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                <title>Rahul Gandhi - Pratyakshdarshi Samachar</title>
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                <description>Rahul Gandhi RSS Feed</description>
                
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                <title>Rahul Gandhi Viral Video: राजीव गांधी की समाधि पर फूल अर्पित करने का वीडियो वायरल, सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस</title>
                                    <description><![CDATA[पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की 82वीं जयंती पर राहुल गांधी ने दिल्ली स्थित वीर भूमि पहुंचकर पुष्पांजलि अर्पित की। इसी दौरान का एक छोटा वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर कर दावा किया जा रहा है कि राहुल ने समाधि पर फूल 'फेंके', जबकि ताजा मीडिया रिपोर्ट्स इसे सामान्य floral tribute के रूप में दर्ज करती हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/national/rahul-gandhi-veer-bhumi-viral-video/article-1779"><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/400/2026-08/chatgpt-image-aug-20,-2026,-02_20_35-pm.png" alt=""></a><br /><h3 class="PDq2pG_selectionAnchorContainer">Rahul Gandhi Viral Video: राजीव गांधी की समाधि पर श्रद्धांजलि का वीडियो वायरल, 'फूल फेंकने' के दावे पर बहस</h3>
<img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/2026-08/chatgpt-image-aug-20,-2026,-02_20_35-pm.png" alt="Rahul Gandhi Pays Tribute to Rajiv Gandhi at Veer Bhumi" width="1708" height="921"></img>
पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की 82वीं जयंती पर राहुल गांधी ने दिल्ली स्थित वीर भूमि पहुंचकर पुष्पांजलि अर्पित की।

<p><strong>नई दिल्ली:</strong> कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो दिल्ली स्थित <strong>वीर भूमि</strong> का है, जहां राहुल गांधी गुरुवार, 20 अगस्त को अपने पिता और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की <strong>82वीं जयंती</strong> पर श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे।</p>
<p>सोशल मीडिया पर शेयर किए जा रहे वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि राहुल गांधी ने समाधि पर पुष्प अर्पित करने के बजाय उन्हें कथित तौर पर “फेंका” और इसे श्रद्धांजलि देने के गलत तरीके के रूप में पेश किया जा रहा है।</p>
<p>हालांकि उपलब्ध पूर्ण संदर्भ और विश्वसनीय समाचार रिपोर्टिंग इस दावे को उसी तरह स्थापित नहीं करती।</p>
<h3>वीर भूमि पर क्या हुआ?</h3>
<p>20 अगस्त की सुबह कांग्रेस संसदीय दल की चेयरपर्सन सोनिया गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता वीर भूमि पहुंचे और राजीव गांधी को श्रद्धांजलि दी।</p>
<p>ANI आधारित Economic Times की रिपोर्ट में साफ तौर पर कहा गया है कि कांग्रेस नेताओं ने राजीव गांधी की 82वीं जयंती पर <strong>floral tributes</strong> अर्पित किए। राहुल गांधी की तस्वीरों और वीडियो को भी इसी श्रद्धांजलि कार्यक्रम के संदर्भ में प्रकाशित किया गया है।</p>
<h3>वायरल पोस्ट में क्या दावा किया जा रहा है?</h3>
<p>आपके सामने आए वायरल पोस्ट में राहुल गांधी के श्रद्धांजलि देने के तरीके पर सवाल उठाते हुए दावा किया गया है कि समाधि पर फूल अर्पित किए जाते हैं, “फेंके” नहीं जाते।</p>
<p>इसके साथ राहुल गांधी को लेकर व्यक्तिगत और अपमानजनक टिप्पणी भी लिखी गई है।</p>
<p>लेकिन किसी छोटे वीडियो में हाथ से फूल छोड़ने या बिखेरने की क्रिया को देखकर यह निष्कर्ष निकालना कि उन्होंने जानबूझकर समाधि का “अपमान” किया, एक <strong>व्याख्या</strong> है, वीडियो से स्वतः सिद्ध तथ्य नहीं।</p>
<h3>क्या किसी आधिकारिक संस्था ने इसे अपमान बताया?</h3>
<p>फिलहाल उपलब्ध विश्वसनीय रिपोर्टिंग में ऐसा कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है जिसमें राहुल गांधी की इस गतिविधि को समाधि के अपमान या निर्धारित प्रोटोकॉल के उल्लंघन के रूप में बताया गया हो।</p>
<p>इसके उलट ANI, PTI-आधारित और अन्य मीडिया रिपोर्ट्स ने कार्यक्रम को राहुल गांधी और दूसरे कांग्रेस नेताओं द्वारा राजीव गांधी को दी गई <strong>पुष्पांजलि</strong> के रूप में रिपोर्ट किया है।</p>
<p>इसलिए वेबसाइट पर <strong>“राहुल गांधी ने समाधि पर फूल फेंककर अपमान किया”</strong> लिखना उपलब्ध प्रमाण से आगे जाने वाला दावा होगा।</p>
<h3>राजीव गांधी की 82वीं जयंती</h3>
<p>राजीव गांधी का जन्म <strong>20 अगस्त 1944</strong> को हुआ था। वह 1984 से 1989 तक भारत के प्रधानमंत्री रहे। कांग्रेस उनकी जयंती को सद्भावना और उनके राजनीतिक योगदान को याद करने के अवसर के रूप में मनाती रही है।</p>
<p>इस साल भी कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने वीर भूमि पहुंचकर श्रद्धांजलि दी। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर अपने पिता के विचारों और उनके सपनों के भारत को आगे बढ़ाने के संकल्प का भी उल्लेख किया।</p>
<h3>सोशल मीडिया क्लिप से क्यों जरूरी है सावधानी?</h3>
<p>राजनीतिक नेताओं के कुछ सेकंड के वीडियो अक्सर मूल संदर्भ से अलग captions के साथ वायरल होते हैं। ऐसे वीडियो में व्यक्ति की मंशा तय करने से पहले पूरा फुटेज, घटना का संदर्भ और स्वतंत्र रिपोर्टिंग देखना जरूरी है।</p>
<p>इस मामले में सत्यापित तथ्य इतना है कि राहुल गांधी <strong>राजीव गांधी की जयंती पर वीर भूमि गए और पुष्पांजलि दी</strong>। “फूल फेंककर अपमान किया” वायरल पोस्ट की व्याख्या है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल सामने नहीं आई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 20 Aug 2026 14:22:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Pratyakshdarshi Samachar]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>Vande Mataram Row: कांग्रेस के 2 छंद वाले फैसले पर अमित शाह का हमला, बोले- 'तुष्टिकरण की राजनीति फिर आगे बढ़ा रहे राहुल गांधी'</title>
                                    <description><![CDATA[वंदे मातरम् के छह की जगह पहले दो छंद गाने के कांग्रेस वर्किंग कमेटी के फैसले पर गृह मंत्री अमित शाह ने तीखा हमला किया है। शाह ने इसे तुष्टिकरण की राजनीति से जोड़ते हुए राहुल गांधी को घेरा, जबकि कांग्रेस ने 1937 के ऐतिहासिक फैसले का हवाला देकर अपना रुख कायम रखा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/national/amit-shah-vande-mataram-congress-row/article-1778"><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/400/2026-08/chatgpt-image-aug-20,-2026,-01_33_50-pm.png" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd"><strong>नई दिल्ली:</strong> राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ को लेकर BJP और कांग्रेस के बीच सियासी टकराव और तेज हो गया है। कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) के पार्टी कार्यक्रमों में पहले की तरह केवल शुरुआती दो छंद गाने के फैसले के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। शाह ने कांग्रेस के फैसले को “देश विरोधी” बताते हुए आरोप लगाया कि पार्टी एक बार फिर तुष्टिकरण की राजनीति को आगे बढ़ा रही है।</p>
<h3>अमित शाह ने कांग्रेस पर क्या आरोप लगाया?</h3>
<img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/2026-08/chatgpt-image-aug-20,-2026,-01_33_50-pm.png" alt="Amit Shah Attacks Congress Over Vande Mataram CWC Decision" width="1672" height="941"></img>
कांग्रेस वर्किंग कमेटी के वंदे मातरम् के शुरुआती दो छंद गाने के फैसले पर अमित शाह ने पार्टी और राहुल गांधी पर तुष्टिकरण की राजनीति का आरोप लगाया।

<p class="isSelectedEnd">अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस ने 1937 में वंदे मातरम् को लेकर जो रुख अपनाया था, उसे अब फिर से दोहराया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय धार्मिक तुष्टिकरण के कारण राष्ट्रीय गीत के केवल दो छंद स्वीकार किए गए और कांग्रेस का मौजूदा फैसला उसी राजनीति को आगे बढ़ाता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">शाह ने इसे देश के स्वतंत्रता आंदोलन से भी जोड़ा और कहा कि वंदे मातरम् का उद्घोष करते हुए हजारों स्वतंत्रता सेनानियों ने संघर्ष और बलिदान किया था। उनके मुताबिक पूरे गीत से दूरी बनाना उन स्वतंत्रता सेनानियों और इसके रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय का अपमान है।</p>
<h3>राहुल गांधी पर साधा निशाना</h3>
<p class="isSelectedEnd">केंद्रीय गृह मंत्री ने कांग्रेस के मौजूदा रुख के लिए राहुल गांधी के नेतृत्व को भी निशाने पर लिया। शाह ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस “तुष्टिकरण की राजनीति” को दोबारा आक्रामक तरीके से आगे बढ़ा रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd">उन्होंने लोगों से कांग्रेस के फैसले के खिलाफ आवाज उठाने की अपील भी की और कहा कि BJP इस मुद्दे को जनता और विधानसभाओं के बीच लेकर जाएगी।</p>
<h3>कांग्रेस ने क्या फैसला किया?</h3>
<p class="isSelectedEnd">बुधवार को हुई कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में पार्टी ने वंदे मातरम् को लेकर अपने पुराने रुख को बरकरार रखने का निर्णय लिया। कांग्रेस का कहना है कि उसके कार्यक्रमों में राष्ट्रीय गीत के शुरुआती दो छंद ही गाए जाएंगे।</p>
<p class="isSelectedEnd">पार्टी ने इसके लिए 1937 के कांग्रेस वर्किंग कमेटी के फैसले का हवाला दिया। उस समय तय किया गया था कि राष्ट्रीय आयोजनों में वंदे मातरम् के शुरुआती दो छंदों का इस्तेमाल किया जाए। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह फैसला महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू और सरदार वल्लभभाई पटेल जैसे तत्कालीन नेताओं के दौर में लिया गया था और पार्टी उसी ऐतिहासिक व्यवस्था को मानती है।</p>
<h3>1937 में क्यों चुने गए थे दो छंद?</h3>
<p class="isSelectedEnd">वंदे मातरम् की ऐतिहासिक बहस नई नहीं है। अक्टूबर 1937 में कांग्रेस वर्किंग कमेटी ने एक प्रस्ताव पारित कर पहले दो छंदों को सार्वजनिक और राष्ट्रीय आयोजनों के लिए स्वीकार करने की सिफारिश की थी।</p>
<p class="isSelectedEnd">उस प्रस्ताव में शुरुआती दो छंदों को मातृभूमि की प्राकृतिक सुंदरता और समृद्धि का वर्णन करने वाला बताया गया था। बाद के छंदों में धार्मिक प्रतीकों और देवी-स्वरूप से जुड़े संदर्भ होने के कारण उस समय कुछ समुदायों की आपत्तियों पर भी विचार किया गया था।</p>
<p class="isSelectedEnd">यही ऐतिहासिक फैसला अब 2026 की राजनीति में फिर बड़े विवाद का केंद्र बन गया है।</p>
<h3>छह छंद को लेकर सरकार ने क्या बदला?</h3>
<p class="isSelectedEnd">केंद्र सरकार ने जनवरी 2026 में वंदे मातरम् के आधिकारिक गायन को लेकर नया प्रोटोकॉल जारी किया था। इसमें राष्ट्रीय गीत के छहों छंदों वाले पूर्ण संस्करण को आधिकारिक कार्यक्रमों में गाने या बजाने की व्यवस्था की गई। पूरे संस्करण की अवधि लगभग तीन मिनट 10 सेकंड तय की गई है।</p>
<p class="isSelectedEnd">इसके बाद आकाशवाणी समेत कई सरकारी संस्थानों ने भी छह छंद वाला पूर्ण संस्करण अपनाया।</p>
<p class="isSelectedEnd">अगस्त में संसद से Prevention of Insults to National Honour (Amendment) Bill, 2026 भी पारित हुआ और राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद यह कानून बन गया। इसके तहत वंदे मातरम् के गायन को जानबूझकर रोकना या गायन कर रही सभा में बाधा डालना दंडनीय बनाया गया है।</p>
<p class="isSelectedEnd">हालांकि यहां दोनों बातों को अलग समझना जरूरी है। छह छंद के गायन का प्रोटोकॉल गृह मंत्रालय के निर्देश से जुड़ा है, जबकि नया कानून मुख्य रूप से राष्ट्रीय गीत के गायन को जानबूझकर रोकने या बाधित करने पर कानूनी संरक्षण देता है।</p>
<h3>BJP के दूसरे नेताओं ने भी कांग्रेस को घेरा</h3>
<p class="isSelectedEnd">BJP अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी कांग्रेस के फैसले पर हमला करते हुए पार्टी की तुलना “नई मुस्लिम लीग” से की। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने राष्ट्रीय गीत के कथित अपमान को अब पार्टी की औपचारिक नीति का रूप दे दिया है।</p>
<p class="isSelectedEnd">केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि वंदे मातरम् का पूरा संस्करण न गाने का निर्णय देश की संस्कृति और राष्ट्रीय भावनाओं के खिलाफ है। गिरिराज सिंह ने भी कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और पार्टी नेतृत्व पर तीखा हमला बोला।</p>
<p class="isSelectedEnd">ये BJP नेताओं के राजनीतिक आरोप हैं, जिन्हें तथ्य के बजाय आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए।</p>
<h3>कांग्रेस ने भी किया पलटवार</h3>
<p class="isSelectedEnd">कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने BJP और RSS पर जवाबी हमला बोलते हुए स्वतंत्रता आंदोलन में RSS की भूमिका पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को वंदे मातरम् के बारे में वे लोग न सिखाएं जो स्वतंत्रता संग्राम के दौरान कांग्रेस के ऐतिहासिक नेतृत्व का हिस्सा नहीं थे।</p>
<p class="isSelectedEnd">मल्लिकार्जुन खड़गे भी इससे पहले BJP को चुनौती देते हुए कह चुके हैं कि कांग्रेस वही संस्करण गा रही है जिसे गांधी, नेहरू और पटेल के दौर में स्वीकार किया गया था।</p>
<h3>अब विवाद किस बात पर है?</h3>
<p class="isSelectedEnd">विवाद अब केवल यह नहीं है कि वंदे मातरम् के कितने छंद गाए जाएं। BJP इसे राष्ट्रीय सम्मान और कांग्रेस की कथित तुष्टिकरण की राजनीति से जोड़ रही है, जबकि कांग्रेस अपने रुख को स्वतंत्रता आंदोलन के दौर में लिए गए ऐतिहासिक फैसले की निरंतरता बता रही है।</p>
<p>इसलिए आने वाले दिनों में वंदे मातरम् का मुद्दा संसद से लेकर चुनावी मंचों तक BJP और कांग्रेस के बीच बड़े वैचारिक और राजनीतिक टकराव का विषय बना रह सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 20 Aug 2026 13:36:00 +0530</pubDate>
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