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                <title>अजय राय - Pratyakshdarshi Samachar</title>
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                <description>अजय राय RSS Feed</description>
                
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                <title>Ayodhya Fish Feast Row: योगी के आरोप पर अजय राय की चुनौती- ‘मछली खाते फोटो दिखाओ, पद छोड़ दूंगा’</title>
                                    <description><![CDATA[अयोध्या में सावन के दौरान हुए मछली भोज पर यूपी की राजनीति गरमा गई है। CM योगी के हमले के बाद कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने अपनी मछली खाते तस्वीर दिखाने पर पद छोड़ने की चुनौती दी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/state/uttar-pradesh/ayodhya-fish-feast-ajay-rai-yogi-photo-proof-resign-challenge/article-1817"><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/400/2026-08/ajay-rai-yogi-ayodhya-fish-feast-resign-challenge.jpg.png" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ/अयोध्या।</strong> सावन के महीने में अयोध्या में आयोजित एक राजनीतिक कार्यक्रम के दौरान मछली परोसे जाने का मामला अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय के बीच सीधी सियासी लड़ाई बन गया है। कार्यक्रम में मछली बनने का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद BJP ने कांग्रेस पर हमला किया, जबकि अजय राय ने साफ कहा है कि अगर उनकी <strong>मछली खाते हुए कोई तस्वीर</strong> दिखाई जाती है तो वह अपने पद से इस्तीफा देने को तैयार हैं।</p>
<h3>निषाद समाज के कार्यक्रम से शुरू हुआ विवाद</h3>
<p>विवाद की शुरुआत रविवार को अयोध्या में निषाद समाज की ओर से आयोजित कार्यक्रम से हुई। इसमें कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय, पार्टी के यूपी प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम और अन्य नेता शामिल हुए थे। कार्यक्रम के बाद सबसे ज्यादा चर्चा वहां परोसी गई मछली को लेकर हुई।</p>
<p>सोशल मीडिया पर मछली पकाए जाने का वीडियो सामने आते ही BJP नेताओं ने इसे सावन और अयोध्या की धार्मिक पहचान से जोड़ते हुए कांग्रेस को घेरना शुरू कर दिया।</p>
<h3>योगी आदित्यनाथ ने क्या कहा?</h3>
<p>रायबरेली में एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अजय राय पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अयोध्या में हनुमानगढ़ी दर्शन करने जाते हैं और उसके बाद मछली भोज वाले कार्यक्रम में शामिल होते हैं। योगी ने इसे कांग्रेस का <strong>दोहरे आचरण</strong> वाला रवैया बताया और कहा कि यदि ऐसा भोजन करना था तो अयोध्या के बाहर किया जा सकता था।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने इस मामले को धार्मिक आस्था और अयोध्या की सांस्कृतिक पहचान से जोड़ा। यही बयान आने के बाद विवाद स्थानीय कार्यक्रम से निकलकर प्रदेश स्तर की बड़ी राजनीतिक बहस बन गया।</p>
<h3>अजय राय बोले- फोटो दिखा दें, इस्तीफा दे दूंगा</h3>
<p>CM योगी के हमले के बाद अजय राय ने भी खुलकर जवाब दिया।</p>
<p>उन्होंने कहा कि निषाद समाज ने उन्हें कार्यक्रम में आमंत्रित किया था। अजय राय के मुताबिक वह अयोध्या जाते समय पहले हनुमानगढ़ी और भगवान राम के दर्शन करते हैं और उसके बाद राजनीतिक-सामाजिक कार्यक्रमों में जाते हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि वह निषाद समाज के कार्यक्रम में मौजूद थे, लेकिन मछली खाने के आरोप को चुनौती दी।</p>
<p>अजय राय ने कहा कि अगर मुख्यमंत्री या BJP के पास उनकी मछली खाते हुए कोई तस्वीर है तो उसे सार्वजनिक किया जाए और <strong>“मैं इस्तीफा देने के लिए तैयार हूं।”</strong></p>
<p>यहीं से इस विवाद का सबसे मजबूत नया सवाल पैदा होता है—<strong>क्या कार्यक्रम में मौजूद होना और मछली खाना एक ही बात है?</strong></p>
<p>उपलब्ध रिपोर्टों में कार्यक्रम में मछली बनने और अजय राय के वहां मौजूद होने की पुष्टि होती है, लेकिन उनकी मछली खाते हुए कोई सार्वजनिक तस्वीर इन रिपोर्टों में सामने नहीं रखी गई है। इसलिए headline में सीधे <strong>“अजय राय ने मछली खाई”</strong> लिखना उचित नहीं होगा।</p>
<h3>अजय राय ने निषाद समाज का मुद्दा क्यों उठाया?</h3>
<img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/2026-08/ajay-rai-yogi-ayodhya-fish-feast-resign-challenge.jpg.png" alt="ajay-rai-yogi-ayodhya-fish-feast-resign-challenge.jpg" width="1672" height="941"></img>
अयोध्या में निषाद समाज के कार्यक्रम में मछली परोसे जाने को लेकर CM योगी और कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय आमने-सामने हैं।

<p>अपने बचाव में अजय राय ने मछली पकड़ने और खाने को निषाद समाज की पारंपरिक जीवनशैली से जोड़ा। उनका कहना था कि मछली पालन, पकड़ना और इससे जुड़ा काम समुदाय के जीवन और आजीविका का हिस्सा रहा है। उन्होंने BJP पर इस बहाने निषाद समाज का अपमान करने का भी आरोप लगाया।</p>
<p>यह <strong>अजय राय का राजनीतिक आरोप</strong> है। BJP इस बहस को निषाद समाज के खानपान से ज्यादा <strong>अयोध्या और सावन के दौरान आयोजन</strong> से जोड़कर पेश कर रही है।</p>
<h3>पवन खेड़ा भी कांग्रेस के बचाव में उतरे</h3>
<p>विवाद बढ़ा तो कांग्रेस नेता पवन खेड़ा भी सामने आए। उन्होंने आरोप लगाया कि मछली भोज जैसे मुद्दे इसलिए उठाए जा रहे हैं ताकि पेपर लीक और दूसरे बड़े सवालों से लोगों का ध्यान हटे। उन्होंने अयोध्या के मंदिर चढ़ावे से जुड़े विवाद का भी जिक्र किया।</p>
<p>खेड़ा ने अजय राय को शाकाहारी बताया और सवाल किया कि खानपान को लेकर इतनी बड़ी राजनीतिक बहस क्यों खड़ी की जा रही है। दूसरी ओर BJP नेता इसे धार्मिक संवेदनशीलता से जोड़ रहे हैं।</p>
<h3>BJP के दूसरे नेता भी विवाद में उतरे</h3>
<p>पूर्व केंद्रीय मंत्री और BJP नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने भी सावन के दौरान अयोध्या में मछली भोज आयोजित करने की आलोचना की। उन्होंने इसे सनातन परंपरा के प्रति कांग्रेस के रवैये से जोड़ा।</p>
<p>इस तरह एक कार्यक्रम में परोसे गए खाने को लेकर शुरू हुई बहस अब BJP और कांग्रेस के कई बड़े नेताओं तक पहुंच चुकी है।</p>
<h3>तीन तथ्य अलग-अलग समझना जरूरी</h3>
<p>इस विवाद में सबसे महत्वपूर्ण distinction यही है:</p>
<p><strong>कार्यक्रम में मछली बनी थी</strong> — इसका वीडियो सामने आया है।<br /><strong>अजय राय कार्यक्रम में मौजूद थे</strong> — उन्होंने खुद भी इससे इनकार नहीं किया।<br /><strong>अजय राय ने मछली खाई</strong> — इस दावे का सार्वजनिक निर्णायक प्रमाण फिलहाल उपलब्ध रिपोर्टों में सामने नहीं आया है।</p>
<p>यही वजह है कि अजय राय BJP से फोटो या वीडियो दिखाने की मांग कर रहे हैं।</p>
<h3>UP की राजनीति में इतना बड़ा मुद्दा क्यों बन गया?</h3>
<p>अयोध्या उत्तर प्रदेश की राजनीति और धार्मिक पहचान दोनों में बेहद महत्वपूर्ण है। दूसरी तरफ निषाद समुदाय पूर्वांचल और राज्य की कई विधानसभा सीटों के चुनावी समीकरण में अहम भूमिका निभाता है।</p>
<p>इसलिए यह विवाद केवल खानपान का सवाल नहीं रहा। BJP इसे <strong>आस्था और कांग्रेस के कथित दोहरे रवैये</strong> से जोड़ रही है, जबकि कांग्रेस इसे <strong>निषाद समाज, निजी खानपान और असली मुद्दों से ध्यान भटकाने</strong> की बहस बता रही है।</p>
<p>2027 के विधानसभा चुनाव से पहले ऐसी पहचान-आधारित राजनीतिक बहसें और तेज हो सकती हैं।</p>
<h3>अब अगला सवाल क्या?</h3>
<p>अब इस विवाद की अगली बड़ी development यही होगी कि BJP अजय राय की चुनौती के जवाब में कोई तस्वीर या वीडियो सामने रखती है या नहीं।</p>
<p>अगर कोई प्रमाण सामने नहीं आता तो कांग्रेस इस बयान को राजनीतिक पलटवार के तौर पर इस्तेमाल कर सकती है। अगर नया visual सामने आता है तो मामला फिर नया मोड़ ले सकता है।</p>
<p>फिलहाल तथ्य यही है कि <strong>अजय राय कार्यक्रम में मौजूद थे और कार्यक्रम में मछली परोसी गई थी, लेकिन उन्होंने खुद मछली खाने के आरोप को नकारते हुए सबूत मांगा है।</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तरप्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.pratyakshdarshisamachar.com/state/uttar-pradesh/ayodhya-fish-feast-ajay-rai-yogi-photo-proof-resign-challenge/article-1817</link>
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                <pubDate>Mon, 24 Aug 2026 15:13:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Pratyakshdarshi Samachar]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>अयोध्या Fish Feast पर CM योगी vs अजय राय: ‘राम-राम’ पर तंज, कांग्रेस अध्यक्ष बोले- फोटो दिखाओ, इस्तीफा दे दूंगा</title>
                                    <description><![CDATA[अयोध्या के मछली भोज विवाद पर CM योगी और यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय आमने-सामने हैं। योगी ने हनुमानगढ़ी दर्शन और मछली भोज को लेकर हमला बोला, तो अजय राय ने तस्वीर दिखाने पर इस्तीफे की चुनौती दे दी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/state/uttar-pradesh/cm-yogi-vs-ajay-rai-on-ayodhya-fish-feast-taunt/article-1816"><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/400/2026-08/yogi-adityanath-ajay-rai-ayodhya-fish-feast-resignation-challenge.jpg.png" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer"><strong>लखनऊ/रायबरेली।</strong> अयोध्या में यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय के स्वागत कार्यक्रम में मछली परोसे जाने को लेकर शुरू हुआ विवाद अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और कांग्रेस के बीच सीधे राजनीतिक मुकाबले में बदल गया है। रायबरेली में आयोजित एक कार्यक्रम से CM योगी ने कांग्रेस और अजय राय पर तीखा हमला बोला। कुछ ही देर बाद अजय राय ने मुख्यमंत्री को चुनौती देते हुए कहा कि अगर उनकी मछली खाते हुए कोई तस्वीर सामने आ जाए तो वह प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने को तैयार हैं।</p>
<h3>योगी बोले- ‘राम-राम’ और बाहर मछली भोज</h3>
<img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/2026-08/yogi-adityanath-ajay-rai-ayodhya-fish-feast-resignation-challenge.jpg.png" alt="yogi-adityanath-ajay-rai-ayodhya-fish-feast-resignation-challenge.jpg" width="1672" height="941"></img>
अयोध्या में आयोजित कार्यक्रम में मछली परोसे जाने को लेकर CM योगी ने कांग्रेस पर हमला बोला, जिसके बाद अजय राय ने अपनी मछली खाते तस्वीर दिखाने पर इस्तीफा देने की चुनौती दी।

<p>रायबरेली के ‘भाव समर्पण समारोह’ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में हुए घटनाक्रम को कांग्रेस के कथित दोहरे आचरण से जोड़ा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता पहले हनुमानगढ़ी जाकर दर्शन करते हैं और फिर ऐसे कार्यक्रम में पहुंचते हैं जहां मछली का भोज आयोजित किया जाता है। योगी ने इसे लेकर कांग्रेस पर तीखा तंज कसा और यहां तक कहा कि ऐसा आचरण देखकर <strong>“गिरगिट भी शर्मा जाता होगा।”</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री का तर्क था कि अगर किसी को मछली खानी ही थी तो अयोध्या के बाहर ऐसा किया जा सकता था। उन्होंने पूरे घटनाक्रम को अयोध्या की धार्मिक पहचान और सावन के महीने से जोड़ते हुए कांग्रेस पर सनातन आस्था के प्रति कथित दोहरे रवैये का आरोप लगाया।</p>
<h3>विवाद शुरू कैसे हुआ?</h3>
<p>अयोध्या के <strong>तारुन क्षेत्र</strong> में रविवार को निषाद समाज से जुड़े लोगों ने यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय के स्वागत में एक कार्यक्रम आयोजित किया था। कार्यक्रम स्थल पर मछली पकाए जाने का वीडियो सामने आने के बाद BJP नेताओं ने सवाल उठाया कि सावन के महीने में और अयोध्या जैसे धार्मिक शहर में ऐसा आयोजन क्यों किया गया।</p>
<p>यह कार्यक्रम निषाद समाज से जुड़े नेता राम निहाल निषाद की ओर से आयोजित बताया गया। अजय राय कार्यक्रम में शामिल हुए थे। इससे पहले उन्होंने अयोध्या में हनुमानगढ़ी समेत धार्मिक स्थलों पर दर्शन भी किए थे। यही क्रम BJP के राजनीतिक हमले का मुख्य आधार बना।</p>
<h2>अजय राय ने योगी को दी सीधी चुनौती</h2>
<p>मुख्यमंत्री के आरोपों के बाद अजय राय ने पलटवार करते हुए बड़ा राजनीतिक दांव चला।</p>
<p>उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री या BJP <strong>उनकी मछली खाते हुए एक तस्वीर भी सार्वजनिक कर दें</strong>, तो वह प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद से तत्काल इस्तीफा देने को तैयार हैं। अजय राय ने उल्टा सवाल किया कि अगर ऐसी तस्वीर नहीं मिलती तो क्या मुख्यमंत्री भी इस्तीफा देने को तैयार होंगे।</p>
<p>यही प्रतिक्रिया इस पूरी खबर का सबसे नया और मजबूत angle है।</p>
<p>ABP की शुरुआती रिपोर्ट मुख्य रूप से मुख्यमंत्री के हमले पर केंद्रित थी, लेकिन अजय राय की इस्तीफा चुनौती आने के बाद कहानी अब <strong>एकतरफा राजनीतिक आरोप नहीं बल्कि Yogi vs Ajay Rai face-off</strong> बन चुकी है।</p>
<h3>अजय राय बोले- मुझे निषाद समाज ने बुलाया था</h3>
<p>अजय राय ने यह भी कहा कि उन्हें निषाद समाज की ओर से कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया था। उनके अनुसार अगर आयोजकों ने वहां मछली बनवाई थी तो उसकी व्यवस्था आयोजकों की थी। वह कार्यक्रम में शामिल हुए और उसके बाद लौट गए।</p>
<p>उन्होंने इस विवाद को निषाद समाज की खानपान परंपरा और आजीविका से भी जोड़ा है। अजय राय का तर्क रहा है कि मछली पकड़ना और बेचना निषाद समुदाय के पारंपरिक जीवन का हिस्सा रहा है।</p>
<p>लेकिन BJP इस मुद्दे को खाने की व्यक्तिगत पसंद से ज्यादा <strong>स्थान और समय</strong> से जोड़ रही है—यानी अयोध्या और सावन।</p>
<hr />
<h1>पवन खेड़ा भी अजय राय के समर्थन में उतरे</h1>
<p>कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने भी सोमवार दोपहर इस विवाद पर प्रतिक्रिया दी।</p>
<p>उन्होंने कहा कि अजय राय शाकाहारी हैं और BJP इस मुद्दे को वास्तविक जनसमस्याओं से ध्यान हटाने के लिए उठा रही है। खेड़ा ने पेपर लीक और राम मंदिर चढ़ावा चोरी जैसे मुद्दों का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि मछली भोज की बहस इन सवालों को पीछे करने की कोशिश है।</p>
<p>यह कांग्रेस का राजनीतिक पक्ष है। BJP का कहना है कि मामला अजय राय ने व्यक्तिगत रूप से मछली खाई या नहीं, सिर्फ इतना नहीं है; सवाल अयोध्या में सावन के दौरान ऐसे आयोजन का भी है। दोनों पक्षों की यही अलग framing इस विवाद को लगातार बड़ा कर रही है।</p>
<h2>BJP प्रदेश अध्यक्ष ने भी कांग्रेस पर साधा निशाना</h2>
<p>यूपी BJP अध्यक्ष पंकज चौधरी भी इस विवाद में कांग्रेस पर हमला कर चुके हैं। उन्होंने मछली भोज की खबर को सनातन आस्था से जोड़ते हुए कांग्रेस की आलोचना की। कुछ स्थानीय संतों ने भी आयोजन पर आपत्ति जताई है।</p>
<p>इस तरह अब इस विवाद में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, BJP संगठन, यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और कांग्रेस के राष्ट्रीय नेता तक उतर चुके हैं।</p>
<hr />
<h1>विवाद का असली सवाल क्या है?</h1>
<p>इस राजनीतिक लड़ाई में तीन अलग-अलग बातें हैं जिन्हें अलग-अलग समझना जरूरी है।</p>
<p><strong>पहली:</strong> कार्यक्रम स्थल पर मछली बनाए जाने का वीडियो सामने आया है। इस बात पर मुख्य विवाद नहीं है।</p>
<p><strong>दूसरी:</strong> अजय राय कार्यक्रम में मौजूद थे। वह खुद भी कार्यक्रम में जाने की बात स्वीकार कर रहे हैं।</p>
<p><strong>तीसरी और सबसे महत्वपूर्ण:</strong> अजय राय ने व्यक्तिगत रूप से वहां मछली खाई या नहीं—इसका कोई सार्वजनिक प्रमाण फिलहाल उपलब्ध रिपोर्टों में सामने नहीं आया है। अजय राय इसी बिंदु पर CM योगी और BJP से फोटो दिखाने की चुनौती दे रहे हैं।</p>
<p>इसीलिए headline में सीधे <strong>“अजय राय ने मछली खाई”</strong> लिखना अभी उचित नहीं होगा।</p>
<h3>योगी ने अजय राय के पुराने राजनीतिक इतिहास पर भी हमला किया</h3>
<p>अपने भाषण में मुख्यमंत्री योगी ने केवल मछली भोज का मुद्दा नहीं उठाया। उन्होंने अजय राय के परिवार और माफिया से जुड़े एक पुराने मामले का हवाला देते हुए भी उन पर निशाना साधा और कांग्रेस-सपा-बसपा के पुराने शासन को कानून-व्यवस्था तथा प्रदेश की पहचान से जोड़ा। ये मुख्यमंत्री के राजनीतिक आरोप थे।</p>
<p>उन्होंने अयोध्या में महर्षि वाल्मीकि के नाम पर एयरपोर्ट, निषादराज से जुड़ी सुविधाओं और शबरी माता के नाम पर किए गए कार्यों का उल्लेख करते हुए अपनी सरकार की सांस्कृतिक राजनीति को भी सामने रखा।</p>
<hr />
<h1>UP Election 2027 से पहले क्यों अहम है यह विवाद?</h1>
<p>अयोध्या केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण नहीं है; उत्तर प्रदेश की राजनीति में भी इसका बड़ा प्रतीकात्मक महत्व है।</p>
<p>दूसरी तरफ <strong>निषाद मतदाता</strong> पूर्वांचल और मध्य यूपी की कई विधानसभा सीटों पर चुनावी समीकरण प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं। इसलिए एक स्थानीय स्वागत कार्यक्रम से शुरू हुआ विवाद धीरे-धीरे <strong>सनातन बनाम खानपान परंपरा + BJP बनाम Congress + निषाद राजनीति</strong> के बड़े narrative में बदल रहा है।</p>
<p>2027 के विधानसभा चुनाव से पहले BJP धार्मिक-सांस्कृतिक पहचान के मुद्दों को लेकर कांग्रेस पर हमलावर है, जबकि कांग्रेस इस बहस को बेरोजगारी, पेपर लीक और दूसरे प्रशासनिक मुद्दों से ध्यान भटकाने की राजनीति बता रही है।</p>
<h3>अब अगला राजनीतिक सवाल</h3>
<p>अभी तक विवाद का केंद्र यह था कि अयोध्या में मछली क्यों बनाई गई।</p>
<p>लेकिन अजय राय की चुनौती के बाद सवाल बदल गया है—</p>
<p><strong>क्या BJP अजय राय के मछली खाने का कोई प्रमाण सार्वजनिक करेगी?</strong></p>
<p>और अगर नहीं, तो क्या कांग्रेस इस मुद्दे को BJP के खिलाफ उल्टा इस्तेमाल करेगी?</p>
<p>फिलहाल इतना स्पष्ट है कि अयोध्या की एक ‘मछली दावत’ उत्तर प्रदेश की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन चुकी है और मामला अब मुख्यमंत्री बनाम प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की सीधी बयानबाजी तक पहुंच गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तरप्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 24 Aug 2026 14:41:00 +0530</pubDate>
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