप लगाया था कि जब उन्होंने सर्किट हाउस छोड़ने से इनकार किया तो परिसर के बाहर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए और <strong>“जय श्री राम”</strong> के नारे लगाने लगे।</p>
<p>उन्होंने सुरक्षा को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि सर्किट हाउस जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक के सरकारी आवासों के सामने स्थित है, ऐसे में एक सुरक्षित प्रशासनिक क्षेत्र में भीड़ कैसे जमा हुई।</p>
<p>यह <strong>महुआ मोइत्रा का आरोप</strong> है। उपलब्ध शुरुआती रिपोर्टों में नदिया जिला प्रशासन की ओर से भीड़ और नारों के इन आरोपों पर तत्काल विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।</p>
<h2>सुप्रीम कोर्ट में महुआ ने क्या मांग की?</h2>
<p>महुआ के वकील ने सुप्रीम कोर्ट में Article 32 के तहत दायर याचिका का उल्लेख किया।</p>
<p>उन्होंने कहा कि कलकत्ता हाईकोर्ट पहले महुआ को सुरक्षा संबंधी संरक्षण देने का निर्देश दे चुका था, फिर भी स्थानीय प्रशासन की ओर से उन्हें देर रात सर्किट हाउस छोड़ने के लिए कहा गया। वकील ने इसे <strong>federalism और संवैधानिक अधिकारों से जुड़ा सवाल</strong> बताते हुए स्वतंत्र जांच और जल्द सुनवाई की मांग की।</p>
<p>लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई की मांग नहीं मानी। CJI ने संकेत दिया कि मामला हाईकोर्ट भी सुन सकता है।</p>
<h3>क्या सुप्रीम कोर्ट ने महुआ की याचिका खारिज कर दी?</h3>
<p><strong>इसे इस तरह लिखना ठीक नहीं होगा।</strong></p>
<p>सोमवार को मुख्य घटनाक्रम <strong>urgent listing/तत्काल सुनवाई की मांग</strong> को लेकर था। अदालत ने तत्काल सुनवाई के अनुरोध को स्वीकार नहीं किया और इस स्तर पर मामले को entertain करने में अनिच्छा जताई। इसलिए इसे merits पर अंतिम फैसला या महुआ के आरोपों को गलत ठहराने वाला आदेश समझना सही नहीं होगा।</p>
<p>यही distinction आपकी खबर में साफ होना चाहिए।</p>
<h2>पहले लोकसभा स्पीकर तक पहुंच चुका है मामला</h2>
<p>सुप्रीम कोर्ट जाने से पहले महुआ मोइत्रा इस मामले को लोकसभा अध्यक्ष <strong>ओम बिरला</strong> के सामने भी उठा चुकी हैं।</p>
<p>उन्होंने नदिया प्रशासन के तीन वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ विशेषाधिकार से जुड़ा नोटिस दिया और आरोप लगाया कि एक निर्वाचित सांसद के साथ प्रशासनिक प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया गया।</p>
<p>महुआ का कहना है कि सांसद होने के नाते वह अपने संसदीय क्षेत्र में सरकारी सर्किट हाउस का इस्तेमाल करने की पात्र थीं और उनकी booking स्वीकार भी की गई थी।</p>
<h2>अब सबसे बड़ा सवाल क्या है?</h2>
<p>इस मामले में अब दो अलग-अलग सवाल महत्वपूर्ण हैं।</p>
<p>पहला—<strong>क्या महुआ मोइत्रा की reservation उस प्रशासनिक आदेश के तहत protected booking थी या नहीं?</strong></p>
<p>दूसरा—अगर उनके ठहरने में नियमों की समस्या थी, तो उन्हें शाम को कमरा देने और भोजन परोसने के कई घंटे बाद ही देर रात बाहर जाने के लिए क्यों कहा गया?</p>
<p>इन सवालों का अंतिम जवाब न्यायिक प्रक्रिया और प्रशासन के विस्तृत पक्ष के बाद ही स्पष्ट होगा।</p>
<p>फिलहाल इतना तय है कि 14 अगस्त की रात शुरू हुआ कृष्णनगर Circuit House विवाद अब <strong>लोकसभा स्पीकर से होते हुए सुप्रीम कोर्ट तक</strong> पहुंच चुका है।</p>
<p><strong>नोट:</strong> सर्किट हाउस से जबरन बाहर निकालने, भीड़ जमा होने और नारेबाजी संबंधी बातें महुआ मोइत्रा के आरोप हैं। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को इन आरोपों की सत्यता पर कोई अंतिम निर्णय नहीं दिया; उसने तत्काल सुनवाई की मांग स्वीकार नहीं की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                    

                <link>https://www.pratyakshdarshisamachar.com/national/mahua-moitra-circuit-house-eviction-row-supreme-court-nadia-krishnanagar/article-1818</link>
                <guid>https://www.pratyakshdarshisamachar.com/national/mahua-moitra-circuit-house-eviction-row-supreme-court-nadia-krishnanagar/article-1818</guid>
                <pubDate>Mon, 24 Aug 2026 16:00:17 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/2026-08/mahua-moitra-circuit-house-row-supreme-court-nadia.jpg.png"                         length="2109467"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Pratyakshdarshi Samachar]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        