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                <title>Vande Mataram - Pratyakshdarshi Samachar</title>
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                <description>Vande Mataram RSS Feed</description>
                
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                <title>Vande Mataram Row: कांग्रेस के 2 छंद वाले फैसले पर अमित शाह का हमला, बोले- 'तुष्टिकरण की राजनीति फिर आगे बढ़ा रहे राहुल गांधी'</title>
                                    <description><![CDATA[वंदे मातरम् के छह की जगह पहले दो छंद गाने के कांग्रेस वर्किंग कमेटी के फैसले पर गृह मंत्री अमित शाह ने तीखा हमला किया है। शाह ने इसे तुष्टिकरण की राजनीति से जोड़ते हुए राहुल गांधी को घेरा, जबकि कांग्रेस ने 1937 के ऐतिहासिक फैसले का हवाला देकर अपना रुख कायम रखा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/national/amit-shah-vande-mataram-congress-row/article-1778"><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/400/2026-08/chatgpt-image-aug-20,-2026,-01_33_50-pm.png" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd"><strong>नई दिल्ली:</strong> राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ को लेकर BJP और कांग्रेस के बीच सियासी टकराव और तेज हो गया है। कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) के पार्टी कार्यक्रमों में पहले की तरह केवल शुरुआती दो छंद गाने के फैसले के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। शाह ने कांग्रेस के फैसले को “देश विरोधी” बताते हुए आरोप लगाया कि पार्टी एक बार फिर तुष्टिकरण की राजनीति को आगे बढ़ा रही है।</p>
<h3>अमित शाह ने कांग्रेस पर क्या आरोप लगाया?</h3>
<img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/2026-08/chatgpt-image-aug-20,-2026,-01_33_50-pm.png" alt="Amit Shah Attacks Congress Over Vande Mataram CWC Decision" width="1672" height="941"></img>
कांग्रेस वर्किंग कमेटी के वंदे मातरम् के शुरुआती दो छंद गाने के फैसले पर अमित शाह ने पार्टी और राहुल गांधी पर तुष्टिकरण की राजनीति का आरोप लगाया।

<p class="isSelectedEnd">अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस ने 1937 में वंदे मातरम् को लेकर जो रुख अपनाया था, उसे अब फिर से दोहराया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय धार्मिक तुष्टिकरण के कारण राष्ट्रीय गीत के केवल दो छंद स्वीकार किए गए और कांग्रेस का मौजूदा फैसला उसी राजनीति को आगे बढ़ाता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">शाह ने इसे देश के स्वतंत्रता आंदोलन से भी जोड़ा और कहा कि वंदे मातरम् का उद्घोष करते हुए हजारों स्वतंत्रता सेनानियों ने संघर्ष और बलिदान किया था। उनके मुताबिक पूरे गीत से दूरी बनाना उन स्वतंत्रता सेनानियों और इसके रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय का अपमान है।</p>
<h3>राहुल गांधी पर साधा निशाना</h3>
<p class="isSelectedEnd">केंद्रीय गृह मंत्री ने कांग्रेस के मौजूदा रुख के लिए राहुल गांधी के नेतृत्व को भी निशाने पर लिया। शाह ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस “तुष्टिकरण की राजनीति” को दोबारा आक्रामक तरीके से आगे बढ़ा रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd">उन्होंने लोगों से कांग्रेस के फैसले के खिलाफ आवाज उठाने की अपील भी की और कहा कि BJP इस मुद्दे को जनता और विधानसभाओं के बीच लेकर जाएगी।</p>
<h3>कांग्रेस ने क्या फैसला किया?</h3>
<p class="isSelectedEnd">बुधवार को हुई कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में पार्टी ने वंदे मातरम् को लेकर अपने पुराने रुख को बरकरार रखने का निर्णय लिया। कांग्रेस का कहना है कि उसके कार्यक्रमों में राष्ट्रीय गीत के शुरुआती दो छंद ही गाए जाएंगे।</p>
<p class="isSelectedEnd">पार्टी ने इसके लिए 1937 के कांग्रेस वर्किंग कमेटी के फैसले का हवाला दिया। उस समय तय किया गया था कि राष्ट्रीय आयोजनों में वंदे मातरम् के शुरुआती दो छंदों का इस्तेमाल किया जाए। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह फैसला महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू और सरदार वल्लभभाई पटेल जैसे तत्कालीन नेताओं के दौर में लिया गया था और पार्टी उसी ऐतिहासिक व्यवस्था को मानती है।</p>
<h3>1937 में क्यों चुने गए थे दो छंद?</h3>
<p class="isSelectedEnd">वंदे मातरम् की ऐतिहासिक बहस नई नहीं है। अक्टूबर 1937 में कांग्रेस वर्किंग कमेटी ने एक प्रस्ताव पारित कर पहले दो छंदों को सार्वजनिक और राष्ट्रीय आयोजनों के लिए स्वीकार करने की सिफारिश की थी।</p>
<p class="isSelectedEnd">उस प्रस्ताव में शुरुआती दो छंदों को मातृभूमि की प्राकृतिक सुंदरता और समृद्धि का वर्णन करने वाला बताया गया था। बाद के छंदों में धार्मिक प्रतीकों और देवी-स्वरूप से जुड़े संदर्भ होने के कारण उस समय कुछ समुदायों की आपत्तियों पर भी विचार किया गया था।</p>
<p class="isSelectedEnd">यही ऐतिहासिक फैसला अब 2026 की राजनीति में फिर बड़े विवाद का केंद्र बन गया है।</p>
<h3>छह छंद को लेकर सरकार ने क्या बदला?</h3>
<p class="isSelectedEnd">केंद्र सरकार ने जनवरी 2026 में वंदे मातरम् के आधिकारिक गायन को लेकर नया प्रोटोकॉल जारी किया था। इसमें राष्ट्रीय गीत के छहों छंदों वाले पूर्ण संस्करण को आधिकारिक कार्यक्रमों में गाने या बजाने की व्यवस्था की गई। पूरे संस्करण की अवधि लगभग तीन मिनट 10 सेकंड तय की गई है।</p>
<p class="isSelectedEnd">इसके बाद आकाशवाणी समेत कई सरकारी संस्थानों ने भी छह छंद वाला पूर्ण संस्करण अपनाया।</p>
<p class="isSelectedEnd">अगस्त में संसद से Prevention of Insults to National Honour (Amendment) Bill, 2026 भी पारित हुआ और राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद यह कानून बन गया। इसके तहत वंदे मातरम् के गायन को जानबूझकर रोकना या गायन कर रही सभा में बाधा डालना दंडनीय बनाया गया है।</p>
<p class="isSelectedEnd">हालांकि यहां दोनों बातों को अलग समझना जरूरी है। छह छंद के गायन का प्रोटोकॉल गृह मंत्रालय के निर्देश से जुड़ा है, जबकि नया कानून मुख्य रूप से राष्ट्रीय गीत के गायन को जानबूझकर रोकने या बाधित करने पर कानूनी संरक्षण देता है।</p>
<h3>BJP के दूसरे नेताओं ने भी कांग्रेस को घेरा</h3>
<p class="isSelectedEnd">BJP अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी कांग्रेस के फैसले पर हमला करते हुए पार्टी की तुलना “नई मुस्लिम लीग” से की। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने राष्ट्रीय गीत के कथित अपमान को अब पार्टी की औपचारिक नीति का रूप दे दिया है।</p>
<p class="isSelectedEnd">केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि वंदे मातरम् का पूरा संस्करण न गाने का निर्णय देश की संस्कृति और राष्ट्रीय भावनाओं के खिलाफ है। गिरिराज सिंह ने भी कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और पार्टी नेतृत्व पर तीखा हमला बोला।</p>
<p class="isSelectedEnd">ये BJP नेताओं के राजनीतिक आरोप हैं, जिन्हें तथ्य के बजाय आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए।</p>
<h3>कांग्रेस ने भी किया पलटवार</h3>
<p class="isSelectedEnd">कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने BJP और RSS पर जवाबी हमला बोलते हुए स्वतंत्रता आंदोलन में RSS की भूमिका पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को वंदे मातरम् के बारे में वे लोग न सिखाएं जो स्वतंत्रता संग्राम के दौरान कांग्रेस के ऐतिहासिक नेतृत्व का हिस्सा नहीं थे।</p>
<p class="isSelectedEnd">मल्लिकार्जुन खड़गे भी इससे पहले BJP को चुनौती देते हुए कह चुके हैं कि कांग्रेस वही संस्करण गा रही है जिसे गांधी, नेहरू और पटेल के दौर में स्वीकार किया गया था।</p>
<h3>अब विवाद किस बात पर है?</h3>
<p class="isSelectedEnd">विवाद अब केवल यह नहीं है कि वंदे मातरम् के कितने छंद गाए जाएं। BJP इसे राष्ट्रीय सम्मान और कांग्रेस की कथित तुष्टिकरण की राजनीति से जोड़ रही है, जबकि कांग्रेस अपने रुख को स्वतंत्रता आंदोलन के दौर में लिए गए ऐतिहासिक फैसले की निरंतरता बता रही है।</p>
<p>इसलिए आने वाले दिनों में वंदे मातरम् का मुद्दा संसद से लेकर चुनावी मंचों तक BJP और कांग्रेस के बीच बड़े वैचारिक और राजनीतिक टकराव का विषय बना रह सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 20 Aug 2026 13:36:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Pratyakshdarshi Samachar]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>वंदे मातरम् के सवाल पर पत्रकार से भिड़े अखिलेश? वायरल वीडियो में '2 दिन' का दावा, लेकिन कहानी में बड़ा ट्विस्ट</title>
                                    <description><![CDATA[वंदे मातरम् को लेकर अखिलेश यादव का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है, जिसमें पत्रकार से उनकी तीखी बातचीत दिखाई जा रही है। पोस्ट में एक अन्य क्लिप को दो दिन पुराना बताया गया है, लेकिन उसी 'वंदे मातरम्-मां तुझे सलाम' बयान की रिपोर्ट फरवरी 2026 में प्रकाशित हो चुकी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/state/uttar-pradesh/akhilesakhilesh-yadav-vande-mataram-viral-video-fact-checkh-clashed-with-journalist-on-the-question-of-vande-mataram/article-1777"><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/400/2026-08/chatgpt-image-aug-20,-2026,-12_45_01-pm1.png" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd"><strong>लखनऊ:</strong> राष्ट्रगीत वंदे मातरम् को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में जारी विवाद के बीच समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल पोस्ट में दो अलग-अलग क्लिप को जोड़कर दावा किया जा रहा है कि दो दिन के भीतर वंदे मातरम् पर अखिलेश यादव का अंदाज बदल गया।</p>
<p class="isSelectedEnd">एक X यूजर की ओर से शेयर किए गए वीडियो के साथ दावा किया गया है कि एक क्लिप में अखिलेश यादव A.R. Rahman के प्रसिद्ध देशभक्ति गीत 'मां तुझे सलाम' का जिक्र कर रहे थे, जबकि दूसरी क्लिप में वंदे मातरम् से जुड़े सवाल पर वह पत्रकार से नाराज होते दिखाई दे रहे हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">हालांकि इस वायरल दावे की timeline की जांच करने पर तस्वीर कुछ अलग नजर आती है।</p>
<h3>'2 दिन पहले' वाला बयान वास्तव में कितना नया?</h3>
<img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/2026-08/chatgpt-image-aug-20,-2026,-12_45_01-pm1.png" alt="वंदे मातरम् को लेकर अखिलेश यादव का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है, जबकि उसके साथ जोड़ी गई दूसरी क्लिप की 'दो दिन पुरानी' timeline पर सवाल उठ रहे हैं।" width="1672" height="941"></img>
वंदे मातरम् को लेकर अखिलेश यादव का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है, जबकि उसके साथ जोड़ी गई दूसरी क्लिप की 'दो दिन पुरानी' timeline पर सवाल उठ रहे हैं।

<p class="isSelectedEnd">वायरल पोस्ट में जिस 'मां तुझे सलाम' वाली क्लिप को दो दिन पहले की बताया जा रहा है, उसी आशय का बयान मीडिया रिपोर्ट्स में फरवरी 2026 में ही दर्ज है।</p>
<p class="isSelectedEnd">17 फरवरी 2026 को प्रकाशित ABP की एक रिपोर्ट के मुताबिक अखिलेश यादव ने योगी सरकार और RSS पर निशाना साधते हुए सवाल किया था कि क्या संघ से जुड़े नेताओं ने कभी 'वंदे मातरम्' या 'मां तुझे सलाम' कहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd">Live Hindustan की 16 फरवरी की रिपोर्ट में भी अखिलेश यादव की ओर से RSS नेताओं और वंदे मातरम् को लेकर इसी तरह सवाल उठाए जाने का उल्लेख मिलता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">ऐसे में किसी पुराने वीडियो को बिना मूल तारीख बताए 'दो दिन पहले' का बताना भ्रामक हो सकता है।</p>
<h3>क्या अखिलेश ने 'मां तुझे सलाम' गाना गाया था?</h3>
<p class="isSelectedEnd">यहां एक और फर्क समझना जरूरी है। उपलब्ध फरवरी की मीडिया रिपोर्ट में अखिलेश यादव की ओर से 'मां तुझे सलाम' शब्दों का उल्लेख दर्ज है, लेकिन रिपोर्ट यह नहीं कहती कि उन्होंने मंच पर A.R. Rahman का पूरा गीत गाया था।</p>
<p class="isSelectedEnd">'मां तुझे सलाम' A.R. Rahman का प्रसिद्ध देशभक्ति गीत है। इसलिए वायरल पोस्ट में 'गाना गा रहे थे' जैसी wording मूल बयान को बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर सकती है।</p>
<h3>पत्रकार से बातचीत का वीडियो क्यों वायरल?</h3>
<p class="isSelectedEnd">सोशल मीडिया पर शेयर की जा रही दूसरी क्लिप में वंदे मातरम् से जुड़ा सवाल पूछे जाने के दौरान अखिलेश यादव और एक पत्रकार के बीच बातचीत दिखाई जा रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd">वायरल पोस्ट के मुताबिक अखिलेश यादव पत्रकार से कहते दिखाई देते हैं कि उन्हें विषय की जानकारी नहीं है और वह केवल सिर हिला रहे हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">फिलहाल इस दूसरी क्लिप की पूरी, बिना एडिट की गई रिकॉर्डिंग और उसका संपूर्ण संदर्भ स्वतंत्र मीडिया रिपोर्ट्स में स्पष्ट रूप से उपलब्ध नहीं है। इसलिए केवल छोटे वायरल हिस्से के आधार पर अखिलेश यादव ने 'वंदे मातरम् का विरोध किया' या 'गाने से इनकार किया' जैसा निष्कर्ष निकालना सही नहीं होगा।</p>
<h3>वंदे मातरम् पर पहले क्या कहते रहे हैं अखिलेश?</h3>
<p class="isSelectedEnd">वंदे मातरम् को लेकर अखिलेश यादव का रुख इससे पहले भी चर्चा में रहा है। नवंबर 2025 में उन्होंने यूपी के शिक्षण संस्थानों में वंदे मातरम् को अनिवार्य किए जाने पर सवाल उठाया था।</p>
<p class="isSelectedEnd">अखिलेश का तर्क था कि संविधान निर्माताओं ने राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान को सम्मान दिया, लेकिन देशभक्ति को जबरन लागू करने के बजाय लोगों के चुनाव की गुंजाइश रखी। उन्होंने अपने सैनिक स्कूल के दिनों का जिक्र करते हुए यह भी कहा था कि वहां राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान दोनों नियमित रूप से गाए जाते थे।</p>
<p class="isSelectedEnd">यानी उनका सार्वजनिक रुख वंदे मातरम् के अस्तित्व या महत्व को नकारने के बजाय इसे अनिवार्य करने के सवाल पर केंद्रित रहा है।</p>
<h3>स्वतंत्रता दिवस के बाद फिर क्यों गरमाया विवाद?</h3>
<p class="isSelectedEnd">15 अगस्त के आसपास कांग्रेस के एक कार्यक्रम में वंदे मातरम् को लेकर नया राजनीतिक विवाद खड़ा हुआ। BJP ने कांग्रेस नेताओं पर राष्ट्रगीत के कथित अनादर का आरोप लगाया, जबकि कांग्रेस ने इन आरोपों का विरोध किया।</p>
<p class="isSelectedEnd">इसके बाद 16 अगस्त को अखिलेश यादव ने भी प्रतिक्रिया देते हुए BJP पर इस मुद्दे को राजनीतिक रूप देने का आरोप लगाया था और कहा था कि पार्टी के पास जनता से जुड़े बेहतर काम दिखाने को नहीं हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">इसके बाद वंदे मातरम् लगातार यूपी और राष्ट्रीय राजनीति की बयानबाजी का हिस्सा बना हुआ है।</p>
<h3>वायरल वीडियो से क्या निष्कर्ष निकाला जा सकता है?</h3>
<p class="isSelectedEnd">इस समय उपलब्ध जानकारी से तीन बातें स्पष्ट होती हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">पहली, सोशल मीडिया पोस्ट में 'दो दिन पहले' बताया जा रहा 'वंदे मातरम्-मां तुझे सलाम' वाला बयान कम से कम फरवरी 2026 से सार्वजनिक रिकॉर्ड में मौजूद है।</p>
<p class="isSelectedEnd">दूसरी, उपलब्ध रिपोर्ट यह साबित नहीं करती कि अखिलेश यादव ने A.R. Rahman का पूरा 'मां तुझे सलाम' गीत गाया था; उन्होंने उस नाम का उल्लेख अपने राजनीतिक बयान में किया था।</p>
<p class="isSelectedEnd">तीसरी, पत्रकार से बातचीत वाली वायरल क्लिप का पूरा संदर्भ सामने आए बिना उससे राजनीतिक निष्कर्ष निकालते समय सावधानी जरूरी है।</p>
<p>सोशल मीडिया पर राजनीतिक वीडियो अक्सर छोटे हिस्सों में काटकर साझा किए जाते हैं। ऐसे में किसी नेता के रुख में बदलाव साबित करने के लिए दोनों वीडियो की मूल तारीख, पूरा बयान और संदर्भ देखना जरूरी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तरप्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 20 Aug 2026 12:47:19 +0530</pubDate>
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