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                <title>Samajwadi Party - Pratyakshdarshi Samachar</title>
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                <title>UP Election 2027: अखिलेश के सीट फॉर्मूले पर BJP का पलटवार, 'चाचा-चच्चा देंगे सपा को गच्चा' Your Title</title>
                                    <description><![CDATA[उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले सीट शेयरिंग को लेकर सियासत तेज हो गई है। अखिलेश यादव ने NDA सहयोगियों को मिलने वाली संभावित सीटों का दावा किया तो BJP प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने शिवपाल यादव और आजम खान का जिक्र करते हुए सपा पर पलटवार किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/state/uttar-pradesh/lucknow/akhilesh-yadav-nda-seat-sharing-bjp-reaction-up-election-2027addup-election-2027-bjps-counterattack-on-akhileshs-seat-formula/article-1768"><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/400/2026-08/chatgpt-image-aug-19,-2026,-02_40_30-pm.png" alt=""></a><br /><h3 class="PDq2pG_selectionAnchorContainer"><span><strong>UP Election 2027: अखिलेश के सीट फॉर्मूले पर BJP का पलटवार, शिवपाल-आजम का नाम लेकर कसा तंज</strong></span></h3>
<p><span><strong><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/2026-08/chatgpt-image-aug-19,-2026,-02_40_30-pm.png" alt="ChatGPT Image Aug 19, 2026, 02_40_30 PM" width="1672" height="941"></img></strong></span></p>
<p><strong>लखनऊ:</strong> उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले गठबंधन और सीट बंटवारे की राजनीति गर्म होने लगी है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने BJP के नेतृत्व वाले NDA में सहयोगी दलों की संभावित सीटों को लेकर सोशल मीडिया पर एक दावा किया, जिसके बाद BJP और उसके सहयोगी दलों ने सपा प्रमुख पर पलटवार किया है। BJP प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने शिवपाल सिंह यादव और आजम खान का नाम लेते हुए तंज कसा कि आने वाले चुनाव में अखिलेश यादव को अपने ही खेमे की चिंता करनी चाहिए।</p>
<h3><span><strong>अखिलेश यादव ने क्या दावा किया?</strong></span></h3>
<p>अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दावा किया कि BJP आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए अपने सहयोगी दलों के लिए सीटों का फॉर्मूला तैयार कर रही है। उनके मुताबिक राष्ट्रीय लोक दल (RLD) को 73, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) को 39, निषाद पार्टी को 31 और अपना दल (सोनेलाल) को 19 सीटें देने पर विचार किया जा रहा है।</p>
<p>सपा प्रमुख ने इस कथित फॉर्मूले को PDA के दबाव से जोड़ते हुए BJP पर निशाना साधा। हालांकि अभी तक BJP या NDA की ओर से 2027 विधानसभा चुनाव के लिए इन संख्याओं के साथ कोई आधिकारिक सीट-sharing फॉर्मूला घोषित नहीं किया गया है। इसलिए इन आंकड़ों को अखिलेश यादव के राजनीतिक दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए।</p>
<h3><span><strong>BJP ने शिवपाल और आजम का नाम लेकर किया पलटवार</strong></span></h3>
<p>अखिलेश यादव के दावे के बाद BJP प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने सपा प्रमुख को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव कांग्रेस के साथ अपने मौजूदा गठबंधन को लेकर दबाव में हैं और इसी वजह से NDA के सहयोगी दलों को लेकर इस तरह के दावे कर रहे हैं।</p>
<p>त्रिपाठी ने शिवपाल यादव की आजम खान से मुलाकात का जिक्र करते हुए तंज कसा— <strong>“चाचा और चच्चा देंगे सपा को गच्चा।”</strong> यहां BJP नेता का इशारा शिवपाल सिंह यादव और आजम खान की ओर था। हालांकि यह BJP का राजनीतिक तंज है; इससे सपा में किसी तरह की टूट या दोनों नेताओं के अलग राजनीतिक कदम की पुष्टि नहीं होती।</p>
<h3><span><strong>कांग्रेस को लेकर भी BJP ने अखिलेश को घेरा</strong></span></h3>
<p>राकेश त्रिपाठी ने कांग्रेस सांसद इमरान मसूद के हालिया बयानों का जिक्र करते हुए दावा किया कि कांग्रेस समाजवादी पार्टी पर राजनीतिक दबाव बढ़ा रही है। BJP का कहना है कि अखिलेश यादव को NDA की सीटों के बजाय अपने गठबंधन की सीट-sharing पर ध्यान देना चाहिए।</p>
<p>यूपी BJP के उपाध्यक्ष नीरज सिंह ने भी अखिलेश यादव के दावे को खारिज करते हुए कहा कि BJP और उसके सहयोगी 2027 के चुनाव से पहले एकजुट हैं और सीट बंटवारे का फैसला गठबंधन नेतृत्व करेगा। RLD की तरफ से भी सपा-कांग्रेस के संभावित सीट बंटवारे को लेकर पलटवार किया गया है।</p>
<h3><span><strong>अपना दल (S) का भी आया जवाब</strong></span></h3>
<p>NDA की सहयोगी अपना दल (सोनेलाल) के नेता और उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री आशीष पटेल ने भी अखिलेश यादव पर निशाना साधा। पटेल ने कहा कि उनकी पार्टी सोशल मीडिया पर सीटों की अटकलों की राजनीति करने के बजाय जमीन पर संगठन और जनता के बीच काम करने में विश्वास करती है।</p>
<p>उन्होंने अखिलेश यादव के सीट-sharing संबंधी दावे को राजनीतिक अफवाह बताते हुए दावा किया कि 2027 में NDA फिर से पूर्ण बहुमत की सरकार बनाएगा।</p>
<h3><span><strong>ओपी राजभर ने कांग्रेस और ओवैसी पर पूछे सवाल</strong></span></h3>
<p>सुभासपा प्रमुख और योगी सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर भी इस सियासी बहस में उतर गए। उन्होंने अखिलेश यादव से सवाल किया कि वह NDA के सहयोगियों की सीटें तय करने के बजाय यह बताएं कि समाजवादी पार्टी 2027 में कांग्रेस को कितनी सीटें देगी।</p>
<p>राजभर ने सपा के सामने कांग्रेस, परिवार, बागी नेताओं और असदुद्दीन ओवैसी जैसे मुद्दों का जिक्र करते हुए कहा कि NDA में सीट बंटवारे का फैसला सहयोगी दल आपसी बातचीत से करेंगे। उन्होंने दावा किया कि NDA के घटक दल एकजुट हैं।</p>
<h3><span><strong>2027 से पहले सीट शेयरिंग बनी सियासी हथियार</strong></span></h3>
<p>उत्तर प्रदेश विधानसभा में कुल 403 सीटें हैं और अभी चुनाव में समय बाकी है। ऐसे में राजनीतिक दलों की ओर से सीट-sharing से जुड़े बयान सिर्फ चुनावी गणित ही नहीं, बल्कि विरोधी गठबंधन पर दबाव बनाने की रणनीति का भी हिस्सा बन रहे हैं।</p>
<p>अखिलेश यादव के दावे के बाद BJP, अपना दल और सुभासपा जिस तरह लगातार जवाब दे रहे हैं, उससे साफ है कि <strong>2027 की लड़ाई में गठबंधन की एकजुटता और सहयोगी दलों को मिलने वाली सीटें एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनने वाली हैं।</strong></p>
<p>फिलहाल NDA की ओर से सीटों का कोई अंतिम आधिकारिक फॉर्मूला सामने नहीं आया है। ऐसे में 73, 39, 31 और 19 सीटों का आंकड़ा राजनीतिक दावे और जवाबी बयानबाजी तक सीमित है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>उत्तरप्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 19 Aug 2026 15:01:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Pratyakshdarshi Samachar]]></dc:creator>
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                <title>आजम खान से जुड़े 10 ठिकानों पर ED का एक्शन, अखिलेश यादव ने BJP को घेरा</title>
                                    <description><![CDATA[सपा नेता आजम खान से जुड़े जौहर ट्रस्ट और यूनिवर्सिटी समेत कई ठिकानों पर ED की छापेमारी के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। अखिलेश यादव ने BJP पर निशाना साधते हुए कार्रवाई के पीछे राजनीतिक मंशा होने का आरोप लगाया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/state/uttar-pradesh/ed-action-on-10-locations-related-to-azam-khan-akhilesh/article-1767"><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/400/2026-08/azam-khan-ed-raid-akhilesh-yadav-up-news-politics.jpg.png" alt=""></a><br /><h3 class="PDq2pG_selectionAnchorContainer"><span><strong>Azam Khan ED Raid: आजम खान से जुड़े 10 ठिकानों पर ED का एक्शन, अखिलेश यादव ने BJP को घेरा</strong></span></h3>
<p><span><strong><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/2026-08/azam-khan-ed-raid-akhilesh-yadav-up-politics.jpg.png" alt="azam-khan-ed-raid-akhilesh-yadav-up-politics.jpg" width="1672" height="941"></img></strong></span></p>
<p><strong>लखनऊ/रामपुर:</strong> समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान से जुड़े ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई के बाद उत्तर प्रदेश की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। बुधवार को ED ने उत्तर प्रदेश के रामपुर और सहारनपुर के साथ दिल्ली में आजम खान से जुड़े कई परिसरों पर तलाशी अभियान चलाया। रिपोर्ट्स के मुताबिक कुल करीब 10 ठिकानों पर कार्रवाई की गई, जिनमें मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े परिसर भी शामिल हैं।</p>
<h3><span><strong>ED की कार्रवाई पर भड़के अखिलेश यादव</strong></span></h3>
<p>छापेमारी की खबर सामने आने के बाद समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने BJP सरकार पर तीखा हमला बोला। अखिलेश ने सोशल मीडिया के जरिए आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय और शैक्षणिक संस्थान खड़े करने वालों के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई की जा रही है।</p>
<p>सपा प्रमुख ने दावा किया कि इस तरह की कार्रवाई के जरिए BJP अपने सीमित सांप्रदायिक समर्थक वर्ग को संतुष्ट करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि अगर भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है तो दूसरे मामलों में भी उसी तेजी से जांच क्यों नहीं दिखाई देती।</p>
<h3><span><strong>कई मुद्दों को लेकर सरकार पर साधा निशाना</strong></span></h3>
<p>अखिलेश यादव ने अपने बयान में केवल आजम खान का मुद्दा नहीं उठाया। उन्होंने राम मंदिर से जुड़े कथित चोरी के मामले, कोडीन कफ सिरप से जुड़े मामलों, स्मार्ट सिटी परियोजनाओं और उत्तर प्रदेश के विभिन्न एक्सप्रेसवे तथा निर्माण कार्यों की स्थिति का जिक्र करते हुए भी सरकार को घेरा।</p>
<p>सपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि विपक्ष से जुड़े नेताओं के मामलों में जांच एजेंसियां सक्रिय दिखाई देती हैं, जबकि सरकार से जुड़े लोगों पर लगे आरोपों में वैसी कार्रवाई देखने को नहीं मिलती। ये सभी दावे अखिलेश यादव के राजनीतिक आरोप हैं और इनसे जुड़े अलग-अलग मामलों की जांच तथा कानूनी स्थिति अलग है।</p>
<h3><span><strong>किस मामले में जांच कर रही है ED?</strong></span></h3>
<p>आजम खान और जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े वित्तीय मामलों की जांच नई नहीं है। इससे पहले सितंबर 2023 में आयकर विभाग ने आजम खान और मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट से जुड़े कई ठिकानों पर तलाशी ली थी। उस दौरान ट्रस्ट और यूनिवर्सिटी के वित्तीय लेन-देन तथा निर्माण पर हुए खर्च से जुड़े दस्तावेजों की जांच की गई थी।</p>
<p>2023 में सामने आई रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि जौहर यूनिवर्सिटी में विभिन्न सरकारी विभागों के जरिए करोड़ों रुपये के काम कराए जाने से जुड़े दस्तावेज जांच एजेंसियों के हाथ लगे थे। बाद में इन वित्तीय पहलुओं को लेकर ED की जांच की बात भी सामने आई थी।</p>
<p>हालांकि मौजूदा छापेमारी के दौरान क्या दस्तावेज या अन्य सामग्री बरामद हुई है, इसकी पूरी आधिकारिक जानकारी अभी सामने आनी बाकी है।</p>
<h3><span><strong>BJP की ओर से भी आया जवाब</strong></span></h3>
<p>इस कार्रवाई पर BJP विधायक रमेश जायसवाल ने कहा कि ED एक स्वतंत्र जांच एजेंसी है और किसी स्थान पर तलाशी तभी होती है जब एजेंसी को जांच के दौरान संबंधित सामग्री या सबूत मिलते हैं। उन्होंने इस कार्रवाई को सरकारी दबाव से जोड़ने के विपक्ष के आरोपों को खारिज किया।</p>
<p>वहीं योगी सरकार के मंत्री और सुभासपा नेता ओम प्रकाश राजभर ने उल्टा समाजवादी पार्टी पर ही निशाना साधा। इस तरह ED की कार्रवाई अब जांच के साथ-साथ सपा और सत्तापक्ष के बीच नए राजनीतिक टकराव का मुद्दा भी बन गई है।</p>
<h3><span><strong>2027 से पहले फिर केंद्र में आजम खान</strong></span></h3>
<p>उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की राजनीतिक तैयारियां तेज हो रही हैं। ऐसे में आजम खान से जुड़े मामलों और जौहर यूनिवर्सिटी पर हो रही कार्रवाई का मुद्दा सपा और BJP के बीच बड़ी सियासी बहस का रूप ले सकता है।</p>
<p>हाल ही में भी जौहर यूनिवर्सिटी विभिन्न प्रशासनिक और नियामकीय कार्रवाइयों को लेकर चर्चा में रही है। ऐसे में ED की ताजा कार्रवाई ने रामपुर से लेकर लखनऊ तक राजनीतिक हलचल और बढ़ा दी है।</p>
<p>अब नजर इस बात पर रहेगी कि ED इस तलाशी अभियान के बाद क्या आधिकारिक जानकारी सामने रखती है और समाजवादी पार्टी इस मुद्दे को आने वाले दिनों में किस तरह राजनीतिक रूप से उठाती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>उत्तरप्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 19 Aug 2026 14:05:33 +0530</pubDate>
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