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                <title>#IndianARMY - Pratyakshdarshi Samachar</title>
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                <title>गणतंत्र दिवस 2026: कर्तव्य पथ पर दिखेगी सेना की 'शक्तिशाली' विरासत</title>
                                    <description><![CDATA[भारतीय सेना का 'एनिमल स्क्वाड' रचेगा इतिहास; आर्मी डॉग्स, बैक्ट्रियन ऊंट और शिकारी पक्षियों के साथ सैन्य शौर्य का अद्भुत संगम]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/national/republic-day-2026-armys-powerful-legacy-will-be-visible-on/article-1732"><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/400/2025-12/republic_day_2026_security_tight.jpg" alt=""></a><br /><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/2025-12/republic_day_2026_security_tight.jpg" alt="republic_day_2026_security_tight" width="400" height="225"></img>
इस गणतंत्र दिवस पर दिखेगा शौर्य शक्ति के साथ पशुबल भी

<p> </p>
<p>नई दिल्ली | साल 2026 के स्वागत के साथ ही देश के सबसे बड़े राष्ट्रीय पर्व 'गणतंत्र दिवस' की तैयारियां परवान चढ़ने लगी हैं। इस बार 26 जनवरी की परेड में भारतीय सेना का एक ऐसा रूप नजर आएगा जो न केवल दुर्लभ है, बल्कि भारत की रणनीतिक विविधता का प्रतीक भी है। इस साल कर्तव्य पथ पर सेना के अत्याधुनिक हथियारों के साथ-साथ एक विशेष 'पशु दल' (Animal Contingent) कदमताल करता नजर आएगा।</p>
<p><strong>इतिहास में पहली बार: शिकारी पक्षी और जांस्करी टट्टू का जलवा</strong></p>
<p>भारतीय सेना इस साल अपने पशुबल की अद्वितीय क्षमता का प्रदर्शन करने जा रही है। परेड के मुख्य आकर्षणों में शामिल होंगे:दो कूबड़ वाले (बैक्ट्रियन) ऊंट: जो लद्दाख जैसे ऊंचे और बर्फीले इलाकों में सेना की रसद का सहारा बनते हैं।</p>
<p>चार जांस्कर टट्टू: दुर्गम पहाड़ी रास्तों के ये 'मौन योद्धा' पहली बार राष्ट्रीय गौरव का हिस्सा बनेंगे। शिकारी पक्षी (बर्ड्स ऑफ प्रे): सर्विलांस और ड्रोन-विरोधी ऑपरेशंस में सेना की आंख बनने वाले चार शिकारी पक्षियों को भी परेड में शामिल किया गया है। शिकारी पक्षी (बर्ड्स ऑफ प्रे): सर्विलांस और ड्रोन-विरोधी ऑपरेशंस में सेना की आंख बनने वाले चार शिकारी पक्षियों को भी परेड में शामिल किया गया है।</p>
<p><strong>सेना के 'बेस्ट फ्रेंड्स' भी दिखाएंगे दम</strong><br />इस गणतंत्र दिवस पर 10 भारतीय नस्ल के आर्मी डॉग्स और 6 पारंपरिक सैन्य कुत्तों का दस्ता कर्तव्य पथ की शोभा बढ़ाएगा। यह पहली बार होगा जब सैन्य कुत्ते औपचारिक रूप से परेड के मुख्य आकर्षण के रूप में नजर आएंगे। हाल ही में सेना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें ये पशुबल कर्तव्य पथ पर कड़ा अभ्यास करते दिख रहे हैं।</p>
<p><strong>स्वदेशी क्षमता और बलिदान का प्रतीक</strong><br />सेना के इस कदम के पीछे का उद्देश्य भारत की उस स्वदेशी ताकत को दुनिया के सामने लाना है, जो आधुनिक तकनीक के साथ कंधे से कंधा मिलाकर सीमाओं की रक्षा करती है। चाहे वो बर्फीले रेगिस्तान हों या ऊंचे पहाड़, ये जीव भारतीय सैनिकों के साथ हर मुश्किल परिस्थिति में 'साइलेंट वारियर्स' की तरह खड़े रहते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 31 Dec 2025 18:21:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Pratyakshdarshi Samachar]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>भारतीय सेना के सोशल मीडिया नियमों में बड़ा बदलाव</title>
                                    <description><![CDATA[जानें नई गाइडलाइंस]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/national/big-change-in-social-media-rules-of-indian-army/article-1714"><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/400/2025-12/no-post-no-comment-on-social-media.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>नई दिल्ली</strong>: भारतीय सेना ने अपने जवानों और अधिकारियों के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल को लेकर नई और सख्त गाइडलाइंस जारी की हैं। सुरक्षा कारणों और अनुशासन को ध्यान में रखते हुए सेना ने अपनी पुरानी नीतियों में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं।<br /><br /><strong>केवल देखने की अनुमति, पोस्ट करने पर पाबंदी</strong><br />नई गाइडलाइंस के मुताबिक, अब सेना के जवान और अधिकारी इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल केवल जानकारी लेने या पोस्ट देखने (Surveillance) के लिए कर सकेंगे। नए नियमों के तहत अब कोई भी जवान किसी पोस्ट को 'लाइक' नहीं कर पाएगा और न ही अपनी ओर से कोई फोटो, वीडियो या टेक्स्ट 'अपलोड' कर सकेगा। डिजिटल गतिविधियों को लेकर बाकी पुराने नियम पहले की तरह ही लागू रहेंगे।<br /><br /><strong>क्यों पड़ी इन नए नियमों की जरूरत?</strong><br />सूत्रों का कहना है कि इन नियमों का मुख्य उद्देश्य जवानों को सोशल मीडिया पर फैल रही फर्जी खबरों (Fake News) और भ्रामक जानकारियों से सावधान करना है। सेना चाहती है कि जवान सोशल मीडिया का इस्तेमाल केवल सूचनाएं जुटाने के लिए करें, ताकि वे गलत कंटेंट की पहचान कर सकें और समय रहते अपने वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी जानकारी दे सकें। इससे सेना की आंतरिक सुरक्षा और गोपनीयता बनी रहेगी।<br /><br /><strong>जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने क्या कहा?</strong><br />हाल ही में 'चाणक्य डिफेंस डायलॉग' के दौरान सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने इस विषय पर विस्तार से बात की। उन्होंने स्वीकार किया कि आज की पीढ़ी (Gen Z) के लिए स्मार्टफोन से दूर रहना एक बड़ी चुनौती है। जनरल द्विवेदी ने बताया कि जब युवा कैडेट्स ट्रेनिंग के लिए आते हैं, तो उन्हें यह समझाने में कई महीने लग जाते हैं कि फोन के बिना भी एक जीवन है।<br /><br /><strong>स्मार्टफोन: पाबंदी और जरूरत के बीच संतुलन</strong><br />सेना प्रमुख ने स्मार्टफोन को आज की एक बड़ी जरूरत बताया। उन्होंने भावुक होते हुए कहा, "मैं सैनिकों को फोन के लिए कभी मना नहीं करता क्योंकि हम अक्सर फील्ड में तैनात रहते हैं। आज का सैनिक दूर रहकर अपने बच्चे की किलकारी सुनना चाहता है या परिवार का हालचाल लेना चाहता है। बैंकिंग से लेकर पढ़ाई तक, सब कुछ फोन पर निर्भर है।"<br /><br />उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनौती फोन के इस्तेमाल में नहीं, बल्कि इस बात में है कि क्या पोस्ट करना है और क्या नहीं। इसी अनुशासन को बनाए रखने के लिए सेना ने 'देखने' की अनुमति तो दी है, लेकिन 'इंटरैक्शन' (लाइक और पोस्ट) पर रोक लगा दी है।</div>
<div> </div>
<div> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 25 Dec 2025 14:33:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Pratyakshdarshi Samachar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारतीय सेना पर सियासत: 'कर्नल सोफिया' और 'व्योमिका सिंह' की जाति-धर्म को लेकर नेताओं की शर्मनाक राजनीति!</title>
                                    <description><![CDATA[<p>क्या वर्दी का भी कोई जाति धर्म हो सकता है? क्या सरहद पर तैनात फरिश्तें जाति धर्म देखकर देशवासियों की रक्षा करते हैं? क्या भारतीय सेनाएँ जाति धर्म देखकर सरहद पर अपने प्राण की आहूती देती है? इन दिनों हमारे देश में कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह की जाति धर्म को लेकर सियासतदान अपनी अपनी रोटियां सेकने में लगे हुए हैं!</p>
<p>आपको बता दें कि अभी पिछले कुछ दिनों पहले ही मध्य प्रदेश में मोहन यादव सरकार में BJP मंत्री विजय शाह ने कर्नल सोफिया कुरैशी के धर्म को लेकर शर्मनाक टिप्पणी की, तो वहीं अब सपा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/%E0%A4%A7%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AE/embarrassing-politics-of-leaders-on-the-caste-religion-of-colonel-sophia/article-1581"><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/400/2025-05/images.jpg" alt=""></a><br /><p>क्या वर्दी का भी कोई जाति धर्म हो सकता है? क्या सरहद पर तैनात फरिश्तें जाति धर्म देखकर देशवासियों की रक्षा करते हैं? क्या भारतीय सेनाएँ जाति धर्म देखकर सरहद पर अपने प्राण की आहूती देती है? इन दिनों हमारे देश में कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह की जाति धर्म को लेकर सियासतदान अपनी अपनी रोटियां सेकने में लगे हुए हैं!</p>
<p>आपको बता दें कि अभी पिछले कुछ दिनों पहले ही मध्य प्रदेश में मोहन यादव सरकार में BJP मंत्री विजय शाह ने कर्नल सोफिया कुरैशी के धर्म को लेकर शर्मनाक टिप्पणी की, तो वहीं अब सपा महासचिव रामगोपाल यादव ने विंग कमांडर व्योमिका सिंह की जाति को लेकर एक विवादित बयान दिया है! </p>
<p><em><strong>देखिए रामगोपाल यादव ने क्या कहा.... <a href="https://x.com/ians_india/status/1922967922076680697">https://x.com/i/status/1922967922076680697</a></strong></em></p>
<p>इससे पहले विजय शाह ने कर्नल सोफिया कुरैशी को आतंकवादी की बहन कहा था! जिसके बाद BJP नेता की काफी आलोचना हुई थी वहीं सुप्रीम कोर्ट की भी सख्ती के बाद विजय शाह ने तुरंत माफी भी मांग ली! उन्होनें कहा कि मैं सोफिया कुरैशी को बहन मानता मुझे माफ किया जाए लेकिन सोचने वाली बात है कि आखिरकार जिन नेताओं को हम इसलिए चुनते हैं, ताकि वे अपने खुले विचारों से हमारे समाज का उध्दार करेंगे! जो नेता कहते हें कि आप हमें वोट दो हम आपके धर्मो कर्मों की हिफाजत करेंगे!</p>
<p>जिन नेताओं का धर्म होना चाहिए कि वो जाति धर्म जैसी कुरितियों खत्म कर एकता और समानता का सार स्थापित करें! वहीं नेता आज यादव राजपूत हिंदू मुस्लाम कर समाज को बाटने का काम कर रहे हैं! क्या बस इसलिए ताकि उनको वोट मिल सके! या फिर इसलिए ताकि उनकी कुर्सी बची रहे! सोचने वाली बात यह है कि अब इनकी राजनीति का स्तर इतना गिर गया है कि ये लोग हमारे देश की वीरंगनाओं तक को नहीं छोड़ रहे! ये भारतीय सेनाओं को भी टारगेट कर कर रहे हैं!</p>
<p>जो जवान जो वीरांगना अपना घर वार छोड़कर सीमा पर हर एक भारतीय के लिए बिना किसी की जाति धर्म देखकर अपने जान की बाजी लगा देती हैं, अब उनपर भी ओछी राजनिती की जा रही है! शर्म आनी चाहिए ऐसे नेताओं को! </p>
<p><em><strong>-रिपोर्टर प्रियंका यादव की कलम से</strong></em></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>धर्म</category>
                                            <category>ब्रेकिंगन्यूज़</category>
                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 16 May 2025 16:09:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nitin Vishwakarma]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>BOYCOTT TURKEY : सांप कभी दोस्त नहीं हो सकते…?</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong><span style="color:rgb(186,55,42);">सांप को चाहे जितना भी दूध पिला दो लेकिन एक दिन वो डसेगा जरूर!</span> </strong>भारत पाकिस्तान के बीच चल रहे युध्द के दौरान जिस तरह से तुर्की और अजरबैजान ने पाकिस्तान को ड्रोन और मिसाइल की मदद की है उससे ये तो तय हो गया है कि आस्तीन के सांप कभी दोस्त नहीं हो सकते! हम उसे चाहे कितना भी दूध पिलाकर इसांनियत का पाठ पढ़ाना चाहे लेकिन वो रहेंगे तो सांप ही है! आपको याद होगा वो मंजर जब तुर्की में भूकम्प आया था जिसमें कुल 55,000 से ज्यादा लोगों की जान चली गई!</p>
<p>उस दौरान भारत दरियादिली दिखाते</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/national/boycott-turkey-snakes-can-never-be-friends%E2%80%A6/article-1572"><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/400/2025-05/maxresdefault-(1).jpg" alt=""></a><br /><p><strong><span style="color:rgb(186,55,42);">सांप को चाहे जितना भी दूध पिला दो लेकिन एक दिन वो डसेगा जरूर!</span> </strong>भारत पाकिस्तान के बीच चल रहे युध्द के दौरान जिस तरह से तुर्की और अजरबैजान ने पाकिस्तान को ड्रोन और मिसाइल की मदद की है उससे ये तो तय हो गया है कि आस्तीन के सांप कभी दोस्त नहीं हो सकते! हम उसे चाहे कितना भी दूध पिलाकर इसांनियत का पाठ पढ़ाना चाहे लेकिन वो रहेंगे तो सांप ही है! आपको याद होगा वो मंजर जब तुर्की में भूकम्प आया था जिसमें कुल 55,000 से ज्यादा लोगों की जान चली गई!</p>
<p>उस दौरान भारत दरियादिली दिखाते हुए तुर्की की मदद की थी! भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'ऑपरेशन दोस्त' के तहत भारत ने 6 विमानों से राहत सामग्री, 30 बिस्तरों वाला मोबाइल अस्पताल, मेडिकल सामग्री सहित सभी जरूरी सामान भिजवाए थे, तुर्किए में भारत का ऑपरेशन दोस्त 10 दिनों तक चला और भारत ने दिखा दिया कि चाहे वो दोस्त हो या दुश्मन, जब कोई मदद की गुहार लगाता है तो भारत मदद के लिए सबसे पहले पहुंचता है! लेकिन अब जब तुर्की भारत के रहमों करम से संभल गया है तो अब वो हमें ही आंखे दिखा रहा है! क्या तुर्की भूल गया है कि भारतीय पर्यटकों की वजह से उसकी अर्थव्यस्था चमचमा रही है!</p>
<p>क्या तुर्की भूल गया है कि जब 2023 में भारत ने उसकी मदद की थी तो उसने भारत को जरूरत के समय का सबसे अपना सच्चा दोस्त कहा था! क्या तुर्की भूल गया है कि जब पहलगाम में आंकवादियों ने हिंदूओं से उनका धर्म पुठकर हमला किया था तब उसने उस हमले की घोर निंदा की थी! आपको बता दें कि हर साल तुर्किए में औसतन 62.2 मिलियन पर्यटक आते हैं! इनमें से 3 लाख के लगभग भारतय पर्यटक होते हैं! साल 2023 से 20.7% ज्यादा पर्यटक तुर्किए में पहुंचे थे।</p>
<p>पर्यटकों से तुर्किए का राजस्व लगभग $61.1 बिलियन डॉलर रहा. भारतीय पर्यटकों का औसत खर्च इसमें लगभग 972 डॉलर है। भारतीय पर्यटकों के बहिष्कार से तुर्किए को करीब 291.6 मिलियन डॉलर का नुकसान होने का अनुमान है!</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 15 May 2025 14:13:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nitin Vishwakarma]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>फिर बौखलाया पाकिस्तान, LoC पर दो रातों से लगातार फायरिंग, भारत ने दिया मुंहतोड़ जवाब!</title>
                                    <description><![CDATA[<p>जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा (LOC) पर तनाव का माहौल ‘दिन ब दिन’ गहराता जा रहा है। पाकिस्तानी सेना की ओर से लगातार ‘सीजफायर’ का उल्लंघन हो रहा है, जिसके तहत LOC पर रुक-रुककर गोलीबारी की घटनाएं सामने आ रही हैं। बीती रात एक बार फिर पाकिस्तान ने अपनी हरकत दोहराई, जब उसकी सेना ने कई इलाकों में छोटे हथियारों से अंधाधुंध फायरिंग की। भारतीय सेना ने पाकिस्तान की इस नापाक हरकत का मुंहतोड़ जवाब दिया, जिससे सीमा पर तनाव बढ़ गया। पहलगाम हमले के बाद से पाकिस्तान के अंदर घबराहट देखी जा रही है। इस गोलीबारी को भी उसी घबराहट</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/national/again-india-gave-a-befitting-reply-on-pakistan-loc-for/article-1531"><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/400/2025-04/pakistan-violates-ceasefire-99-times-on-loc-post-surgical-strikes.webp" alt=""></a><br /><p>जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा (LOC) पर तनाव का माहौल ‘दिन ब दिन’ गहराता जा रहा है। पाकिस्तानी सेना की ओर से लगातार ‘सीजफायर’ का उल्लंघन हो रहा है, जिसके तहत LOC पर रुक-रुककर गोलीबारी की घटनाएं सामने आ रही हैं। बीती रात एक बार फिर पाकिस्तान ने अपनी हरकत दोहराई, जब उसकी सेना ने कई इलाकों में छोटे हथियारों से अंधाधुंध फायरिंग की। भारतीय सेना ने पाकिस्तान की इस नापाक हरकत का मुंहतोड़ जवाब दिया, जिससे सीमा पर तनाव बढ़ गया। पहलगाम हमले के बाद से पाकिस्तान के अंदर घबराहट देखी जा रही है। इस गोलीबारी को भी उसी घबराहट का संकेत माना जा रहा है।</p>
<p>LOC पर फरवरी 2021 से संघर्ष विराम समझौता लागू है। पाकिस्तान ने भारतीय सेना की जवाबी कार्रवाई की आशंका में अपनी सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 26 Apr 2025 15:36:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nitin Vishwakarma]]></dc:creator>
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