<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/kiren-rijiju/tag-423" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Pratyakshdarshi Samachar RSS Feed Generator</generator>
                <title>Kiren Rijiju - Pratyakshdarshi Samachar</title>
                <link>https://www.pratyakshdarshisamachar.com/tag/423/rss</link>
                <description>Kiren Rijiju RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>Arunachal Border: 'सीमा पर समस्या है, लेकिन 60 KM घुसपैठ का दावा गलत', चीन पर बोले किरेन रिजिजूe</title>
                                    <description><![CDATA[अरुणाचल प्रदेश में चीन की कथित 60 किलोमीटर घुसपैठ के दावे पर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सीमा पर समस्या जरूर है, लेकिन हाल में चीन के इतनी दूर अंदर आने का दावा गलत है। उन्होंने सीमांकन न होने के कारण स्थानीय लोगों की चिंताओं को जायज बताया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/national/there-arunachal-china-border-kiren-rijiju-60-km-incursion-claimis-a-problem-on-the-arunachal-border-but-the/article-1772"><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/400/2026-08/chatgpt-image-aug-19,-2026,-06_12_33-pm.png" alt=""></a><br /><h2 class="PDq2pG_selectionAnchorContainer"><span><strong>Arunachal Border: चीन की 60 KM घुसपैठ के दावे पर किरेन रिजिजू का जवाब, बोले- सीमा पर समस्या है</strong></span></h2>
<img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/2026-08/chatgpt-image-aug-19,-2026,-06_12_33-pm.png" alt="ChatGPT Image AugKiren Rijiju on Arunachal Pradesh China Border Issue 19, 2026, 06_12_33 PM" width="1672" height="941"></img>
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने अरुणाचल प्रदेश में चीन की हालिया 60 किलोमीटर घुसपैठ के दावे को खारिज करते हुए सीमा के अस्पष्ट सीमांकन को विवाद की वजह बताया।

<p><strong>नई दिल्ली:</strong> अरुणाचल प्रदेश में भारत-चीन सीमा को लेकर जारी बहस के बीच केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री <strong>किरेन रिजिजू</strong> ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर चल रहे उन दावों को खारिज किया है, जिनमें कहा जा रहा है कि चीनी सेना अरुणाचल प्रदेश में करीब 60 किलोमीटर अंदर तक घुस आई है। हालांकि रिजिजू ने यह माना कि सीमा से जुड़ी समस्या मौजूद है और सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंताओं को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।</p>
<p>रिजिजू के मुताबिक विवाद की प्रमुख वजह यह है कि भारत और चीन के बीच सीमा का कई हिस्सों में पारस्परिक रूप से स्पष्ट सीमांकन नहीं हुआ है। इसी कारण दोनों ओर से कुछ क्षेत्रों को लेकर अलग-अलग दावे सामने आते हैं।</p>
<h3><span><strong>'60 किलोमीटर अंदर आने का दावा गलत'</strong></span></h3>
<p>किरेन रिजिजू ने कहा कि सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो और तस्वीरें प्रसारित की जा रही हैं, जिनके आधार पर चीन के 60 किलोमीटर अंदर घुसने का दावा किया जा रहा है। उन्होंने इन दावों को गलत बताते हुए कहा कि कुछ असंबंधित तस्वीरों और वीडियो को भी अरुणाचल प्रदेश की स्थिति से जोड़कर पेश किया जा रहा है।</p>
<p>रिजिजू ने जोर देकर कहा कि मौजूदा स्थिति को इस तरह नहीं देखा जाना चाहिए कि चीन ने हाल में आकर किसी भारतीय गांव पर कब्जा कर लिया है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में सीमांकन स्पष्ट नहीं है, वहां भारत और चीन की ओर रहने वाले स्थानीय समुदायों के बीच भी जमीन की सीमा को लेकर अलग-अलग धारणाएं हैं। इसी वजह से भ्रम और विवाद की स्थिति पैदा होती है।</p>
<h3><span><strong>स्थानीय ग्रामीणों की चिंता को बताया जायज</strong></span></h3>
<p>इस पूरे मामले में रिजिजू ने सीमावर्ती गांवों के निवासियों की चिंताओं को खारिज नहीं किया। उन्होंने कहा कि अरुणाचल प्रदेश के कुछ गांवों से सीमा की स्थिति को लेकर जो सवाल उठाए गए हैं, वे ध्यान देने योग्य हैं।</p>
<p>पिछले कुछ महीनों से अरुणाचल प्रदेश के <strong>ताकसिंग क्षेत्र और अपर सुबनसिरी जिले</strong> को लेकर चीनी गतिविधियों की खबरें और दावे सामने आते रहे हैं। स्थानीय संगठन Nah Welfare Society ने भी PLA की गतिविधियों और पारंपरिक रूप से इस्तेमाल की जाने वाली जमीनों को लेकर चिंता जताई थी। हालांकि भारतीय सेना और अरुणाचल प्रदेश सरकार इन दावों में हाल की चीनी घुसपैठ से इनकार कर चुके हैं।</p>
<h3><span><strong>रिजिजू ने Longju का भी किया जिक्र</strong></span></h3>
<p>रिजिजू ने अरुणाचल प्रदेश के <strong>Longju</strong> इलाके का जिक्र करते हुए कहा कि वहां आगे की तरफ PLA ने कुछ संरचनाएं और गांव जैसी इमारतें बनाई हैं, लेकिन उनके अनुसार वह जमीन कोई हाल में कब्जा किया गया क्षेत्र नहीं है।</p>
<p>उनका कहना था कि उस क्षेत्र में चीन ने 1959 में कब्जा किया था और 1962 के बाद अपनी स्थिति और मजबूत की। रिजिजू ने साथ ही कहा कि ऊंचाई वाले कुछ इलाकों में चीनी सैन्य गतिविधि बढ़ी जरूर है, लेकिन इसे हाल की 60 किलोमीटर की घुसपैठ कहना सही नहीं है।</p>
<p>यह distinction महत्वपूर्ण है क्योंकि सोशल मीडिया पर चल रहे दावे <strong>नई 60 किमी घुसपैठ</strong> की बात कर रहे हैं, जिसे सरकार खारिज कर रही है।</p>
<h3><span><strong>सेना और ITBP ने बढ़ाई पेट्रोलिंग</strong></span></h3>
<p>किरेन रिजिजू ने कहा कि भारत ने अरुणाचल प्रदेश की सीमा पर अपनी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की है। भारतीय सेना और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस यानी <strong>ITBP</strong> की पेट्रोलिंग पहले की तुलना में बढ़ाई गई है।</p>
<p>उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील मामलों में गलत या असत्यापित सूचनाएं फैलाने से बचने की अपील भी की। उनका कहना है कि इस तरह की गलत जानकारी सीमा पर तैनात जवानों के मनोबल को प्रभावित करने के साथ देश में भ्रम भी पैदा कर सकती है।</p>
<h3><span><strong>राहुल गांधी ने भी उठाए थे सवाल</strong></span></h3>
<p>अरुणाचल सीमा को लेकर पिछले दिनों कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष <strong>राहुल गांधी</strong> ने भी केंद्र सरकार पर सवाल उठाए थे। राहुल गांधी ने दावा किया था कि चीन ने अरुणाचल प्रदेश के कुछ इलाकों में भारतीय सैनिकों को उनके पारंपरिक पेट्रोलिंग क्षेत्रों तक जाने से रोका है।</p>
<p>कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी केंद्र सरकार से इस मुद्दे पर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की थी। सरकार और राज्य प्रशासन ने हालांकि किसी नई चीनी घुसपैठ के दावे को स्वीकार नहीं किया है।</p>
<h3><span><strong>मुख्यमंत्री पेमा खांडू भी नकार चुके हैं नई घुसपैठ</strong></span></h3>
<p>इससे पहले अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री <strong>पेमा खांडू</strong> ने भी ताकसिंग इलाके में हाल की चीनी घुसपैठ के दावे को खारिज किया था। उन्होंने कहा था कि भारतीय सेना सीमा पर तैनात है और क्षेत्र की सुरक्षा कर रही है। साथ ही खांडू ने स्थानीय लोगों और सेना से बात कर आरोपों की जांच करने की बात भी कही थी।</p>
<p>अरुणाचल प्रदेश के गृह मंत्री मामा नातुंग भी चीनी घुसपैठ से जुड़े दावों को सोशल मीडिया की अफवाह बता चुके हैं।</p>
<h3><span><strong>अरुणाचल पर चीन के दावों को भारत करता रहा है खारिज</strong></span></h3>
<p>चीन अरुणाचल प्रदेश पर अपना दावा करता रहा है और राज्य के विभिन्न स्थानों को चीनी नाम देने की कोशिश भी करता रहा है। भारत ने इन दावों को लगातार खारिज किया है और स्पष्ट किया है कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है।</p>
<p>ऐसे में किरेन रिजिजू का ताजा बयान दो हिस्सों में महत्वपूर्ण है—एक तरफ उन्होंने <strong>60 किलोमीटर की हालिया चीनी घुसपैठ के दावे को गलत बताया</strong>, वहीं दूसरी तरफ <strong>सीमांकन की समस्या और सीमावर्ती ग्रामीणों की चिंताओं को जायज माना।</strong></p>
<p>अब इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस के साथ नजर इस बात पर भी रहेगी कि केंद्र सरकार स्थानीय लोगों की चिंताओं और सीमा की जमीनी स्थिति को लेकर आगे क्या कदम उठाती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                    

                <link>https://www.pratyakshdarshisamachar.com/national/there-arunachal-china-border-kiren-rijiju-60-km-incursion-claimis-a-problem-on-the-arunachal-border-but-the/article-1772</link>
                <guid>https://www.pratyakshdarshisamachar.com/national/there-arunachal-china-border-kiren-rijiju-60-km-incursion-claimis-a-problem-on-the-arunachal-border-but-the/article-1772</guid>
                <pubDate>Wed, 19 Aug 2026 18:14:04 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/2026-08/chatgpt-image-aug-19%2C-2026%2C-06_12_33-pm.png"                         length="2366071"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Pratyakshdarshi Samachar]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        