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                <title>Pratyakshdarshi Samachar</title>
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                <description>RSS Feed of Pratyakshdarshi Samachar</description>
                
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                <title>“प्रयागराज में भीषण धमाका! अमोनिया टैंक फटा, ताश के पत्तों की तरह ढही इमारत—4 मजदूरों की मौत”</title>
                                    <description><![CDATA[<p>प्रयागराज। प्रयागराज से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जहां सोमवार दोपहर करीब 1:30 बजे एक कोल्ड स्टोरेज में ऐसा भीषण हादसा हुआ जिसने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया। फाफामऊ क्षेत्र के चंदापुर गांव स्थित आदर्श कोल्ड स्टोरेज में अचानक जोरदार धमाका हुआ, जिसके बाद पूरी इमारत ताश के पत्तों की तरह भरभराकर गिर गई। इस हादसे में 4 मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 12 लोग घायल हो गए। मलबे से कुल 17 लोगों को बाहर निकाला गया है।बताया जा रहा है कि हादसा अमोनिया गैस टैंक फटने की वजह से हुआ। धमाका</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/%E2%80%9Chuge-explosion-in-prayagraj-ammonia-tank-burst-building-collapsed-like/article-1755"><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/400/2026-03/8wgzkfn8_normal.jpg" alt=""></a><br /><p>प्रयागराज। प्रयागराज से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जहां सोमवार दोपहर करीब 1:30 बजे एक कोल्ड स्टोरेज में ऐसा भीषण हादसा हुआ जिसने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया। फाफामऊ क्षेत्र के चंदापुर गांव स्थित आदर्श कोल्ड स्टोरेज में अचानक जोरदार धमाका हुआ, जिसके बाद पूरी इमारत ताश के पत्तों की तरह भरभराकर गिर गई। इस हादसे में 4 मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 12 लोग घायल हो गए। मलबे से कुल 17 लोगों को बाहर निकाला गया है।बताया जा रहा है कि हादसा अमोनिया गैस टैंक फटने की वजह से हुआ। धमाका इतना जोरदार था कि तीन मंजिला इमारत के RCC पिलर तक टूट गए और पूरी छत ढह गई। हादसे के बाद करीब 1 किलोमीटर तक अमोनिया गैस की तीखी दुर्गंध फैल गई, जिससे आसपास के गांवों में अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पहले जोरदार विस्फोट हुआ और फिर देखते ही देखते पूरी बिल्डिंग जमीन पर आ गई।</p>
<p>मृतकों की पहचान पिलट चौधरी, मशिंदर, ज्योतिष (बिहार) और जगदीश (प्रयागराज) के रूप में हुई है। घायलों को तुरंत स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल और तेज बहादुर सप्रू अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। हादसे के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है।जानकारी के मुताबिक यह कोल्ड स्टोरेज करीब 20 साल पुराना था और इसकी हालत पहले से ही जर्जर बताई जा रही थी। यहां आलू भंडारण का काम चल रहा था और बड़ी संख्या में मजदूर अंदर मौजूद थे। यह कोल्ड स्टोरेज पूर्व सपा नेता और पूर्व विधायक अंसार अहमद से जुड़ा बताया जा रहा है, जो जिले के बड़े स्टोरेज में गिना जाता था।</p>
<p>हादसे के तुरंत बाद प्रशासन हरकत में आया। NDRF, SDRF, फायर ब्रिगेड, पुलिस और 7 JCB मशीनों के साथ बचाव कार्य शुरू किया गया। अमोनिया गैस के रिसाव के कारण राहत कार्य में काफी मुश्किलें आईं, लेकिन टीमों ने कड़ी मेहनत के बाद फंसे लोगों को बाहर निकाला। जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा और पुलिस आयुक्त जोगिंदर कुमार खुद मौके पर पहुंचे और पूरे ऑपरेशन की निगरानी की।<img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/2026-03/whatsapp-image-2026-03-23-at-8.05.29-pm.jpeg" alt="WhatsApp Image 2026-03-23 at 8.05.29 PM" width="300" height="168"/>प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दे दिए हैं। कोल्ड स्टोरेज के मैनेजर और कुछ स्टाफ को हिरासत में लिया गया है और लापरवाही की जांच शुरू कर दी गई है। इसके साथ ही जिले के सभी कोल्ड स्टोरेज की जांच के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसे रोके जा सकें।</p>
<p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर गहरा दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता राशि देने का ऐलान किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी एक्स-ग्रेशिया मुआवजे के तहत यही राशि देने की घोषणा की है।</p>
<p>हादसे के बाद पूरे इलाके में बिजली सप्लाई बंद कर दी गई है और गैस रिसाव की जांच अभी भी जारी है। यह हादसा एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि आखिर जर्जर इमारतों और खतरनाक गैस टैंकों की समय पर जांच क्यों नहीं होती? मजदूरों की सुरक्षा को लेकर लापरवाही कब तक जारी रहेगी?</p>]]></content:encoded>
                
                

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                <pubDate>Mon, 23 Mar 2026 20:06:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Pratyakshdarshi Samachar]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>“तमिलनाडु में बड़ा सियासी धमाका! NDA का मास्टर प्लान—क्या गिरेगा DMK का किला?”</title>
                                    <description><![CDATA[<p>तमिलनाडु।तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 से ठीक पहले सियासत में जबरदस्त हलचल मच गई है। चेन्नई से आई खबर ने पूरे चुनावी खेल को गरमा दिया है—NDA ने सीट शेयरिंग का फॉर्मूला फाइनल कर दिया है, और ये डील सीधी-सीधी DMK सरकार को चुनौती दे रही है। AIADMK चीफ एडप्पादी के. पलानीस्वामी और BJP के दिग्गज नेता पीयूष गोयल के बीच हुई इस डील ने साफ कर दिया है कि इस बार मुकाबला बेहद टक्कर का होने वाला है।</p>
<p>सीट बंटवारे पर नजर डालें तो तस्वीर और भी दिलचस्प हो जाती है। कुल 234 सीटों में से AIADMK को 178 सीटें</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/national/election-blast-in-tamil-nadu-ndas-master-stroke-178/article-1758"><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/400/2026-03/piyuse-goyal.jpg" alt=""></a><br /><p>तमिलनाडु।तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 से ठीक पहले सियासत में जबरदस्त हलचल मच गई है। चेन्नई से आई खबर ने पूरे चुनावी खेल को गरमा दिया है—NDA ने सीट शेयरिंग का फॉर्मूला फाइनल कर दिया है, और ये डील सीधी-सीधी DMK सरकार को चुनौती दे रही है। AIADMK चीफ एडप्पादी के. पलानीस्वामी और BJP के दिग्गज नेता पीयूष गोयल के बीच हुई इस डील ने साफ कर दिया है कि इस बार मुकाबला बेहद टक्कर का होने वाला है।</p>
<p>सीट बंटवारे पर नजर डालें तो तस्वीर और भी दिलचस्प हो जाती है। कुल 234 सीटों में से AIADMK को 178 सीटें देकर ‘लायन शेयर’ दे दिया गया है—यानी NDA में असली कमान AIADMK के हाथ में। वहीं BJP को 27 सीटें मिली हैं, जो 2021 के मुकाबले 7 सीट ज्यादा हैं—इशारा साफ है, BJP अब तमिलनाडु में अपनी जमीन तेजी से मजबूत करना चाहती है। इसके अलावा PMK को 18 और AMMK को 11 सीटें देकर गठबंधन को पूरी तरह संतुलित किया गया है।</p>
<p>अब नेताओं के बयान भी चुनावी तापमान बढ़ा रहे हैं। पीयूष गोयल ने साफ कहा—“हम एक परिवार हैं… और जनता अब स्टालिन सरकार से तंग आ चुकी है।” वहीं पलानीस्वामी ने तो सीधा दावा ठोक दिया—“ये जीत का गठबंधन है… 210+ सीटें जीतकर सरकार बनाएंगे!” यानी NDA पूरी आक्रामकता के साथ मैदान में उतर चुका है।</p>
<p>राजनीतिक जानकार मान रहे हैं कि यह सिर्फ सीट शेयरिंग नहीं… बल्कि एक ‘मास्टर स्ट्रोक’ है। AIADMK को आगे रखकर NDA ने लोकल कनेक्ट मजबूत किया है, वहीं BJP अपनी सीटें बढ़ाकर साफ संकेत दे रही है कि वो अब तमिलनाडु में सिर्फ सहयोगी नहीं, बल्कि बड़ी ताकत बनना चाहती है। 2021 में जहां BJP सीमित दायरे में थी, वहीं अब 27 सीटों के साथ पार्टी ज्यादा आक्रामक नजर आ रही है।</p>
<p>लेकिन असली लड़ाई अब शुरू होती है। DMK, जो पिछले चुनाव में मजबूत जीत के साथ सत्ता में आई थी, क्या इस बार NDA के इस बड़े दांव से दबाव में आएगी? NDA का दावा है कि “संस्कृति, पहचान और शासन” के मुद्दों पर जनता बदलाव चाहती है… लेकिन जमीन पर वोटर क्या सोचता है, ये अभी भी सबसे बड़ा सवाल बना हुआ है।</p>
<p>आने वाले कुछ दिनों में जब सभी 234 सीटों पर उम्मीदवारों के नाम सामने आएंगे, तब असली तस्वीर और साफ होगी। लेकिन फिलहाल इतना तय है कि तमिलनाडु का चुनाव अब सीधा और हाई-वोल्टेज मुकाबला बन चुका है—जहां हर सीट पर कांटे की टक्कर देखने को मिल सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 Mar 2026 19:07:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Pratyakshdarshi Samachar]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>वैश्विक संकट के बीच ट्रेड की जंग—भारत की डील पर सियासी टकराव तेज</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली।  दुनिया इस समय कई बड़े संघर्षों से गुजर रही है—यूक्रेन-रूस युद्ध, इजराइल-हमास टकराव और अब ईरान से बढ़ता तनाव। इन हालातों ने वैश्विक व्यापार को गहरे असर में डाल दिया है। रेड सी संकट, होर्मुज स्ट्रेट पर खतरा, शिपिंग रूट्स का बदलना और बढ़ती इंश्योरेंस लागत ने अंतरराष्ट्रीय ट्रेड को धीमा कर दिया है। WTO ने भी चेतावनी दी है कि 2026 में वैश्विक व्यापार वृद्धि बहुत सीमित रह सकती है।ऐसे समय में भारत की राजनीति में भी ट्रेड को लेकर बहस तेज हो गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी लगातार India-US इंटरिम ट्रेड डील पर सवाल उठा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/state/delhi/trade-war-amid-global-crisis-%E2%80%93-political-conflict-intensifies-over/article-1756"><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/400/2026-03/rahulg.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली।  दुनिया इस समय कई बड़े संघर्षों से गुजर रही है—यूक्रेन-रूस युद्ध, इजराइल-हमास टकराव और अब ईरान से बढ़ता तनाव। इन हालातों ने वैश्विक व्यापार को गहरे असर में डाल दिया है। रेड सी संकट, होर्मुज स्ट्रेट पर खतरा, शिपिंग रूट्स का बदलना और बढ़ती इंश्योरेंस लागत ने अंतरराष्ट्रीय ट्रेड को धीमा कर दिया है। WTO ने भी चेतावनी दी है कि 2026 में वैश्विक व्यापार वृद्धि बहुत सीमित रह सकती है।ऐसे समय में भारत की राजनीति में भी ट्रेड को लेकर बहस तेज हो गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी लगातार India-US इंटरिम ट्रेड डील पर सवाल उठा रहे हैं। संसद और अपनी रैलियों में उन्होंने इस समझौते को किसानों, उद्योग और डेटा सुरक्षा के लिए नुकसानदायक बताया है। उनका कहना है कि इस डील से भारत को बराबरी का फायदा नहीं मिलेगा और सरकार को इसे रद्द करने पर विचार करना चाहिए।</p>
<p>राहुल गांधी ने अपने बयानों में यह भी दावा किया कि इस समझौते में कुछ ऐसे प्रावधान हैं जो भारतीय उद्योग और डेटा हितों को प्रभावित कर सकते हैं। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि जल्दबाजी में यह डील की गई और संसद में इस पर पर्याप्त चर्चा नहीं हुई।वहीं दूसरी तरफ सरकार और भाजपा इस आलोचना को खारिज कर रहे हैं। उनका कहना है कि मौजूदा वैश्विक संकट के बीच यह ट्रेड डील भारत के लिए नए बाजारों तक पहुंच और सप्लाई चेन को सुरक्षित करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। सरकार का दावा है कि इससे खासकर टेक्सटाइल और अन्य निर्यात क्षेत्रों को फायदा मिल सकता है और भारत की वैश्विक स्थिति मजबूत होगी।</p>
<p>विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा हालात में वैश्विक सप्लाई चेन पहले से ज्यादा अस्थिर हो गई है। रेड सी में हमलों के कारण जहाजों को लंबा रास्ता लेना पड़ रहा है, जिससे लागत बढ़ रही है। वहीं होर्मुज स्ट्रेट पर तनाव ने ऊर्जा सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ा दी है। ऐसे में देशों के लिए वैकल्पिक व्यापार साझेदार और सुरक्षित रूट्स खोजना जरूरी हो गया है। इसी वजह से भारत के लिए भी यह जरूरी हो गया है कि वह अपने व्यापारिक विकल्पों को मजबूत करे और नए समझौतों के जरिए जोखिम कम करे। हालांकि इस पर राजनीतिक मतभेद साफ दिखाई दे रहे हैं—एक पक्ष इसे अवसर मान रहा है, तो दूसरा इसे संभावित खतरे के रूप में देख रहा है।पूरे घटनाक्रम में सबसे अहम सवाल यही है कि जब दुनिया तेजी से बदल रही है और वैश्विक व्यापार नए समीकरणों की ओर बढ़ रहा है, तो क्या भारत को तेजी से निर्णय लेने चाहिए या ज्यादा सतर्क होकर हर पहलू पर विचार करना चाहिए?</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दिल्ली</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 Mar 2026 18:42:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Pratyakshdarshi Samachar]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>5 दिन की राहत या तूफान से पहले की शांति? ट्रंप ने ईरान पर हमले रोके</title>
                                    <description><![CDATA[<p>अमेरिका। मिडिल ईस्ट की लगातार बढ़ती जंग के बीच एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अचानक ऐलान किया है कि अगले 5 दिनों तक ईरान के किसी भी पावर प्लांट और एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर कोई सैन्य हमला नहीं किया जाएगा। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब हालात तेजी से युद्ध की ओर बढ़ते दिख रहे थे और दुनिया भर में चिंता बढ़ गई थी। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा कि हाल ही में हुई “बहुत अच्छी और प्रोडक्टिव बातचीत” के बाद उन्होंने डिपार्टमेंट ऑफ वॉर को निर्देश दिया</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/%E0%A4%85%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%AF/5-days-respite-or-calm-before-the-storm-trump-stops/article-1754"><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/400/2026-03/trump-image.jpg" alt=""></a><br /><p>अमेरिका। मिडिल ईस्ट की लगातार बढ़ती जंग के बीच एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अचानक ऐलान किया है कि अगले 5 दिनों तक ईरान के किसी भी पावर प्लांट और एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर कोई सैन्य हमला नहीं किया जाएगा। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब हालात तेजी से युद्ध की ओर बढ़ते दिख रहे थे और दुनिया भर में चिंता बढ़ गई थी। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा कि हाल ही में हुई “बहुत अच्छी और प्रोडक्टिव बातचीत” के बाद उन्होंने डिपार्टमेंट ऑफ वॉर को निर्देश दिया है कि ईरान के पावर प्लांट्स और एनर्जी साइट्स पर हमले को 5 दिन के लिए टाल दिया जाए। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि बातचीत पूरे हफ्ते जारी रहेगी, यानी फिलहाल अमेरिका बातचीत के रास्ते को मौका देना चाहता है।दरअसल कुछ ही दिन पहले ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे का सख्त अल्टीमेटम दिया था। उन्होंने साफ कहा था कि अगर होर्मुज स्ट्रेट को बिना किसी बाधा के पूरी तरह नहीं खोला गया, तो अमेरिका ईरान के सबसे बड़े पावर प्लांट से शुरुआत करके पूरे एनर्जी सिस्टम को तबाह कर देगा। यह बयान अपने आप में बेहद आक्रामक था और इससे जंग का खतरा और बढ़ गया था।</p>
<p>होर्मुज स्ट्रेट की अहमियत को समझना जरूरी है। यह वही रास्ता है, जहां से दुनिया का करीब 20% तेल गुजरता है। अगर यह रास्ता बाधित होता है, तो ग्लोबल ऑयल सप्लाई पर सीधा असर पड़ता है और कीमतें तेजी से बढ़ जाती हैं। हाल ही में इसी तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल के दाम तेजी से उछलते हुए देखे गए।लेकिन अब अमेरिका और ईरान के बीच वीकेंड पर हुई बातचीत ने हालात में थोड़ी नरमी लाई है। इसी बातचीत के बाद ट्रंप ने 5 दिन का यह “ब्रेक” देने का फैसला लिया है। इसे एक तरह से तनाव कम करने की कोशिश और बातचीत को आगे बढ़ाने का मौका माना जा रहा है।हालांकि इस फैसले के बावजूद हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं। ईरान की तरफ से अभी तक इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। वहीं, इजरायल और ईरान के बीच मिसाइल हमले और जवाबी कार्रवाई की खबरें अभी भी सामने आ रही हैं, जिससे यह साफ है कि जमीनी स्तर पर तनाव अभी भी बना हुआ है।</p>
<p>अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह 5 दिन का ब्रेक जंग खत्म होने की शुरुआत है, या फिर यह सिर्फ एक रणनीतिक विराम है जिसके बाद हालात और ज्यादा बिगड़ सकते हैं। क्योंकि अगर बातचीत सफल नहीं होती, तो वही पावर प्लांट पर हमले की योजना फिर से सक्रिय हो सकती है।इस पूरे घटनाक्रम का असर सिर्फ मिडिल ईस्ट तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी दुनिया पर पड़ सकता है। तेल की कीमतों से लेकर वैश्विक अर्थव्यवस्था तक, हर चीज इस तनाव से प्रभावित हो रही है। भारत जैसे देशों के लिए भी यह स्थिति बेहद संवेदनशील है, क्योंकि ऊर्जा सप्लाई का बड़ा हिस्सा इसी क्षेत्र पर निर्भर करता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतराष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 Mar 2026 18:02:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Pratyakshdarshi Samachar]]></dc:creator>
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                <title>“असम से बंगाल तक सियासी संग्राम! महागठबंधन vs हिमंत—क्या बदलेगा खेल?</title>
                                    <description><![CDATA[<p>असम। असम विधानसभा चुनाव 2026 से ठीक पहले राज्य की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। शिवसागर और गुवाहाटी से आई खबरों के मुताबिक, कांग्रेस अध्यक्ष और सांसद गौरव गोगोई ने 6 प्रमुख विपक्षी दलों के महागठबंधन का ऐलान कर दिया है। यह गठबंधन सीधे मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और भाजपा सरकार को चुनौती दे रहा है। गोगोई ने साफ शब्दों में कहा कि इस बार भाजपा के खिलाफ वोटों का बंटवारा नहीं होगा और एकजुट विपक्ष सरकार को सत्ता से बाहर कर देगा।</p>
<p>का बयान चुनावी माहौल को और गर्म कर चुका है। उन्होंने कहा कि</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/national/%E2%80%9Cpolitical-battle-from-assam-to-bengal-grand-alliance-vs-himanta/article-1753"><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/400/2026-03/gaurav-gangoi..jpg" alt=""></a><br /><p>असम। असम विधानसभा चुनाव 2026 से ठीक पहले राज्य की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। शिवसागर और गुवाहाटी से आई खबरों के मुताबिक, कांग्रेस अध्यक्ष और सांसद गौरव गोगोई ने 6 प्रमुख विपक्षी दलों के महागठबंधन का ऐलान कर दिया है। यह गठबंधन सीधे मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और भाजपा सरकार को चुनौती दे रहा है। गोगोई ने साफ शब्दों में कहा कि इस बार भाजपा के खिलाफ वोटों का बंटवारा नहीं होगा और एकजुट विपक्ष सरकार को सत्ता से बाहर कर देगा।</p>
<p>का बयान चुनावी माहौल को और गर्म कर चुका है। उन्होंने कहा कि छह दलों के इस गठबंधन से विपक्षी वोट एकजुट होंगे और जनता तक एक मजबूत संदेश जाएगा। उनका दावा है कि अगर वोट बंटे नहीं, तो भाजपा को हराना संभव है। यह बयान सिर्फ राजनीतिक रणनीति नहीं, बल्कि सीधी चुनौती है—“हम मिलकर हिमंत बिस्वा सरमा को सत्ता से बाहर करेंगे।”</p>
<p>इस महागठबंधन में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के साथ असम जातीय परिषद (AJP), रायजोर दल, CPI(M), CPI(ML) और ऑल पार्टी हिल लीडर्स कॉन्फ्रेंस (APHLC) शामिल हैं। कांग्रेस ने 126 में से 100 सीटों पर चुनाव लड़ने का फैसला किया है, जबकि बाकी सीटें सहयोगी दलों के लिए छोड़ी गई हैं। इससे साफ है कि विपक्ष हर सीट पर एक मजबूत उम्मीदवार उतारकर भाजपा को सीधी टक्कर देना चाहता है।</p>
<p>यह गठबंधन इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि पिछले चुनावों में विपक्षी वोटों के बंटवारे ने भाजपा को सीधा फायदा पहुंचाया था। कई सीटों पर विपक्ष के अलग-अलग उम्मीदवारों ने एक-दूसरे का वोट काटा, जिससे भाजपा को जीत आसान हुई। लेकिन इस बार विपक्ष उसी गलती को सुधारने की कोशिश कर रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर यह एकता जमीन पर दिखती है, तो भाजपा के लिए यह चुनाव अब तक की सबसे बड़ी चुनौती बन सकता है।</p>
<p>लेकिन इस चुनाव में सिर्फ गठबंधन ही नहीं, बल्कि एक और बड़ा मुद्दा उभरकर सामने आया है—ध्रुवीकरण। असम की राजनीति अब धीरे-धीरे “पहचान और वोट बैंक” की लड़ाई में बदलती नजर आ रही है। एक तरफ “Indigenous vs Infiltrator” यानी असमिया अस्मिता का मुद्दा है, तो दूसरी तरफ “Hindu consolidation vs Minority unity” की बहस तेज हो गई है।</p>
<p>यही पैटर्न पश्चिम बंगाल में भी देखने को मिल रहा है। वहां टीएमसी पर मुस्लिम वोट बैंक को साधने और तुष्टिकरण के आरोप लगाए जा रहे हैं, जबकि भाजपा हिंदू वोटों को एकजुट करने की रणनीति पर काम कर रही है। टीएमसी नेता हुमायूं कबीर के “मुस्लिम मुख्यमंत्री” वाले बयान ने इस बहस को और भड़का दिया है। भाजपा ने इसे सीधा ध्रुवीकरण बताकर हमला बोला है।</p>
<p>असम में भी बयानबाजी तेज हो चुकी है। गौरव गोगोई ने हिमंत सरकार पर मुस्लिम समुदाय के खिलाफ सख्त कार्रवाई और माहौल खराब करने के आरोप लगाए हैं। वहीं मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने पलटवार करते हुए उन्हें “पाकिस्तानी एजेंट” तक कह दिया। इस तरह के तीखे बयान इस चुनाव को और ज्यादा संवेदनशील बना रहे हैं।</p>
<p>भाजपा की रणनीति भी बिल्कुल साफ दिख रही है। पार्टी ने अपनी उम्मीदवारों की सूची में एक भी मुस्लिम चेहरा शामिल नहीं किया है और “घुसपैठ”, “बांग्लादेशी” और eviction drive जैसे मुद्दों को जोर-शोर से उठा रही है। भाजपा इसे असमिया पहचान और सुरक्षा का सवाल बता रही है। Delimitation के बाद सीटों के समीकरण में हुए बदलाव ने भी इस रणनीति को मजबूती दी है।</p>
<p>वहीं विपक्ष अपनी छवि को “सेकुलर” बनाए रखने की कोशिश में लगा है। कांग्रेस ने AIUDF जैसे मुस्लिम-केंद्रित दल से दूरी बनाकर यह संदेश देने की कोशिश की है कि यह गठबंधन किसी एक समुदाय के लिए नहीं, बल्कि पूरे असम के लिए है। लेकिन असली सवाल यही है—क्या यह संदेश जमीन तक पहुंचेगा?</p>
<p>अब असम की राजनीति एक बेहद दिलचस्प मोड़ पर खड़ी है। एक तरफ मजबूत संगठन और नेतृत्व के साथ भाजपा है, जो लगातार सत्ता में वापसी की कोशिश कर रही है। दूसरी तरफ एकजुट विपक्ष है, जो बदलाव का नारा लेकर मैदान में उतरा है। यह मुकाबला सिर्फ सीटों का नहीं, बल्कि दो अलग-अलग राजनीतिक सोच का बन चुका है।</p>
<p>9 अप्रैल को होने वाला मतदान अब तय करेगा कि असम की जनता किस दिशा में जाना चाहती है। क्या लोग बदलाव के पक्ष में वोट देंगे या फिर हिमंत बिस्वा सरमा को एक और मौका देंगे? क्या महागठबंधन सच में वोटों को जोड़ पाएगा या फिर जमीनी हकीकत कुछ और ही होगी?</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 Mar 2026 17:47:57 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>PM मोदी का बड़ा अलर्ट: कोरोना जैसा वक्त फिर आ सकता है! क्या है असली खतरा?” </title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली।  हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में अपने संबोधन के दौरान “कोरोना काल” का उदाहरण देते हुए देश को आने वाली चुनौतियों के लिए तैयार रहने की बात कही। इस बयान के सामने आते ही सोशल मीडिया पर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं—कुछ लोगों ने इसे संभावित लॉकडाउन से जोड़ दिया, तो कुछ ने इसे किसी बड़े संकट का संकेत माना। लेकिन सच्चाई इससे थोड़ी अलग है।प्रधानमंत्री का यह बयान किसी नए लॉकडाउन का संकेत नहीं है, बल्कि मौजूदा वेस्ट एशिया में चल रहे तनाव और वैश्विक अस्थिरता को देखते हुए एक चेतावनी और</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/%E0%A4%85%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%AF/draft-add%E2%80%9Cpm-modis-big-alert-times-like-corona-may-come/article-1752"><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/400/2026-03/ivk3kedg_pm-modi-new-parliament_625x300_28_may_23.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली।  हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में अपने संबोधन के दौरान “कोरोना काल” का उदाहरण देते हुए देश को आने वाली चुनौतियों के लिए तैयार रहने की बात कही। इस बयान के सामने आते ही सोशल मीडिया पर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं—कुछ लोगों ने इसे संभावित लॉकडाउन से जोड़ दिया, तो कुछ ने इसे किसी बड़े संकट का संकेत माना। लेकिन सच्चाई इससे थोड़ी अलग है।प्रधानमंत्री का यह बयान किसी नए लॉकडाउन का संकेत नहीं है, बल्कि मौजूदा वेस्ट एशिया में चल रहे तनाव और वैश्विक अस्थिरता को देखते हुए एक चेतावनी और तैयारी का संदेश है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते टकराव, तेल-गैस सप्लाई पर खतरा और वैश्विक बाजार में अस्थिरता को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री ने देशवासियों से कहा कि जिस तरह हमने कोरोना महामारी के दौरान धैर्य, संयम और एकजुटता के साथ मुश्किल समय का सामना किया था, उसी तरह अब भी हमें तैयार रहना होगा। उन्होंने साफ किया कि यह समय घबराने का नहीं, बल्कि सतर्क रहने का है। अगर वैश्विक हालात और बिगड़ते हैं, तो इसका असर भारत की अर्थव्यवस्था, ईंधन आपूर्ति और आम लोगों की जिंदगी पर पड़ सकता है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा तेल आयात करता है और उसका एक बड़ा भाग वेस्ट एशिया से आता है, इसलिए वहां की किसी भी अस्थिरता का सीधा असर देश के अंदर महसूस हो सकता है—चाहे वह पेट्रोल-डीजल की कीमतें हों, ट्रांसपोर्ट खर्च हो या रोजमर्रा की चीजों के दाम।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने यह भी भरोसा दिलाया कि सरकार पूरी तरह स्थिति पर नजर बनाए हुए है और हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। पेट्रोल-डीजल, LPG और बिजली की सप्लाई फिलहाल सामान्य है और किसी तरह की कमी की स्थिति नहीं है। साथ ही, विदेशों में फंसे भारतीयों की सुरक्षा को लेकर भी सरकार लगातार सक्रिय है और जरूरत पड़ने पर उन्हें सुरक्षित वापस लाने की पूरी तैयारी की गई है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अगर हालात और गंभीर होते हैं, तो अफवाह फैलाने वालों और जमाखोरी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि आम जनता को किसी तरह की परेशानी न हो। यानी सरकार सिर्फ तैयारी की बात नहीं कर रही, बल्कि हर संभावित स्थिति से निपटने के लिए एक मजबूत व्यवस्था भी बना रही है।</p>
<p>इस पूरे बयान का निष्कर्ष यही है कि “कोरोना जैसी तैयारी” का मतलब लॉकडाउन नहीं, बल्कि सतर्कता, एकजुटता और जिम्मेदारी से हालात का सामना करना है। प्रधानमंत्री का यह संदेश एक तरह से देश को पहले से सचेत करने का प्रयास है, ताकि अगर भविष्य में कोई वैश्विक संकट आता है, तो भारत तैयार रहे और उसका असर कम से कम हो।अब सवाल यही है कि क्या यह सिर्फ एक सावधानी भरा संदेश है या आने वाले समय में वाकई कोई बड़ा वैश्विक संकट खड़ा हो सकता है?<br />ईरान जंग पर अचानक ब्रेक! ट्रंप का चौंकाने वाला ऐलान – अगले 5 दिन तक पावर प्लांट पर कोई अटैक नहीं! दोस्तों, मिडिल ईस्ट की जंग में पहली बार राहत की सांस... अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद ऐलान कर दिया है कि ईरान के किसी भी पावर प्लांट और एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर अगले 5 दिन तक कोई सैन्य हमला नहीं होगा! ट्रंप ने अपनी ट्रुथ सोशल पोस्ट में लिखा:<br /><strong>"बहुत अच्छी और प्रोडक्टिव बातचीत के आधार पर... मैंने डिपार्टमेंट ऑफ वॉर को निर्देश दे दिया है कि ईरान के पावर प्लांट्स और एनर्जी साइट्स पर हमले को 5 दिन के लिए पोस्टपोन कर दिया जाए। ये बातचीत पूरे हफ्ते जारी रहेगी।"</strong></p>
<p>क्या है पूरा मामला?कुछ दिन पहले ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था – होर्मुज स्ट्रेट को बिना किसी धमकी के पूरी तरह खोलो, वरना अमेरिका ईरान के सबसे बड़े पावर प्लांट से शुरू करके सब(तबाह) कर देगा!  होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के 20% तेल का रास्ता है। इसके बंद होने से ग्लोबल ऑयल कीमतें आसमान छू रही थीं।  अब अमेरिका और ईरान के बीच विकेंड पर हुई बहुत अच्छी बातचीत  के बाद ट्रंप ने ये 5 दिन का ब्रेक दे दिया है। बातचीत जारी रहेगी – क्या ये जंग खत्म होने की शुरुआत है?ईरान की तरफ से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई, लेकिन तनाव अभी भी बरकरार है। इजरायल-ईरान मिसाइल एक्सचेंज भी जारी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतराष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 Mar 2026 17:36:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Pratyakshdarshi Samachar]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>J&amp;K Encounter: गणतंत्र दिवस से पहले सुरक्षाबलों की बड़ी स्ट्राइक</title>
                                    <description><![CDATA[26 जनवरी से पहले दहलाने की थी साजिश, बंधक संकट को टालकर JKP के जांबाजों ने घर में घुसकर आतंकी को मारा; दिल्ली-NCR समेत पूरे देश में 'हाई अलर्ट']]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/national/jk-encounter-big-strike-by-security-forces-before-republic-day/article-1751"><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/400/2026-01/gemini_generated_image_79b4pz79b4pz79b4.png" alt=""></a><br /><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/2026-01/gemini_generated_image_79b4pz79b4pz79b4.png" alt="before_republic_day_encounter_in_j&amp;k" width="1344" height="768"/>
गणतंत्र दिवस के पहले जम्मू एवं कश्मीर में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता

<p> </p>
<p><strong>जम्मू/कठुआ: गणतंत्र दिवस (Republic Day 2026) </strong>समारोह से ठीक दो दिन पहले भारतीय सुरक्षाबलों ने जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) को करारा झटका दिया है। शुक्रवार रात और शनिवार की सुबह तक चले एक सटीक 'क्लिनिकल ऑपरेशन' में सेना, सीआरपीएफ (CRPF) और जम्मू-कश्मीर पुलिस (JKP) की संयुक्त टीम ने जैश के खूंखार कमांडर उस्मान (Usman alias Abu Maviya) को मार गिराया।<br /><br /><strong>बंधक संकट और जांबाजी की कहानी</strong><br />मुठभेड़ की शुरुआत कठुआ के बिलावर (Billawar) तहसील के परहेतर (Parhetar) गांव में हुई। पुलिस को सूचना मिली थी कि एक विदेशी आतंकी भोजन की तलाश में गांव के एक घर में छिपा है और उसने वहां मौजूद नागरिकों को बंधक (Hostage) बना लिया है।<br /><br /><strong>रेस्क्यू ऑपरेशन: </strong>जम्मू-कश्मीर पुलिस की एक छोटी टुकड़ी ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए पहले नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाला।</p>
<p><strong>अचूक वार: </strong>इसके बाद पुलिस के जवानों ने सीधे घर के अंदर धावा बोलकर आतंकी से उसकी राइफल छीनी और उसे मार गिराया।</p>
<p><strong>रिकवरी:</strong> मारे गए आतंकी के पास से अमेरिका निर्मित M4 कार्बाइन (US-made M4 Rifle) और भारी मात्रा में गोला-बारूद बरामद हुआ है।</p>
<p><strong>कौन था मारा गया आतंकी उस्मान?</strong><br />मारे गए आतंकी की पहचान पाकिस्तानी मूल के उस्मान के रूप में हुई है। वह 2024 से कठुआ-उधमपुर बेल्ट में सक्रिय था और सुरक्षाबलों पर हुए 6 बड़े आतंकी हमलों का मास्टरमाइंड था। वह हाल ही में बसंतगढ़ में हुई मुठभेड़ के दौरान अपने समूह से अलग हो गया था और अकेले ही हमले की फिराक में था।<br /><br /><strong>'ऑपरेशन 26-26' और देशभर में हाई अलर्ट</strong><br />इंटेलिजेंस इनपुट्स के अनुसार, पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठनों ने गणतंत्र दिवस पर बड़े हमलों की साजिश रची है, जिसे कोडनेम "26-26" दिया गया था।</p>
<p><strong>दिल्ली-NCR: </strong>लाल किले और कर्तव्य पथ के आसपास सुरक्षा का 'सेवेन लेयर' घेरा बनाया गया है।<br />अयोध्या: राम मंदिर की सुरक्षा भी बढ़ाई गई है क्योंकि इसे भी संभावित टारगेट बताया गया था।<br />सर्च ऑपरेशन: पंजाब और जम्मू की सीमाओं पर पुलिस और सेना 'एंटी-टेरर' सर्च ऑपरेशन चला रही है ताकि किसी भी घुसपैठ को नाकाम किया जा सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 24 Jan 2026 19:24:05 +0530</pubDate>
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                <title>Defense Expo 2026: भारत बना हथियारों का बड़ा निर्यातक</title>
                                    <description><![CDATA[पूरी दुनिया में गूंजी 'मेक इन इंडिया' की धमक; 80 से ज्यादा देशों को हथियार बेच रहा है भारत, डिफेंस एक्सपो में दिखी स्वदेशी 'किलर ड्रोन' की ताकत।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/national/defense-expo-2026-india-becomes-big-exporter-of-arms/article-1750"><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/400/2026-01/brahmhos_aur_tejas_ka_hoga_niryat.jpg" alt=""></a><br /><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/2026-01/brahmhos_aur_tejas_ka_hoga_niryat.jpg" alt="brahmhos_aur_tejas_ka_hoga_niryat" width="1200" height="675"/>
Defence Expo: 2026 भारत बना हथियारों का बड़ा निर्यातक

<p> </p>
<p><strong>नई दिल्ली/गांधीनगर:</strong> भारत के रक्षा मंत्रालय ने आज वित्तीय वर्ष 2025-26 के रक्षा निर्यात के आंकड़े जारी किए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान के तहत भारत का रक्षा निर्यात अब ₹35,000 करोड़ के पार निकल गया है। यह 10 साल पहले के आंकड़ों की तुलना में लगभग 20 गुना ज्यादा है। भारत अब केवल हथियार खरीदने वाला देश नहीं, बल्कि दुनिया को 'अचूक' हथियार बेचने वाला देश बन गया है।<br /><br /><strong>दुनिया भर में 'ब्रह्मोस' और 'तेजस' का बोलबाला</strong><br />रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, फिलीपींस को ब्रह्मोस मिसाइल की सफल डिलीवरी के बाद वियतनाम और कई खाड़ी देशों ने भी इसमें रुचि दिखाई है। वहीं, स्वदेशी लड़ाकू विमान LCA तेजस और हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर (LCH) प्रचंड के लिए दक्षिण-पूर्व एशिया और अफ्रीकी देशों से बड़े ऑर्डर मिलने की संभावना है।<br /><br /><strong>डिफेंस एक्सपो 2026: स्वदेशी 'किलर ड्रोन' ने खींचा ध्यान</strong><br />गुजरात में आयोजित हो रहे 'डिफेंस एक्सपो' में भारतीय स्टार्टअप्स ने अपनी तकनीक का लोहा मनवाया है।<br /><br /><strong>आत्मघाती ड्रोन (Kamikaze Drones): </strong>भारतीय कंपनियों ने ऐसे ड्रोन प्रदर्शित किए हैं जो दुश्मन के रडार की पकड़ में आए बिना हमला करने में सक्षम हैं।</p>
<p><strong>आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI):</strong> इस बार एक्सपो की थीम 'AI इन डिफेंस' है, जिसमें रोबोटिक सोल्जर्स और स्वायत्त टैंकों का प्रदर्शन किया जा रहा है।</p>
<p><strong>वैश्विक समीकरणों में भारत का बढ़ता कद</strong><br />रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत का लक्ष्य 2029 तक रक्षा निर्यात को ₹50,000 करोड़ तक ले जाना है। स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) की हालिया रिपोर्ट भी तस्दीक करती है कि भारत अब दुनिया के टॉप 25 हथियार निर्यातक देशों की सूची में मजबूती से अपनी जगह बना चुका है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 24 Jan 2026 17:59:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Pratyakshdarshi Samachar]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>Health Alert: देश के 50 शहरों में 'रेड जोन' में पहुंचा प्रदूषण</title>
                                    <description><![CDATA[दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत के कई शहरों में सांस लेना हुआ दूषित; स्वास्थ्य मंत्रालय की सलाह- बुजुर्ग और बच्चे घर से बाहर निकलने में बरतें सावधानी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/national/health-alert-pollution-reaches-red-zone-in-50-cities-of/article-1749"><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/400/2026-01/most_polluted_cities_in_india.jpg" alt=""></a><br /><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/2026-01/most_polluted_cities_in_india.jpg" alt="most_polluted_cities_in_india" width="800" height="435"/>
देश के 50 शहरों में प्रदूषण रेड जोन तक

<p> </p>
<div><strong>नई दिल्ली:</strong> जनवरी के आखिरी हफ्ते में कड़ाके की ठंड के साथ-साथ प्रदूषण ने भी विकराल रूप धारण कर लिया है। आज जारी केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली, नोएडा, कानपुर, लखनऊ और पटना समेत 50 बड़े शहरों का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 'गंभीर' (Severe) श्रेणी में दर्ज किया गया है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि कम हवा की गति और नमी के कारण प्रदूषक कण (PM 2.5) सतह के करीब जमा हो गए हैं।<br /><br /><strong>केंद्र सरकार की नई 'क्लीन एयर' नीति 2026</strong><br />बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए केंद्र सरकार ने आज 'नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम (NCAP) 2.0' की गाइडलाइंस जारी की हैं। इसके तहत:<br /><br /><strong>GRAP-4 लागू: </strong>दिल्ली-NCR में निर्माण कार्यों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है।<br />इलेक्ट्रिक मोबिलिटी: शहरों में सार्वजनिक परिवहन के लिए केवल ई-बसों और सीएनजी वाहनों को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया गया है।</div>
<div> </div>
<div><strong>ग्रीन बेल्ट:</strong> नगर निगमों को शहरी क्षेत्रों में 'मियांवाकी' तकनीक से छोटे जंगल विकसित करने के लिए विशेष बजट आवंटित किया गया है।</div>
<div><br /><strong>डॉक्टरों की चेतावनी: बढ़ रहे हैं अस्थमा और हार्ट अटैक के मामले</strong><br />एम्स (AIIMS) दिल्ली के विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि खराब हवा के कारण अस्पतालों में सांस के मरीजों की संख्या में 30% की वृद्धि हुई है।<br /><br /><strong>मास्क का उपयोग:</strong> डॉक्टरों ने घर से बाहर निकलने पर N-95 मास्क पहनने की सलाह दी है।<br />डाइट टिप्स: प्रदूषण के प्रभाव को कम करने के लिए विटामिन-C युक्त फल और गुड़ का सेवन करने का सुझाव दिया गया है।</div>
<div> </div>
<div><strong>सुप्रीम कोर्ट सख्त: "सिर्फ कागजों पर न रहे एक्शन"</strong><br />प्रदूषण के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने भी स्वतः संज्ञान लिया है। कोर्ट ने राज्यों को फटकार लगाते हुए कहा कि पराली जलाने और औद्योगिक उत्सर्जन पर नियंत्रण के लिए जमीनी स्तर पर काम होना चाहिए, न कि केवल बैठकों में।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 24 Jan 2026 17:38:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Pratyakshdarshi Samachar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Budget 2026: बजट से पहले आम आदमी को राहत</title>
                                    <description><![CDATA[वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पेश करेंगी मोदी सरकार 3.0 का तीसरा पूर्ण बजट; 'मिडिल क्लास' की उम्मीदों और '8% GDP ग्रोथ' के लक्ष्य पर टिकी दुनिया की नजर।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/national/relief-to-the-common-man-before-budget-2026/article-1748"><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/400/2026-01/union-budget-2026-benefits.webp" alt=""></a><br /><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/2026-01/union-budget-2026-benefits.webp" alt="union-budget-2026-benefits" width="1920" height="1200"/>
नये बजट के पहले आम आदमी को राहत

<p> </p>
<p><strong>नई दिल्ली:</strong> केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, भारत की खुदरा महंगाई दर (CPI) जनवरी 2026 में घटकर 3.9% पर आ गई है। यह पिछले 20 महीनों का सबसे निचला स्तर है। खाद्य वस्तुओं, विशेषकर खाद्य तेलों और दालों की कीमतों में स्थिरता ने सरकार और आम जनता दोनों को बड़ी राहत दी है।<br /><br /><strong>बजट 2026: क्या है पिटारे में?</strong><br />आगामी बजट सत्र को लेकर वित्त मंत्रालय में हलचल तेज है। सूत्रों के मुताबिक, इस बार के बजट में 'विकसित भारत' के विजन को ध्यान में रखते हुए तीन मुख्य क्षेत्रों पर जोर दिया जाएगा:<br /><br /><strong>इनकम टैक्स में छूट: </strong>मध्यम वर्ग को बड़ी राहत देते हुए 'Standard Deduction' की सीमा को ₹50,000 से बढ़ाकर ₹1,00,000 किए जाने की संभावना है।<br />इंफ्रास्ट्रक्चर पर रिकॉर्ड खर्च: पीएम गति शक्ति योजना के तहत रेलवे और हाईवे के लिए फंड में 15-20% की बढ़ोतरी हो सकती है।</p>
<p><strong>एग्रीकल्चर स्टार्टअप्स:</strong> ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए खेती में AI और ड्रोन तकनीक के उपयोग के लिए विशेष पैकेज की घोषणा संभव है।</p>
<p><strong>GDP ग्रोथ: भारत बना 'ग्लोबल ग्रोथ इंजन'</strong><br />विश्व बैंक और IMF की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, भारत साल 2026 में 8% की GDP विकास दर के साथ दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बना रहेगा। विनिर्माण (Manufacturing) और सेवा क्षेत्र (Services) में आए उछाल ने भारत को '5 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी' के लक्ष्य के और करीब पहुंचा दिया है।<br /><br /><strong>शेयर बाजार में उत्साह</strong><br />बजट और महंगाई के सकारात्मक आंकड़ों का असर दलाल स्ट्रीट पर भी दिख रहा है। सेंसेक्स (Sensex) ने आज 82,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर लिया है, जबकि निफ्टी (Nifty) 25,000 के ऊपर कारोबार कर रहा है। विदेशी निवेशकों (FIIs) का भारतीय बाजार में भरोसा फिर से लौटा है।    </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 24 Jan 2026 17:20:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Pratyakshdarshi Samachar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Gaganyaan-1 Launch: अंतरिक्ष में भारत की ऐतिहासिक छलांग</title>
                                    <description><![CDATA[श्रीहरिकोटा से लॉन्च होगा 'व्योममित्र' रोबोट; गगनयान मिशन के जरिए भारत बनेगा अंतरिक्ष में इंसान भेजने वाला चौथा देश]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/national/gaganyaan-1-launch-indias-historic-leap-into-space/article-1747"><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/400/2026-01/gaganyaan_indias_top_space_mission.jpg" alt=""></a><br /><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/2026-01/gaganyaan_indias_top_space_mission.jpg" alt="gaganyaan_indias_top_space_mission" width="1200" height="900"/>
गगनयान के जरिये भारत बनेगा विश्व का चौथा देश

<p> </p>
<p><strong>बेंगलुरु/श्रीहरिकोटा: </strong>भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने आज घोषणा की है कि भारत के पहले मानवयुक्त अंतरिक्ष मिशन 'गगनयान' के पहले चरण (Gaganyaan-1) की लॉन्चिंग प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इसरो चीफ एस. सोमनाथ ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि फरवरी 2026 के पहले सप्ताह में यह मानवरहित मिशन अंतरिक्ष के लिए रवाना होगा।<br /><br /><strong>'व्योममित्र' बनेगी भारत की पहली अंतरिक्ष यात्री</strong><br />इस मिशन की सबसे खास बात इसमें जाने वाली 'व्योममित्र' (Vyommitra) है। यह एक महिला रोबोट (Humanoid) है, जिसे इसरो ने विशेष रूप से विकसित किया है।<br /><br /><strong>काम क्या होगा?</strong> यह रोबोट अंतरिक्ष यान के अंदर ठीक वैसे ही काम करेगा जैसे एक इंसान करता है। यह लाइफ सपोर्ट सिस्टम, पैनल ऑपरेशन्स और अंतरिक्ष के वातावरण का डेटा इकट्ठा करेगी।<br />सुरक्षा जांच: इस मिशन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि क्या हमारा 'क्रू मॉड्यूल' इंसानों के रहने के लिए पूरी तरह सुरक्षित है।</p>
<p><br /><strong>भारत रचेगा इतिहास: दुनिया की नजरें टिकीं</strong><br />अगर गगनयान के सभी चरण (G1, G2 और अंत में मानव मिशन) सफल रहते हैं, तो भारत अमेरिका, रूस और चीन के बाद अंतरिक्ष में इंसान भेजने वाला दुनिया का चौथा देश बन जाएगा।<br /><br /><strong>LVM3 रॉकेट का उपयोग: </strong>इस मिशन के लिए भारत के सबसे शक्तिशाली रॉकेट LVM3 (Launch Vehicle Mark 3) का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिसे 'बाहुबली' रॉकेट भी कहा जाता है।<br />लैंडिंग: अंतरिक्ष में चक्कर लगाने के बाद यह मॉड्यूल बंगाल की खाड़ी में लैंड करेगा, जहां भारतीय नौसेना इसे रिकवर करेगी।</p>
<p><strong>पीएम मोदी का 'स्पेस विजन 2040'</strong><br />प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसरो के वैज्ञानिकों को बधाई देते हुए कहा कि "गगनयान सिर्फ एक मिशन नहीं है, यह 140 करोड़ भारतीयों की आकांक्षाओं की उड़ान है।" भारत का लक्ष्य 2035 तक अपना अंतरिक्ष स्टेशन बनाना और 2040 तक चंद्रमा पर भारतीय को उतारना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 24 Jan 2026 16:58:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Pratyakshdarshi Samachar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Republic Day 2026: कर्तव्य पथ पर दिखेगी 'वंदे मातरम' की 150 साल की यात्रा; पहली बार यूरोपीय संघ के प्रमुख होंगे मुख्य अतिथि</title>
                                    <description><![CDATA[भारत अपने 77वें गणतंत्र दिवस के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार है। इस साल का समारोह न केवल सैन्य शक्ति का प्रदर्शन होगा, बल्कि यह राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' के 150 वर्ष पूरे होने का जश्न भी मनाएगा। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस बार कर्तव्य पथ पर होने वाली परेड की थीम सांस्कृतिक पुनरुत्थान और 'आत्मनिर्भर भारत' पर केंद्रित होगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/national/republic-day-2026/article-1746"><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/400/2026-01/9d0mpmtg_republic-day-2024_625x3.jpg" alt=""></a><br /><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/2026-01/9d0mpmtg_republic-day-2024_625x3.jpg" alt="9d0mpmtg_republic-day-2024_625x3" width="545" height="307"/>
इस बार गणतंत्र दिवस पर दिखेंगे बेहद खास झलकियां

<p> </p>
<p><strong>नई दिल्ली: </strong>भारत अपने 77वें गणतंत्र दिवस के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार है। इस साल का समारोह न केवल सैन्य शक्ति का प्रदर्शन होगा, बल्कि यह राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' के 150 वर्ष पूरे होने का जश्न भी मनाएगा। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस बार कर्तव्य पथ पर होने वाली परेड की थीम सांस्कृतिक पुनरुत्थान और 'आत्मनिर्भर भारत' पर केंद्रित होगी।</p>
<p><strong>मुख्य अतिथि: भारत-EU संबंधों का नया अध्याय</strong><br />इस साल गणतंत्र दिवस के अवसर पर यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। यह पहली बार है जब यूरोपीय संघ (EU) के दो शीर्ष नेता एक साथ परेड की शोभा बढ़ाएंगे। परेड के अगले दिन यानी 27 जनवरी को 16वां भारत-EU शिखर सम्मेलन भी आयोजित किया जाएगा।<br /><br /> <br /><strong>परेड की खास बातें: क्या होगा नया?</strong><br />वंदे मातरम थीम: परेड के दौरान 1923 में बनाए गए वंदे मातरम के दुर्लभ चित्रों और दृश्यों को प्रदर्शित किया जाएगा।<br /><br /> <br /><strong>सैन्य शक्ति: </strong>पहली बार भारतीय सेना 'फेज्ड बैटल एरे फॉर्मेशन' (Phased Battle Array Formation) का प्रदर्शन करेगी, जिसमें मैकेनाइज्ड और कैवलरी कॉलम शामिल होंगे।<br /><br /> <br /><strong>झांकियां:</strong> कुल 30 झांकियां निकलेंगी, जिनमें 17 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की और 13 मंत्रालयों की होंगी।<br /><br /> <br /><strong>विशेष अतिथि:</strong> समाज के विभिन्न वर्गों के 10,000 'विशिष्ट मेहमान' (इनोवेटर्स, किसान और वैज्ञानिक) इस बार वीआईपी गैलरी में बैठेंगे।<br /><br /> <br /><strong>सुरक्षा का कड़ा पहरा: चप्पे-चप्पे पर नजर</strong><br />गणतंत्र दिवस को देखते हुए दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने सुरक्षा का घेरा सख्त कर दिया है।<br /><br /><strong>फेशियल रिकग्निशन:</strong> सुरक्षा के लिए आधुनिक फेशियल रिकग्निशन कैमरों और एंटी-ड्रोन यूनिट्स को तैनात किया गया है।<br />फुल ड्रेस रिहर्सल: आज (24 जनवरी) दिल्ली के कर्तव्य पथ और लखनऊ के विधानसभा मार्ग पर भव्य फुल ड्रेस रिहर्सल की गई, जिसमें मार्चिंग टुकड़ियों ने अपनी तैयारी को अंतिम रूप दिया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 24 Jan 2026 16:45:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Pratyakshdarshi Samachar]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>अखिलेश का 'अग्निपरीक्षा' दांव बनाम पीएम मोदी का 'रोजगार' प्रहार; यूपी दिवस पर गरमाई सियासत!</title>
                                    <description><![CDATA[अखिलेश यादव ने 2027 को बताया 'लोकतंत्र की अग्निपरीक्षा'; यूपी की राजनीति में 80 बनाम 20 का नया अध्याय]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/politics/akhileshs-litmus-test-vs-pm-modis-employment-attack-politics-heated/article-1745"><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/400/2026-01/akhilesh_on_pm_modi-up-election-2027.jpg" alt=""></a><br /><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/2026-01/akhilesh_on_pm_modi-up-election-2027.jpg" alt="akhilesh_on_pm_modi-up-election-2027" width="1200" height="675"/>
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 61000 युवाओं को दिया नियुक्ति पत्र, अखिलेश ने दिया बयान

<p> </p>
<p>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 18वें रोजगार मेले के तहत देश के 61,000 से अधिक युवाओं को सरकारी विभागों में नियुक्ति पत्र सौंपे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबोधित करते हुए पीएम ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता 'रोजगार सृजन' है। विशेष रूप से उत्तर प्रदेश के स्थापना दिवस (UP Day 2026) पर पीएम ने प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि यूपी अब 'बीमारू' राज्य की छवि से बाहर निकलकर 'विकसित उत्तर प्रदेश' बन चुका है।<br /><br /><strong> अखिलेश यादव का पलटवार: "2027 लोकतंत्र की अग्निपरीक्षा"</strong><br />इधर, लखनऊ में समाजवादी पार्टी के मुख्यालय में हलचल तेज रही। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए रणनीति तैयार करते हुए इसे 'अग्निपरीक्षा' करार दिया।<br /><br /> <strong>PDA का मंत्र:</strong> अखिलेश ने दोहराया कि पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक (PDA) का गठबंधन ही भाजपा के 'अहंकार' को तोड़ेगा।<br /><br /><strong> सांसदों को निर्देश:</strong> उन्होंने अपने सांसदों को 24x7 फील्ड में रहने और जनता के बीच 'संयमित भाषा' का इस्तेमाल करने की नसीहत दी है।</p>
<p><strong>संभल हिंसा और न्यायिक स्वतंत्रता पर संग्राम</strong><br />आज की राजनीति का एक और गर्म मुद्दा संभल के CJM विभ्यांशु सुधीर का तबादला रहा। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरोप लगाया कि जिन्होंने पुलिस पर FIR का आदेश दिया, उनका तबादला करना 'न्यायिक स्वतंत्रता पर हमला' है। विपक्षी दल अब इस मुद्दे को 2027 के चुनाव में कानून-व्यवस्था के बड़े हथियार के रूप में देख रहे हैं।<br /><br /> <br /><strong>2027 की बिसात: '80 बनाम 20' और चुनावी यात्राएं</strong><br />बीजेपी और विपक्षी खेमे अब पूरी तरह चुनावी मोड में हैं:<br /><br /><strong>बीजेपी का मास्टर प्लान: </strong>सीएम योगी ने '80 बनाम 20' के नैरेटिव के साथ बहुसंख्यक वोट बैंक को साधने का संकेत दिया है।<br /><br /> <br /><strong>सपा-कांग्रेस की यात्राएं:</strong> मकर संक्रांति के बाद से ही विपक्षी दल गांव-गांव जाकर संपर्क अभियान और 'धन्यवाद सभाएं' कर रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>उत्तरप्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.pratyakshdarshisamachar.com/politics/akhileshs-litmus-test-vs-pm-modis-employment-attack-politics-heated/article-1745</link>
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                <pubDate>Sat, 24 Jan 2026 16:30:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Pratyakshdarshi Samachar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बॉक्स ऑफिस पर सनी देओल की दहाड़</title>
                                    <description><![CDATA[सनी देओल के पोस्टर का दूध से अभिषेक, कहीं तिरंगा लेकर झूमे फैंस तो कहीं वरुण धवन ने छुए पैर; जानें फिल्म के पहले दिन का कलेक्शन और क्रेज।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/entertainment/sunny-deols-roar-at-the-box-office/article-1744"><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/400/2026-01/border-2-opening-collection.jpg" alt=""></a><br /><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/2026-01/border-2-opening-collection.jpg" alt="border-2-opening-collection" width="480" height="240"/>
बॉर्डर 2 ने पहले ही दिन जीता दर्शकों का दिल

<p> </p>
<p><strong>मुंबई/दिल्ली:</strong> बॉलीवुड के 'एंग्री यंग मैन' सनी देओल एक बार फिर बॉक्स ऑफिस के सुल्तान बनकर उभरे हैं। 23 जनवरी को रिलीज हुई बहुप्रतीक्षित फिल्म 'बॉर्डर 2' ने सिनेमाघरों में वो तूफान खड़ा किया है जिसकी उम्मीद ट्रेड एनालिस्ट्स को भी नहीं थी। फिल्म के प्रति दीवानगी का आलम यह है कि फैंस सनी देओल के पोस्टर्स को दूध से नहला रहे हैं और ढोल-नगाड़ों के साथ थिएटर पहुंच रहे हैं।<br /><br /><strong>वरुण धवन ने छुए सनी पाजी के पैर, वीडियो वायरल</strong><br />फिल्म की स्पेशल स्क्रीनिंग के दौरान एक भावुक पल कैमरे में कैद हुआ, जब युवा अभिनेता वरुण धवन ने सीनियर एक्टर सनी देओल के सम्मान में उनके पैर छुए। इस वीडियो ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है। फिल्म में सनी देओल के साथ वरुण धवन, दिलजीत दोसांझ और अहान शेट्टी मुख्य भूमिकाओं में हैं। अहान को स्क्रीन पर देख उनके पिता सुनील शेट्टी भी काफी भावुक नजर आए।<br /><br /><strong>फैंस का अनोखा स्वागत:</strong> कोई तोप लाया, कोई तिरंगा<br />सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियोज में देखा जा सकता है कि:<br /><br /><strong>दूध से अभिषेक:</strong> कई शहरों में फैंस ने सनी देओल के विशाल पोस्टर्स पर फूल माला चढ़ाई और दूध चढ़ाया।</p>
<p><strong>तोप के साथ एंट्री:</strong> पंजाब के एक सिनेमाघर में फैंस तोप की डमी लेकर फिल्म देखने पहुंचे, जो आकर्षण का केंद्र बना रहा।<br />तिरंगा और राष्ट्रभक्ति: गणतंत्र दिवस (Republic Day 2026) से ठीक पहले रिलीज हुई इस फिल्म ने दर्शकों में देशभक्ति का जज्बा भर दिया है। लोग सिनेमाघरों के अंदर तिरंगा लहराते और 'हिंदुस्तान जिंदाबाद' के नारे लगाते नजर आ रहे हैं।</p>
<p><strong>बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट:</strong> पहले दिन की कमाई ने चौंकाया</p>
<p>प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार, 'बॉर्डर 2' ने पहले दिन रिकॉर्ड तोड़ ओपनिंग की है। फिल्म ने न केवल साल 2026 की सबसे बड़ी ओपनिंग ली है, बल्कि कई पुरानी ब्लॉकबस्टर फिल्मों के रिकॉर्ड भी खतरे में डाल दिए हैं। ट्रेड एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह फिल्म पहले वीकेंड पर ही 100 करोड़ का आंकड़ा पार कर सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मनोरंजन</category>
                                    

                <link>https://www.pratyakshdarshisamachar.com/entertainment/sunny-deols-roar-at-the-box-office/article-1744</link>
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                <pubDate>Sat, 24 Jan 2026 16:09:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Pratyakshdarshi Samachar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गणतंत्र दिवस से पहले पंजाब में दहला रेलवे ट्रैक, सरहिंद में मालगाड़ी के पास धमाका; आतंकी साजिश या तकनीकी खराबी?</title>
                                    <description><![CDATA[ गणतंत्र दिवस के जश्न से महज दो दिन पहले पंजाब के सरहिंद में एक संदिग्ध धमाके ने सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं। शुक्रवार रात करीब 9:00 बजे सरहिंद रेलवे स्टेशन की एक आउटर लाइन पर उस समय जोरदार धमाका हुआ, जब वहां से एक मालगाड़ी का इंजन गुजर रहा था। धमाका इतना शक्तिशाली था कि इंजन के शीशे चकनाचूर हो गए और ट्रैक को भी नुकसान पहुंचा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/state/punjab/terrorist-conspiracy-or-technical-fault-explosion-near-goods-train-in/article-1743"><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/400/2026-01/punjab-railway-track-blast.jpg" alt=""></a><br /><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/2026-01/punjab-railway-track-blast.jpg" alt="punjab-railway-track-blast" width="400" height="225"/>
गणतंत्र दिवस के पहले पंजाब में रेलवे ट्रैक पर हुये धमाके के बाद पुलिस हाई अलर्ट पर

<p> </p>
<div><strong>पंजाब (सरहिंद):</strong> गणतंत्र दिवस के जश्न से महज दो दिन पहले पंजाब के सरहिंद में एक संदिग्ध धमाके ने सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं। शुक्रवार रात करीब 9:00 बजे सरहिंद रेलवे स्टेशन की एक आउटर लाइन पर उस समय जोरदार धमाका हुआ, जब वहां से एक मालगाड़ी का इंजन गुजर रहा था। धमाका इतना शक्तिशाली था कि इंजन के शीशे चकनाचूर हो गए और ट्रैक को भी नुकसान पहुंचा है।<br /><br /><strong>लोको पायलट घायल, पुलिस और FSL की टीमें मौके पर</strong><br />हादसे में मालगाड़ी के सेफ्टी ऑफिसर (DFCC) अनिल शर्मा को मामूली चोटें आई हैं, जिनका प्राथमिक उपचार किया गया है। राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) को घटना की सूचना रात 11 बजे मिली, जिसके बाद रोपड़ रेंज के DIG नानक सिंह समेत भारी पुलिस बल और फॉरेंसिक विशेषज्ञों (FSL) की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने अज्ञात हमलावरों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।<br /><br /><strong>दो पहलुओं पर टिकी है जांच:</strong> आतंकी हमला या तकनीकी फाल्ट?<br />सुरक्षा एजेंसियां फिलहाल दो मुख्य थ्योरी पर काम कर रही हैं:<br /><br /><strong>आतंकी साजिश:</strong> गणतंत्र दिवस के मद्देनजर पहले से ही देशभर में अलर्ट है। मौके से जुटाए गए सबूतों की जांच की जा रही है ताकि विस्फोटक के प्रकार का पता लगाया जा सके।<br />तकनीकी खराबी: रेलवे के विशेषज्ञों का एक दल इस बात की भी जांच कर रहा है कि कहीं इंजन के किसी हिस्से या ट्रैक की तकनीकी खामी के कारण तो यह धमाका नहीं हुआ।<br />राहत की बात: यह धमाका उस पटरी पर हुआ है जो विशेष रूप से मालगाड़ियों के लिए (Dedicated Freight Corridor) है। यात्री ट्रेनों और आम जनता को इससे कोई खतरा नहीं हुआ है।<br /><br /><strong>धमाके पर गरमाई पंजाब की सियासत</strong><br />इस घटना ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं और विपक्षी दलों ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है।<br /><br /><strong>राजा वड़िंग (प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष):</strong> "यह कोई सामान्य अपराध नहीं है, बल्कि पंजाब की शांति को भंग करने की बड़ी साजिश है। राज्य सरकार अराजकता रोकने में नाकाम हो रही है।"</div>
<div><br /><strong>सुखबीर सिंह बादल (अकाली दल प्रधान):</strong> "दशकों की मेहनत के बाद बहाल हुई शांति अब खतरे में है। गणतंत्र दिवस से पहले सुरक्षा में यह सेंध अस्वीकार्य है। सरकार की जवाबदेही तय होनी चाहिए।"</div>
<div> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पंजाब </category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 24 Jan 2026 15:36:48 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>उच्च शिक्षण संस्थानों में जातिगत भेदभाव पर नया कानून लागू</title>
                                    <description><![CDATA[अब SC-ST के साथ OBC को भी मिला सुरक्षा कवच, देशभर के विश्वविद्यालयों में 'समानता समिति' का गठन अनिवार्य; सवर्ण संगठनों ने जताया दुरुपयोग का डर।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/national/new-law-on-caste-discrimination-implemented-in-higher-educational-institutions/article-1742"><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/400/2026-01/ugc-controversy_for_new_rule.jpg" alt=""></a><br /><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/2026-01/ugc-controversy_for_new_rule.jpg" alt="UGC-controversy_for_new_rule" width="440" height="248"/>
यूजीसी के नये नियमों ने शिक्षण संस्थानों के साथ राजनीतिक गलियारे में माहौल गरमा दिया है।

<p> </p>
<p>विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा 15 जनवरी 2026 से लागू किए गए 'उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने के नियम 2026' ने देश की राजनीति और शैक्षणिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। उत्तर प्रदेश में इस कानून को लेकर विरोध के स्वर मुखर होने लगे हैं। गाजियाबाद के डासना देवी पीठ के पीठाधीश्वर यति नरसिंहानंद गिरि को पुलिस ने उस समय नजरबंद कर दिया, जब वे इस एक्ट के विरोध में दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनशन करने जा रहे थे। उन्होंने योगी सरकार पर सवर्ण समाज की आवाज दबाने का आरोप लगाया है।<br /><br /><strong>क्या है UGC का नया 'समानता नियम 2026'?</strong><br />यूजीसी ने उच्च शिक्षण संस्थानों में जातिगत भेदभाव को जड़ से खत्म करने के लिए यह कड़ा कदम उठाया है। इस कानून की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि अब अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के साथ-साथ अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) को भी जातिगत भेदभाव की परिभाषा में कानूनी तौर पर शामिल किया गया है।<br /><br /><strong>नए नियमों की मुख्य बातें:</strong><br />शिकायत का अधिकार: अब OBC छात्र, शिक्षक और कर्मचारी भी भेदभाव की स्थिति में सक्षम प्राधिकारी के पास शिकायत दर्ज करा सकेंगे।</p>
<p><strong>समान अवसर प्रकोष्ठ: </strong>हर संस्थान में SC, ST और OBC के लिए अलग से 'इक्वल अपॉर्चुनिटी सेल' बनाना अनिवार्य होगा।<br />समानता समिति: यूनिवर्सिटी स्तर पर एक समिति बनेगी जिसमें OBC, महिला, SC-ST और दिव्यांग वर्ग के प्रतिनिधि शामिल होंगे।</p>
<p><strong>छमाही रिपोर्ट:</strong> हर 6 महीने में संस्थानों को अपनी रिपोर्ट यूजीसी को भेजनी होगी।</p>
<p><br /><strong>क्यों हो रहा है विरोध?</strong> 'S-4' का गठन और दुरुपयोग की आशंका<br />जहाँ एक तरफ इसे सामाजिक न्याय की दिशा में बड़ा कदम बताया जा रहा है, वहीं सवर्ण समाज के संगठनों ने इसे लेकर मोर्चा खोल दिया है। जयपुर में करणी सेना, ब्राह्मण महासभा और वैश्य संगठनों ने मिलकर 'सवर्ण समाज समन्वय समिति (S-4)' बनाई है।<br /><br /><strong>विरोधियों का तर्क है:</strong><br />इस कानून का राजनीतिक दुरुपयोग हो सकता है।<br />अगड़ी जातियों के छात्रों और फैकल्टी को झूठे मामलों में फंसाया जा सकता है।<br />सोशल मीडिया पर स्वामी आनंद स्वरूप जैसे प्रभावशाली लोग इसे सवर्णों के खिलाफ एक साजिश करार दे रहे हैं।</p>
<p>आंकड़े दे रहे हैं गवाही: क्यों पड़ी इस कानून की जरूरत?<br />विरोध के बीच यूजीसी के आंकड़े इस कानून की आवश्यकता को सही ठहराते हैं। सुप्रीम कोर्ट और संसदीय समिति को दी</p>
<p><strong> गई रिपोर्ट के अनुसार:</strong><br />पिछले 5 वर्षों में जातिगत भेदभाव की शिकायतों में 118.4% की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।<br />वर्ष 2019-20 में जहां 173 शिकायतें थीं, वहीं 2023-24 में यह संख्या बढ़कर 378 हो गई।<br />हैरानी की बात यह है कि आजादी के इतने वर्षों बाद भी उच्च शिक्षा में वंचित वर्गों की भागीदारी 15% से अधिक नहीं हो सकी है।</p>
<p><br /><strong>यूपी चुनाव 2027 और राजनीतिक मायने</strong><br />उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले इस कानून का आना राजनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील माना जा रहा है। सवर्णों की नाराजगी और पिछड़ों के अधिकारों के बीच संतुलन बनाना सरकार के लिए बड़ी चुनौती होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                    

                <link>https://www.pratyakshdarshisamachar.com/national/new-law-on-caste-discrimination-implemented-in-higher-educational-institutions/article-1742</link>
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                <pubDate>Sat, 24 Jan 2026 14:56:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Pratyakshdarshi Samachar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>काशी विश्वनाथ धाम में श्रृंगार गौरी पूजन संग नौ दिवसीय रामकथा का शुभारंभ</title>
                                    <description><![CDATA[श्री काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में शनिवार से नौ दिवसीय श्रीराम कथा का विधिवत शुभारंभ श्रृंगार गौरी माता के पूजन के साथ हुआ। परंपराओं के अनुरूप प्रशासन की अनुमति से वर्ष में निर्धारित दिनों में होने वाले श्रृंगार गौरी पूजन के अवसर पर इस रामकथा की शुरुआत की गई। बाबा काशी विश्वनाथ के धाम में कथा वाचकों द्वारा रामकथा का रसपान कराया जा रहा है, जिससे संपूर्ण परिसर भक्तिरस में डूब गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/%E0%A4%A7%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AE/inauguration-of-nine-day-ramkatha-with-shringaar-gauri-worship-in-kashi/article-1741"><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/400/2026-01/sringar-gauri-baba_vishwanath_katha.jpg" alt=""></a><br /><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/2026-01/sringar-gauri-baba_vishwanath_katha.jpg" alt="baba_vishwanath_ram-katha" width="640" height="360"/>
श्रंगार गौरी पूजन के साथ ही हुआ भव्य राम कथा का श्री गणेश

<p> </p>
<p><strong>वाराणसी।</strong><br />श्री काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में शनिवार से नौ दिवसीय श्रीराम कथा का विधिवत शुभारंभ श्रृंगार गौरी माता के पूजन के साथ हुआ। परंपराओं के अनुरूप प्रशासन की अनुमति से वर्ष में निर्धारित दिनों में होने वाले श्रृंगार गौरी पूजन के अवसर पर इस रामकथा की शुरुआत की गई। बाबा काशी विश्वनाथ के धाम में कथा वाचकों द्वारा रामकथा का रसपान कराया जा रहा है, जिससे संपूर्ण परिसर भक्तिरस में डूब गया है।<br /><br /><br /><strong>111 ब्राह्मणों के वैदिक मंत्रोच्चार से हुआ पूजन</strong><br />श्री काशी सत्संग मंडल के तत्वावधान में आयोजित श्री रामचरितमानस नवाहन पारायण ज्ञान महायज्ञ के 68वें वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित इस कार्यक्रम की शुरुआत माता श्रृंगार गौरी के पूजन से हुई। पूजन के दौरान 11 नारियल अर्पित किए गए तथा धूप, दीप और भोग अर्पण के साथ 111 ब्राह्मणों ने वैदिक मंत्रोच्चार किया।<br /><br />इसके बाद नंदी महाराज का दर्शन-पूजन एवं भोग आरती संपन्न हुई। इस दौरान मंदिर परिसर “जय श्रीराम”, “श्रृंगार गौरी माता की जय” और “हर हर महादेव” के जयघोष से गूंज उठा।<br /><br /><br /><strong>विश्व शांति के संकल्प के साथ नौ दिवसीय महायज्ञ</strong><br />विश्वनाथ मंदिर की परिक्रमा के पश्चात श्रीराम कथा एवं विश्व शांति के उद्देश्य से नौ दिवसीय महायज्ञ का विधिवत उद्घाटन किया गया। उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में हरिद्वार से पधारे स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती शामिल हुए।<br /><br />इस अवसर पर महामंडलेश्वर अरुण दास जी महाराज (प्रयाग पीठाधीश्वर योगीराज पागल बाबा), आचार्य सूर्यलाल जी मिश्र, सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी अयोध्या से डॉ. देवेशाचार्य जी महाराज, कथा व्यास एवं ज्योतिषाचार्य आचार्य विपिन वशिष्ठ सहित अनेक संत-महात्मा और विद्वान आचार्य मौजूद रहे।<br /><br /><br /><strong>राजनीतिक व सामाजिक हस्तियों की रही मौजूदगी</strong><br />कार्यक्रम में भाजपा नेता संजय गुप्ता, साधना गुप्ता एवं वाराणसी के पूर्व महापौर प्रत्याशी सहित कई सामाजिक एवं राजनीतिक हस्तियां भी उपस्थित रहीं। मंदिर प्रशासन द्वारा सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए थे। पुलिस, सीआरपीएफ, खुफिया एवं इंटेलिजेंस विभाग के जवान पूरे परिसर में तैनात रहे।<br /><br /><br /><strong>अतिथियों का सम्मान, श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़</strong><br />संस्थान के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. देवेंद्र कुमार पाठक एवं मीडिया प्रभारी डॉ. प्रकाश पांडे ने मुख्य अतिथियों का अंगवस्त्र भेंट कर स्वागत किया। श्रीराम दरबार की प्रतिमा भेंट कर अतिथियों का सम्मान किया गया। कार्यक्रम में मानस व्यास पंडित रवि मिश्र, ब्रजेश उपाध्याय, सर्वज्ञ मिश्र, लल्लन प्रसाद प्रजापति सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।<br /><br /><br /><strong>आस्था और संस्कृति का दुर्लभ संगम</strong><br />रामकथा के माध्यम से श्रद्धालुओं को भगवान श्रीराम के जीवन, मर्यादा और आदर्शों से जुड़ने का अवसर मिलेगा। काशी विश्वनाथ मंदिर में आयोजित यह रामकथा धार्मिक ही नहीं बल्कि सांस्कृतिक दृष्टि से भी विशेष महत्व रखती है। नौ दिनों तक चलने वाले इस महायज्ञ में श्रद्धा और सनातन परंपराओं का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>धर्म</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 24 Jan 2026 14:27:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Pratyakshdarshi Samachar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>परंपरागत युद्ध में भारत को नहीं हरा सकता पाकिस्तान</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong> 12 जनवरी 2026</strong> पाकिस्तान के परमाणु हथियारों को लेकर अक्सर दुनिया भर में बहस होती है, लेकिन अब पाकिस्तान के ही एक वरिष्ठ पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक <strong>नजम सेठी</strong> ने इस पर से पर्दा उठा दिया है। सेठी ने साफ तौर पर स्वीकार किया है कि पाकिस्तान का परमाणु बम कोई 'इस्लामिक बम' नहीं है, बल्कि यह शुद्ध रूप से एक <strong>'एंटी-इंडिया बम'</strong> है।</p>
<p>पाकिस्तानी टीवी चैनल 'दुनिया न्यूज' से बातचीत करते हुए नजम सेठी ने पाकिस्तान की सैन्य कमजोरी को दुनिया के सामने रखा। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान यह हकीकत जानता है कि वह परंपरागत युद्ध (Conventional War) में</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p><strong> 12 जनवरी 2026</strong> पाकिस्तान के परमाणु हथियारों को लेकर अक्सर दुनिया भर में बहस होती है, लेकिन अब पाकिस्तान के ही एक वरिष्ठ पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक <strong>नजम सेठी</strong> ने इस पर से पर्दा उठा दिया है। सेठी ने साफ तौर पर स्वीकार किया है कि पाकिस्तान का परमाणु बम कोई 'इस्लामिक बम' नहीं है, बल्कि यह शुद्ध रूप से एक <strong>'एंटी-इंडिया बम'</strong> है।</p>
<p>पाकिस्तानी टीवी चैनल 'दुनिया न्यूज' से बातचीत करते हुए नजम सेठी ने पाकिस्तान की सैन्य कमजोरी को दुनिया के सामने रखा। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान यह हकीकत जानता है कि वह परंपरागत युद्ध (Conventional War) में भारत का मुकाबला नहीं कर सकता।</p>
<p>नजम सेठी के अनुसार, "हम पारंपारिक जंग में भारत को कभी नहीं रोक सकते। यही कारण है कि हमें कभी भी 'नो फर्स्ट यूज' (No First Use) पॉलिसी पर हस्ताक्षर नहीं करना चाहिए।"</p>
<p>दुनिया के कई परमाणु शक्ति संपन्न देशों ने एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं कि वे युद्ध की स्थिति में 'पहले' परमाणु हमला नहीं करेंगे। भारत भी इस नीति का पालन करता है। लेकिन पाकिस्तान इससे हमेशा बचता रहा है।</p>
<p>सेठी ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान अपनी 'पहले परमाणु हमला करने' की धमकी को एक रक्षात्मक कवच की तरह इस्तेमाल करता है। अगर वह 'नो फर्स्ट यूज' पर हस्ताक्षर कर देता है, तो उसकी भारत को डराने की एकमात्र शक्ति खत्म हो जाएगी।</p>
<p>अक्सर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान के परमाणु हथियारों को लेकर चिंता जताई जाती है कि कहीं इनका इस्तेमाल इजरायल या पश्चिमी देशों के खिलाफ न हो जाए। इस पर सेठी ने कहा:</p>
<blockquote>
<p>"हम अपना बम इजरायल पर नहीं गिराएंगे और न ही अमेरिका पर। हमारा बम सिर्फ और सिर्फ भारत के खिलाफ है। यह एक रक्षात्मक लेकिन एंटी-इंडिया बम है।"</p>
</blockquote>
<p>नजम सेठी का यह बयान पाकिस्तान की उस कूटनीति की पुष्टि करता है जिसे <strong>'परमाणु ब्लैकमेलिंग'</strong> कहा जाता है। पाकिस्तान अपनी आर्थिक और सैन्य बदहाली को छिपाने के लिए अक्सर परमाणु हथियारों का डर दिखाता है। हालांकि, भारत ने हमेशा स्पष्ट किया है कि उसकी परमाणु नीति जिम्मेदारीपूर्ण है, लेकिन वह किसी भी दुस्साहस का जवाब देने में पूरी तरह सक्षम है।</p>
<hr />
<p><strong>मुख्य बिंदु:</strong></p>
<ul>
<li>
<p>पाकिस्तान परंपरागत युद्ध में भारत से नहीं जीत सकता।</p>
</li>
<li>
<p>परमाणु बम का उद्देश्य केवल भारत को रोकना है।</p>
</li>
<li>
<p>पाकिस्तान 'No First Use' समझौते पर दस्तखत नहीं करेगा।</p>
</li>
</ul>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतराष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 12 Jan 2026 18:18:21 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Pratyakshdarshi Samachar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विधायक राजेश्वर सिंह के निर्देश पर आशियाना क्षेत्र में जरूरतमंदों को कंबल वितरण, चौराहों पर अलाव की व्यवस्था</title>
                                    <description><![CDATA[<p>लखनऊ। आशियाना पावर हाउस चौराहे पर सरोजनी नगर विधानसभा के विधायक राजेश्वर सिंह के आदेश एवं दिशा-निर्देश के क्रम में भाजपा के वरिष्ठ नागरिक प्रकोष्ठ के मंडल संयोजक मुकेश बाजपेई द्वारा भीषण हाड़ कंपा देने वाली ठंड में जरूरतमंदों को कंबल वितरित किए गए। इस मानवीय पहल से ठंड से जूझ रहे लोगों को बड़ी राहत मिली।<br />इसी क्रम में विद्यावती द्वितीय वार्ड के पार्षद कौशलेंद्र द्विवेदी ने भी विधायक के निर्देशानुसार ठंड से बचाव के लिए विशेष अभियान चलाया। अभियान के तहत पावर हाउस चौराहा सहित क्षेत्र के कई प्रमुख चौराहों पर नगर निगम के माध्यम से अलाव की</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/on-the-instructions-of-mla-rajeshwar-singh-distribution-of-blankets/article-1737"><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/400/2026-01/whatsapp-image-2026-01-06-at-7.03.31-pm-(1).jpeg" alt=""></a><br /><p>लखनऊ। आशियाना पावर हाउस चौराहे पर सरोजनी नगर विधानसभा के विधायक राजेश्वर सिंह के आदेश एवं दिशा-निर्देश के क्रम में भाजपा के वरिष्ठ नागरिक प्रकोष्ठ के मंडल संयोजक मुकेश बाजपेई द्वारा भीषण हाड़ कंपा देने वाली ठंड में जरूरतमंदों को कंबल वितरित किए गए। इस मानवीय पहल से ठंड से जूझ रहे लोगों को बड़ी राहत मिली।<br />इसी क्रम में विद्यावती द्वितीय वार्ड के पार्षद कौशलेंद्र द्विवेदी ने भी विधायक के निर्देशानुसार ठंड से बचाव के लिए विशेष अभियान चलाया। अभियान के तहत पावर हाउस चौराहा सहित क्षेत्र के कई प्रमुख चौराहों पर नगर निगम के माध्यम से अलाव की व्यवस्था कराई जा रही है, ताकि राहगीरों एवं जरूरतमंदों को ठंड से बचाया जा सके।<br />क्षेत्रवासियों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के कार्यों से समाज के कमजोर वर्ग को संबल मिलता है और जनप्रतिनिधियों की संवेदनशीलता स्पष्ट होती है।<img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/2026-01/whatsapp-image-2026-01-06-at-7.03.31-pm.jpeg" alt="WhatsApp Image 2026-01-06 at 7.03.31 PM" width="1200" height="1599"/></p>]]></content:encoded>
                
                

                <link>https://www.pratyakshdarshisamachar.com/on-the-instructions-of-mla-rajeshwar-singh-distribution-of-blankets/article-1737</link>
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                <pubDate>Tue, 06 Jan 2026 19:30:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Pratyakshdarshi Samachar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गणतंत्र दिवस 2026: कर्तव्य पथ पर दिखेगी सेना की 'शक्तिशाली' विरासत</title>
                                    <description><![CDATA[भारतीय सेना का 'एनिमल स्क्वाड' रचेगा इतिहास; आर्मी डॉग्स, बैक्ट्रियन ऊंट और शिकारी पक्षियों के साथ सैन्य शौर्य का अद्भुत संगम]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/national/republic-day-2026-armys-powerful-legacy-will-be-visible-on/article-1732"><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/400/2025-12/republic_day_2026_security_tight.jpg" alt=""></a><br /><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/2025-12/republic_day_2026_security_tight.jpg" alt="republic_day_2026_security_tight" width="400" height="225"/>
इस गणतंत्र दिवस पर दिखेगा शौर्य शक्ति के साथ पशुबल भी

<p> </p>
<p>नई दिल्ली | साल 2026 के स्वागत के साथ ही देश के सबसे बड़े राष्ट्रीय पर्व 'गणतंत्र दिवस' की तैयारियां परवान चढ़ने लगी हैं। इस बार 26 जनवरी की परेड में भारतीय सेना का एक ऐसा रूप नजर आएगा जो न केवल दुर्लभ है, बल्कि भारत की रणनीतिक विविधता का प्रतीक भी है। इस साल कर्तव्य पथ पर सेना के अत्याधुनिक हथियारों के साथ-साथ एक विशेष 'पशु दल' (Animal Contingent) कदमताल करता नजर आएगा।</p>
<p><strong>इतिहास में पहली बार: शिकारी पक्षी और जांस्करी टट्टू का जलवा</strong></p>
<p>भारतीय सेना इस साल अपने पशुबल की अद्वितीय क्षमता का प्रदर्शन करने जा रही है। परेड के मुख्य आकर्षणों में शामिल होंगे:दो कूबड़ वाले (बैक्ट्रियन) ऊंट: जो लद्दाख जैसे ऊंचे और बर्फीले इलाकों में सेना की रसद का सहारा बनते हैं।</p>
<p>चार जांस्कर टट्टू: दुर्गम पहाड़ी रास्तों के ये 'मौन योद्धा' पहली बार राष्ट्रीय गौरव का हिस्सा बनेंगे। शिकारी पक्षी (बर्ड्स ऑफ प्रे): सर्विलांस और ड्रोन-विरोधी ऑपरेशंस में सेना की आंख बनने वाले चार शिकारी पक्षियों को भी परेड में शामिल किया गया है। शिकारी पक्षी (बर्ड्स ऑफ प्रे): सर्विलांस और ड्रोन-विरोधी ऑपरेशंस में सेना की आंख बनने वाले चार शिकारी पक्षियों को भी परेड में शामिल किया गया है।</p>
<p><strong>सेना के 'बेस्ट फ्रेंड्स' भी दिखाएंगे दम</strong><br />इस गणतंत्र दिवस पर 10 भारतीय नस्ल के आर्मी डॉग्स और 6 पारंपरिक सैन्य कुत्तों का दस्ता कर्तव्य पथ की शोभा बढ़ाएगा। यह पहली बार होगा जब सैन्य कुत्ते औपचारिक रूप से परेड के मुख्य आकर्षण के रूप में नजर आएंगे। हाल ही में सेना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें ये पशुबल कर्तव्य पथ पर कड़ा अभ्यास करते दिख रहे हैं।</p>
<p><strong>स्वदेशी क्षमता और बलिदान का प्रतीक</strong><br />सेना के इस कदम के पीछे का उद्देश्य भारत की उस स्वदेशी ताकत को दुनिया के सामने लाना है, जो आधुनिक तकनीक के साथ कंधे से कंधा मिलाकर सीमाओं की रक्षा करती है। चाहे वो बर्फीले रेगिस्तान हों या ऊंचे पहाड़, ये जीव भारतीय सैनिकों के साथ हर मुश्किल परिस्थिति में 'साइलेंट वारियर्स' की तरह खड़े रहते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 31 Dec 2025 18:21:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Pratyakshdarshi Samachar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>खालिदा जिया का अंतिम संस्कार</title>
                                    <description><![CDATA[शेख हसीना के सत्ता छोड़ने के बाद विदेश मंत्री का पहला बांग्लादेश दौरा; पीएम मोदी का शोक संदेश लेकर पहुंचे जयशंकर।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/%E0%A4%85%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%AF/role-act-like-senior-political-hindi-journalist-project-edit-above/article-1731"><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/400/2025-12/jaishankar-meets-tarique-rahman_jpg.jpg" alt=""></a><br /><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/2025-12/jaishankar-meets-tarique-rahman_jpg.jpg" alt="Jaishankar-meets-Tarique-Rahman_jpg" width="770" height="431"/>
विदेश मंत्री एस. जयशंकर तारिक़ रहमान को प्रधानमंत्री का शोक संदेश देते हुये

<p> </p>
<p><strong>ढाका</strong> | बांग्लादेश की राजनीति के एक युग का आज अंत हो गया। पूर्व प्रधानमंत्री बेगम खालिदा जिया को आज राजकीय सम्मान के साथ सुपुर्द-ए-खाक किया जा रहा है। इस ऐतिहासिक और भावुक क्षण का गवाह बनने के लिए दुनिया भर के प्रतिनिधि ढाका पहुंचे हैं। भारत की ओर से विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने इस जनाजे में शामिल होकर नई दिल्ली की ओर से संवेदनाएं प्रकट कीं।</p>
<p><strong>पीएम मोदी का शोक पत्र और गर्मजोशी भरा 'हैंडशेक'</strong></p>
<p>विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ढाका पहुंचते ही खालिदा जिया के बेटे और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के कार्यवाहक अध्यक्ष तारिक रहमान से मुलाकात की। इस दौरान जयशंकर ने उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विशेष शोक पत्र सौंपा। मुलाकात की सबसे चर्चित तस्वीर जयशंकर और तारिक रहमान का हाथ मिलाना रही, जिसमें तारिक की बेटी जायमा रहमान भी मौजूद थीं। तनावपूर्ण संबंधों के बीच इस 'हैंडशेक' को भविष्य की नई कूटनीति की शुरुआत माना जा रहा है।</p>
<p><strong>रिश्तों की बर्फ पिघलने की उम्मीद: हसीना युग के बाद पहला दौरा</strong></p>
<p>अगस्त में शेख हसीना के देश छोड़ने के बाद डॉ. जयशंकर का यह पहला बांग्लादेश दौरा है। भारत में बांग्लादेश के उच्चायुक्त रियाज हामिदुल्लाह ने कहा, "विदेश मंत्री ने लोकतंत्र में बेगम जिया के योगदान को स्वीकार किया और भारत सरकार की ओर से एकजुटता प्रकट की।" विशेषज्ञों का मानना है कि यूनुस सरकार के दौरान बढ़ती भारत-विरोधी गतिविधियों और पाकिस्तान की सक्रियता के बीच, भारत ने मुख्य विपक्षी दल BNP के साथ संवाद का रास्ता खोलकर एक सधा हुआ कदम उठाया है।</p>
<p><strong>फरवरी चुनाव और तारिक रहमान की भूमिका</strong></p>
<p>17 साल के निर्वासन के बाद स्वदेश लौटे तारिक रहमान आगामी फरवरी 2026 में होने वाले चुनावों में प्रधानमंत्री पद के सबसे प्रबल दावेदार हैं। ऐसे में भारत का यह रुख स्पष्ट करता है कि नई दिल्ली अब बांग्लादेश की बदलती जमीनी हकीकत और नए नेतृत्व के साथ संबंध सुधारने की दिशा में आगे बढ़ रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतराष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 31 Dec 2025 17:28:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Pratyakshdarshi Samachar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नेपाल की राजनीति में बड़ा उलटफेर</title>
                                    <description><![CDATA[सात-सूत्रीय समझौते ने बदला हिमालयी देश का सियासी समीकरण; 5 मार्च के चुनावों में 'घंटी' के निशान पर उतरेंगे बालेन]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/%E0%A4%85%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%AF/big-upheaval-in-nepals-politics/article-1730"><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/400/2025-12/belen_shah_pm_candidate_nepl.jpg" alt=""></a><br /><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/2025-12/belen_shah_pm_candidate_nepl.jpg" alt="belen_shah_pm_candidate_nepl" width="720" height="405"/>
नेपाल प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार बालेंद्र शाह

<p> </p>
<p><strong>काठमांडू</strong>: नेपाल की राजनीति में रविवार को उस वक्त एक नया मोड़ आ गया जब काठमांडू के लोकप्रिय मेयर बालेन्द्र शाह (बालेन शाह) ने राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) के साथ गठबंधन का औपचारिक ऐलान कर दिया। आधी रात तक चली लंबी मैराथन बातचीत के बाद दोनों पक्षों के बीच एक 7-सूत्रीय समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। इस ऐतिहासिक समझौते के तहत 35 वर्षीय बालेन शाह आगामी 5 मार्च को होने वाले आम चुनावों में संसदीय दल के नेता और प्रधानमंत्री पद के भावी उम्मीदवार होंगे।</p>
<p><strong>RSP का नाम और सिंबल, बालेन का चेहरा</strong></p>
<p>समझौते की सबसे महत्वपूर्ण शर्त यह है कि बालेन शाह और उनका संगठन अब राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) के बैनर तले चुनाव लड़ेंगे। हालांकि बालेन की टीम का RSP में विलय हो गया है, लेकिन पार्टी का नाम, झंडा और चुनाव चिह्न (घंटी) पहले की तरह ही रहेगा। पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष की कमान रवि लामिछाने के हाथों में ही रहेगी।</p>
<p><strong>जेन-जी (Gen Z) आंदोलन का असर</strong></p>
<p>नेपाल में हाल ही में हुए युवा आंदोलन (Gen Z Movement) के बाद से ही बालेन शाह को राष्ट्रीय नेतृत्व संभालने के लिए जबरदस्त सोशल मीडिया समर्थन मिल रहा था। भ्रष्टाचार और पुरानी राजनीतिक व्यवस्था के खिलाफ सड़कों पर उतरे युवाओं ने बालेन को अपना अघोषित नायक मान लिया था। जानकारों का मानना है कि यह गठबंधन नेपाल की स्थापित पार्टियों—नेपाली कांग्रेस और के.पी. शर्मा ओली की कम्युनिस्ट पार्टी (UML)—के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो सकता है।</p>
<p>इंजीनियर से 'रैपर' और अब पीएम पद के दावेदार<br />बालेन शाह की राजनीतिक यात्रा किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है:</p>
<p><strong>शिक्षा</strong>: व्हाइट हाउस इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (काठमांडू) से सिविल इंजीनियरिंग और कर्नाटक (भारत) के विश्वेश्वरैया नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग में मास्टर्स।</p>
<p><strong>पहचान:</strong> राजनीति में आने से पहले वह एक मशहूर रैपर और इंजीनियर के तौर पर विख्यात थे।</p>
<p><strong>चुनावी आगाज</strong>: 2022 में निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर काठमांडू के मेयर बने, जहाँ उन्होंने स्थापित दलों के दिग्गजों को भारी मतों से हराया।</p>
<p><strong>समीकरणों में क्या बदलेगा?</strong><br />भंग हो चुकी संसद में चौथी सबसे बड़ी पार्टी रही RSP के साथ बालेन का आना नेपाल की पारंपरिक सत्ता संरचना को हिला सकता है। बालेन ने 2017 में ही संकेत दिया था कि वह देश संवारने के लिए किसी और पर निर्भर रहने के बजाय खुद जिम्मेदारी लेंगे। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि नेपाल के मतदाता इस नई और युवा जोड़ी पर कितना भरोसा जताते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतराष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 31 Dec 2025 16:45:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Pratyakshdarshi Samachar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चंदौली धमाके के आरोपी अब भी फरार</title>
                                    <description><![CDATA[आधी रात किन्नरों के घर को बम से उड़ाने की हुई थी कोशिश; दहशत में इलाका, पुलिस की दबिश जारी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/state/uttar-pradesh/chandauli-blast-accused-still-absconding/article-1729"><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/400/2025-12/chandauli_blast_accused_raid.jpg" alt=""></a><br /><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/2025-12/chandauli_blast_accused_raid.jpg" alt="chandauli_blast_accused_raid" width="1200" height="676"/>
इसी घर में धमाका हुआ था

<p> </p>
<p><strong>चंदौली</strong>: उत्तर प्रदेश के चंदौली स्थित बलुआ थाना क्षेत्र के मोहरगंज में सनसनीखेज बम विस्फोट कांड के मुख्य आरोपियों पर पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। वारदात को अंजाम देने वाले शातिर अपराधी अभिषेक सिंह और विकास सिंह पर पुलिस प्रशासन ने 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। घटना के बाद से ही फरार चल रहे इन आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।</p>
<p>आधी रात के धमाके से दहल उठा मोहरगंज बता दें कि कुछ दिन पूर्व मोहरगंज में किन्नरों के आवास पर आधी रात को एक जोरदार विस्फोट हुआ था। यह धमाका इतना शक्तिशाली था कि तीन मंजिला इमारत बुरी तरह हिल गई और घर की एक दीवार पूरी तरह ढह गई। गनीमत रही कि उस समय कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन इस कृत्य ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है।</p>
<p>अपराधिक इतिहास और पुलिस की कार्रवाई पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, अभिषेक और विकास शातिर किस्म के अपराधी हैं और पूर्व में भी कई संगीन मामलों में जेल जा चुके हैं। हाल ही में जेल से रिहा होने के बाद उन्होंने इस बड़ी वारदात को अंजाम दिया।<br />बलुआ पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीमों का गठन किया है। पुलिस का कहना है कि रोपियों के संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। नीय मुखबिर तंत्र को सक्रिय कर दिया गया है। रक्षा के मद्देनजर क्षेत्र में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है।</p>
<p><strong>जनता  से अपील</strong><br />पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि यदि इन वांछित अपराधियों के बारे में कोई भी पुख्ता जानकारी मिले, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। सूचना देने वाले की पहचान गुप्त रखी जाएगी। स्थानीय निवासियों में घटना के बाद से व्याप्त असुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने जल्द से जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन दिया है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तरप्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 31 Dec 2025 16:05:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Pratyakshdarshi Samachar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अयोध्या में रामलला प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ</title>
                                    <description><![CDATA[प्रतिष्ठा द्वादशी समारोह में सीएम योगी ने कहा- पहले 'जय श्रीराम' बोलने पर मिलती थी लाठी, अब बेखौफ जयघोष; 500 साल की तपस्या का फल है भव्य राम मंदिर]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/state/uttar-pradesh/second-anniversary-of-ramlala-pran-pratishtha-in-ayodhya/article-1728"><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/400/2025-12/cm_yogi_in_ayodhya.jpg" alt=""></a><br /><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/2025-12/cm_yogi_in_ayodhya.jpg" alt="cm_yogi_in_ayodhya" width="1200" height="900"/>
अयोध्या में यागी आदित्यनाथ का सम्बोधन

<p> </p>
<p><strong>अयोध्या। </strong>रामनगरी अयोध्या में साल 2025 के अंतिम दिन श्री राम जन्मभूमि मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ 'प्रतिष्ठा द्वादशी' के रूप में बड़े उत्साह और भक्ति भाव से मनाई जा रही है। इस पावन अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह विशेष रूप से रामनगरी पहुंचे और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ मिलकर हनुमानगढ़ी मंदिर तथा राम मंदिर में दर्शन-पूजन किया। दोनों नेताओं ने मां अन्नपूर्णा मंदिर पर धर्मध्वजा भी फहराई।</p>
<p><br /><strong>प्रतिष्ठा द्वादशी समारोह को संबोधित करते हुए योगी का पुरानी सरकारों पर हमला</strong></p>
<p>श्री राम जन्मभूमि मंदिर में आयोजित 'प्रतिष्ठा द्वादशी' कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्ववर्ती सरकारों पर जोरदार प्रहार किया। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने अपने संकीर्ण स्वार्थों, मजहबी उन्माद और सत्ता लोलुपता के चलते अयोध्या के साथ षड्यंत्र रचा और इसे उपद्रव व संघर्ष का केंद्र बना दिया था। अयोध्या, जिसका नाम ही संकेत करता है कि यहां कभी युद्ध नहीं हुआ और कोई शत्रु टिक नहीं सका, उसे कुछ लोग लहूलुहान करने पर तुले थे।<br />सीएम योगी ने आगे कहा कि आज लोग निर्भीक होकर 'जय श्रीराम' का उद्घोष कर रहे हैं, जबकि पहले ऐसा करने पर लाठियां बरसती थीं। स्वतंत्रता के बाद अयोध्या ने राम मंदिर आंदोलन के कई महत्वपूर्ण पड़ाव देखे। 500 वर्षों की प्रतीक्षा और संघर्ष के बाद आज रामलला का भव्य मंदिर में विराजमान होना और यह दिव्य स्वरूप देखकर हर रामभक्त के हृदय में अपार आनंद और गौरव की अनुभूति हो रही है।</p>
<p><br /><strong>राजनाथ सिंह की उपस्थिति से बढ़ी रौनक</strong><br />रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी इस अवसर पर रामलला के दर्शन किए और कार्यक्रम में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि अयोध्या की हर सांस में राम बस्ते हैं और यह शहर अब आस्था, संस्कृति और विकास का प्रतीक बन चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सोशल मीडिया पर रामभक्तों को बधाई दी और इसे हमारी आस्था व परंपराओं का दिव्य उत्सव बताया।</p>
<p>मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ा हुआ है। देश-विदेश से आए भक्त लंबी कतारों में रामलला के दर्शन कर रहे हैं और 'जय श्रीराम' के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा है। सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखी गई है। यह उत्सव न केवल धार्मिक महत्व का है, बल्कि यह भारत की सांस्कृतिक विरासत और एकता का भी प्रतीक बन गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तरप्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.pratyakshdarshisamachar.com/state/uttar-pradesh/second-anniversary-of-ramlala-pran-pratishtha-in-ayodhya/article-1728</link>
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                <pubDate>Wed, 31 Dec 2025 15:45:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Pratyakshdarshi Samachar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>फरीदाबाद में लिफ्ट की आड़ में दरिंदगी: चलती ईको वैन में युवती से सामूहिक दुष्कर्म</title>
                                    <description><![CDATA[मां से झगड़े के बाद सहेली के घर जा रही थी 28 वर्षीय पीड़िता; दो घंटे तक फरीदाबाद-गुरुग्राम रोड पर घुमाकर की वारदात, पुलिस ने साइबर सेल की मदद से पकड़ा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/state/haryana/gang-rape-of-a-girl-in-a-moving-eeco-van/article-1727"><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/400/2025-12/gangrape-symbolic-image-faridabad.jpg" alt=""></a><br /><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/2025-12/gangrape-symbolic-image-faridabad.jpg" alt="gangrape-symbolic-image-faridabad" width="690" height="388"/>
फरीदाबाद की युवती से चलती गाड़ी में सामूहिक दुष्कर्म

<p> </p>
<p><strong>फरीदाबाद</strong>। हरियाणा के फरीदाबाद शहर में एक दिल दहला देने वाली वारदात ने महिला सुरक्षा पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। कोतवाली थाना क्षेत्र में मां से कहासुनी के बाद घर से निकली एक 28 वर्षीय युवती को लिफ्ट देने के बहाने दो युवकों ने अपनी ईको वैन में बैठाया और चलती गाड़ी में उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। आरोपियों ने पीड़िता को करीब दो घंटे तक फरीदाबाद-गुरुग्राम रोड पर घुमाया और देर रात करीब 3 बजे एसजीएम नगर के मुल्ला होटल के पास चलती वैन से धक्का देकर फरार हो गए।</p>
<p><br /><strong>घर से निकली थी नाराज होकर</strong></p>
<p>पीड़िता फरीदाबाद की ही निवासी है। उसकी बहन की शिकायत के अनुसार, सोमवार रात करीब साढ़े आठ बजे पीड़िता ने फोन करके बताया कि मां से झगड़ा हो गया है और वह अपनी सहेली के घर जा रही है। उसने कहा था कि 2-3 घंटे में लौट आएगी। देर रात करीब 12 बजे जब वह दो नंबर चौक से कल्याणपुरी तीन नंबर चौक जाने के लिए वाहन का इंतजार कर रही थी, तभी एक मारुति ईको वैन रुकी। वैन में सवार दो युवकों ने लिफ्ट का प्रस्ताव रखा। पीड़िता के बैठते ही आरोपी वैन को कल्याणपुरी की बजाय गुरुग्राम रोड की ओर ले गए।</p>
<p><br /><strong>चलती वैन में की जघन्य वारदात</strong></p>
<p>आरोप है कि हनुमान मंदिर से आगे एक आरोपी वैन चलाता रहा, जबकि दूसरे ने पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया। दोनों ने बारी-बारी से करीब दो घंटे तक युवती के साथ हैवानियत की। पीड़िता ने विरोध किया, लेकिन आरोपी नहीं माने। आखिरकार देर रात एसजीएम नगर स्थित राजा चौक के पास मुल्ला होटल के निकट चलती वैन से उसे फेंक दिया गया। सड़क पर गिरने से उसके चेहरे और शरीर पर गंभीर चोटें आईं, जिनमें चेहरे पर टांके लगवाने पड़े।<br />बदहवास हालत में पीड़िता ने अपनी बहन को फोन किया। बहन मौके पर पहुंची और उसे पहले सिविल अस्पताल ले गई, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने दिल्ली रेफर कर दिया। हालांकि परिजनों ने फरीदाबाद के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।</p>
<p><br /><strong>पुलिस की त्वरित कार्रवाई: दोनों आरोपी गिरफ्तार</strong></p>
<p>परिजनों की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज किया। पुलिस प्रवक्ता यशपाल सिंह ने बताया कि साइबर सेल और तकनीकी जांच की मदद से दोनों आरोपियों को देर रात हिरासत में लिया गया। पूछताछ के बाद उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया है। वारदात में इस्तेमाल ईको वैन भी बरामद कर ली गई है। टीआईपी प्रक्रिया के कारण आरोपियों के नाम और फोटो अभी सार्वजनिक नहीं किए जा सकते। उन्हें जल्द कोर्ट में पेश किया जाएगा। पुलिस पीड़िता के बयान दर्ज करने की कोशिश कर रही है।<br />यह घटना महिला सुरक्षा के लिए एक गंभीर चेतावनी है, खासकर रात के समय अजनबियों से लिफ्ट लेने के खतरे को उजागर करती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 31 Dec 2025 14:59:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Pratyakshdarshi Samachar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर नहीं थम रहा अत्याचार</title>
                                    <description><![CDATA[यूनुस सरकार की नाक के नीचे बढ़ते हमले, फैक्ट्री सिक्योरिटी में तैनात हिंदू जवान पर साथी का अचानक हमला; पूर्व में दीपू चंद्र दास की जघन्य हत्या की यादें ताजा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/%E0%A4%85%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%AF/atrocities-on-hindu-minorities-are-not-stopping-in-bangladesh/article-1726"><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/400/2025-12/one_more_hindu-killed_in_bangladesh.jpg" alt=""></a><br /><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/2025-12/one_more_hindu-killed_in_bangladesh.jpg" alt="one_more_hindu-killed_in_bangladesh" width="1280" height="720"/>
बांग्लादेश में एक और हिंदू बृजेंद्र बिस्वास की हत्या

<p> </p>
<p><strong>मयमनसिंह (बांग्लादेश) :</strong> बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यक समुदाय पर हिंसक घटनाओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। हाल ही में मयमनसिंह जिले के भालुका उपजिले में ग्रामीण अर्धसैनिक बल (अंसार) के एक हिंदू सदस्य बृजेंद्र बिस्वास की गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी गई। यह घटना नोबेल पुरस्कार विजेता मुहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार के कार्यकाल में हुई, जिसने अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।<br /><br /><strong>घटना का विवरण: फैक्ट्री परिसर में साथी का घातक हमला</strong><br />बांग्लादेशी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भालुका उपजिले के मेहराबारी इलाके में स्थित सुल्ताना स्वेटर्स लिमिटेड फैक्ट्री की सुरक्षा व्यवस्था के लिए 20 अंसार सदस्य तैनात थे। इनमें बृजेंद्र बिस्वास भी शामिल थे, जो फैक्ट्री की निगरानी में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे। सोमवार शाम करीब 6:30 बजे, जब बृजेंद्र अपने सहयोगी नोमान मियां के साथ कमरे में बैठे थे, तभी नोमान ने अचानक अपनी शॉटगन निकाल ली।<br /><br />लबीब ग्रुप के अंसार प्रभारी एपीसी मोहम्मद अजहर अली ने बताया कि घटना के समय दोनों के बीच कोई विवाद या तकरार नहीं हुई थी। नोमान ने चिल्लाते हुए कहा, "गोली मार दूंगा," और फिर ट्रिगर दबा दिया। गोली बृजेंद्र की बाईं जांघ में लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हमलावर नोमान मौके से फरार हो गया, लेकिन स्थानीय पुलिस ने उसे शीघ्र ही गिरफ्तार कर लिया। जांच जारी है, और प्रारंभिक पूछताछ में धार्मिक या व्यक्तिगत दुर्भावना का संकेत मिला है।<br /><br /><strong>अल्पसंख्यकों पर बढ़ते खतरे की कड़ी</strong><br />यह हत्या मयमनसिंह जिले में हिंदुओं के खिलाफ हाल की दूसरी बड़ी घटना है। कुछ दिन पूर्व ही दीपू चंद्र दास नामक एक हिंदू युवक को क्रूरता से पीट-पीटकर अधमरा किया गया था। उसके बाद अपराधियों ने उसे पेड़ से बांधकर जिंदा जला दिया था। ये घटनाएं बांग्लादेश में हिंदू समुदाय की असुरक्षा को उजागर करती हैं, जहां धार्मिक तनाव और राजनीतिक अस्थिरता के बीच अल्पसंख्यकों पर हमले बढ़ रहे हैं।<br /><br />मानवाधिकार संगठनों और हिंदू समुदाय के नेताओं ने यूनुस प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। वे कहते हैं कि ऐसी घटनाएं न केवल व्यक्तिगत हत्याएं हैं, बल्कि समुदाय-विरोधी साजिश का हिस्सा लगती हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारत सहित कई देशों ने बांग्लादेश सरकार से अल्पसंख्यक सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है।<br /><br /><strong>आगे की चुनौतियां: सुरक्षा और न्याय की मांग</strong><br />इस घटना ने बांग्लादेश की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं, खासकर अर्धसैनिक बलों में। विशेषज्ञों का मानना है कि धार्मिक आधार पर हिंसा को रोकने के लिए कड़े कानून और निष्पक्ष जांच जरूरी हैं। बृजेंद्र बिस्वास के परिवार को न्याय मिलना चाहिए, ताकि अन्य अल्पसंख्यक सदस्यों में भय का माहौल न फैले।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतराष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 30 Dec 2025 18:20:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Pratyakshdarshi Samachar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>खालिदा जिया का निधन: एक 'साधारण गृहिणी' के दक्षिण एशिया की ताकतवर राजनेता बनने तक का ऐतिहासिक सफर</title>
                                    <description><![CDATA[संघर्ष, सत्ता और विवादों से भरा रहा बेगम जिया का 80 साल का जीवन]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/%E0%A4%85%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%AF/khaleda-zias-death-is-a-historic-journey-from-an-ordinary/article-1725"><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/400/2025-12/khalida_zia_died_bangladesh.jpg" alt=""></a><br /><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/2025-12/khalida_zia_died_bangladesh.jpg" alt="khalida_zia_died_bangladesh" width="700" height="393"/>
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा ज़िया

<p> </p>
<p>बांग्लादेश की राजनीति के एक युग का अंत हो गया है। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री बेगम खालिदा जिया ने मंगलवार (30 दिसंबर) सुबह 80 वर्ष की आयु में ढाका के एवरकेयर अस्पताल में अंतिम सांस ली। लंबे समय से गंभीर बीमारियों से जूझ रहीं खालिदा जिया का सफर किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है—एक ऐसी महिला जो कभी राजनीति में नहीं आना चाहती थीं, लेकिन नियति ने उन्हें देश की बागडोर सौंप दी।<br /><br /><br /><strong>'पुतुल' से 'खालिदा जिया' तक: शुरुआती जीवन और निकाह</strong><br />1945 में अविभाजित भारत के जलपाईगुड़ी में जन्मीं खालिदा खानम (पुकार का नाम 'पुतुल') का परिवार विभाजन के बाद पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) के दिनाजपुर में बस गया। 1960 में उनका निकाह पाकिस्तानी सेना के तत्कालीन कैप्टन जियाउर रहमान से हुआ। 1971 के मुक्ति संग्राम के दौरान, जब उनके पति विद्रोह का नेतृत्व कर रहे थे, खालिदा को पाकिस्तानी सेना ने नजरबंद रखा था। आजादी के बाद जियाउर रहमान राजनीति के शीर्ष पर पहुंचे, लेकिन खालिदा ने खुद को घर की दहलीज और बच्चों की परवरिश तक ही सीमित रखा।<br /><br /><strong>किचन से सत्ता के गलियारे तक: मजबूरी में उठाया राजनीतिक कदम</strong><br />खालिदा जिया की राजनीति में एंट्री किसी महत्वाकांक्षा का परिणाम नहीं, बल्कि एक त्रासदी की उपज थी। 1981 में राष्ट्रपति जियाउर रहमान की हत्या के बाद BNP बिखरने की कगार पर थी। ऐसे में पार्टी कार्यकर्ताओं के दबाव और विरासत को बचाने के लिए खालिदा ने घर के 'किचन' से बाहर निकलकर पार्टी की कमान संभाली। उन्होंने सैन्य तानाशाह जनरल इरशाद के खिलाफ करीब 9 साल तक सड़क पर संघर्ष किया, जिसने उन्हें एक जननेता के रूप में स्थापित कर दिया।<br /><br /><strong>दो बार प्रधानमंत्री और प्रशासन पर पकड़</strong><br />खालिदा जिया के नाम इतिहास में कई कीर्तिमान दर्ज हैं:<br /><br /><strong>ऐतिहासिक जीत: </strong>1991 के लोकतांत्रिक चुनाव में जीत हासिल कर वे बांग्लादेश की पहली और किसी मुस्लिम राष्ट्र की दूसरी महिला प्रधानमंत्री (बेनजीर भुट्टो के बाद) बनीं।<br />दो कार्यकाल: उन्होंने 1991-1996 और 2001-2006 तक दो पूर्ण कार्यकाल पूरे किए।<br />नीतिगत बदलाव: उनके दौर में निजीकरण और मुक्त बाजार अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिला, लेकिन साथ ही उन पर प्रशासन का 'इस्लामीकरण' करने के भी आरोप लगे।<br />भारत के साथ 'खट्टे-मीठे' संबंध और कट्टरपंथ का साया<br />खालिदा जिया का कार्यकाल भारत के साथ कूटनीतिक उतार-चढ़ाव वाला रहा। विशेष रूप से उनके दूसरे कार्यकाल (2001-2006) के दौरान, जब उनकी सरकार में 'जमात-ए-इस्लामी' शामिल थी, भारत के साथ संबंधों में भारी तनाव देखा गया। उस दौर में बांग्लादेश की जमीन का इस्तेमाल भारत विरोधी उग्रवादी समूहों द्वारा किए जाने के गंभीर आरोप लगे, जिससे द्विपक्षीय संबंधों में दूरियां बढ़ गईं।<br /><br /><strong>सत्ता से जेल और लंबी बीमारी तक का दंश</strong><br />2008 में आवामी लीग की शेख हसीना से मिली करारी हार के बाद खालिदा जिया का राजनीतिक ग्राफ गिरता गया। 2018 में उन्हें भ्रष्टाचार के मामलों में 17 साल की सजा सुनाई गई। जेल की सलाखों और नजरबंदी ने उनके स्वास्थ्य को बुरी तरह प्रभावित किया। हालांकि, अगस्त 2024 में शेख हसीना के देश छोड़ने के बाद उन्हें सभी आरोपों से आधिकारिक तौर पर मुक्त कर दिया गया था, लेकिन तब तक उनका शरीर बीमारियों से काफी कमजोर हो चुका था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतराष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 30 Dec 2025 17:40:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Pratyakshdarshi Samachar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लखनऊ में अपराध दर पर अंकुश</title>
                                    <description><![CDATA[2025 में 6,456 साइबर शिकायतें निपटाईं, 11.68 करोड़ रुपये फ्रीज; गैंगस्टर एक्ट से 829 सजाएं, यातायात सुधार के दावे पर सवाल]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/state/uttar-pradesh/lucknow/lucknow-commissionerate-police-released-annual-crime-report-on-sunday/article-1724"><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/400/2025-12/lucknow-police-report-cyber-crime.jpg" alt=""></a><br /><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/2025-12/lucknow-police-report-cyber-crime.jpg" alt="lucknow-police-report-cyber-crime" width="889" height="667"/>
लखनऊ कमिश्नरेट पुलिस ने जारी किया वार्षिक अपराध की रिपोर्ट

<p> </p>
<p>लखनऊ: लखनऊ कमिश्नरेट पुलिस ने रविवार को अपनी वार्षिक अपराध समीक्षा रिपोर्ट पेश की, जो शहर की सुरक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलावों को रेखांकित करती है। एक जनवरी से 28 दिसंबर 2025 तक की अवधि में साइबर अपराधों की 6,456 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 90 फीसदी का निपटारा कर लिया गया। पुलिस ने ठगों के इस्तेमाल में आए करीब 10,000 मोबाइल नंबरों को ब्लॉक कराया और पीड़ितों के खातों से लूटी गई 11.68 करोड़ रुपये की राशि को विभिन्न खातों में ट्रांसफर होने से पहले फ्रीज करा लिया। यह रिपोर्ट न केवल डिजिटल अपराधों पर पुलिस की सतर्कता दर्शाती है, बल्कि पारंपरिक अपराधों में कमी को भी उजागर करती है, हालांकि यातायात और हाईवे सुरक्षा के दावों पर कई सवाल बाकी हैं।<br /><br /><strong>साइबर ठगी पर पुलिस का अभूतपूर्व कार्रवाई का दावा</strong><br />संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) बबलू कुमार ने रिपोर्ट जारी करते हुए कहा कि साइबर क्राइम के खिलाफ अभियान ने अपराधियों को पस्त कर दिया है। ठगों द्वारा इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबरों को तत्काल ब्लॉक करने और फंड ट्रांसफर को रोकने से हजारों संभावित पीड़ितों को राहत मिली। कुमार ने जोर देकर कहा, "डिजिटल युग में सतर्कता ही सुरक्षा की कुंजी है। हमने न केवल शिकायतें निपटाईं, बल्कि अपराध की जड़ों को काटा।" यह आंकड़े पिछले वर्ष की तुलना में 15-20 फीसदी अधिक शिकायतों को दर्शाते हैं, जो जागरूकता बढ़ने का संकेत भी हैं।<br /><br /><strong>हत्याओं में गिरावट, डकैती पर पूर्ण रोक: पारंपरिक अपराधों पर लगाम</strong><br />रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में हत्या के मामलों में पिछले साल की तुलना में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई। इन घटनाओं में शामिल 525 आरोपी जेल भेजे गए, जबकि तीन के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) की कठोर कार्रवाई की गई। पुलिस ने दावा किया कि पूरे वर्ष डकैती की कोई घटना नहीं घटी, जो कानून-व्यवस्था की मजबूती का प्रमाण है। गैंगस्टर एक्ट और गुंडा एक्ट के तहत सैकड़ों नामजदियों ने अपराधियों में खौफ पैदा किया। 'ऑपरेशन कन्विक्शन' के तहत 829 अपराधियों को सजा सुनाई गई, जिसमें महिलाओं और बालिकाओं से जुड़े गंभीर अपराधों में 139 दोषसिद्धियां शामिल हैं। एक मामले में आरोपी को फांसी की सजा भी हो गई, जो न्याय प्रक्रिया की गति को रेखांकित करता है।<br /><br /><strong>महिला सुरक्षा और सामाजिक अभियान: मिशन शक्ति से सशक्तिकरण</strong><br />रिपोर्ट में 'मिशन शक्ति' के तहत महिलाओं की सुरक्षा पर विशेष जोर दिया गया है। नशा मुक्ति अभियान और 'ऑपरेशन पहचान' के माध्यम से सत्यापन प्रक्रिया को मजबूत किया गया। पुलिस ने राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के दौरे, जंबूरी समारोह तथा अन्य खेल आयोजनों में अपनी भूमिका का उल्लेख किया, जहां सुरक्षा व्यवस्था बेदाग रही। ये अभियान न केवल अपराध रोकने में सहायक साबित हुए, बल्कि सामुदायिक विश्वास को भी बढ़ाया।<br /><br /><strong>यातायात सुधार के दावे: सड़कें सुरक्षित, लेकिन हादसों का साया बरकरार</strong><br />शहर की यातायात व्यवस्था में सुधार को रिपोर्ट ने अपनी उपलब्धि बताया। व्यस्त चौराहों पर डायवर्जन और वन-वे सिस्टम लागू करने से ट्रैफिक फ्लो बेहतर हुआ। ब्लैक स्पॉट्स की पहचान और इंजीनियरिंग सुधारों पर काम तेजी से चला, जिससे दुर्घटनाओं में कमी आई। हाईवे व मुख्य मार्गों पर गश्त बढ़ाने का दावा किया गया है। हालांकि, धरातल पर ये प्रयास पूरी तरह प्रभावी नजर नहीं आते। उदाहरणस्वरूप, 22 दिसंबर को आगरा एक्सप्रेसवे की सर्विस लेन पर गलत दिशा में दौड़ रही बस ने एक बाइक सवार को कुचल दिया, जो गश्त की कमी को उजागर करता है। विशेषज्ञों का कहना है कि तकनीकी निगरानी और सख्ती बढ़ाने की जरूरत है।<br /><br />लखनऊ पुलिस की यह रिपोर्ट शहरवासियों के लिए आश्वासन का संदेश देती है, लेकिन साइबर युग के खतरे और सड़क सुरक्षा जैसी चुनौतियां बरकरार हैं। आने वाले वर्ष में इन पर और फोकस की उम्मीद है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 Dec 2025 18:12:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Pratyakshdarshi Samachar]]></dc:creator>
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                <title>देहरादून में नस्लीय हिंसा का शिकार बना त्रिपुरा का छात्र एंजेल चकमा</title>
                                    <description><![CDATA[ग्राफिक एरा अस्पताल की मेडिकल रिपोर्ट में खुलासा—सिर, रीढ़ और मस्तिष्क में गंभीर चोटें, सीएम धामी ने परिवार को दिया सख्त कार्रवाई का भरोसा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/state/uttarakhand/tripura-student-angel-chakma-becomes-victim-of-racial-violence-in/article-1723"><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/400/2025-12/angel-chakma-killed-in-dehradun.jpg" alt=""></a><br /><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/2025-12/angel-chakma-killed-in-dehradun.jpg" alt="angel-chakma-killed-in-dehradun" width="1500" height="800"/>
एंजेल चकमा की फाइल फोटो

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<div>उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में पढ़ाई कर रहे त्रिपुरा के 24 वर्षीय छात्र एंजेल चकमा की कथित नस्लीय हमले के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। 9 दिसंबर को हुए इस हमले के बाद एंजेल पिछले 17 दिनों से अस्पताल में भर्ती था। 26 दिसंबर को गंभीर चोटों के चलते उसकी मौत हो गई, जिससे पूरे देश में आक्रोश और चिंता का माहौल बन गया है।<br /><br />ग्राफिक एरा अस्पताल की मेडिकल जांच रिपोर्ट में छात्र को लगी गंभीर और जानलेवा चोटों की पुष्टि हुई है।<br /><br /><br /><strong> मेडिकल रिपोर्ट में क्या आया सामने</strong><br />अस्पताल की रिपोर्ट के अनुसार एंजेल के साथ हुई हैवानियत का खुलासा किया है।  उनके पीठ और सिर पर गहरे घाव थे। <br />शरीर के दाहिने हिस्से (ऊपरी व निचले अंग) में भी गंभीर चोटें थीं और शरीर के दाहिने हिस्से में लकवा मार गया था..  अस्पताल की जांच में आगे पता चला कि एंजल की रीढ़ की हड्डी में भी गंभीर चोटें आई थी।  इतना ही नहीं उसके मस्तिष्क में दरारें (ब्रेन फिशर) भी आ गई थी और पैरों पर कई खरोंच के निशान थे।<br />डॉक्टरों के अनुसार, ये चोटें किसी भीषण और बेरहमी भरे हमले की ओर इशारा करती हैं।<br /><br /><br /><strong>क्या है पूरा मामला</strong><br />यह घटना देहरादून के सेलाकुई थाना क्षेत्र की है। 9 दिसंबर की रात सड़क किनारे स्थित एक ढाबे पर एंजेल चकमा और उनके भाई माइकल चकमा के साथ कथित तौर पर कुछ नशे में धुत युवकों ने नस्लीय टिप्पणियां कीं। विरोध करने पर मामला हाथापाई में बदल गया।<br /><br />आरोप है कि इसी दौरान एंजेल पर धारदार हथियार से हमला किया गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर मौके पर ही गिर पड़ा। उन्हें तत्काल ग्राफिक एरा अस्पताल में भर्ती कराया गया था। <br /><br /><br /><strong>एसएसपी देहरादून का बयान</strong><br />देहरादून के एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि आरोपी नशे में थे और कुछ ही मिनटों में स्थिति हिंसक हो गई।<br />उन्होंने कहा,<br /><br />“सिर और पीठ पर गंभीर चोट लगने के कारण एंजेल गिर पड़ा। इलाज के दौरान उसकी हालत लगातार नाजुक बनी रही और 26 दिसंबर को उसकी मौत हो गई।”<br /><br /><strong>अब तक कितने गिरफ्तार</strong><br />पीड़ित परिवार की शिकायत पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर विशेष जांच टीम (SIT) गठित की।<br />अब तक 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है..  जिसमें 2 नाबालिग भी हैं जिन्हें किशोर सुधार गृह भेजा जा चुका है। <br />गिरफ्तार किये गये आरोपियों के नाम अवनीश नेगी, शौर्य राजपूत, सूरज ख्वास, सुमित और आयुष बरोनी हैं। <br />एक आरोपी अभी भी फरार है, जिसके नेपाल भागने की आशंका है। पुलिस ने उसकी सूचना देने पर 25,000 रुपये के इनाम की भी घोषणा की है।<br /><br /><strong>सीएम पुष्कर सिंह धामी ने जताया दुख</strong><br />घटना के बाद बढ़ते दबाव के बीच उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार (29 दिसंबर) को एंजेल चकमा के पिता से फोन पर बातचीत की।<br /><br />सीएम ने कहा, “यह एक अत्यंत दुखद और अमानवीय घटना है। दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। सरकार पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है।”<br />मुख्यमंत्री ने बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा करते हुए लिखा कि यह घटना राज्य में किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है।<br /><br /><strong>कांग्रेस नेता राहुल गांधी का बयान</strong><br />कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने इस हत्या को भयावह घृणा अपराध (Hate Crime) करार दिया।<br />उन्होंने <strong>X </strong>पर लिखा—<br /><br />“देहरादून में एंजेल चकमा और उनके भाई के साथ जो हुआ, वह भयानक है। नफरत अचानक पैदा नहीं होती, इसे रोजाना युवाओं को परोसा जा रहा है।”<br />राहुल गांधी ने कहा कि भारत सम्मान और विविधता पर बना देश है, न कि भय और दुर्व्यवहार पर।<br /><br />यह मामला सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि नस्लीय असहिष्णुता और सामाजिक संवेदनहीनता का आईना है।<br />देहरादून जैसे शिक्षा केंद्र में इस तरह की घटना—<br /><br /><strong>कानून-व्यवस्था पर सवाल</strong><br />ऐसी घटनाएं बाहरी छात्रों की सुरक्षा को लेकर चिंता और समाज में बढ़ती नफरत की खतरनाक तस्वीर पेश करती हैं। <br />अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या दोषियों को सख्त सजा मिलेगी, या फिर यह मामला भी आंकड़ों में सिमट जाएगा?</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 Dec 2025 17:22:47 +0530</pubDate>
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                <title>भारत-बांग्लादेश संबंधों में तनाव</title>
                                    <description><![CDATA[विदेश मंत्रालयों के बीच तीखे प्रत्यारोप; बांग्लादेश ने भारत के बयान को 'गुमराह करने वाला' बताया, भारत ने अल्पसंख्यक हिंसा की 2,900 घटनाओं का जिक्र किया]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/%E0%A4%85%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%AF/tension-in-india-bangladesh-relations/article-1722"><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/400/2025-12/bangladesh-violence-killing-hindus.jpg" alt=""></a><br /><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/2025-12/bangladesh-violence-killing-hindus.jpg" alt="bangladesh-violence-killing-hindus" width="800" height="557"/>
उस्मान हादी की हत्या के बाद बांग्लादेश में भड़की हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही

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<p><strong>नई दिल्ली/ढाका</strong>: भारत और बांग्लादेश के बीच अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर कूटनीतिक तलवारें खिंच गई हैं। बीते सप्ताह भारतीय विदेश मंत्रालय ने बांग्लादेश के मैमनसिंह जिले में हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की बर्बर हत्या का जिक्र करते हुए गहरी नाराजगी जताई थी। इसके जवाब में बांग्लादेश ने भारत के बयान को 'लक्षित हमला' करार देते हुए खारिज कर दिया, साथ ही भारत में मुसलमानों और ईसाइयों के खिलाफ हिंसा की घटनाओं पर चिंता व्यक्त की। अंतरिम सरकार के कार्यकाल में अल्पसंख्यक समुदायों पर बढ़ते हमलों ने न केवल द्विपक्षीय संबंधों को प्रभावित किया है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मानवाधिकार संगठनों का ध्यान भी खींचा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह विवाद शेख हसीना के सत्ता से हटने के बाद उत्पन्न राजनीतिक अस्थिरता का प्रतिबिंब है, जहां सांप्रदायिक सद्भाव की लंबी परंपरा खतरे में पड़ रही है।<br /><br /><strong>भारत का सख्त रुख: अल्पसंख्यक हिंसा पर चिंता, 2,900 घटनाओं का हवाला</strong><br />26 दिसंबर को नई दिल्ली में प्रेस वार्ता के दौरान भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बांग्लादेश में व्याप्त अशांति पर चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि भारत बांग्लादेश में हिंदुओं, ईसाइयों और बौद्धों समेत अल्पसंख्यकों के खिलाफ जारी हिंसा को गंभीरता से देख रहा है। जायसवाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा, "कानून-व्यवस्था बनाए रखना बांग्लादेश की अंतरिम सरकार की जिम्मेदारी है। हमने वहां के झूठे भारत-विरोधी प्रचार को सिरे से खारिज किया है।"<br /><br />उन्होंने मैमनसिंह के भालुका इलाके में 18 दिसंबर को हुई दीपू चंद्र दास की हत्या का विशेष उल्लेख किया, जहां 'धर्म का अपमान' के आरोप में उग्र भीड़ ने युवक को पीट-पीटकर मार डाला और उसके शव को पेड़ से बांधकर आग लगा दी। जायसवाल ने इस घटना की कड़ी निंदा की और उम्मीद जताई कि अपराधियों को जल्द न्याय के कठघरे में लाया जाएगा। प्रवक्ता ने खुलासा किया कि अंतरिम सरकार के सत्ता संभालने के बाद अल्पसंख्यकों पर हमलों की 2,900 से अधिक घटनाएं विभिन्न स्रोतों से दर्ज की गई हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि इन्हें महज 'राजनीतिक हिंसा' या 'मीडिया की अतिशयोक्ति' बताकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।<br /><br /><strong>बांग्लादेश का पलटवार: 'अपराधी' था मृतक, भारत में हेट क्राइम पर सवाल</strong><br />रविवार को ढाका में बांग्लादेशी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता एसएम महबूबुल आलम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर भारत के बयान का जवाब दिया। आलम ने इसे 'टारगेटेड' और 'गुमराह करने वाला' बताते हुए कहा, "भारत का बयान बांग्लादेश के वास्तविक हालातों को प्रतिबिंबित नहीं करता। हम किसी भी झूठी, अतिरंजित या जानबूझकर गढ़ी गई कहानी को खारिज करते हैं, जो हमारी सांप्रदायिक सद्भाव की परंपरा को धूमिल करने का प्रयास है।"<br /><br />मंत्रालय ने दीपू चंद्र दास को 'लिस्टेड अपराधी' करार देते हुए दावा किया कि उनकी मौत एक मुस्लिम साथी से पैसे वसूलने के दौरान हुई, जिसे बाद में गिरफ्तार कर लिया गया। आलम ने कहा, "इस घटना को अल्पसंख्यक उत्पीड़न के रूप में पेश करना भ्रामक है।" बांग्लादेश ने भारत से अपील की कि वह अपने यहां अल्पसंख्यक मुद्दों पर गलत प्रचार से बचे।<br /><br />इसके साथ ही, बांग्लादेश ने भारत में अल्पसंख्यकों की स्थिति पर उंगली उठाई। आलम ने कहा, "भारत में मुसलमानों और ईसाइयों के खिलाफ क्रूर हत्याएं, लिंचिंग, मनमानी गिरफ्तारियां और धार्मिक आयोजनों में बाधा जैसी घटनाएं चिंताजनक हैं।" उन्होंने विशेष रूप से पिछले सप्ताह क्रिसमस के दौरान पूरे भारत में ईसाइयों पर हुए सामूहिक हमलों का जिक्र किया, जिन्हें 'हेट क्राइम' और 'लक्षित हिंसा' बताया। बांग्लादेश ने भारत से इनकी निष्पक्ष जांच की उम्मीद जताई।<br /><br /><strong>उस्मान हादी हत्याकांड: अभियुक्तों के 'भारत भागने' के दावे का भारतीय खंडन</strong><br />विवाद को और हवा तब मिली जब बांग्लादेश ने 2024 के छात्र विद्रोह के प्रमुख नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या के अभियुक्तों के भारत भागने का दावा किया। ढाका मेट्रोपोलिटन पुलिस के अनुसार, अभियुक्त फैसल करीम मसूद और आलमगीर शेख ने मैमनसिंह की हलुआघाट सीमा पार कर मेघालय में शरण ली। लेकिन भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया।<br /><br />समाचार एजेंसी पीटीआई के हवाले से बीएसएफ महानिदेशक और मेघालय के इंस्पेक्टर जनरल ओपी उपाध्याय ने कहा, "ढाका पुलिस का यह दावा भ्रामक और गलत है।" यह घटना उस्मान हादी की मौत के बाद भड़की हिंसक प्रदर्शनों की पृष्ठभूमि में आई, जहां पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के खिलाफ विद्रोह का नेतृत्व करने वाले हादी की हत्या ने देशव्यापी आक्रोश पैदा कर दिया।<br /><br /><strong>मैमनसिंह हत्याकांड और अंतरिम सरकार का बयान</strong><br />मैमनसिंह की घटना ने बांग्लादेश में सांप्रदायिक तनाव को चरम पर पहुंचा दिया। भालुका पुलिस स्टेशन के ड्यूटी अधिकारी रिपन मियां ने बीबीसी बांग्ला को बताया कि 18 दिसंबर रात करीब 9 बजे उग्र भीड़ ने दीपू को पैगंबर का अपमान करने के आरोप में पकड़ लिया और क्रूरता से उनकी हत्या कर दी। हालांकि, बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने इसकी निंदा करते हुए फेसबुक पर बयान जारी किया: "नए बांग्लादेश में ऐसी हिंसा की कोई जगह नहीं। अपराधियों को सजा मिलेगी।"<br /><br />20 दिसंबर को नई दिल्ली में बांग्लादेश उच्चायोग के बाहर हुए कथित प्रदर्शन ने भी विवाद को भड़काया। भारत ने इसे 'भ्रामक प्रोपेगैंडा' बताया, जबकि बांग्लादेश ने इसका विरोध दर्ज कराया। यह घटनाक्रम भारत-बांग्लादेश संबंधों में विश्वास की कमी को उजागर करता है, जहां आर्थिक साझेदारी के बावजूद सांप्रदायिक मुद्दे कूटनीति को प्रभावित कर रहे हैं।<br /><br />अंतरराष्ट्रीय संबंधों के जानकारों का कहना है कि यह विवाद दक्षिण एशिया में अल्पसंख्यक अधिकारों पर एक बड़ा परीक्षण है। यदि समय रहते दोनों देश संवाद बढ़ाएं, तो अपराध और हिंसा की यह चक्र टूट सकती है, वरना सीमा पर तनाव और गहरा सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतराष्ट्रीय</category>
                                            <category>दिल्ली</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 Dec 2025 15:54:18 +0530</pubDate>
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