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                <title>दिल्ली - Pratyakshdarshi Samachar</title>
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                <description>दिल्ली RSS Feed</description>
                
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                <title>वैश्विक संकट के बीच ट्रेड की जंग—भारत की डील पर सियासी टकराव तेज</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली।  दुनिया इस समय कई बड़े संघर्षों से गुजर रही है—यूक्रेन-रूस युद्ध, इजराइल-हमास टकराव और अब ईरान से बढ़ता तनाव। इन हालातों ने वैश्विक व्यापार को गहरे असर में डाल दिया है। रेड सी संकट, होर्मुज स्ट्रेट पर खतरा, शिपिंग रूट्स का बदलना और बढ़ती इंश्योरेंस लागत ने अंतरराष्ट्रीय ट्रेड को धीमा कर दिया है। WTO ने भी चेतावनी दी है कि 2026 में वैश्विक व्यापार वृद्धि बहुत सीमित रह सकती है।ऐसे समय में भारत की राजनीति में भी ट्रेड को लेकर बहस तेज हो गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी लगातार India-US इंटरिम ट्रेड डील पर सवाल उठा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/state/delhi/trade-war-amid-global-crisis-%E2%80%93-political-conflict-intensifies-over/article-1756"><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/400/2026-03/rahulg.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली।  दुनिया इस समय कई बड़े संघर्षों से गुजर रही है—यूक्रेन-रूस युद्ध, इजराइल-हमास टकराव और अब ईरान से बढ़ता तनाव। इन हालातों ने वैश्विक व्यापार को गहरे असर में डाल दिया है। रेड सी संकट, होर्मुज स्ट्रेट पर खतरा, शिपिंग रूट्स का बदलना और बढ़ती इंश्योरेंस लागत ने अंतरराष्ट्रीय ट्रेड को धीमा कर दिया है। WTO ने भी चेतावनी दी है कि 2026 में वैश्विक व्यापार वृद्धि बहुत सीमित रह सकती है।ऐसे समय में भारत की राजनीति में भी ट्रेड को लेकर बहस तेज हो गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी लगातार India-US इंटरिम ट्रेड डील पर सवाल उठा रहे हैं। संसद और अपनी रैलियों में उन्होंने इस समझौते को किसानों, उद्योग और डेटा सुरक्षा के लिए नुकसानदायक बताया है। उनका कहना है कि इस डील से भारत को बराबरी का फायदा नहीं मिलेगा और सरकार को इसे रद्द करने पर विचार करना चाहिए।</p>
<p>राहुल गांधी ने अपने बयानों में यह भी दावा किया कि इस समझौते में कुछ ऐसे प्रावधान हैं जो भारतीय उद्योग और डेटा हितों को प्रभावित कर सकते हैं। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि जल्दबाजी में यह डील की गई और संसद में इस पर पर्याप्त चर्चा नहीं हुई।वहीं दूसरी तरफ सरकार और भाजपा इस आलोचना को खारिज कर रहे हैं। उनका कहना है कि मौजूदा वैश्विक संकट के बीच यह ट्रेड डील भारत के लिए नए बाजारों तक पहुंच और सप्लाई चेन को सुरक्षित करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। सरकार का दावा है कि इससे खासकर टेक्सटाइल और अन्य निर्यात क्षेत्रों को फायदा मिल सकता है और भारत की वैश्विक स्थिति मजबूत होगी।</p>
<p>विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा हालात में वैश्विक सप्लाई चेन पहले से ज्यादा अस्थिर हो गई है। रेड सी में हमलों के कारण जहाजों को लंबा रास्ता लेना पड़ रहा है, जिससे लागत बढ़ रही है। वहीं होर्मुज स्ट्रेट पर तनाव ने ऊर्जा सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ा दी है। ऐसे में देशों के लिए वैकल्पिक व्यापार साझेदार और सुरक्षित रूट्स खोजना जरूरी हो गया है। इसी वजह से भारत के लिए भी यह जरूरी हो गया है कि वह अपने व्यापारिक विकल्पों को मजबूत करे और नए समझौतों के जरिए जोखिम कम करे। हालांकि इस पर राजनीतिक मतभेद साफ दिखाई दे रहे हैं—एक पक्ष इसे अवसर मान रहा है, तो दूसरा इसे संभावित खतरे के रूप में देख रहा है।पूरे घटनाक्रम में सबसे अहम सवाल यही है कि जब दुनिया तेजी से बदल रही है और वैश्विक व्यापार नए समीकरणों की ओर बढ़ रहा है, तो क्या भारत को तेजी से निर्णय लेने चाहिए या ज्यादा सतर्क होकर हर पहलू पर विचार करना चाहिए?</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दिल्ली</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 Mar 2026 18:42:15 +0530</pubDate>
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                <title>भारत-बांग्लादेश संबंधों में तनाव</title>
                                    <description><![CDATA[विदेश मंत्रालयों के बीच तीखे प्रत्यारोप; बांग्लादेश ने भारत के बयान को 'गुमराह करने वाला' बताया, भारत ने अल्पसंख्यक हिंसा की 2,900 घटनाओं का जिक्र किया]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/%E0%A4%85%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%AF/tension-in-india-bangladesh-relations/article-1722"><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/400/2025-12/bangladesh-violence-killing-hindus.jpg" alt=""></a><br /><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/2025-12/bangladesh-violence-killing-hindus.jpg" alt="bangladesh-violence-killing-hindus" width="800" height="557"></img>
उस्मान हादी की हत्या के बाद बांग्लादेश में भड़की हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही

<p> </p>
<p><strong>नई दिल्ली/ढाका</strong>: भारत और बांग्लादेश के बीच अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर कूटनीतिक तलवारें खिंच गई हैं। बीते सप्ताह भारतीय विदेश मंत्रालय ने बांग्लादेश के मैमनसिंह जिले में हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की बर्बर हत्या का जिक्र करते हुए गहरी नाराजगी जताई थी। इसके जवाब में बांग्लादेश ने भारत के बयान को 'लक्षित हमला' करार देते हुए खारिज कर दिया, साथ ही भारत में मुसलमानों और ईसाइयों के खिलाफ हिंसा की घटनाओं पर चिंता व्यक्त की। अंतरिम सरकार के कार्यकाल में अल्पसंख्यक समुदायों पर बढ़ते हमलों ने न केवल द्विपक्षीय संबंधों को प्रभावित किया है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मानवाधिकार संगठनों का ध्यान भी खींचा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह विवाद शेख हसीना के सत्ता से हटने के बाद उत्पन्न राजनीतिक अस्थिरता का प्रतिबिंब है, जहां सांप्रदायिक सद्भाव की लंबी परंपरा खतरे में पड़ रही है।<br /><br /><strong>भारत का सख्त रुख: अल्पसंख्यक हिंसा पर चिंता, 2,900 घटनाओं का हवाला</strong><br />26 दिसंबर को नई दिल्ली में प्रेस वार्ता के दौरान भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बांग्लादेश में व्याप्त अशांति पर चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि भारत बांग्लादेश में हिंदुओं, ईसाइयों और बौद्धों समेत अल्पसंख्यकों के खिलाफ जारी हिंसा को गंभीरता से देख रहा है। जायसवाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा, "कानून-व्यवस्था बनाए रखना बांग्लादेश की अंतरिम सरकार की जिम्मेदारी है। हमने वहां के झूठे भारत-विरोधी प्रचार को सिरे से खारिज किया है।"<br /><br />उन्होंने मैमनसिंह के भालुका इलाके में 18 दिसंबर को हुई दीपू चंद्र दास की हत्या का विशेष उल्लेख किया, जहां 'धर्म का अपमान' के आरोप में उग्र भीड़ ने युवक को पीट-पीटकर मार डाला और उसके शव को पेड़ से बांधकर आग लगा दी। जायसवाल ने इस घटना की कड़ी निंदा की और उम्मीद जताई कि अपराधियों को जल्द न्याय के कठघरे में लाया जाएगा। प्रवक्ता ने खुलासा किया कि अंतरिम सरकार के सत्ता संभालने के बाद अल्पसंख्यकों पर हमलों की 2,900 से अधिक घटनाएं विभिन्न स्रोतों से दर्ज की गई हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि इन्हें महज 'राजनीतिक हिंसा' या 'मीडिया की अतिशयोक्ति' बताकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।<br /><br /><strong>बांग्लादेश का पलटवार: 'अपराधी' था मृतक, भारत में हेट क्राइम पर सवाल</strong><br />रविवार को ढाका में बांग्लादेशी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता एसएम महबूबुल आलम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर भारत के बयान का जवाब दिया। आलम ने इसे 'टारगेटेड' और 'गुमराह करने वाला' बताते हुए कहा, "भारत का बयान बांग्लादेश के वास्तविक हालातों को प्रतिबिंबित नहीं करता। हम किसी भी झूठी, अतिरंजित या जानबूझकर गढ़ी गई कहानी को खारिज करते हैं, जो हमारी सांप्रदायिक सद्भाव की परंपरा को धूमिल करने का प्रयास है।"<br /><br />मंत्रालय ने दीपू चंद्र दास को 'लिस्टेड अपराधी' करार देते हुए दावा किया कि उनकी मौत एक मुस्लिम साथी से पैसे वसूलने के दौरान हुई, जिसे बाद में गिरफ्तार कर लिया गया। आलम ने कहा, "इस घटना को अल्पसंख्यक उत्पीड़न के रूप में पेश करना भ्रामक है।" बांग्लादेश ने भारत से अपील की कि वह अपने यहां अल्पसंख्यक मुद्दों पर गलत प्रचार से बचे।<br /><br />इसके साथ ही, बांग्लादेश ने भारत में अल्पसंख्यकों की स्थिति पर उंगली उठाई। आलम ने कहा, "भारत में मुसलमानों और ईसाइयों के खिलाफ क्रूर हत्याएं, लिंचिंग, मनमानी गिरफ्तारियां और धार्मिक आयोजनों में बाधा जैसी घटनाएं चिंताजनक हैं।" उन्होंने विशेष रूप से पिछले सप्ताह क्रिसमस के दौरान पूरे भारत में ईसाइयों पर हुए सामूहिक हमलों का जिक्र किया, जिन्हें 'हेट क्राइम' और 'लक्षित हिंसा' बताया। बांग्लादेश ने भारत से इनकी निष्पक्ष जांच की उम्मीद जताई।<br /><br /><strong>उस्मान हादी हत्याकांड: अभियुक्तों के 'भारत भागने' के दावे का भारतीय खंडन</strong><br />विवाद को और हवा तब मिली जब बांग्लादेश ने 2024 के छात्र विद्रोह के प्रमुख नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या के अभियुक्तों के भारत भागने का दावा किया। ढाका मेट्रोपोलिटन पुलिस के अनुसार, अभियुक्त फैसल करीम मसूद और आलमगीर शेख ने मैमनसिंह की हलुआघाट सीमा पार कर मेघालय में शरण ली। लेकिन भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया।<br /><br />समाचार एजेंसी पीटीआई के हवाले से बीएसएफ महानिदेशक और मेघालय के इंस्पेक्टर जनरल ओपी उपाध्याय ने कहा, "ढाका पुलिस का यह दावा भ्रामक और गलत है।" यह घटना उस्मान हादी की मौत के बाद भड़की हिंसक प्रदर्शनों की पृष्ठभूमि में आई, जहां पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के खिलाफ विद्रोह का नेतृत्व करने वाले हादी की हत्या ने देशव्यापी आक्रोश पैदा कर दिया।<br /><br /><strong>मैमनसिंह हत्याकांड और अंतरिम सरकार का बयान</strong><br />मैमनसिंह की घटना ने बांग्लादेश में सांप्रदायिक तनाव को चरम पर पहुंचा दिया। भालुका पुलिस स्टेशन के ड्यूटी अधिकारी रिपन मियां ने बीबीसी बांग्ला को बताया कि 18 दिसंबर रात करीब 9 बजे उग्र भीड़ ने दीपू को पैगंबर का अपमान करने के आरोप में पकड़ लिया और क्रूरता से उनकी हत्या कर दी। हालांकि, बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने इसकी निंदा करते हुए फेसबुक पर बयान जारी किया: "नए बांग्लादेश में ऐसी हिंसा की कोई जगह नहीं। अपराधियों को सजा मिलेगी।"<br /><br />20 दिसंबर को नई दिल्ली में बांग्लादेश उच्चायोग के बाहर हुए कथित प्रदर्शन ने भी विवाद को भड़काया। भारत ने इसे 'भ्रामक प्रोपेगैंडा' बताया, जबकि बांग्लादेश ने इसका विरोध दर्ज कराया। यह घटनाक्रम भारत-बांग्लादेश संबंधों में विश्वास की कमी को उजागर करता है, जहां आर्थिक साझेदारी के बावजूद सांप्रदायिक मुद्दे कूटनीति को प्रभावित कर रहे हैं।<br /><br />अंतरराष्ट्रीय संबंधों के जानकारों का कहना है कि यह विवाद दक्षिण एशिया में अल्पसंख्यक अधिकारों पर एक बड़ा परीक्षण है। यदि समय रहते दोनों देश संवाद बढ़ाएं, तो अपराध और हिंसा की यह चक्र टूट सकती है, वरना सीमा पर तनाव और गहरा सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतराष्ट्रीय</category>
                                            <category>दिल्ली</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 Dec 2025 15:54:18 +0530</pubDate>
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                <title>अमित शाह का असम दौरा</title>
                                    <description><![CDATA[कोहरे से प्रभावित एकदिवसीय यात्रा में 227 करोड़ का शंकरदेव जन्मस्थल पुनर्विकास, 189 करोड़ का आईसीसीएस सेंटर और 291 करोड़ का सांस्कृतिक परिसर; राजनीतिक संदेश के साथ आर्थिक उछाल की उम्मीद]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/state/delhi/amit-shahs-visit-to-assam/article-1720"><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/400/2025-12/amit-shah-visit-assam.jpg" alt=""></a><br /><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/2025-12/amit-shah-visit-assam1.jpg" alt="amit-shah-visit-assam" width="600" height="450"></img>
गृहमंत्री अमित शाह का स्वागत करते असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिश्व शर्मा

<p> </p>
<p>अमित शाह का असम दौरा: विकास परियोजनाओं की सौगात, सांस्कृतिक पुनरुत्थान और सुरक्षा मजबूती पर जोर<br />कोहरे से प्रभावित एकदिवसीय यात्रा में 227 करोड़ का शंकरदेव जन्मस्थल पुनर्विकास, 189 करोड़ का आईसीसीएस सेंटर और 291 करोड़ का सांस्कृतिक परिसर; राजनीतिक संदेश के साथ आर्थिक उछाल की उम्मीद<br /><br /><strong>नई दिल्ली/गुवाहाटी</strong>: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सोमवार को असम के एकदिवसीय दौरे पर पहुंचे, जहां उन्होंने राज्य की विकास यात्रा को नई गति देने वाली करोड़ों रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन किया। कोहरे के कारण रविवार रात अहमदाबाद से गुवाहाटी की उड़ान रद्द होने के बावजूद, शाह ने सोमवार सुबह ही अपना कार्यक्रम शुरू कर दिया। यह दौरा न केवल असम के सांस्कृतिक धरोहर को मजबूत करने और सुरक्षा तंत्र को सशक्त बनाने पर केंद्रित है, बल्कि पूर्वोत्तर की आर्थिक प्रगति को गति देने का भी एक मजबूत राजनीतिक संदेश देता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ये परियोजनाएं स्थानीय रोजगार सृजन और पर्यटन को बढ़ावा देकर असम की जीडीपी में 1-2 प्रतिशत का इजाफा कर सकती हैं, खासकर जब केंद्र सरकार पूर्वोत्तर के लिए 2025-26 बजट में 20% अधिक आवंटन की घोषणा कर चुकी है।<br /><br /><strong>शहीदों को श्रद्धांजलि: असम आंदोलन की स्मृति</strong><br />असम पहुंचते ही गृह मंत्री अमित शाह ने गुवाहाटी के 'शहीद स्मारक क्षेत्र' में असम आंदोलन के शहीदों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। यह कदम राज्य की क्षेत्रीय अस्मिता और अवैध घुसपैठ के खिलाफ ऐतिहासिक संघर्ष को रेखांकित करता है। शाह ने कहा, "शहीदों का बलिदान हमें मजबूत भारत की नींव देता है। असम का विकास इसी नींव पर खड़ा होगा।" यह श्रद्धांजलि न केवल भावनात्मक जुड़ाव पैदा करती है, बल्कि भाजपा की पूर्वोत्तर रणनीति में स्थानीय भावनाओं को प्राथमिकता देने का संकेत भी देती है।<br /><br /><strong>वैष्णव संत शंकरदेव के जन्मस्थल पर 227 करोड़ का ऐतिहासिक पुनर्विकास</strong><br />दौरे की मुख्य आकर्षण रही नागांव जिले के बोरदुवा स्थित बटाद्रवा थान, जहां वैष्णव संत श्रीमंत शंकरदेव का जन्म हुआ था। गृह मंत्री ने यहां 227 करोड़ रुपये की लागत से विकसित पुनर्विकास परियोजना का उद्घाटन किया, जो असम की सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ती है। इस प्रोजेक्ट में मंदिर परिसर का विस्तार, डिजिटल प्रदर्शनी केंद्र और पर्यटक सुविधाएं शामिल हैं, जो सालाना 5 लाख से अधिक श्रद्धालुओं को आकर्षित करने की क्षमता रखता है। उद्घाटन के ठीक बाद शाह ने बोरदुवा में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया, जहां उन्होंने कहा, "शंकरदेव की भक्ति और एकता की भावना आज भी असम को प्रेरित करती है। केंद्र सरकार इस धरोहर को संरक्षित कर आर्थिक विकास का माध्यम बनाएगी।" आर्थिक दृष्टि से, यह परियोजना पर्यटन क्षेत्र में 500 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार पैदा करेगी और स्थानीय हस्तशिल्प को बढ़ावा देगी।<br /><br /><strong>गुवाहाटी में सुरक्षा कवच: 189 करोड़ का आईसीसीएस सेंटर और पुलिस भवन</strong><br />गुवाहाटी लौटने पर अमित शाह ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने वाली दो महत्वपूर्ण परियोजनाओं को हरी झंडी दिखाई। पहली, 111 करोड़ रुपये की नई गुवाहाटी पुलिस कमिश्नरेट भवन, जो आधुनिक फोरेंसिक लैब और प्रशिक्षण केंद्र से लैस है। दूसरी, 189 करोड़ रुपये का इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम (ICCS), जो 2,000 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से रीयल-टाइम निगरानी सुनिश्चित करेगा। यह सिस्टम आपातकालीन प्रतिक्रिया को 30% तेज करने के साथ-साथ अपराध दर में कमी लाने में सहायक होगा। शाह ने जोर देकर कहा, "सुरक्षा ही विकास की कुंजी है। असम में शांति और समृद्धि एक साथ फलेंगी।" आर्थिक नजरिए से, ICCS जैसी तकनीकी परियोजनाएं डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत कर निवेशकों का विश्वास बढ़ाएंगी, जो पूर्वोत्तर के स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए वरदान साबित होंगी।<br /><br /><strong>सांस्कृतिक उत्सव का नया केंद्र: 291 करोड़ का ज्योति बिष्णु परिसर</strong><br />दिन के अंत में, गृह मंत्री ने गुवाहाटी में 291 करोड़ रुपये के ज्योति बिष्णु सांस्कृतिक परिसर का उद्घाटन किया। यह 5,000 सीटों वाला आधुनिक ऑडिटोरियम असम की सांस्कृतिक विविधता को प्रदर्शित करने का वैश्विक मंच बनेगा, जिसमें थिएटर, संगीत और कला प्रदर्शनियों के लिए सुविधाएं होंगी। शाह ने इसे "असम की सॉफ्ट पावर" का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह युवाओं को रचनात्मकता के माध्यम से आर्थिक सशक्तिकरण प्रदान करेगा। कुल मिलाकर, आज के उद्घाटनों से असम को 800 करोड़ से अधिक की विकास सौगात मिली, जो राज्य की 2025-26 की विकास दर को 8% तक पहुंचाने में सहायक होगी।<br /><br />अमित शाह का यह दौरा भाजपा की पूर्वोत्तर नीति का आईना है, जहां सांस्कृतिक संरक्षण, सुरक्षा और आर्थिक विकास का त्रिवेणी संगम हो रहा है। लेकिन चुनौतियां बरकरार हैं—अवैध घुसपैठ और बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए और अधिक निवेश की दरकार है। शाम को दिल्ली रवाना होने से पहले शाह ने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा से भेंट भी की, जहां दोनों ने आगामी योजनाओं पर चर्चा की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दिल्ली</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 Dec 2025 14:24:35 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>उन्नाव दुष्कर्म कांड: सुप्रीम कोर्ट ने कुलदीप सिंह सेंगर की सजा पर हाईकोर्ट के फैसले पर लगाई रोक</title>
                                    <description><![CDATA[शीर्ष अदालत ने भाजपा के पूर्व विधायक की उम्रकैद पर दिल्ली हाईकोर्ट के निलंबन आदेश को स्थगित किया; पीड़िता पक्ष को मिली राहत]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/state/delhi/unnao-rape-case-supreme-court-stays-high-courts-decision-on/article-1719"><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/400/2025-12/supreme-court-on-kuldeep_singh_sengar.jpg" alt=""></a><br /><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/2025-12/supreme-court-on-kuldeep_singh_sengar.jpg" alt="supreme-court-on-kuldeep_singh_sengar" width="1280" height="720"></img>
उन्नाव रेप केस में दिल्ली हाईकोर्ट के फैंसले पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक

<p> </p>
<p>नई दिल्ली: उन्नाव दुष्कर्म मामले में दोषी ठहराए गए भाजपा के पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को दिल्ली हाईकोर्ट के उस विवादास्पद फैसले पर रोक लगा दी, जिसमें सेंगर की उम्रकैद की सजा को निलंबित कर जमानत दे दी गई थी। यह फैसला केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की याचिका पर सुनवाई के दौरान आया, जिससे पीड़िता पक्ष में न्याय की नई उम्मीद जगी है। शीर्ष अदालत ने सेंगर को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है, जबकि मामले की अगली सुनवाई का इंतजार बाकी है।<br /><br /><strong>सीबीआई की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का सख्त रुख</strong><br />गौरतलब है कि चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली पीठ ने आज सीबीआई की उस विशेष अपील पर विचार किया, जिसमें दिल्ली हाईकोर्ट के 23 दिसंबर के आदेश को चुनौती दी गई थी। हाईकोर्ट ने सेंगर की उम्रकैद की सजा को अस्थायी रूप से निलंबित करते हुए उन्हें जमानत प्रदान की थी, जो इस संवेदनशील मामले में व्यापक आलोचना का विषय बना। सीबीआई ने तर्क दिया कि यह फैसला पीड़िता के न्याय के अधिकारों का हनन करता है और अपराध की गंभीरता को कमतर आंकता है।<br /><br />सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने स्पष्ट कहा, "दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर फिलहाल रोक लगाई जाती है।" अदालत ने मामले की गहराई से जांच का आश्वासन दिया और विस्तृत फैसले की प्रतीक्षा का संकेत दिया। इसके अलावा, पीड़िता की ओर से अधिवक्ता अंजलि पटेल और पूजा शिल्पकार द्वारा दायर याचिकाओं पर भी विचार किया जाएगा। उन्नाव दुष्कर्म कांड, जो 2017 से देश की न्याय व्यवस्था पर सवाल खड़े करता रहा है, अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर केंद्रित हो गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय न केवल सेंगर के मामले को प्रभावित करेगा, बल्कि यौन अपराधों में न्याय की प्रक्रिया को मजबूत बनाने में मील का पत्थर साबित हो सकता है।<br /><br /><strong>पीड़िता पक्ष का दर्दभरा बयान: सुप्रीम कोर्ट पर अटूट विश्वास</strong><br />इससे पहले, रविवार को जंतर-मंतर पर उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता और उनकी मां ने सेंगर को मिली जमानत के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। सैकड़ों समर्थक बैनर और तख्तियों के साथ सड़कों पर उतरे, जहां नारों से न्याय की मांग गूंजी। पीड़िता की मां ने भावुक होकर कहा, "हमें सुप्रीम कोर्ट पर पूरा भरोसा है। हमें यकीन है कि वहां से हमें सच्चा न्याय मिलेगा।" उन्होंने खुलासा किया कि उन पर केस वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है, लेकिन वे बिना किसी भय के अपनी कानूनी लड़ाई जारी रखेंगी।<br /><br />पीड़िता ने सीधे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपील की, "मुझे ऐसी सुरक्षा प्रदान की जाए, जिससे मैं निडर होकर अपनी लड़ाई लड़ सकूं।" यह बयान न केवल व्यक्तिगत पीड़ा को उजागर करता है, बल्कि पूरे सिस्टम पर सवाल भी खड़े करता है। प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा बलों की तैनाती रही, लेकिन पीड़िता पक्ष ने अपनी आवाज बुलंद रखी।<br /><br />उन्नाव मामला, जिसमें सेंगर को पीड़िता के साथ दुष्कर्म और उसके पिता की हत्या के प्रयास के लिए दोषी ठहराया गया था, भारतीय न्यायपालिका के इतिहास में एक काला अध्याय रहा है। सुप्रीम कोर्ट का यह कदम पीड़िताओं के लिए प्रेरणा स्रोत बन सकता है, लेकिन अंतिम फैसले का इंतजार ही पूरी कहानी का आधार बनेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दिल्ली</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 Dec 2025 13:50:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Pratyakshdarshi Samachar]]></dc:creator>
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                <title>'न्याय' की राहत या 'अपराध' की आहट?</title>
                                    <description><![CDATA[सजा निलंबित, पर अभी रिहाई दूर]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/state/delhi/relief-of-justice-or-whiff-of-guilt/article-1717"><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/400/2025-12/kuldeep_singh_sngar_out_from_jail.jpg" alt=""></a><br /><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/2025-12/kuldeep_singh_sngar_out_from_jail.jpg" alt="kuldeep_singh_sngar_out_from_jail" width="640" height="480"></img>
उन्नाव रेप केस में आरोपी भाजपा के पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर

<p> </p>
<div>उत्तर प्रदेश के सबसे चर्चित और रूह कंपा देने वाले 'माखी दुष्कर्म कांड' में एक नया मोड़ आ गया है। दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा मुख्य आरोपी और पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की सजा निलंबित किए जाने के बाद, न्याय की उम्मीद लगाए बैठी पीड़िता का दर्द एक बार फिर छलक पड़ा है। पीड़िता ने भावुक होते हुए कहा कि इस निर्णय ने उसकी रातों की नींद उड़ा दी है और उसके परिवार पर खतरे के बादल फिर से मंडराने लगे हैं।<br /><br /><strong>दहशत के साये में पीड़ित परिवार</strong><br />पीड़िता का आरोप है कि कुलदीप सिंह सेंगर एक रसूखदार बाहुबली हैं और उनके बाहर आने की सुगबुगाहट मात्र से उनके समर्थकों ने धमकियां देना शुरू कर दिया है। पीड़िता ने बताया, "जो लोग मेरे पिता की हत्या के मामले में जेल से छूटकर आए हैं, वे अब खुलेआम कह रहे हैं कि उनके 'कुलदीप भैया' वापस आ रहे हैं और अब एक-एक से हिसाब चुकता किया जाएगा।" गौरतलब है कि दुष्कर्म मामले में सजा निलंबित होने के बावजूद, सेंगर को अभी जेल में ही रहना होगा क्योंकि पीड़िता के पिता की पुलिस हिरासत में मौत के मामले में उनकी अपील अभी लंबित है।<br /><br /><strong>माखी कांड: सत्ता के नशे और जुल्म की पूरी कहानी</strong><br />यह मामला 4 जून 2017 को शुरू हुआ था, जब नौकरी दिलाने के बहाने 17 वर्षीय किशोरी को विधायक के आवास पर बुलाया गया और उसके साथ दुष्कर्म किया गया। रसूख का आलम यह था कि जून 2017 से मार्च 2018 तक पीड़िता दर-दर भटकी, लेकिन पुलिस ने विधायक के प्रभाव में आकर मुकदमा तक दर्ज नहीं किया।<br /><br />पिता की मौत और सिस्टम के खिलाफ जंग 3 अप्रैल 2018 को पीड़िता के पिता के साथ मारपीट की गई और उल्टा उन्हें ही जेल भेज दिया गया। न्याय न मिलता देख 8 अप्रैल 2018 को पीड़िता ने लखनऊ में मुख्यमंत्री आवास के सामने आत्मदाह का प्रयास किया। इसके अगले ही दिन जेल में उसके पिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस घटना ने पूरे देश को हिला दिया, जिसके बाद हाईकोर्ट के आदेश पर जांच सीबीआई को सौंपी गई और 13 अप्रैल 2018 को सेंगर की गिरफ्तारी हुई।<br /><br /><strong>सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप और सुरक्षा का सवाल</strong><br />मामले ने तब और तूल पकड़ा जब 28 जुलाई 2019 को रायबरेली में पीड़िता की कार को एक ट्रक ने टक्कर मार दी। इस हादसे में पीड़िता की चाची और मौसी की मौत हो गई, जबकि पीड़िता और उसके वकील महीनों तक जिंदगी और मौत के बीच झूलते रहे। सुप्रीम कोर्ट ने इस घटना का स्वतः संज्ञान लिया और मामले को उत्तर प्रदेश से दिल्ली की तीस हजारी अदालत में स्थानांतरित कर दिया। साथ ही, परिवार को सीआरपीएफ (CRPF) की सुरक्षा प्रदान की गई। हालांकि, 3 अप्रैल 2025 को सीआरपीएफ की सुरक्षा हटा दी गई, जिससे परिवार अब खुद को पूरी तरह असुरक्षित महसूस कर रहा है।<br /><br /><strong>अदालती फैसले और सजा का इतिहास</strong><br />20 दिसंबर 2019 को दिल्ली की अदालत ने सेंगर को नाबालिग से दुष्कर्म का दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इसके बाद मार्च 2020 में पिता की हत्या के मामले में भी उसे 10 साल की सजा मिली। इस मामले में पुलिस प्रशासन की संलिप्तता भी उजागर हुई थी, जिसमें तत्कालीन थानाध्यक्ष अशोक भदौरिया और दरोगा केपी सिंह को भी सजा का सामना करना पड़ा।<br /><br /><strong>पक्ष-विपक्ष: न्यायपालिका पर विश्वास</strong><br />जहाँ एक ओर पीड़िता दहशत में है, वहीं सेंगर का परिवार इसे सत्य की जीत मान रहा है। सेंगर की पत्नी संगीता सेंगर ने कहा, "हमें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और जल्द ही पूर्ण न्याय मिलेगा।" वहीं उनकी मौसी सरोज सिंह ने इसे एक राजनीतिक साजिश करार देते हुए अपने भतीजे को निर्दोष बताया है।<br /><br />वर्तमान स्थिति ने एक बार फिर बाहुबल और न्याय के बीच के संघर्ष को चौराहे पर ला खड़ा किया है। अब सभी की निगाहें हाईकोर्ट के अगले रुख पर टिकी हैं।</div>
<div> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दिल्ली</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 25 Dec 2025 18:33:48 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>भारत-बांग्लादेश संबंधों में अचानक खटास: दो दिनों में मित्रता से तनाव तक का सफर</title>
                                    <description><![CDATA[शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद बांगलादेश में भड़की हिंसा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/state/delhi/694548d90d564/article-1695"><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/400/2025-12/a54d06f0-b2b8-11ef-a3a7-6b7265261.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="margin-left:0.5in;"><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">भारत और बांग्लादेश के बीच संबंधों में महज </span><span>48 </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">घंटों में नाटकीय बदलाव देखने को मिला है। जहां मंगलवार को विजय दिवस के मौके पर दोनों देशों की ऐतिहासिक मित्रता का जश्न मनाया गया</span><span>, </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">वहीं बुधवार से तनावपूर्ण बयानबाजी और राजनयिक तलब की घटनाओं ने रिश्तों को तनावग्रस्त बना दिया है। इस बदलाव की मुख्य वजह बांग्लादेश में छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद भड़की हिंसा और कुछ बांग्लादेशी नेताओं के भारत विरोधी बयान हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin-left:0.5in;"><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">बांग्लादेश के इंकलाब मंच के प्रमुख नेता और कट्टर भारत विरोधी माने जाने वाले शरीफ उस्मान हादी की सिंगापुर में इलाज के दौरान मौत हो गई। वे पिछले हफ्ते ढाका में गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उनकी मौत की खबर फैलते ही ढाका सहित कई शहरों में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन शुरू हो गए। प्रदर्शनकारियों ने दो प्रमुख अखबारों के दफ्तरों पर हमला किया</span><span>, </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">तोड़फोड़ की और आग लगाई। चटगांव में भारतीय सहायक उच्चायोग पर पत्थरबाजी हुई</span><span>, </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जबकि ढाका में भारतीय उच्चायोग की ओर मार्च की कोशिश की गई। कई जगहों पर भारत विरोधी नारे लगे और प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि हादी के हमलावर भारत भाग गए हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin-left:0.5in;"><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इस बीच</span><span>, </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">बांग्लादेश की नेशनल सिटिजन पार्टी (एनसीपी) के दक्षिणी क्षेत्र के प्रमुख आयोजक हसनत अब्दुल्लाह ने विवादित बयान दिया कि यदि बांग्लादेश को अस्थिर करने की कोशिश की गई तो भारत के पूर्वोत्तर राज्यों </span><span>'</span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">सेवन सिस्टर्स</span><span>' </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">को अलग-थलग कर दिया जाएगा और अलगाववादी ताकतों को शरण दी जाएगी। इस बयान की भारत ने कड़ी निंदा की और बांग्लादेशी उच्चायुक्त को तलब कर भारतीय मिशनों की सुरक्षा पर चिंता जताई।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin-left:0.5in;"><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">बांग्लादेश के विदेश मामलों के सलाहकार मोहम्मद तौहीद हुसैन ने भी भारत पर </span><span>1971 </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">के मुक्ति संग्राम में बांग्लादेश के योगदान को कम आंकने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बांग्लादेशी स्वतंत्रता सेनानियों के बिना जीत संभव नहीं थी।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin-left:0.5in;"><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">दूसरी ओर</span><span>, </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">मंगलवार को दिल्ली के चाणक्यपुरी में बांग्लादेश उच्चायोग में विजय दिवस समारोह आयोजित किया गया था</span><span>, </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जिसमें भारतीय सेना के अधिकारी</span><span>, </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">पूर्व राजनयिक</span><span>, </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">थिंक टैंक विशेषज्ञ और पत्रकार शामिल हुए। बांग्लादेशी उच्चायुक्त रियाज हामिदुल्लाह ने भारत के साथ संबंधों को </span><span>'</span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">गहरा और बहुआयामी</span><span>' </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">बताया और </span><span>1971 </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">में बलिदान देने वाले भारतीय सैनिकों को श्रद्धांजलि दी। लेकिन अगले ही दिन भारतीय विदेश मंत्रालय ने उन्हें तलब कर बांग्लादेश में बढ़ते चरमपंथ और भारतीय उच्चायोग की सुरक्षा पर चिंता व्यक्त की।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin-left:0.5in;"><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">पिछले डेढ़ साल में मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार के सत्ता में आने के बाद दोनों देशों के बीच उच्चायुक्तों को बार-बार तलब करने और आरोप-प्रत्यारोप की घटनाएं बढ़ी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि बांग्लादेश में बढ़ता कट्टरपंथ और भारत विरोधी भावना दक्षिण एशिया की स्थिरता के लिए चुनौती बन रही है।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दिल्ली</category>
                                    

                <link>https://www.pratyakshdarshisamachar.com/state/delhi/694548d90d564/article-1695</link>
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                <pubDate>Fri, 19 Dec 2025 18:28:10 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>Waqf Act 2025 पर 'Supreme Court' में सुनवाई हुई पूरी, जानिए किसने क्या कहा!</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>वक्फ संशोधन कानून </strong>2025 को लेकर पूरे देश में सियासी पारा गर्म है। इस बीच, आज गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में चीफ न्यायाधीश बीआर गवई और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने 'वक्फ कानून' पर मामले की सुनवाई की। इस दौरान दोनों पक्षों ने कोर्ट में अपनी-अपनी दलीलें पेश कीं। जिन्हें सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एसजी तुषार मेहता पहले ही पिछली सुनवाई में आश्वस्त कर चुके हैं कि 'वक्फ एक्ट' के कुछ प्रावधान लागू नहीं होंगे! और इस पर यदि पालन नहीं होता तो कोर्ट देखेगा। इसके साथ ही कोर्ट ने मामले की सुनवाई के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/state/delhi/today-breaking-news/article-1574"><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/400/2025-05/2025_4image_17_27_485424208tyt.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>वक्फ संशोधन कानून </strong>2025 को लेकर पूरे देश में सियासी पारा गर्म है। इस बीच, आज गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में चीफ न्यायाधीश बीआर गवई और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने 'वक्फ कानून' पर मामले की सुनवाई की। इस दौरान दोनों पक्षों ने कोर्ट में अपनी-अपनी दलीलें पेश कीं। जिन्हें सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एसजी तुषार मेहता पहले ही पिछली सुनवाई में आश्वस्त कर चुके हैं कि 'वक्फ एक्ट' के कुछ प्रावधान लागू नहीं होंगे! और इस पर यदि पालन नहीं होता तो कोर्ट देखेगा। इसके साथ ही कोर्ट ने मामले की सुनवाई के लिए 20 मई को तारीख तय की है। चीफ जस्टिस बीआर गवई और न्यायमूर्ति ऑग्स्टिन जॉर्ज मसीह की बेंच के सामने सरकार के तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने केंद्र सरकार का पक्ष रखा।</p>
<p>इस दौरान तुषार मेहता ने कहा कि हमने अपना जवाब कोर्ट में दाखिल कर दिया है। इस पर सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस की अगुआई वाली बेंच ने पूछा कि क्या इस मामले में भी अंतरिम राहत के लिए सुनवाई हो रही है? इस सवाल का जवाब देते हुए सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि अगर कोर्ट अंतरिम आदेश पर विचार करे, तो उसमें अधिक समय नहीं लगेगा! उन्होंने कहा कि याचिकाकर्ताओं की तरह वो भी शॉर्ट नोट्स दाखिल करेंगे। तो वहीं, वक्फ कानून के खिलाफ याचिका दायर करने वाले याचिकार्ताओं की ओर से देश के सीनियर वकील कपिल सिब्बल पेश हुए थे और कोर्ट के सामने याचिकार्ताओं का पक्ष रखा। इस दौरान उन्होंने कहा कि हमने एक शॉर्ट नोट तैयार कर लिया है, जिसे हम सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से शेयर कर सकते हैं।</p>
<p>इस पर तुषार मेहता ने कपिल सिब्बल का जवाब देते हुए कहा कि इस मामले में बड़ी संख्या में हस्तक्षेप आवेदन फाइल हुए हैं। ये कोर्ट पर निर्भर करता है कि वो सुने या नहीं! लेकिन मेरी राय में वो नहीं सुनी जानी चाहिए, यानी मुख्य याचिकाओं पर सुनवाई हो। वहीं सुप्रीम कोर्ट में हिंदू पक्ष के वकील विष्णु शंकर जैन ने अपनी दलील रखते हुए कहा कि हमने अपनी याचिका में जिक्र किया है कि 'वक्फ एक्ट' में बदलाव के बावजूद इसके कुछ मनमाने प्रावधान बने हुए हैं! हमने पहले भी इन्हें रद्द करने की मांग की थी!</p>
<p>कोर्ट को हमारी मांग पर विचार करना चाहिए! इस पर कोर्ट ने कहा कि एसजी तुषार मेहता पिछली सुनवाई में ही आश्वासन दे चुके हैं कि 'वक्फ एक्ट' के कुछ प्रावधान लागू नहीं होंगे! यह व्यवस्था अभी लागू रहेगी! अगर इसका पालन नहीं होता है तो कोर्ट इस पर विचार करेगा। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी आश्वासन दिया कि सरकार कोर्ट को दिए गए अपने अंडरटेकिंग पर कायम है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ब्रेकिंगन्यूज़</category>
                                            <category>दिल्ली</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 15 May 2025 16:47:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nitin Vishwakarma]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>PM मोदी का पाक को संदेश, ‘पानी और खून एक साथ नहीं बह सकता’ </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>पीएम मोदी </strong>ने सोमवार को राष्ट्र के नाम अपने संदेश में आतंकवाद के खिलाफ भारत की सख्त नीति और निर्णायक कार्रवाई को स्पष्ट रूप से सबके सामने रखा। उन्होंने कहा कि भारत अब आतंकी हमलों पर ‘मुंहतोड़ जवाब’ देगा। न्यूक्लियर हथियारों के जरिए ब्लैकमेल को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पीएम मोदी ने दुनिया को यह भी स्पष्ट संदेश दिया कि भारत की नीति में आतंक और बातचीत एक साथ नहीं चल सकते, न ही व्यापार संभव है। उन्होंने कहा, 'पानी और खून एक साथ नहीं बह सकते।' यह युग भले ही युद्ध का न हो, लेकिन यह आतंकवाद का</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/state/delhi/pm-modis-message-to-pakistan-water-and-blood-cannot-flow/article-1565"><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/400/2025-05/पीएम-मोदी.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>पीएम मोदी </strong>ने सोमवार को राष्ट्र के नाम अपने संदेश में आतंकवाद के खिलाफ भारत की सख्त नीति और निर्णायक कार्रवाई को स्पष्ट रूप से सबके सामने रखा। उन्होंने कहा कि भारत अब आतंकी हमलों पर ‘मुंहतोड़ जवाब’ देगा। न्यूक्लियर हथियारों के जरिए ब्लैकमेल को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पीएम मोदी ने दुनिया को यह भी स्पष्ट संदेश दिया कि भारत की नीति में आतंक और बातचीत एक साथ नहीं चल सकते, न ही व्यापार संभव है। उन्होंने कहा, 'पानी और खून एक साथ नहीं बह सकते।' यह युग भले ही युद्ध का न हो, लेकिन यह आतंकवाद का भी नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान से कोई बातचीत केवल आतंकवाद और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK) पर ही केंद्रित होगी।पीएम मोदी ने बताया कि जिन आतंकी कैंपों पर कार्रवाई की गई, उनके तार सीधे तौर पर 9/11, लंदन बम धमाकों और 26/11 मुंबई हमलों से जुड़ते हैं। उन्होंने कहा कि मारे गए आतंकियों को विदाई देने के लिए जब बड़े-बड़े पाकिस्तानी अधिकारी पहुंचे, तो यह दुनिया के लिए बड़ा सबूत है कि पाकिस्तान आतंकवाद को समर्थन देता है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर पाकिस्तान को बचना है, तो उसे अपने आतंकी ढांचे को पूरी तरह समाप्त करना होगा। इसके अलावा उसके पास कोई और रास्ता नहीं है।</p>
<p>अपने 20 मिनट के संबोधन में पीएम ने कहा, 'आतंकी संगठन और उनके सरपरस्त अब जान चुके हैं कि बहनों-बेटियों के माथे से सिंदूर हटाने का अंजाम क्या होता है। 22 अप्रैल की बर्बरता ने देश और दुनिया को झकझोर दिया था, लेकिन भारत ने एक स्वर में इसका जवाब दिया है।' पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने पाकिस्तान को स्पष्ट संदेश दे दिया है कि वह आतंक के समर्थन की कीमत चुकाने को तैयार रहे। 'कोई भी न्यूक्लियर ब्लैकमेल अब नहीं चलेगा। हम आतंकियों और उन्हें समर्थन देने वाली सरकारों के बीच कोई भेद नहीं करेंगे।' उन्होंने यह भी कहा कि आतंक को समर्थन देना पाकिस्तान सरकार के हित में नहीं है और आंतक को खाद पानी देना पाकिस्तान को एक दिन समाप्त कर देगा। साथ ही उन्होंने बताया कि पाकिस्तान के अनुरोध पर भारत ने अस्थायी रूप से सैन्य कार्रवाई स्थगित की है। लेकिन भारत का अगला कदम इस पर निर्भर करेगा कि पाकिस्तान भविष्य में कैसा व्यवहार करता है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की तैयारी सीमा पर युद्ध की थी, लेकिन भारत ने सीधे उसके सीने पर वार कर दिया। इससे घबराकर पाकिस्तान ने आक्रामक कार्रवाई से बचने के रास्ते ढूंढने शुरू कर दिए और दुनियाभर में गुहार लगाई। जिसके बाद 10 मई की दोपहर को पाक सेना ने भारतीय डीजीएमओ से संपर्क किया।</p>
<p>पीएम मोदी ने 6-7 मई को हुई भारतीय सैन्य कार्रवाई का जिक्र करते हुए कहा कि भारत ने अपनी प्रतिज्ञा को परिणाम में बदल दिया। भारतीय मिसाइलों और ड्रोन ने न सिर्फ आतंकी ठिकानों को तबाह किया, बल्कि दुश्मनों के हौसले भी पस्त कर दिए। पीएम ने भारत की सेना, वैज्ञानिकों और सशस्त्र बलों की सराहना करते हुए कहा कि यह पराक्रम देश की हर मां, बहन और बेटी को समर्पित है। दुनिया ने आत्मनिर्भर भारत की रक्षा क्षमताओं को 'मेड इन इंडिया डिफेंस' के जरिए देखा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                            <category>दिल्ली</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 13 May 2025 10:51:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nitin Vishwakarma]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सर्वदलीय बैठक में सरकार का बयान, 'ऑपरेशन सिंदूर' पर पिक्चर अभी बाकी !</title>
                                    <description><![CDATA[सर्वदलीय बैठक के दौरान संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि हमने पहलगाम आतंकी हमले का बदला ले लिया है। भारतीय सेना ने पाकिस्तान के अंदर संचालित हो रहे आतंकी ठिकानों पर एयरस्ट्राइक कर उन्हें तबाह कर किया है, जिसमें में करीब 100 आतंकी मारे गए हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/state/delhi/let-us-tell-you-that-in-this-meeting-apart-from/article-1549"><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/400/2025-05/lao8u96o_kiren-rijiju_625x300_14_april_25.jpg" alt=""></a><br /><p>केंद्र सरकार ने पाकिस्तान से संचालित आतंकी ठिकानों पर सेना के एयरस्ट्राइक को लेकर सभी दलों को ब्रीफ किया। इस सर्वदलीय बैठक में विभिन्न दलों के नेता शामिल हुए। बैठक केंद्र सरकार की तरफ से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह समेत कई बड़े नेता मौजूद रहे। तो वहीं इस बैठक में नेता विपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, तृणमूल कांग्रेस के सुदीप बंद्योपाध्याय और द्रमुक के टी आर बालू भी शामिल हुए। इस दौरान संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि इस बैठक में बताया गया कि 'ऑपरेशन सिंदूर' अभी भी जारी है। किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार सभी दलों को ‘ऑपरेशन सिंदूर' के बारे में जानकारी देना चाहती है।</p>
<p>पहलगाम आतंकी हमले का बदला लेने के लिए भारतीय सशस्त्र बलों ने बुधवार तड़के पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में 9 आतंकी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए। इस एयरस्ट्राइक में जैश-ए-मोहम्मद का गढ़ बहावलपुर और लश्कर-ए-तैयबा का अड्डा मुरीदके को भी तबाह कर दिया गया। भारतीय सेना के इस हमले में पाकिस्तान के करीब 100 आतंकी मारे गए हैं। जबकि उनके कई कैंपों को हमारी सेना ने पूरी तरह से तबाह कर दिया है। </p>
<p>आपको बता दें कि इस बैठक में कांग्रेस, टीएमसी और लेफ्ट के अलावा कई अन्य दलों के नेता भी शामिल रहें। अन्य विपक्षी नेताओं में 'समाजवादी पार्टी' के रामगोपाल यादव, आम आदमी पार्टी के संजय सिंह, शिवसेना (उबाठा) के संजय राउत, राकांपा (एसपी) की सुप्रिया सुले, बीजद के सस्मित पात्रा और माकपा के जॉन ब्रिटास शामिल थे। इनके अलावा जद (यू) नेता संजय झा, केंद्रीय मंत्री और लोजपा (रामविलास) नेता चिराग पासवान व एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी भी बैठक का हिस्सा थे।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ब्रेकिंगन्यूज़</category>
                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                            <category>दिल्ली</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 08 May 2025 15:42:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nitin Vishwakarma]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>PM मोदी ने ‘अक्षय तृतीया’ की दी शुभकामनाएं, भगवान बसवेश्वर को किया याद</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal"><strong>नई दिल्ली-</strong> पीएम नरेन्द्र मोदी ने आज सुबह देशवासियों को अक्षय तृतीया की शुभकामनाएं दीं। इसके साथ बसव जयंती के शुभ अवसर पर ‘जगद्गुरु बसवेश्वर’ का पुण्य स्मरण किया। पीएम मोदी ने इस संबंध में दो अलग-अलग संदेश एक्स पर जारी किए। पीएम मोदी ने लिखा, '' आप सभी को अक्षय तृतीया की अनंत शुभकामनाएं। मानवता को समर्पित यह पावन पर्व हर किसी के लिए सफलता, संपन्नता और प्रसन्नता लेकर आए, जो विकसित भारत के संकल्प को नई शक्ति प्रदान करे। '' पीएम ने दूसरे संदेश में लिखा, '' बसव जयंती के शुभ अवसर पर हम जगद्गुरु बसवेश्वर के गहन</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/state/delhi/pm-modi-remembered-lord-basaveshwar-on-akshaya-tritiya/article-1538"><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/400/2025-04/pm-modi-11.webp" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><strong>नई दिल्ली-</strong> पीएम नरेन्द्र मोदी ने आज सुबह देशवासियों को अक्षय तृतीया की शुभकामनाएं दीं। इसके साथ बसव जयंती के शुभ अवसर पर ‘जगद्गुरु बसवेश्वर’ का पुण्य स्मरण किया। पीएम मोदी ने इस संबंध में दो अलग-अलग संदेश एक्स पर जारी किए। पीएम मोदी ने लिखा, '' आप सभी को अक्षय तृतीया की अनंत शुभकामनाएं। मानवता को समर्पित यह पावन पर्व हर किसी के लिए सफलता, संपन्नता और प्रसन्नता लेकर आए, जो विकसित भारत के संकल्प को नई शक्ति प्रदान करे। '' पीएम ने दूसरे संदेश में लिखा, '' बसव जयंती के शुभ अवसर पर हम जगद्गुरु बसवेश्वर के गहन ज्ञान को याद करते हैं। समाज के प्रति उनका दृष्टिकोण और हाशिए पर पड़े लोगों के उत्थान के लिए उनके अथक प्रयास आज भी हमारा मार्गदर्शन करते हैं।''</p>
<p class="MsoNormal">उल्लेखनीय है कि वैशाख शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को अक्षय तृतीया कहा जाता है। इस दिन सूर्य और चन्द्रमा दोनों ही अपनी उच्च राशि में स्थित होते हैं। अतः दोनों की सम्मिलित कृपा का फल अक्षय हो जाता है। अक्षय का अर्थ होता है जिसका क्षय न हो। माना जाता है कि इस तिथि को किए गए कार्यों के परिणाम का क्षय नहीं होता। साथ ही बसवेश्वर भगवान को हिंदू धर्म में जाति व्यवस्था और अन्य कुरीतियों के खिलाफ संघर्ष करने के लिए जाना जाता है। उन्हें विश्व गुरु, भक्ति भंडारी और बसव भी कहा जाता है। उन्होंने लिंग, जाति, सामाजिक स्थिति की परवाह किए बिना सभी लोगों को बराबर अवसर देने की बात कही। वह निराकार भगवान की अवधारणा के समर्थक हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                            <category>दिल्ली</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 30 Apr 2025 11:47:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nitin Vishwakarma]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> वीर सावरकर पर बयान पड़ा भारी राहुल गांधी को लगी सुप्रीम फटकार!</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>सुप्रीम कोर्ट</strong> ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर सावरकर को लेकर की गई टिप्पणी पर फटकार लगाई है। कोर्ट ने कहा- क्या आप इस तरह से स्वतंत्रता सेनानियों का सम्मान करते हैं? शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस मनमोहन की बेंच ने सख्त लहजे में कहा कि बोलने की आजादी है, लेकिन उसकी भी एक सीमा होती है। बेंच ने राहुल के खिलाफ लखनऊ कोर्ट में चल रहे मानहानि के केस पर फिलहाल रोक लगा दी है।</p>
<p>दरअसल, राहुल गांधी ने भारत जोड़ो यात्रा के दौरान महाराष्ट्र में वीर सावरकर को लेकर टिप्पणी की थी।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/state/delhi/a-statement-on-veer-savarkar-got-a-heavy-rebuke-for/article-1530"><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/400/2025-04/1867173-your-paragraph-text-2025-04-25t131854996.webp" alt=""></a><br /><p><strong>सुप्रीम कोर्ट</strong> ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर सावरकर को लेकर की गई टिप्पणी पर फटकार लगाई है। कोर्ट ने कहा- क्या आप इस तरह से स्वतंत्रता सेनानियों का सम्मान करते हैं? शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस मनमोहन की बेंच ने सख्त लहजे में कहा कि बोलने की आजादी है, लेकिन उसकी भी एक सीमा होती है। बेंच ने राहुल के खिलाफ लखनऊ कोर्ट में चल रहे मानहानि के केस पर फिलहाल रोक लगा दी है।</p>
<p>दरअसल, राहुल गांधी ने भारत जोड़ो यात्रा के दौरान महाराष्ट्र में वीर सावरकर को लेकर टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था-वीर सावरकर अंग्रेजों के नौकर थे। वहीं अब इस मामले सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश आया है। वैसे राहुल गांधी अक्सर अपने बयानों को लेकर विभिन्न कानूनी प्रक्रियाओं और अदालतों के चक्कर काट चुके हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ब्रेकिंगन्यूज़</category>
                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>दिल्ली</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 25 Apr 2025 16:34:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nitin Vishwakarma]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>'योगी बाबा का बुलडोजर दिल्ली में भी चलना चाहिए...' – हिमांशु की हत्या के विरोध में गोकलपुरी में VHP की हुंकार</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong> – राजधानी दिल्ली के <strong>गोकलपुरी</strong> इलाके में हुए <strong>हिमांशु नामक युवक की हत्या</strong> के विरोध में शनिवार को <strong>विश्व हिंदू परिषद (VHP)</strong> ने जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान संगठन के कार्यकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन और दिल्ली सरकार पर <strong>लापरवाही का आरोप</strong> लगाते हुए मांग की कि दोषियों के खिलाफ <strong>'बुलडोजर कार्रवाई'</strong> की जाए — ठीक उसी तरह जैसे उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार करती है।</p>
<h3>क्या है पूरा मामला?</h3>
<p>गोकलपुरी में कुछ दिन पहले <strong>हिमांशु की चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी</strong>, जिसके बाद इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोगों और</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/state/delhi/yogi-babas-bulldozer-should-also-run-in-delhi-vhps/article-1519"><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/400/2025-04/hdsuigvdd.webp" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली</strong> – राजधानी दिल्ली के <strong>गोकलपुरी</strong> इलाके में हुए <strong>हिमांशु नामक युवक की हत्या</strong> के विरोध में शनिवार को <strong>विश्व हिंदू परिषद (VHP)</strong> ने जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान संगठन के कार्यकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन और दिल्ली सरकार पर <strong>लापरवाही का आरोप</strong> लगाते हुए मांग की कि दोषियों के खिलाफ <strong>'बुलडोजर कार्रवाई'</strong> की जाए — ठीक उसी तरह जैसे उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार करती है।</p>
<h3>क्या है पूरा मामला?</h3>
<p>गोकलपुरी में कुछ दिन पहले <strong>हिमांशु की चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी</strong>, जिसके बाद इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोगों और हिंदू संगठनों का आरोप है कि यह हत्या <strong>पूर्व नियोजित</strong> थी और पुलिस ने समय रहते कार्रवाई नहीं की।</p>
<h3>VHP का विरोध प्रदर्शन</h3>
<p>प्रदर्शन के दौरान VHP कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की और कहा:</p>
<blockquote>
<p><strong>"दिल्ली में भी योगी बाबा का बुलडोजर चलना चाहिए, ताकि अपराधियों को सबक मिले।"</strong></p>
</blockquote>
<p>उन्होंने यह भी मांग की कि:</p>
<ul>
<li>
<p><strong>दोषियों पर UAPA जैसी कठोर धाराएं लगाई जाएं</strong></p>
</li>
<li>
<p><strong>परिवार को मुआवजा और सरकारी नौकरी मिले</strong></p>
</li>
<li>
<p><strong>इलाके में पुलिस सुरक्षा बढ़ाई जाए</strong></p>
</li>
</ul>
<h3>पुलिस की प्रतिक्रिया</h3>
<p>पुलिस का कहना है कि मामले की जांच तेज़ी से चल रही है और कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है।</p>
<blockquote>
<p>"हम अपराधियों को बख्शेंगे नहीं, जल्द ही ठोस कार्रवाई होगी," – <strong>पुलिस अधिकारी</strong></p>
</blockquote>
<h3>राजनीतिक रंग?</h3>
<p>इस घटना को लेकर अब राजनीतिक बयानबाज़ी भी तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने दिल्ली सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि राजधानी में <strong>कानून व्यवस्था की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है।</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दिल्ली</category>
                                    

                <link>https://www.pratyakshdarshisamachar.com/state/delhi/yogi-babas-bulldozer-should-also-run-in-delhi-vhps/article-1519</link>
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                <pubDate>Mon, 14 Apr 2025 14:30:52 +0530</pubDate>
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