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                <title>Hindutva - Pratyakshdarshi Samachar</title>
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                            <item>
                <title>Mohan Bhagwat बोले- ‘मुस्लिमों को हटाने वाला हिंदू नहीं’, Owaisi ने क्यों कहा- ‘ये RSS की पुरानी चाल है’?</title>
                                    <description><![CDATA[RSS प्रमुख मोहन भागवत ने न्यूयॉर्क में कहा कि जो हिंदू भारत में मुसलमानों के अस्तित्व को नकारता है, वह हिंदू नहीं रह सकता। AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने इसे RSS की ‘पुरानी चाल’ बताया और संगठन के पुराने विचारकों, UCC और minority politics को लेकर सवाल उठाए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/national/owaisi-mohan-bhagwat-muslims-hindu-rss-old-trick-new-york-speech-reaction/article-1893"><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/400/2026-08/mohan-bhagwat-owaisi-rss-muslims-old-trick-reaction.jpg.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer"><strong>नई दिल्ली।</strong> राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख <strong>मोहन भागवत</strong> के अमेरिका में हिंदू-मुस्लिम संबंधों पर दिए बयान ने भारत में नई राजनीतिक बहस छेड़ दी है। न्यूयॉर्क में आयोजित <strong>‘One World, One Humanity’ Faith Leaders Conference</strong> में भागवत ने कहा कि अगर कोई हिंदू यह मानता है कि भारत में मुसलमान नहीं होने चाहिए, तो वह हिंदू कहलाने की अपनी मूल भावना से दूर चला जाता है। उन्होंने मानव गरिमा, अलग-अलग आस्थाओं के सम्मान और विविधता में एकता पर जोर दिया।</p>
<p>लेकिन AIMIM प्रमुख <strong>असदुद्दीन ओवैसी</strong> भागवत की इस बात से प्रभावित नजर नहीं आए। उन्होंने इसे RSS की <strong>“सबसे पुरानी चाल”</strong> बताते हुए आरोप लगाया कि संगठन दुनिया के सामने एक भाषा बोलता है और अपने वैचारिक साहित्य में दूसरी तस्वीर दिखाई देती है।</p>
<h2>Mohan Bhagwat ने New York में क्या कहा?</h2>
<img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/2026-08/mohan-bhagwat-owaisi-rss-muslims-old-trick-reaction.jpg.jpg" alt="mohan-bhagwat-owaisi-rss-muslims-old-trick-reaction.jpg" width="1366" height="768"></img>
RSS प्रमुख मोहन भागवत के New York में Hindu-Muslim coexistence पर दिए बयान को Owaisi ने ‘RSS की पुरानी चाल’ बताते हुए पुराने वैचारिक साहित्य पर सवाल उठाए।

<p>भागवत ने कहा कि हिंदू परंपरा अलग-अलग रास्तों को एक ही अंतिम सत्य की ओर जाने वाला मानती है और हर इंसान की गरिमा का सम्मान करती है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत की परंपरा ऐतिहासिक रूप से अलग-अलग धर्मों और समुदायों को स्थान देने की रही है।</p>
<p>उनका मूल संदेश यह था कि <strong>हिंदू पहचान का अर्थ किसी दूसरे धार्मिक समुदाय को बाहर करना नहीं है।</strong></p>
<p>Indian Express के मुताबिक उन्होंने कहा कि RSS मानवता को एक मानता है और विविधता को स्वीकार, सम्मान तथा सुरक्षित रखना चाहिए।</p>
<h1>Owaisi ने ‘RSS की पुरानी चाल’ क्यों कहा?</h1>
<p>ओवैसी ने भागवत के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह RSS के “playbook” का पुराना तरीका है—कुछ बातें सार्वजनिक दुनिया के लिए और कुछ अपने कार्यकर्ताओं या वैचारिक आधार के लिए।</p>
<p>उन्होंने RSS के संस्थापक <strong>के.बी. हेडगेवार</strong> और पूर्व सरसंघचालक <strong>एम.एस. गोलवलकर</strong> से जुड़े साहित्य और उद्धरणों का हवाला दिया।</p>
<p>ओवैसी का तर्क था कि सिर्फ भागवत के मौजूदा भाषण को नहीं बल्कि RSS के ऐतिहासिक वैचारिक साहित्य को भी साथ रखकर देखना चाहिए।</p>
<p>ये <strong>ओवैसी के राजनीतिक और वैचारिक आरोप</strong> हैं; इन्हें स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य की तरह नहीं लिखना चाहिए।</p>
<h1>Hedgewar को लेकर क्या दावा किया?</h1>
<p>ABP और PTI की रिपोर्ट के अनुसार ओवैसी ने हेडगेवार की एक biography का हवाला देते हुए दावा किया कि RSS संस्थापक गांधी के नेतृत्व में चल रही हिंदू-मुस्लिम एकता की राजनीति को लेकर असहज थे।</p>
<p>यहां सही journalism framing होगी:</p>
<p><strong>“ओवैसी ने एक biography का हवाला देकर दावा किया...”</strong></p>
<p>न कि:</p>
<p><strong>“हेडगेवार हिंदू-मुस्लिम एकता के खिलाफ थे”—</strong> बिना attribution के।</p>
<h1>Golwalkar के ‘Internal Threats’ अध्याय पर सवाल</h1>
<p>ओवैसी ने एम.एस. गोलवलकर की किताब <strong>Bunch of Thoughts</strong> के ‘Internal Threats’ नाम के हिस्से का भी हवाला दिया।</p>
<p>उनका आरोप है कि RSS के पुराने साहित्य में Muslims और Christians को लेकर ऐसी भाषा इस्तेमाल हुई जो भागवत के मौजूदा inclusive message से मेल नहीं खाती।</p>
<p>यही Owaisi के counterattack का केंद्रीय तर्क है:</p>
<p><strong>भागवत का आज का संदेश बनाम RSS के पुराने वैचारिक लेखन।</strong></p>
<h1>UCC और Anti-Conversion Laws पर भी हमला</h1>
<p>ओवैसी ने प्रतिक्रिया को केवल इतिहास तक सीमित नहीं रखा।</p>
<p>उन्होंने आरोप लगाया कि RSS की विचारधारा के प्रभाव में:</p>
<p><strong>UCC के नाम पर मुसलमानों पर बहुसंख्यक कानून थोपे जा रहे हैं, Christians पर anti-conversion laws का असर पड़ रहा है और UAPA जैसे कानूनों के misuse को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।</strong></p>
<p>ये AIMIM नेता के आरोप हैं।</p>
<p>इन्हें खबर में:</p>
<p><strong>“ओवैसी ने आरोप लगाया...”</strong></p>
<p>के रूप में रखें।</p>
<h1>RSS का पक्ष क्या है?</h1>
<p>RSS खुद को एक <strong>सांस्कृतिक और सामाजिक संगठन</strong> बताता है और अपने ऊपर लगने वाले minority-intolerance जैसे आरोपों को खारिज करता रहा है। Reuters के मुताबिक RSS का कहना है कि उसका उद्देश्य हिंदू समाज को संगठित करना है और वह उन आरोपों से सहमत नहीं है जिनमें उसे minorities के प्रति असहिष्णु बताया जाता है।</p>
<p>भागवत का मौजूदा New York भाषण भी RSS की तरफ से social harmony और religious coexistence पर जोर देने वाले संदेश के रूप में सामने आया।</p>
<p>इसलिए article में सिर्फ Owaisi की आलोचना देकर story खत्म न करें।</p>
<h1>क्या Bhagwat ने पहली बार ऐसा कहा?</h1>
<p><strong>नहीं।</strong></p>
<p>यह इस खबर का बहुत जरूरी context है।</p>
<p>India Today के मुताबिक भागवत ने वर्ष <strong>2018</strong> में भी कहा था कि ऐसी Hindu Rashtra की कल्पना नहीं की जा सकती जिसमें मुसलमानों के लिए जगह न हो। मौजूदा New York statement को उसी पुरानी line का reiteration माना जा सकता है।</p>
<p>इसलिए headline:</p>
<p><strong>“RSS का Muslims पर ऐतिहासिक U-turn”</strong></p>
<p>बहुत strong claim होगा।</p>
<p>ज्यादा accurate:</p>
<p><strong>“Bhagwat ने फिर दोहराई inclusive Hindutva line, Owaisi ने पुराने RSS साहित्य से घेरा।”</strong></p>
<h1>New York का कार्यक्रम इतना महत्वपूर्ण क्यों था?</h1>
<p>Bhagwat ने यह बात भारत में नहीं बल्कि <strong>New York</strong> में एक multi-faith conference में कही, जहां Christianity, Judaism, Hinduism और Islam समेत अलग-अलग faith traditions के प्रतिनिधि मौजूद थे।</p>
<p>उनकी अमेरिका यात्रा ऐसे समय हुई जब RSS अपनी centenary period में global outreach बढ़ा रहा है और उसके खिलाफ अमेरिका में भी विरोध प्रदर्शन तथा आलोचना सामने आई है।</p>
<p>Reuters के मुताबिक New York Mayor <strong>Zohran Mamdani</strong> ने कार्यक्रम से पहले RSS की ideology की आलोचना की थी, जबकि RSS ने अपने ऊपर लगे exclusionary ideology के आरोपों को खारिज किया है।</p>
<p>यानी New York speech का international context भी काफी महत्वपूर्ण है।</p>
<h1>Owaisi ने Gujarat 2002 का भी जिक्र किया</h1>
<p>ABP के मुताबिक ओवैसी ने अपने लंबे social-media post में 2002 Gujarat violence का भी हवाला दिया और Muslims के खिलाफ हिंसा के संदर्भ में RSS की विचारधारा पर सवाल उठाए।</p>
<p>इस section को सावधानी से लिखें।</p>
<p>सही wording:</p>
<p><strong>“ओवैसी ने 2002 Gujarat violence का उल्लेख करते हुए RSS और उससे जुड़े व्यापक ideological ecosystem पर सवाल उठाए।”</strong></p>
<p>यह न लिखें कि RSS को किसी specific violence के लिए अदालत ने दोषी ठहरा दिया है—ऐसा इस खबर में स्थापित नहीं है।</p>
<h1>असली राजनीतिक बहस क्या है?</h1>
<p>इस पूरे विवाद में दो बिल्कुल अलग narratives सामने हैं।</p>
<p><strong>मोहन भागवत की line:</strong> Hindutva किसी धार्मिक समुदाय को भारत से बाहर करने का विचार नहीं है; सभी आस्थाओं को सम्मान मिलना चाहिए।</p>
<p><strong>ओवैसी की line:</strong> मौजूदा moderate statement को RSS के पुराने ideological literature और आज की minority-related policies से अलग करके नहीं देखा जा सकता।</p>
<p>यही conflict इस खबर को सामान्य बयानबाजी से ज्यादा बड़ा बनाता है।</p>
<h1>क्या RSS ने Owaisi को जवाब दिया?</h1>
<p>इस खबर को प्रकाशित किए जाने तक उपलब्ध प्रमुख reporting में Owaisi के इस specific विस्तृत आरोप पर RSS की कोई समान स्तर की fresh detailed rebuttal प्रमुखता से सामने नहीं आई थी।</p>
<p>हालांकि RSS अपने ऊपर लगे minority exclusion और intolerance के broader आरोपों को पहले से खारिज करता रहा है।</p>
<p>अगर संघ या BJP की तरफ से Owaisi के आरोपों पर direct response आता है तो <strong>इसी URL को update</strong> करें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 31 Aug 2026 15:49:06 +0530</pubDate>
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