<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/himachal-pradesh-news/tag-1371" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Pratyakshdarshi Samachar RSS Feed Generator</generator>
                <title>Himachal Pradesh News - Pratyakshdarshi Samachar</title>
                <link>https://www.pratyakshdarshisamachar.com/tag/1371/rss</link>
                <description>Himachal Pradesh News RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मंडी की दिशा समिति बैठक में अधिकारियों से मांगा खर्च का रिपोर्ट कार्ड; विकास कार्यों में देरी पर बोलीं—मुझसे भी अच्छी एक्टिंग कर लेते हैं अधिकारी</title>
                                    <description><![CDATA[मंडी से भाजपा सांसद कंगना रनौत ने सांसद निधि के धीमे इस्तेमाल को लेकर अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। कंगना ने दावा किया कि करीब 11 करोड़ रुपये उपलब्ध होने के बावजूद खर्च बेहद कम हुआ है। उन्होंने लंबित परियोजनाओं का प्रदर्शन रिपोर्ट कार्ड मांगते हुए काम शुरू नहीं करने वाली एजेंसियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/national/kangana-ranaut-angry-over-slow-mplads-fund-utilisation-mandi/article-1954"><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/400/2026-09/kangana-ranaut-mplads-fund-mandi-officials-meeting.jpg2.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer"><strong>मंडी।</strong> हिमाचल प्रदेश की मंडी लोकसभा सीट से भाजपा सांसद कंगना रनौत का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में कंगना सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना यानी MPLADS के तहत उपलब्ध धनराशि का समय पर इस्तेमाल नहीं होने को लेकर अधिकारियों पर नाराजगी जताती दिखाई दे रही हैं।</p>
<p>जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति यानी दिशा की बैठक में कंगना ने सांसद निधि से स्वीकृत विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान खर्च के आंकड़े सामने आने पर उन्होंने ब्लॉक विकास अधिकारियों और संबंधित विभागों से तीखे सवाल पूछे।</p>
<p>कंगना ने दावा किया कि सांसद निधि के अंतर्गत उनके लोकसभा क्षेत्र के विकास के लिए करीब 11 करोड़ रुपये उपलब्ध हुए, लेकिन उसमें से बहुत कम धनराशि खर्च की गई। उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि स्वीकृति और पैसा उपलब्ध होने के बावजूद विकास कार्य जमीन पर दिखाई क्यों नहीं दे रहे हैं।</p>
<h3>‘मुझे ये बेकार के जुमले मत दीजिए’</h3>
<img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/2026-09/kangana-ranaut-mplads-fund-mandi-officials-meeting.jpg2.jpg" alt="kangana-ranaut-mplads-fund-mandi-officials-meeting.jpg" width="1366" height="768"></img>
मंडी में आयोजित दिशा समिति की बैठक में भाजपा सांसद कंगना रनौत ने MPLADS निधि के धीमे इस्तेमाल पर अधिकारियों से जवाब मांगा।

<p>बैठक में अधिकारियों के जवाब से असंतुष्ट कंगना रनौत ने कहा कि उन्हें हर दिशा समिति की बैठक में आश्वासन दिया जाता है कि काम ठीक तरीके से चल रहा है और किसी तरह की समस्या नहीं है।</p>
<p>कंगना ने अधिकारियों से कहा, “मुझे ये बेकार के जुमले मत दीजिए। हर दिशा कमेटी की बैठक में मुझे यही सुनने को मिलता है।”</p>
<p>उन्होंने कहा कि पिछली बैठकों में अधिकारियों द्वारा लगभग 90 प्रतिशत धनराशि खर्च किए जाने की जानकारी दी गई थी, लेकिन वास्तविक आंकड़े इससे मेल नहीं खाते। कंगना ने इस अंतर पर सवाल उठाते हुए अधिकारियों से स्पष्ट और लिखित जवाब मांगा।</p>
<p>यह बयान बैठक के दौरान कंगना द्वारा लगाए गए आरोपों का हिस्सा है। संबंधित विभागों का विस्तृत जवाब सामने आने के बाद खर्च की वास्तविक स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।</p>
<h3>₹11 करोड़ और ₹50 लाख के आंकड़े का क्या है मामला?</h3>
<p><a class="decorated-link" href="https://www.indiatoday.in/india/story/kangana-ranaut-raps-mandi-officials-over-unspent-mplads-funds-2987665-2026-09-05?utm_source=chatgpt.com">इंडिया टुडे</a> की रिपोर्ट के अनुसार, कंगना रनौत ने बैठक में कहा कि करीब 11 करोड़ रुपये की सांसद निधि उपलब्ध होने के बावजूद लगभग 50 लाख रुपये ही खर्च हुए।</p>
<p>हालांकि, <a class="decorated-link" href="https://www.newindianexpress.com/amp/story/india/2026/Sep/05/bjp-mp-kangamna-ranaut-pulls-up-officials-over-unspent-mplads-funds-in-mandi?utm_source=chatgpt.com">द न्यू इंडियन एक्सप्रेस</a> ने आंकड़ों का थोड़ा विस्तृत विवरण दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, कंगना ने कहा कि करीब 11 करोड़ रुपये विकास कार्यों के लिए जारी हुए थे, लेकिन मार्च-अप्रैल तक पूरे क्षेत्र में एक करोड़ रुपये से भी कम खर्च हुआ था।</p>
<p>रिपोर्ट में बताया गया कि अकेले मंडी जिले के लिए उपलब्ध करीब 5.5 करोड़ रुपये में से लगभग 50 से 60 लाख रुपये खर्च होने की बात सामने आई। अलग-अलग रिपोर्टों में आंकड़ों के प्रस्तुतिकरण में अंतर है, इसलिए आधिकारिक MPLADS विवरण और जिला प्रशासन की खर्च रिपोर्ट से ही अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी।</p>
<h3>अधिकारियों से मांगा प्रदर्शन रिपोर्ट कार्ड</h3>
<p>कंगना रनौत ने बैठक में सांसद निधि के अंतर्गत स्वीकृत प्रत्येक परियोजना का प्रदर्शन रिपोर्ट कार्ड मांगा। उन्होंने अधिकारियों से यह स्पष्ट करने को कहा कि किस परियोजना के लिए कितनी धनराशि स्वीकृत की गई, कितना पैसा जारी हुआ और काम कितना पूरा हुआ।</p>
<p>उन्होंने कहा कि विकास कार्यों की समीक्षा केवल कागजी दावों के आधार पर नहीं, बल्कि जमीन पर पूरे हुए काम के आधार पर होनी चाहिए।</p>
<p>कंगना ने सवाल उठाया कि जब विकास परियोजनाओं के लिए पैसा उपलब्ध है तो उसे समय पर खर्च क्यों नहीं किया जा रहा? उन्होंने अधिकारियों को लंबित परियोजनाओं में तेजी लाने और निर्धारित समय में काम पूरा कराने के निर्देश दिए।</p>
<h3>जमीन और अनुमति के बिना निकाल लिया पैसा?</h3>
<p>बैठक में कंगना ने आरोप लगाया कि कुछ परियोजनाएं जमीन उपलब्ध न होने या जरूरी अनुमति नहीं मिलने के कारण शुरू नहीं हो सकीं। इसके बावजूद कुछ मामलों में धनराशि निकाल लिए जाने की बात सामने आई है।</p>
<p>उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि यदि किसी परियोजना के लिए जमीन और आवश्यक अनुमति उपलब्ध नहीं थी तो उसके लिए पैसा क्यों निकाला गया? कंगना ने ऐसे सभी मामलों की जांच करने और संबंधित अधिकारियों तथा कार्यदायी संस्थाओं की जवाबदेही तय करने को कहा।</p>
<p>सांसद ने निर्देश दिया कि जिन एजेंसियों ने पैसा मिलने के बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं किया, उन्हें बैठक में बुलाकर जवाब मांगा जाए।</p>
<h3>काम शुरू नहीं हुआ तो वापस ली जाए धनराशि</h3>
<p>कंगना रनौत ने अधिकारियों से कहा कि जिन परियोजनाओं पर लंबे समय से काम शुरू नहीं हुआ है, उनकी समीक्षा की जाए। यदि संबंधित एजेंसी काम करने की स्थिति में नहीं है तो उसे दी गई धनराशि वापस लेने पर भी विचार किया जाए।</p>
<p>उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता के विकास के लिए मिलने वाली सांसद निधि को लंबे समय तक रोके रखना उचित नहीं है। पैसा उन परियोजनाओं पर लगाया जाना चाहिए जिनका काम समय पर शुरू और पूरा हो सकता है।</p>
<p>कंगना ने अधिकारियों को लंबित परियोजनाओं की सूची तैयार करने और उनकी मौजूदा स्थिति की जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।</p>
<h3>‘अधिकारी मुझसे भी बेहतर एक्टिंग करते हैं’</h3>
<p>बैठक में नाराज कंगना ने अधिकारियों पर तंज कसते हुए कहा कि वे उनसे भी बेहतर अभिनय कर लेते हैं। कंगना का कहना था कि बैठकों में विकास कार्य सही तरीके से चलने का भरोसा दिया जाता है, लेकिन जमीनी स्थिति कुछ और दिखाई देती है।</p>
<p>उन्होंने दावा किया कि मंडी में अधूरे और लंबित विकास कार्यों को लेकर लोग लगातार सोशल मीडिया पर वीडियो और रील बना रहे हैं। इसके कारण एक सांसद के रूप में उनके काम पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।</p>
<p>कंगना ने अधिकारियों से कहा कि जनता उनसे विकास कार्यों का हिसाब मांगती है, इसलिए प्रशासन को स्वीकृत योजनाओं को समय पर पूरा करना होगा।</p>
<h3>कथित फर्जी लाभार्थियों का भी उठाया मुद्दा</h3>
<p>कंगना रनौत ने बैठक में जांच एजेंसियों के कथित निष्कर्षों का उल्लेख करते हुए दावा किया कि सांसद निधि का लगभग 30 से 40 प्रतिशत हिस्सा गलत या फर्जी व्यक्तियों तक पहुंचने के मामले भी सामने आए हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि यदि पैसा गलत तरीके से जारी हुआ है तो उसकी वसूली और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए। हालांकि, इस आरोप से संबंधित एजेंसी की रिपोर्ट या फर्जी लाभार्थियों की विस्तृत सूची सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आई है। इसलिए इसे कंगना द्वारा बैठक में किए गए दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए।</p>
<h3>क्या होती है MPLADS योजना?</h3>
<p>सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना के तहत प्रत्येक सांसद अपने निर्वाचन क्षेत्र में विकास कार्यों की सिफारिश कर सकता है। इनमें सड़क, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य, सामुदायिक भवन और दूसरी सार्वजनिक सुविधाओं से जुड़े काम शामिल हो सकते हैं।</p>
<p>सांसद सीधे पैसा खर्च नहीं करता। सांसद परियोजनाओं की सिफारिश करता है, जबकि जिला प्रशासन और संबंधित कार्यदायी एजेंसियां स्वीकृति, धनराशि जारी करने, काम कराने और उसकी निगरानी के लिए जिम्मेदार होती हैं।</p>
<p>इसलिए सांसद निधि का कम उपयोग होने की स्थिति में सांसद की सिफारिश, प्रशासनिक मंजूरी, जमीन की उपलब्धता, तकनीकी अनुमति और कार्यदायी संस्था की प्रगति—सभी पहलुओं की जांच जरूरी होती है।</p>
<h3>अब प्रशासन के जवाब पर नजर</h3>
<p>कंगना रनौत की नाराजगी का वीडियो वायरल होने के बाद सांसद निधि से जुड़े विकास कार्यों और अधिकारियों की जवाबदेही पर चर्चा तेज हो गई है। बैठक में उन्होंने लंबित परियोजनाओं को जल्द पूरा करने तथा खर्च का विस्तृत रिपोर्ट कार्ड देने के निर्देश दिए हैं।</p>
<p>अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि मंडी प्रशासन कंगना द्वारा उठाए गए सवालों पर क्या जवाब देता है। साथ ही, जिन परियोजनाओं के लिए पैसा जारी हो चुका है, वे जमीन पर कब पूरी होती हैं और अनुपयोगी पड़ी धनराशि का इस्तेमाल कितनी तेजी से किया जाता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                    

                <link>https://www.pratyakshdarshisamachar.com/national/kangana-ranaut-angry-over-slow-mplads-fund-utilisation-mandi/article-1954</link>
                <guid>https://www.pratyakshdarshisamachar.com/national/kangana-ranaut-angry-over-slow-mplads-fund-utilisation-mandi/article-1954</guid>
                <pubDate>Sat, 05 Sep 2026 17:12:29 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/2026-09/kangana-ranaut-mplads-fund-mandi-officials-meeting.jpg2.jpg"                         length="942261"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Pratyakshdarshi Samachar]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        