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                <title>उत्तराखंड - Pratyakshdarshi Samachar</title>
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                <title>देहरादून में नस्लीय हिंसा का शिकार बना त्रिपुरा का छात्र एंजेल चकमा</title>
                                    <description><![CDATA[ग्राफिक एरा अस्पताल की मेडिकल रिपोर्ट में खुलासा—सिर, रीढ़ और मस्तिष्क में गंभीर चोटें, सीएम धामी ने परिवार को दिया सख्त कार्रवाई का भरोसा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/state/uttarakhand/tripura-student-angel-chakma-becomes-victim-of-racial-violence-in/article-1723"><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/400/2025-12/angel-chakma-killed-in-dehradun.jpg" alt=""></a><br /><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/2025-12/angel-chakma-killed-in-dehradun.jpg" alt="angel-chakma-killed-in-dehradun" width="1500" height="800"></img>
एंजेल चकमा की फाइल फोटो

<p> </p>
<div>उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में पढ़ाई कर रहे त्रिपुरा के 24 वर्षीय छात्र एंजेल चकमा की कथित नस्लीय हमले के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। 9 दिसंबर को हुए इस हमले के बाद एंजेल पिछले 17 दिनों से अस्पताल में भर्ती था। 26 दिसंबर को गंभीर चोटों के चलते उसकी मौत हो गई, जिससे पूरे देश में आक्रोश और चिंता का माहौल बन गया है।<br /><br />ग्राफिक एरा अस्पताल की मेडिकल जांच रिपोर्ट में छात्र को लगी गंभीर और जानलेवा चोटों की पुष्टि हुई है।<br /><br /><br /><strong> मेडिकल रिपोर्ट में क्या आया सामने</strong><br />अस्पताल की रिपोर्ट के अनुसार एंजेल के साथ हुई हैवानियत का खुलासा किया है।  उनके पीठ और सिर पर गहरे घाव थे। <br />शरीर के दाहिने हिस्से (ऊपरी व निचले अंग) में भी गंभीर चोटें थीं और शरीर के दाहिने हिस्से में लकवा मार गया था..  अस्पताल की जांच में आगे पता चला कि एंजल की रीढ़ की हड्डी में भी गंभीर चोटें आई थी।  इतना ही नहीं उसके मस्तिष्क में दरारें (ब्रेन फिशर) भी आ गई थी और पैरों पर कई खरोंच के निशान थे।<br />डॉक्टरों के अनुसार, ये चोटें किसी भीषण और बेरहमी भरे हमले की ओर इशारा करती हैं।<br /><br /><br /><strong>क्या है पूरा मामला</strong><br />यह घटना देहरादून के सेलाकुई थाना क्षेत्र की है। 9 दिसंबर की रात सड़क किनारे स्थित एक ढाबे पर एंजेल चकमा और उनके भाई माइकल चकमा के साथ कथित तौर पर कुछ नशे में धुत युवकों ने नस्लीय टिप्पणियां कीं। विरोध करने पर मामला हाथापाई में बदल गया।<br /><br />आरोप है कि इसी दौरान एंजेल पर धारदार हथियार से हमला किया गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर मौके पर ही गिर पड़ा। उन्हें तत्काल ग्राफिक एरा अस्पताल में भर्ती कराया गया था। <br /><br /><br /><strong>एसएसपी देहरादून का बयान</strong><br />देहरादून के एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि आरोपी नशे में थे और कुछ ही मिनटों में स्थिति हिंसक हो गई।<br />उन्होंने कहा,<br /><br />“सिर और पीठ पर गंभीर चोट लगने के कारण एंजेल गिर पड़ा। इलाज के दौरान उसकी हालत लगातार नाजुक बनी रही और 26 दिसंबर को उसकी मौत हो गई।”<br /><br /><strong>अब तक कितने गिरफ्तार</strong><br />पीड़ित परिवार की शिकायत पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर विशेष जांच टीम (SIT) गठित की।<br />अब तक 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है..  जिसमें 2 नाबालिग भी हैं जिन्हें किशोर सुधार गृह भेजा जा चुका है। <br />गिरफ्तार किये गये आरोपियों के नाम अवनीश नेगी, शौर्य राजपूत, सूरज ख्वास, सुमित और आयुष बरोनी हैं। <br />एक आरोपी अभी भी फरार है, जिसके नेपाल भागने की आशंका है। पुलिस ने उसकी सूचना देने पर 25,000 रुपये के इनाम की भी घोषणा की है।<br /><br /><strong>सीएम पुष्कर सिंह धामी ने जताया दुख</strong><br />घटना के बाद बढ़ते दबाव के बीच उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार (29 दिसंबर) को एंजेल चकमा के पिता से फोन पर बातचीत की।<br /><br />सीएम ने कहा, “यह एक अत्यंत दुखद और अमानवीय घटना है। दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। सरकार पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है।”<br />मुख्यमंत्री ने बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा करते हुए लिखा कि यह घटना राज्य में किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है।<br /><br /><strong>कांग्रेस नेता राहुल गांधी का बयान</strong><br />कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने इस हत्या को भयावह घृणा अपराध (Hate Crime) करार दिया।<br />उन्होंने <strong>X </strong>पर लिखा—<br /><br />“देहरादून में एंजेल चकमा और उनके भाई के साथ जो हुआ, वह भयानक है। नफरत अचानक पैदा नहीं होती, इसे रोजाना युवाओं को परोसा जा रहा है।”<br />राहुल गांधी ने कहा कि भारत सम्मान और विविधता पर बना देश है, न कि भय और दुर्व्यवहार पर।<br /><br />यह मामला सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि नस्लीय असहिष्णुता और सामाजिक संवेदनहीनता का आईना है।<br />देहरादून जैसे शिक्षा केंद्र में इस तरह की घटना—<br /><br /><strong>कानून-व्यवस्था पर सवाल</strong><br />ऐसी घटनाएं बाहरी छात्रों की सुरक्षा को लेकर चिंता और समाज में बढ़ती नफरत की खतरनाक तस्वीर पेश करती हैं। <br />अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या दोषियों को सख्त सजा मिलेगी, या फिर यह मामला भी आंकड़ों में सिमट जाएगा?</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 Dec 2025 17:22:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Pratyakshdarshi Samachar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>   सीएम धामी ने की अमित शाह से मुलाकात,</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong> । उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। सीएम धामी ने मुलाकात की तस्वीरों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर करते हुए लिखा, "नई दिल्ली में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से भेंट कर उन्हें प्रदेश में हो रहे 38वें राष्ट्रीय खेलों के समापन समारोह में आने के लिए आमंत्रित किया।"</p>
<p>सीएम धामी ने पोस्ट में आगे लिखा, "इस अवसर पर उनके साथ उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के सफल क्रियान्वयन और हाल ही में संपन्न निकाय चुनावों में भारतीय जनता पार्टी को मिली</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/state/uttarakhand/cm-dhami-meets-amit-shah/article-876"><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/400/2025-01/whatsapp-image-2024-06-25-at-5.16.53-pm.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली</strong> । उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। सीएम धामी ने मुलाकात की तस्वीरों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर करते हुए लिखा, "नई दिल्ली में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से भेंट कर उन्हें प्रदेश में हो रहे 38वें राष्ट्रीय खेलों के समापन समारोह में आने के लिए आमंत्रित किया।"</p>
<p>सीएम धामी ने पोस्ट में आगे लिखा, "इस अवसर पर उनके साथ उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के सफल क्रियान्वयन और हाल ही में संपन्न निकाय चुनावों में भारतीय जनता पार्टी को मिली जीत सहित विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा कर उनका मार्गदर्शन प्राप्त किया।"</p>
<p>आपको बता दें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में 38वें राष्ट्रीय खेलों का उद्घाटन किया और सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दीं।</p>
<p>इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि राष्ट्रीय खेलों में कई स्वदेशी पारंपरिक खेलों को शामिल किया गया है। इस बार के राष्ट्रीय खेल भी ग्रीन गेम्स हैं। सभी गेंद और ट्रॉफी ई-कचरे से बनाई गई हैं। जीतने वाले खिलाड़ियों के नाम पर एक पेड़ लगाया जाएगा। मैं सभी खिलाड़ियों को उनके बेहतरीन प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं देता हूं।</p>
<p><strong>वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने के लिए राज्य की धामी सरकार की तारीफ की।</strong></p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा कि आज दुनिया कह रही है कि 21वीं सदी भारत की सदी है। बाबा केदारनाथ के दर्शन करने के बाद मेरे मुंह से और दिल से अचानक ही निकला था कि यह दशक उत्तराखंड का दशक है। मुझे खुशी हो रही है कि उत्तराखंड तेजी से आगे बढ़ रहा है। उत्तराखंड देश का पहला ऐसा राज्य बना है, जिसने यूसीसी लागू की है। मैं कभी-कभी इसे "सेकुलर सिविल कोड" भी कहता हूं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Jan 2025 12:20:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[pratyakshdarshi samachar desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>   विवाह संबंधी कानूनी प्रक्रियाएं सरल होंगी या जटिल?</title>
                                    <description><![CDATA[<p>समान नागरिक संहिता (यूसीसी) व्यक्तिगत अधिकारों के संरक्षण को प्राथमिकता देती है और विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और सहजीवन (लिव-इन) संबंध सहित अन्य कानूनों को नियंत्रित करती है। हम आपको बता दें कि धर्म से परे उत्तराखंड के सभी निवासियों पर लागू समान नागरिक संहिता अधिनियम, 2024 में बहुविवाह और बाल विवाह पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। यह अधिनियम संविधान के अनुच्छेद 342 और 366 (25) के तहत अधिसूचित अनुसूचित जनजातियों और पार्ट-21 के तहत संरक्षित व्यक्तियों और समुदायों पर लागू नहीं होगा। यूसीसी के मुख्य प्रावधानों और उद्देश्यों में विवाह से संबंधित कानूनी प्रक्रियाओं को सरल, सुव्यवस्थित और पारदर्शी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/state/uttarakhand/marriage-legal-processes-will-be-simple-or-complex/article-836"><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/400/2025-01/विवाह-पंजीकरण-प्रक्रिया-दस्तावेज-1.jpg" alt=""></a><br /><p>समान नागरिक संहिता (यूसीसी) व्यक्तिगत अधिकारों के संरक्षण को प्राथमिकता देती है और विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और सहजीवन (लिव-इन) संबंध सहित अन्य कानूनों को नियंत्रित करती है। हम आपको बता दें कि धर्म से परे उत्तराखंड के सभी निवासियों पर लागू समान नागरिक संहिता अधिनियम, 2024 में बहुविवाह और बाल विवाह पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। यह अधिनियम संविधान के अनुच्छेद 342 और 366 (25) के तहत अधिसूचित अनुसूचित जनजातियों और पार्ट-21 के तहत संरक्षित व्यक्तियों और समुदायों पर लागू नहीं होगा। यूसीसी के मुख्य प्रावधानों और उद्देश्यों में विवाह से संबंधित कानूनी प्रक्रियाओं को सरल, सुव्यवस्थित और पारदर्शी बनाना शामिल है।</p>
<p>देखा जाये तो कुल मिलाकर यह कानून व्यक्तिगत अधिकारों के संरक्षण को सुनिश्चित करते हुए सामाजिक सौहाद्र को बढ़ावा देता है। मगर मुस्लिम संगठन जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने इसको भेदभावपूर्ण और पूर्वाग्रह पर आधारित बताते हुए कहा है कि इसे शीर्ष अदालत में चुनौती दी जाएगी। जमीयत के दोनों समूहों ने अलग-अलग बयान जारी कर कहा है कि समान नागरिक संहिता संविधान में मौजूद धार्मिक स्वतंत्रता के खिलाफ है तथा यह मुसलमानों को “किसी भी हालत में स्वीकार्य नहीं है।” देखना होगा कि शीर्ष अदालत में जब इस कानून को लेकर सुनवाई होगी तो क्या कुछ निकल कर आता है। लेकिन इतना तो है ही कि उत्तराखंड ने देशभर में यूसीसी की जरूरत को लेकर एक चर्चा शुरू कर दी है। चर्चा इस बात पर भी हो रही है कि उत्तराखंड का यूसीसी कानून कितना प्रभावी है या इसमें कौन-सी बातें शामिल होने से रह गयी हैं। इस मुद्दे पर उच्चतम न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता और भारत के पीआईएल मैन के रूप में विख्यात अश्विनी उपाध्याय ने कहा है कि पांच बड़े मुद्दे इस कानून में शामिल होने से रह गये हैं इसलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चाहिए कि वह उत्तराखंड को बचाने के लिए इन पांच मुद्दों को भी राज्य के यूसीसी में शामिल कराएं।</p>
<p>उत्तराखंड का कानून व्यक्तिगत अधिकारों के संरक्षण को सुनिश्चित करते हुए सामाजिक सौहाद्र को बढ़ावा देता है। इसमें विवाह के लिए पात्रता मानदंड यह है कि दोनों पक्षों में से किसी का भी जीवित जीवनसाथी नहीं होना चाहिए। विवाह और तलाक से संबंधित यूसीसी के अध्याय एक में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि अगर एक पुरुष और एक महिला की आयु विवाह योग्य है और विवाह के समय दोनों में से किसी का भी जीवित जीवनसाथी नहीं है तो उनके बीच विवाह संपन्न हो सकता है। इसमें कहा गया है कि दोनों मानसिक रूप से स्वस्थ तथा शादी के लिए सहमति देने में सक्षम होने चाहिए। यूसीसी के अनुसार, पुरुष के लिए विवाह की न्यूनतम आयु 21 वर्ष और महिला की 18 वर्ष होनी चाहिए। यूसीसी में 60 दिनों के भीतर विवाह को पंजीकृत कराना अनिवार्य किया गया है। हालांकि, इसमें यह भी कहा गया है कि केवल पंजीकरण न होने के कारण विवाह को अमान्य नहीं माना जाएगा।</p>
<p>इसमें कहा गया है कि 26 मार्च 2010 से लेकर अधिनियम के लागू होने तक हुई शादियों को छह माह के भीतर पंजीकृत कराना होगा। 26 मार्च 2010 से पहले हुए विवाहों को भी पंजीकृत कराया जा सकता है, लेकिन यह अनिवार्य नहीं है। जो व्यक्ति पहले ही नियमानुसार अपने विवाह का पंजीकरण करा चुके हैं, उन्हें दोबारा पंजीकरण कराने की जरूरत नहीं है। विवाह का पंजीकरण ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यम से किया जा सकता है। यूसीसी के तहत, पंजीकरण के लिए आवेदन किए जाने के 15 दिन के भीतर सब-रजिस्ट्रार को उस पर निर्णय लेना होगा और अगर इस अवधि में निर्णय नहीं लिया गया तो यह आवेदन स्वत: ही रजिस्ट्रार के पास पहुंच जाएगा। अगर कोई आवेदन रद्द किया जाता है तो उसके लिए पारदर्शी अपील प्रक्रिया होगी। इसके अलावा, झूठी सूचना देने पर जुर्माने का भी प्रावधान है। राज्य सरकार विवाह पंजीकरण की प्रक्रिया की निगरानी और क्रियान्वयन के लिए सब रजिस्ट्रार, रजिस्ट्रार और रजिस्ट्रार जनरल की नियुक्ति करेगी।</p>
<p>यूसीसी न केवल विवाह प्रक्रिया को सरल बनाता है बल्कि इसे ज्यादा पारदर्शी और जनता के अनुकूल भी बनाता है। यह वसीयत और कोडिसिल (वसीयतनामा उत्तराधिकार) को तैयार करने तथा उसे निरस्त करने के लिए एक सुव्यवस्थित ढांचा प्रदान करता है। इस अधिनियम में वसीयत से संबंधित विभिन्न पहलुओं के बारे में विस्तार से चर्चा की गयी है। राज्य में सशस्त्र बलों के उत्कृष्ट योगदान देने की परंपरा को देखते हुए अधिनियम में ‘प्रिविलेज्ड वसीयत’ का प्रावधान है जिसके अनुसार सक्रिय सेवा या तैनाती पर रहने वाले सैनिक, वायुसैनिक या नौसैनिक अपनी वसीयत को सरल और लचीले नियमों के तहत भी तैयार कर सकते हैं-चाहे वह हस्तलिखित हो, मौखिक रूप से निर्देशित की गई हो, या गवाहों के समक्ष शब्दशः प्रस्तुत की गई हो। इस प्रावधान का मूल उद्देश्य यह है कि कठिन व उच्च-जोखिम वाली परिस्थितियों में तैनात सैनिक भी अपनी संपत्ति-संबंधी इच्छाओं को प्रभावी ढंग से दर्ज करा सकें। उदाहरण के लिए, अगर कोई सैनिक स्वयं अपने हाथ से वसीयत लिखता है, तो उसके लिए हस्ताक्षर या साक्ष्य (अटेस्टेशन) की औपचारिकता आवश्यक नहीं होगी, बशर्ते यह स्पष्ट हो कि वह दस्तावेज उसी की इच्छा से तैयार किया गया है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 Jan 2025 18:05:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[pratyakshdarshi samachar desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>  टाइमलाइन से नियम तक सब कुछ यहां पढ़ें...</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>देहरादून </strong>। उत्तराखंड में यूसीसी लागू हो गया है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यूसीसी (समान नागरिक संहिता) पोर्टल और नियम को सोमवार को लॉन्च किया। उन्होंने कहा कि आज उत्तराखंड में यूसीसी लागू करके हम संविधान निर्माता बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।<br />आपको टाइमलाइन के जरिए बताते हैं कि उत्तराखंड में यूसीसी को लेकर अब तक क्या-क्या कदम उठाए गए हैं।</p>
<p>    12 फरवरी 2022 को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दोबारा सत्ता में आने पर यूसीसी लागू करने की घोषणा की थी। 27 मई 2022 को जस्टिस रंजना देसाई की अध्यक्षता में</p>
<p>इसके</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/state/uttarakhand/read-everything-from-timeline-to-rules-here/article-806"><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/400/2025-01/202501273311272.webp" alt=""></a><br /><p><strong>देहरादून </strong>। उत्तराखंड में यूसीसी लागू हो गया है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यूसीसी (समान नागरिक संहिता) पोर्टल और नियम को सोमवार को लॉन्च किया। उन्होंने कहा कि आज उत्तराखंड में यूसीसी लागू करके हम संविधान निर्माता बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।<br />आपको टाइमलाइन के जरिए बताते हैं कि उत्तराखंड में यूसीसी को लेकर अब तक क्या-क्या कदम उठाए गए हैं।</p>
<p>  12 फरवरी 2022 को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दोबारा सत्ता में आने पर यूसीसी लागू करने की घोषणा की थी। 27 मई 2022 को जस्टिस रंजना देसाई की अध्यक्षता में यूसीसी का प्रारूप तय करने के लिए कमेटी का गठन किया गया।</p>
<p>इसके बाद जस्टिस रंजना देसाई कमेटी ने 2 फरवरी 2024 को सरकार को यूसीसी का प्रारूप सौंपा। 6 फरवरी 2024 को यूसीसी विधेयक को उत्तराखंड विधानसभा में पेश किया गया। 7 फरवरी को विधेयक सदन से सर्वसम्मति के साथ पारित हुआ और 12 मार्च 2024 को राष्ट्रपति ने उत्तराखंड के यूसीसी विधेयक पर मुहर लगाई।</p>
<p>18 अक्टूबर 2024 को यूसीसी नियमावली और क्रियान्वयन समिति ने सरकार को यूसीसी नियमावली का ड्राफ्ट सौंपा था। 20 जनवरी 2025 को उत्तराखंड कैबिनेट ने नियमावली को मंजूरी दी थी। 27 जनवरी 2025 को यूसीसी उत्तराखंड में लागू किया गया।</p>
<p>बता दें कि उत्तराखंड सरकार ने यूसीसी के लिए काफी बातों पर विचार-विमर्श किया। यूसीसी में अनुसूचित जनजातियों को छूट दी गई। इसके अनुसार, यूसीसी उत्तराखंड और उससे बाहर रहने वाले राज्यों के निवासियों पर लागू होगा। हालांकि, अनुसूचित जनजातियों को छूट दी गई है।</p>
<p>इसके साथ ही यूसीसी लागू करने के लिए ग्रामीण क्षेत्र में एसडीएम रजिस्ट्रार और ग्राम पंचायत विकास अधिकारी सब रजिस्ट्रार होंगे, जबकि नगर पंचायत-नगर पालिकाओं में संबंधित एसडीएम रजिस्ट्रार और कार्यकारी अधिकारी सब रजिस्ट्रार होंगे।</p>
<p>इसी तरह नगर निगम क्षेत्र में नगर आयुक्त रजिस्ट्रार और कर निरीक्षक सब रजिस्ट्रार होंगे। साथ ही छावनी क्षेत्र में संबंधित सीईओ रजिस्ट्रार और रेजिडेंट मेडिकल ऑफिसर या सीईओ द्वारा अधिकृत अधिकारी सब रजिस्ट्रार होंगे। इनके ऊपर रजिस्ट्रार जनरल होंगे, जो सचिव स्तर के अधिकारी तथा इंस्पेक्टर जनरल ऑफ रजिस्ट्रेशन होंगे।</p>
<p>यूसीसी नियमों के मुताबिक, अगर रजिस्ट्रार द्वारा तय समय में कार्रवाई नहीं की जाती है तो यह मामला रजिस्ट्रार जनरल के पास जाएगा। यही नहीं, रजिस्ट्रार या सब रजिस्ट्रार के आदेश के खिलाफ रजिस्ट्रार जनरल के पास अपील की जा सकेगी, जो 60 दिन के अंदर अपील का निपटारा कर आदेश जारी करेंगे।</p>
<p>इसमें विवाह पंजीकरण को लेकर भी नियम बनाया गया है। 26 मार्च 2010, से यूसीसी लागू होने की तारीख के बीच हुए विवाह का रजिस्ट्रेशन अगले छह महीने में करवाना होगा। साथ ही यूसीसी के लागू होने के बाद विवाह का रजिस्ट्रेशन कराने के लिए 60 दिन का समय मिलेगा।</p>
<p>उत्तराखंड सरकार के मुताबिक, आवेदकों को भी कई अधिकार दिए गए हैं- जैसे सब रजिस्ट्रार-रजिस्ट्रार अगर समय पर कार्रवाई नहीं करता है तो उनके खिलाफ ऑनलाइन शिकायत दर्ज की जा सकती है। इसके अलावा सब रजिस्ट्रार के अस्वीकृति आदेश के खिलाफ 30 दिन के भीतर रजिस्ट्रार के पास अपील की जा सकती है। यह सभी अपीलें ऑनलाइन पोर्टल या ऐप के माध्यम से दायर हो सकेंगी।</p>
<p>लिव इन रिलेशनशिप को लेकर भी सख्त नियम हैं। इसके मुताबिक, यूसीसी लागू होने के पहले से स्थापित लिव इन रिलेशनशिप का संहिता लागू होने की तारीख से एक महीने के अंदर रजिस्ट्रेशन कराना होगा। जबकि, यूसीसी लागू होने के बाद से लिव इन में रह रहे लोगों के लिए रजिस्ट्रेशन की कार्रवाई एक महीने के अंदर करनी होगी। हालांकि, लिव इन समाप्ति के लिए ऑनलाइन या ऑफलाइन तरीके से आवेदन किया जा सकता है। साथ ही अगर लिव इन के दौरान कोई महिला गर्भवती हो जाती है तो इस बारे में रजिस्ट्रार को बताना होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Jan 2025 17:51:03 +0530</pubDate>
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                <title>   CM धामी ने UCC पोर्टल और नियम लॉन्च किए</title>
                                    <description><![CDATA[<p>देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने UCC (समान नागरिक संहिता) पोर्टल और नियम लॉन्च किए।उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने UCC पोर्टल और नियम लॉन्च पर कहा, "आज उत्तराखंड में UCC लागू करके हम संविधान निर्माता बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं... आज इसी क्षण से उत्तराखंड में UCC पूर्ण रूप से लागू हो गया है... आज से सभी धर्म की महिलाओं को समान अधिकार प्राप्त होंगे... इस अवसर पर मैं समस्त उत्तराखंड वासियों की ओर से प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का धन्यवाद करता हूं क्योंकि उन्हीं के मार्गदर्शन में</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/state/uttarakhand/cm-dhami-launched-ucc-portal-and-rules/article-783"><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/400/2025-01/1460096-soft-shadow-36.webp" alt=""></a><br /><p>देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने UCC (समान नागरिक संहिता) पोर्टल और नियम लॉन्च किए।उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने UCC पोर्टल और नियम लॉन्च पर कहा, "आज उत्तराखंड में UCC लागू करके हम संविधान निर्माता बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं... आज इसी क्षण से उत्तराखंड में UCC पूर्ण रूप से लागू हो गया है... आज से सभी धर्म की महिलाओं को समान अधिकार प्राप्त होंगे... इस अवसर पर मैं समस्त उत्तराखंड वासियों की ओर से प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का धन्यवाद करता हूं क्योंकि उन्हीं के मार्गदर्शन में आज हम यह कानून राज्य में लागू करने में सफल हुए हैं।</p>
<p>मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने UCC पोर्टल और नियम लॉन्च पर कहा, "हमने जनता से जो वादा किया था हम वो पूरा कर रहे हैं और आज पूरी तरह से उत्तराखंड देश का पहला राज्य हो गया है जो UCC को लागू कर रहा है। ये गंगोत्री उत्तराखंड से निकल रही है आने वाले समय में सबको लाभ देगी। सबको किसी ना किसी प्रकार से सहायता करेगी। हर महिला के उत्थान, सशक्तिकरण, सुरक्षा के लिए UCC कवच की तरह काम करेगी।</p>
<p>यूसीसी में बेटों और बेटियों दोनों के लिए संपत्ति में समान अधिकार सुनिश्चित करता है।</p>
<p>यूसीसी के तहत बहुविवाह पर प्रतिबंध होगा, तथा इस ऐतिहासिक कानून के तहत एकविवाह को आदर्श माना जाएगा।</p>
<p>यूसीसी के अनुसार विवाह के लिए न्यूनतम लड़कों की उम्र 21 वर्ष और लड़कियों की उम्र 18 वर्ष निर्धारित की गई है।</p>
<p>विवाह दम्पति के धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार सम्पन्न होगा और विवाह का पंजीकरण अनिवार्य होगा।</p>
<p>यूसीसी लागू होने के बाद, वैध और नाजायज बच्चों के बीच कोई अंतर नहीं होगा क्योंकि कानून का उद्देश्य संपत्ति के अधिकारों पर इस अंतर को खत्म करना है। एक बार जब यूसीसी लागू हो जाएगी तो सभी बच्चों को जैविक संतान के रूप में मान्यता दी जाएगी।</p>
<p>कानून यह भी सुनिश्चित करेगा कि गोद लिए गए, सरोगेसी के माध्यम से पैदा हुए या सहायक प्रजनन तकनीक के माध्यम से गर्भ धारण किए गए बच्चों को जैविक बच्चों के समान माना जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Jan 2025 15:05:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[pratyakshdarshi samachar desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> समान नागरिक संहिता लागू कर रचेगा इतिहास</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली । उत्तराखंड सोमवार को इतिहास रचने जा रहा है। यहां समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू किया जाएगा। इस तरह ऐसा करने वाला उत्तराखंड भारत का पहला राज्य बन जाएगा।<br />समान नागरिक संहिता न केवल पूरे राज्य में लागू होगी, बल्कि यह राज्य से बाहर रहने वाले उत्तराखंड के लोगों पर भी लागू होगी।</p>
<p>यह ऐतिहासिक विधेयक दोपहर करीब 12:30 बजे लागू किया जाएगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राज्य दौरे से ठीक पहले यूसीसी पोर्टल का अनावरण करेंगे।</p>
<p>उत्तराखंड सरकार द्वारा अनुमोदित यूसीसी नियमों में व्यक्तिगत कानूनों से संबंधित विवादों को सुलझाने के लिए</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/state/uttarakhand/history-will-be-created-by-implementing-uniform-civil-code/article-776"><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/400/2025-01/pushkar-singh-dhami.webp" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली । उत्तराखंड सोमवार को इतिहास रचने जा रहा है। यहां समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू किया जाएगा। इस तरह ऐसा करने वाला उत्तराखंड भारत का पहला राज्य बन जाएगा।<br />समान नागरिक संहिता न केवल पूरे राज्य में लागू होगी, बल्कि यह राज्य से बाहर रहने वाले उत्तराखंड के लोगों पर भी लागू होगी।</p>
<p>यह ऐतिहासिक विधेयक दोपहर करीब 12:30 बजे लागू किया जाएगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राज्य दौरे से ठीक पहले यूसीसी पोर्टल का अनावरण करेंगे।</p>
<p>उत्तराखंड सरकार द्वारा अनुमोदित यूसीसी नियमों में व्यक्तिगत कानूनों से संबंधित विवादों को सुलझाने के लिए एक अलग प्रक्रिया बनाने के विवादास्पद प्रस्तावों को टाल दिया गया है।</p>
<p>शत्रुघ्न सिंह समिति द्वारा यूसीसी के लिए प्रस्तावित नियम जो प्रारंभ में 18 अक्टूबर 2024 को मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किए गए थे, उनमें कुछ संशोधनों के अधीन थे।</p>
<p>सूत्रों ने बताया कि 400 पन्नों के इस विस्तृत दस्तावेज को संक्षिप्त करके 100 पन्नों से कम कर दिया गया है, जिसमें केवल विवाह पंजीकरण, तलाक, उत्तराधिकार और लिव-इन से संबंधित प्रावधानों को ही रखा गया है।</p>
<p>उत्तराखंड सरकार द्वारा अनुमोदित संशोधित समान नागरिक संहिता नियमों में अब व्यक्तिगत कानूनों से संबंधित विवादों को निपटाने के लिए अलग प्रक्रिया का प्रस्ताव शामिल नहीं है।</p>
<p>आज लागू होने वाला यूसीसी में बेटों और बेटियों दोनों के लिए संपत्ति में समान अधिकार सुनिश्चित करता है।</p>
<p>यूसीसी के तहत बहुविवाह पर प्रतिबंध होगा, तथा इस ऐतिहासिक कानून के तहत एकविवाह को आदर्श माना जाएगा।</p>
<p>यूसीसी के अनुसार विवाह के लिए न्यूनतम लड़कों की उम्र 21 वर्ष और लड़कियों की उम्र 18 वर्ष निर्धारित की गई है।</p>
<p>विवाह दम्पति के धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार सम्पन्न होगा और विवाह का पंजीकरण अनिवार्य होगा।</p>
<p>यूसीसी लागू होने के बाद, वैध और नाजायज बच्चों के बीच कोई अंतर नहीं होगा क्योंकि कानून का उद्देश्य संपत्ति के अधिकारों पर इस अंतर को खत्म करना है। एक बार जब यूसीसी लागू हो जाएगी तो सभी बच्चों को जैविक संतान के रूप में मान्यता दी जाएगी।</p>
<p>कानून यह भी सुनिश्चित करेगा कि गोद लिए गए, सरोगेसी के माध्यम से पैदा हुए या सहायक प्रजनन तकनीक के माध्यम से गर्भ धारण किए गए बच्चों को जैविक बच्चों के समान माना जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                    

                <link>https://www.pratyakshdarshisamachar.com/state/uttarakhand/history-will-be-created-by-implementing-uniform-civil-code/article-776</link>
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                <pubDate>Mon, 27 Jan 2025 11:48:21 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>   पुष्कर सिंह धामी का दावा- 'दिल्ली में बनेगी डबल इंजन की सरकार'</title>
                                    <description><![CDATA[<p>देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को देहरादून में 38वें राष्ट्रीय खेलों के शुभारंभ समारोह के दृष्टिगत तैयारियों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पत्रकारों से बात की।<br />सीएम पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में मीडिया से बातचीत के दौरान दिल्ली में डबल इंजन की सरकार बनने का दावा किया है। उन्होंने कहा कि पूरे देश में इस समय लोग डबल इंजन की सरकारों को प्राथमिकता दे रहे हैं। दिल्ली की जनता ने परिवर्तन का मन बना लिया है और वहां पर भाजपा की सरकार बनेगी। लोग दिल्ली में डबल इंजन की सरकार बनाएं।</p>
<p>सीएम धामी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/state/uttarakhand/pushkar-singh-dhamis-claim-double-engine-government-will-be/article-722"><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/400/2025-01/20241220239f.jpg" alt=""></a><br /><p>देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को देहरादून में 38वें राष्ट्रीय खेलों के शुभारंभ समारोह के दृष्टिगत तैयारियों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पत्रकारों से बात की।<br />सीएम पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में मीडिया से बातचीत के दौरान दिल्ली में डबल इंजन की सरकार बनने का दावा किया है। उन्होंने कहा कि पूरे देश में इस समय लोग डबल इंजन की सरकारों को प्राथमिकता दे रहे हैं। दिल्ली की जनता ने परिवर्तन का मन बना लिया है और वहां पर भाजपा की सरकार बनेगी। लोग दिल्ली में डबल इंजन की सरकार बनाएं।</p>
<p>सीएम धामी ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के अपडेट को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि यूसीसी की सभी तैयारी पूरी हो गई हैं।</p>
<p>बता दें कि मुख्यमंत्री धामी दिल्ली भारतीय जनता पार्टी के स्टार प्रचारकों में शामिल हैं। सीएम दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए दिल्ली के कई विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव प्रचार में जुटे हैं। वह जनता से भाजपा के लिए वोट मांग रहे हैं।</p>
<p>दिल्ली का चुनाव जीतने के लिए राजनीतिक दलों के नेताओं ने पूरा जोर लगा दिया था। नेता जनता को लुभाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। हालांकि, दिल्ली में भाजपा और आम आदमी पार्टी के बीच कांटे की टक्कर बताई जा रही है। भाजपा, कांग्रेस और आप पार्टियां दिल्ली में अपनी-अपनी जीत का दावा कर रही हैं।</p>
<p>दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों पर एक चरण में पांच फरवरी को मतदान होगी। परिणाम आठ फरवरी को घोषित होंगे।</p>
<p>ज्ञात हो कि उत्तराखंड कैबिनेट ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में 20 जनवरी को हुई बैठक में राज्य में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के लिए नियमावली को मंजूरी दे दी थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 25 Jan 2025 15:14:33 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>    नाबालिग लड़की का अपहरण कर दुष्कर्म करने वाला युवक हरियाणा से गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[<p>उत्तराखंड पुलिस ने एक नाबालिग लड़की का कथित तौर पर अपहरण कर उससे दुष्कर्म करने वाले युवक को हरियाणा के रोहतक से गिरफ्तार कर लिया और लड़की को उसके कब्जे से मुक्त करा लिया।</p>
<p>एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक, लड़की का अपहरण देहरादून जिले के डोईवाला क्षेत्र से तीन महीने पहले हुआ था और इस दौरान डोईवाला का ही रहने वाला आरोपी राजन साहनी (20) लगातार अपने ठिकाने बदलकर पुलिस को गुमराह करता रहा।</p>
<p>पुलिस ने बताया कि पिछले वर्ष 16 अक्टूबर को एक महिला ने शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें उसने आरोप लगाया</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/state/uttarakhand/youth-who-kidnapped-and-raped-minor-girl-arrested-from-haryana/article-532"><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/400/2025-01/66c816ecb3cc7-rape-with-minor-220502174-16x9.webp" alt=""></a><br /><p>उत्तराखंड पुलिस ने एक नाबालिग लड़की का कथित तौर पर अपहरण कर उससे दुष्कर्म करने वाले युवक को हरियाणा के रोहतक से गिरफ्तार कर लिया और लड़की को उसके कब्जे से मुक्त करा लिया।</p>
<p>एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक, लड़की का अपहरण देहरादून जिले के डोईवाला क्षेत्र से तीन महीने पहले हुआ था और इस दौरान डोईवाला का ही रहने वाला आरोपी राजन साहनी (20) लगातार अपने ठिकाने बदलकर पुलिस को गुमराह करता रहा।</p>
<p>पुलिस ने बताया कि पिछले वर्ष 16 अक्टूबर को एक महिला ने शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें उसने आरोप लगाया कि एक अज्ञात आरोपी उसकी 17 वर्षीय बेटी को घर से बहला-फुसलाकर भगा ले गया है।</p>
<p>पुलिस के मुताबिक, महिला की शिकायत के आधार पर डोईवाला थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2) के तहत अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच के दौरान साहनी द्वारा नाबालिग लड़की का अपहरण किए जाने की बात सामने आयी, जिसके बाद संभावित स्थानों पर दबिश दी गयी लेकिन आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए ठिकाने बदलता रहा लेकिन पुलिस ने शुक्रवार को उसे रोहतक से गिरफ्तार कर लड़की को उसके कब्जे से मुक्त करा लिया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 19 Jan 2025 12:49:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[pratyakshdarshi samachar desk]]></dc:creator>
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                <title>   अखिलेश बोले संगम तब जाएंगे, जब मां गंगा बुलाएंगी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>हरिद्वार। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि संगम तब जाएंगे, जब मां गंगा बुलाएंगी। सपा मुखिया अखिलेश यादव बुधवार यहां पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। इस मौके पर उन्होंने महाकुंभ को लेकर बड़ा बयान दिया।<br />उन्होंने कहा कि हरिद्वार से लेकर कोलकाता तक गंगा बहती है। जो गंगा में जहां पर डुबकी लगाना चाहता है, वह लगा सकता है। सभी जगह का अपना-अपना महत्व है। अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि कल मैं हरिद्वार में था और मकर संक्रांति पर डुबकी लगाई थी। जब उनसे यह सवाल किया गया कि वह संगम में डुबकी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/state/uttarakhand/akhilesh-said-that-we-will-go-to-sangam-only-when/article-413"><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/400/2025-01/images-(25)1.jpeg" alt=""></a><br /><p>हरिद्वार। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि संगम तब जाएंगे, जब मां गंगा बुलाएंगी। सपा मुखिया अखिलेश यादव बुधवार यहां पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। इस मौके पर उन्होंने महाकुंभ को लेकर बड़ा बयान दिया।<br />उन्होंने कहा कि हरिद्वार से लेकर कोलकाता तक गंगा बहती है। जो गंगा में जहां पर डुबकी लगाना चाहता है, वह लगा सकता है। सभी जगह का अपना-अपना महत्व है। अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि कल मैं हरिद्वार में था और मकर संक्रांति पर डुबकी लगाई थी। जब उनसे यह सवाल किया गया कि वह संगम में डुबकी कब लगाएंगे, तो उन्होंने जवाब देते हुए कहा कि संगम तब जाएंगे, जब मां गंगा बुलाएंगी।</p>
<p>सपा मुखिया अखिलेश यादव ने कहा कि महाकुंभ हमारी हिंदू परंपरा के तहत हजारों साल से होता आया है। साधु-संत, ऋषि-मुनि, जिन्हें हम कभी नहीं देख पाते, महाकुंभ में उनके दर्शन होते हैं। मां गंगा में पूजा-पाठ की जो तिथियां होती हैं, उस दिन संगम में स्नान करके पुण्य कमाते हैं।</p>
<p>प्रयागराज महाकुंभ में हुई कुछ घटनाओं के बारे में पूछने पर अखिलेश यादव ने कहा कि अभी इन सब चीजों पर बात करने का समय नहीं है। लेकिन इतने संसाधन होने के बाद अगर कमियां रहती हैं, तो कहीं न कहीं सवाल खड़ा होता है। आज के समय तो हर चीज लाइव है। हर चीज दिख रही है। हमें उम्मीद है कि सरकार उन तमाम कमियों पर ध्यान देगी। उन चीजों का सही तरीके से इंतजाम करेगी, क्योंकि अभी बहुत दिन महाकुंभ को चलना है। हमें उम्मीद है कि सरकार उन तमाम कमियों को दूर करेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 15 Jan 2025 15:57:38 +0530</pubDate>
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                            </item>
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                <title>   हरिद्वार मेडिकल कॉलेज: छात्रों की फीस नहीं बढ़ेगी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मेडिकल कॉलेज के पीपीपी मोड पर संचालित होने से मेडिकल छात्र नहीं होंगे प्रभावित</p>
<p>भर्ती मरीजों को भी आयुष्मान और सीजीएचएस की दरों के अनुसार मिलेगा उपचार</p>
<p>निदेशक, चिकित्सा शिक्षा, डॉ आशुतोष सयाना, ने बताया है कि हरिद्वार स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज के संचालन को पीपीपी मोड पर दिए जाने से अध्ययनरत छात्रों की फीस नहीं बढ़ेगी, साथ ही छात्रों को अन्य सभी सुविधाएं सरकारी भी मेडिकल कॉलेज के समान ही मिलती रहेंगी। </p>
<p>डॉ आशुतोष सयाना ने कहा कि इसी सत्र से राजकीय मेडिकल कॉलेज, हरिद्वार में 100 एमबीबीएस सीटों की मंजूरी मिली है, अब यहां विधिवत पढाई भी शुरु</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/state/uttarakhand/fees-of-haridwar-medical-college-students-will-not-increase/article-204"><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/400/2025-01/m-1-4.jpg" alt=""></a><br /><p>मेडिकल कॉलेज के पीपीपी मोड पर संचालित होने से मेडिकल छात्र नहीं होंगे प्रभावित</p>
<p>भर्ती मरीजों को भी आयुष्मान और सीजीएचएस की दरों के अनुसार मिलेगा उपचार</p>
<p>निदेशक, चिकित्सा शिक्षा, डॉ आशुतोष सयाना, ने बताया है कि हरिद्वार स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज के संचालन को पीपीपी मोड पर दिए जाने से अध्ययनरत छात्रों की फीस नहीं बढ़ेगी, साथ ही छात्रों को अन्य सभी सुविधाएं सरकारी भी मेडिकल कॉलेज के समान ही मिलती रहेंगी। </p>
<p>डॉ आशुतोष सयाना ने कहा कि इसी सत्र से राजकीय मेडिकल कॉलेज, हरिद्वार में 100 एमबीबीएस सीटों की मंजूरी मिली है, अब यहां विधिवत पढाई भी शुरु हो गई है। इसी क्रम में मेडिकल कॉलेज के बेहतर संचालन और मरीजों को अच्छी सुविधाएं देने के लिए, कॉलेज को पीपीपी मोड पर दिए जाने का निर्णय लिया गया है। लेकिन पीपीपी की शर्त में स्पष्ट किया गया है कि इससे अध्ययनरत छात्रों की फीस नहीं बढेगी, साथ ही छात्रों को मिलने वाले सभी शैक्षिक प्रमाणपत्र और डिग्रियों पर राजकीय मेडिकल कॉलेज हरिद्वार ही दर्ज रहेगा। इसी तरह भर्ती होने वाले मरीजों को उनके कार्ड के अनुसार आयुष्मान कार्ड या सीजीएचएस की दरों पर ही उपचार दिया जाएगा। डॉ सयाना ने कहा कि पीपीपी मोड में दिए जाने मकसद सिर्फ अस्पताल और मेडिकल कॉलेज की सुविधाओं को आधुनिक बनाना है। ताकि छात्रों और मरीजों को इसका अधिकतम लाभ मिल सके। इसलिए छात्रों या आम जन मानस को इस विषय में भ्रमित होने की आवश्यकता नहीं है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Jan 2025 16:58:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[pratyakshdarshi samachar desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>   निकाय चुनाव से पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भाजपा में शामिल</title>
                                    <description><![CDATA[<p>उत्तराखंड में शहरी स्थानीय निकाय चुनाव से पहले कांग्रेस की प्रदेश इकाई के उपाध्यक्ष मथुरा दत्त जोशी सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गए।</p>
<p>बताया जा रहा है कि जोशी पार्टी हाईकमान द्वारा पिथौरागढ़ में महापौर सीट के लिए उनकी पत्नी को टिकट नहीं दिए जाने के बाद से नाखुश थे। भाजपा में शामिल होने वाले अन्य नेताओं में कांग्रेस की प्रदेश इकाई के पूर्व उपाध्यक्ष बिट्टू कर्नाटक और दो बार जिला पंचायत अध्यक्ष रहे जगत सिंह खाती शामिल हैं।</p>
<p>मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और भाजपा की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष महेंद्र भट्ट</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/state/uttarakhand/senior-congress-leaders-join-bjp-before-civic-elections/article-94"><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/400/2025-01/bjpflag01750_1575094762.jpg" alt=""></a><br /><p>उत्तराखंड में शहरी स्थानीय निकाय चुनाव से पहले कांग्रेस की प्रदेश इकाई के उपाध्यक्ष मथुरा दत्त जोशी सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गए।</p>
<p>बताया जा रहा है कि जोशी पार्टी हाईकमान द्वारा पिथौरागढ़ में महापौर सीट के लिए उनकी पत्नी को टिकट नहीं दिए जाने के बाद से नाखुश थे। भाजपा में शामिल होने वाले अन्य नेताओं में कांग्रेस की प्रदेश इकाई के पूर्व उपाध्यक्ष बिट्टू कर्नाटक और दो बार जिला पंचायत अध्यक्ष रहे जगत सिंह खाती शामिल हैं।</p>
<p>मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और भाजपा की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने शनिवार को यहां पार्टी के प्रदेश कार्यालय में नेताओं का सत्तारूढ़ दल में स्वागत किया।</p>
<p>कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए नेताओं को मेहनती और योग्य व्यक्ति करार देते हुए धामी ने भरोसा जताया कि भाजपा को निकाय चुनाव में उनके अनुभव का लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस में योग्य और अच्छे लोगों की कोई कद्र नहीं है।</p>
<p>कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए नेताओं ने कहा कि कांग्रेस समर्पित कार्यकर्ताओं को उचित सम्मान नहीं दे रही है। जोशी ने कहा कि वह भाजपा में इसलिए शामिल हुए क्योंकि कांग्रेस में ईमानदार कार्यकर्ताओं की कोई कद्र नहीं है।</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘मैंने कांग्रेस में पूरी ईमानदारी के साथ काम किया लेकिन पार्टी में इस सब की कोई कद्र नहीं है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                    

                <link>https://www.pratyakshdarshisamachar.com/state/uttarakhand/senior-congress-leaders-join-bjp-before-civic-elections/article-94</link>
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                <pubDate>Sun, 05 Jan 2025 12:18:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[pratyakshdarshi samachar desk]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>The Best Ways to Naturally Show Off your Gorgeous Worked Body</title>
                                    <description><![CDATA[<p>People live better in big houses and in big clothes. I try to contrast; life today is full of contrast. We have to change! I am not interested in the past, except as the road to the future. Give me time and I’ll give you a revolution. I think the idea of mixing luxury and mass-market fashion is very modern. I want people to be afraid of the women I dress.</p>
<h3>Mass-market fashion is very modern</h3>
<p>I think the idea of mixing luxury and, very now no one wears head-to-toe designer anymore. There has to be a balance between your</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/state/uttar-pradesh/lucknow/the-best-ways-to-naturally-show-off-your-gorgeous-worked-body/article-16"><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/400/2021-03/maya_bay.jpg" alt=""></a><br /><p>People live better in big houses and in big clothes. I try to contrast; life today is full of contrast. We have to change! I am not interested in the past, except as the road to the future. Give me time and I’ll give you a revolution. I think the idea of mixing luxury and mass-market fashion is very modern. I want people to be afraid of the women I dress.</p>
<h3>Mass-market fashion is very modern</h3>
<p>I think the idea of mixing luxury and, very now no one wears head-to-toe designer anymore. There has to be a balance between your mental satisfaction and the financial needs of your company. A girl should be two things: classy and fabulous.</p>
<p>I never look at other people’s work. I can’t get sucked into that celebrity thing, because I think it’s just crass. Give me time and I’ll give you a revolution. I can’t get sucked into that celebrity thing, because I think it’s just crass.</p>
<p>I can design a collection in a day and I always do, cause I’ve always got a load of Italians on my back, moaning that it’s late. Sometimes the simplest things are the most profound.</p>
<p>Luxury will be always around, no matter what happens in the world. There is always the new project, the new opportunity. Attention to detail is of utmost importance when you want to look good. I have a fantastic relationship with money. I use it to buy my freedom.</p>
<p>I think the idea of mixing luxury and mass-market fashion is very modern, very now no one wears head-to-toe designer anymore. I think the idea of mixing luxury and mass-market fashion is very modern, very now no one wears head-to-toe designer anymore.</p>
<p>Confidence. If you have it, you can make anything look good. Abstinence from coffee, tobacco. Adventists has afforded a near-unique opportunity.</p>
<h3>Clothes can transform your mood and confidence</h3>
<p>I think the idea of mixing luxury and mass-market fashion is very modern, very now no one wears head-to-toe designer anymore. I want people to be afraid of the women I dress. Elegance isn’t solely defined by what you wear. Clothes can transform your mood and confidence.</p>
<p>Fashion moves so quickly that, unless you have a strong point of view, you can lose integrity. I like to be real. I don’t like things to be staged or fussy. I think I’d go mad if I didn’t have a place to escape to. You have to stay true to your heritage, that’s what your brand is about.</p>
<p><img src="https://admin29471899.epapercms.com/media/2021-03/p2-300x387.jpg" alt="p2-300x387.jpg"></img></p>]]></content:encoded>
                
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                                            <category>उत्तरप्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                    

                <link>https://www.pratyakshdarshisamachar.com/state/uttar-pradesh/lucknow/the-best-ways-to-naturally-show-off-your-gorgeous-worked-body/article-16</link>
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                <pubDate>Sat, 28 Dec 2024 23:46:11 +0530</pubDate>
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