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                <title>Pratyakshdarshi Samachar - Pratyakshdarshi Samachar</title>
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                <description>Pratyakshdarshi Samachar RSS Feed</description>
                
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                <title>“प्रयागराज में भीषण धमाका! अमोनिया टैंक फटा, ताश के पत्तों की तरह ढही इमारत—4 मजदूरों की मौत”</title>
                                    <description><![CDATA[<p>प्रयागराज। प्रयागराज से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जहां सोमवार दोपहर करीब 1:30 बजे एक कोल्ड स्टोरेज में ऐसा भीषण हादसा हुआ जिसने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया। फाफामऊ क्षेत्र के चंदापुर गांव स्थित आदर्श कोल्ड स्टोरेज में अचानक जोरदार धमाका हुआ, जिसके बाद पूरी इमारत ताश के पत्तों की तरह भरभराकर गिर गई। इस हादसे में 4 मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 12 लोग घायल हो गए। मलबे से कुल 17 लोगों को बाहर निकाला गया है।बताया जा रहा है कि हादसा अमोनिया गैस टैंक फटने की वजह से हुआ। धमाका</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/%E2%80%9Chuge-explosion-in-prayagraj-ammonia-tank-burst-building-collapsed-like/article-1755"><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/400/2026-03/8wgzkfn8_normal.jpg" alt=""></a><br /><p>प्रयागराज। प्रयागराज से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जहां सोमवार दोपहर करीब 1:30 बजे एक कोल्ड स्टोरेज में ऐसा भीषण हादसा हुआ जिसने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया। फाफामऊ क्षेत्र के चंदापुर गांव स्थित आदर्श कोल्ड स्टोरेज में अचानक जोरदार धमाका हुआ, जिसके बाद पूरी इमारत ताश के पत्तों की तरह भरभराकर गिर गई। इस हादसे में 4 मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 12 लोग घायल हो गए। मलबे से कुल 17 लोगों को बाहर निकाला गया है।बताया जा रहा है कि हादसा अमोनिया गैस टैंक फटने की वजह से हुआ। धमाका इतना जोरदार था कि तीन मंजिला इमारत के RCC पिलर तक टूट गए और पूरी छत ढह गई। हादसे के बाद करीब 1 किलोमीटर तक अमोनिया गैस की तीखी दुर्गंध फैल गई, जिससे आसपास के गांवों में अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पहले जोरदार विस्फोट हुआ और फिर देखते ही देखते पूरी बिल्डिंग जमीन पर आ गई।</p>
<p>मृतकों की पहचान पिलट चौधरी, मशिंदर, ज्योतिष (बिहार) और जगदीश (प्रयागराज) के रूप में हुई है। घायलों को तुरंत स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल और तेज बहादुर सप्रू अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। हादसे के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है।जानकारी के मुताबिक यह कोल्ड स्टोरेज करीब 20 साल पुराना था और इसकी हालत पहले से ही जर्जर बताई जा रही थी। यहां आलू भंडारण का काम चल रहा था और बड़ी संख्या में मजदूर अंदर मौजूद थे। यह कोल्ड स्टोरेज पूर्व सपा नेता और पूर्व विधायक अंसार अहमद से जुड़ा बताया जा रहा है, जो जिले के बड़े स्टोरेज में गिना जाता था।</p>
<p>हादसे के तुरंत बाद प्रशासन हरकत में आया। NDRF, SDRF, फायर ब्रिगेड, पुलिस और 7 JCB मशीनों के साथ बचाव कार्य शुरू किया गया। अमोनिया गैस के रिसाव के कारण राहत कार्य में काफी मुश्किलें आईं, लेकिन टीमों ने कड़ी मेहनत के बाद फंसे लोगों को बाहर निकाला। जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा और पुलिस आयुक्त जोगिंदर कुमार खुद मौके पर पहुंचे और पूरे ऑपरेशन की निगरानी की।<img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/2026-03/whatsapp-image-2026-03-23-at-8.05.29-pm.jpeg" alt="WhatsApp Image 2026-03-23 at 8.05.29 PM" width="300" height="168"></img>प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दे दिए हैं। कोल्ड स्टोरेज के मैनेजर और कुछ स्टाफ को हिरासत में लिया गया है और लापरवाही की जांच शुरू कर दी गई है। इसके साथ ही जिले के सभी कोल्ड स्टोरेज की जांच के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसे रोके जा सकें।</p>
<p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर गहरा दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता राशि देने का ऐलान किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी एक्स-ग्रेशिया मुआवजे के तहत यही राशि देने की घोषणा की है।</p>
<p>हादसे के बाद पूरे इलाके में बिजली सप्लाई बंद कर दी गई है और गैस रिसाव की जांच अभी भी जारी है। यह हादसा एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि आखिर जर्जर इमारतों और खतरनाक गैस टैंकों की समय पर जांच क्यों नहीं होती? मजदूरों की सुरक्षा को लेकर लापरवाही कब तक जारी रहेगी?</p>]]></content:encoded>
                
                

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                <pubDate>Mon, 23 Mar 2026 20:06:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Pratyakshdarshi Samachar]]></dc:creator>
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                <title>“तमिलनाडु में बड़ा सियासी धमाका! NDA का मास्टर प्लान—क्या गिरेगा DMK का किला?”</title>
                                    <description><![CDATA[<p>तमिलनाडु।तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 से ठीक पहले सियासत में जबरदस्त हलचल मच गई है। चेन्नई से आई खबर ने पूरे चुनावी खेल को गरमा दिया है—NDA ने सीट शेयरिंग का फॉर्मूला फाइनल कर दिया है, और ये डील सीधी-सीधी DMK सरकार को चुनौती दे रही है। AIADMK चीफ एडप्पादी के. पलानीस्वामी और BJP के दिग्गज नेता पीयूष गोयल के बीच हुई इस डील ने साफ कर दिया है कि इस बार मुकाबला बेहद टक्कर का होने वाला है।</p>
<p>सीट बंटवारे पर नजर डालें तो तस्वीर और भी दिलचस्प हो जाती है। कुल 234 सीटों में से AIADMK को 178 सीटें</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/national/election-blast-in-tamil-nadu-ndas-master-stroke-178/article-1758"><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/400/2026-03/piyuse-goyal.jpg" alt=""></a><br /><p>तमिलनाडु।तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 से ठीक पहले सियासत में जबरदस्त हलचल मच गई है। चेन्नई से आई खबर ने पूरे चुनावी खेल को गरमा दिया है—NDA ने सीट शेयरिंग का फॉर्मूला फाइनल कर दिया है, और ये डील सीधी-सीधी DMK सरकार को चुनौती दे रही है। AIADMK चीफ एडप्पादी के. पलानीस्वामी और BJP के दिग्गज नेता पीयूष गोयल के बीच हुई इस डील ने साफ कर दिया है कि इस बार मुकाबला बेहद टक्कर का होने वाला है।</p>
<p>सीट बंटवारे पर नजर डालें तो तस्वीर और भी दिलचस्प हो जाती है। कुल 234 सीटों में से AIADMK को 178 सीटें देकर ‘लायन शेयर’ दे दिया गया है—यानी NDA में असली कमान AIADMK के हाथ में। वहीं BJP को 27 सीटें मिली हैं, जो 2021 के मुकाबले 7 सीट ज्यादा हैं—इशारा साफ है, BJP अब तमिलनाडु में अपनी जमीन तेजी से मजबूत करना चाहती है। इसके अलावा PMK को 18 और AMMK को 11 सीटें देकर गठबंधन को पूरी तरह संतुलित किया गया है।</p>
<p>अब नेताओं के बयान भी चुनावी तापमान बढ़ा रहे हैं। पीयूष गोयल ने साफ कहा—“हम एक परिवार हैं… और जनता अब स्टालिन सरकार से तंग आ चुकी है।” वहीं पलानीस्वामी ने तो सीधा दावा ठोक दिया—“ये जीत का गठबंधन है… 210+ सीटें जीतकर सरकार बनाएंगे!” यानी NDA पूरी आक्रामकता के साथ मैदान में उतर चुका है।</p>
<p>राजनीतिक जानकार मान रहे हैं कि यह सिर्फ सीट शेयरिंग नहीं… बल्कि एक ‘मास्टर स्ट्रोक’ है। AIADMK को आगे रखकर NDA ने लोकल कनेक्ट मजबूत किया है, वहीं BJP अपनी सीटें बढ़ाकर साफ संकेत दे रही है कि वो अब तमिलनाडु में सिर्फ सहयोगी नहीं, बल्कि बड़ी ताकत बनना चाहती है। 2021 में जहां BJP सीमित दायरे में थी, वहीं अब 27 सीटों के साथ पार्टी ज्यादा आक्रामक नजर आ रही है।</p>
<p>लेकिन असली लड़ाई अब शुरू होती है। DMK, जो पिछले चुनाव में मजबूत जीत के साथ सत्ता में आई थी, क्या इस बार NDA के इस बड़े दांव से दबाव में आएगी? NDA का दावा है कि “संस्कृति, पहचान और शासन” के मुद्दों पर जनता बदलाव चाहती है… लेकिन जमीन पर वोटर क्या सोचता है, ये अभी भी सबसे बड़ा सवाल बना हुआ है।</p>
<p>आने वाले कुछ दिनों में जब सभी 234 सीटों पर उम्मीदवारों के नाम सामने आएंगे, तब असली तस्वीर और साफ होगी। लेकिन फिलहाल इतना तय है कि तमिलनाडु का चुनाव अब सीधा और हाई-वोल्टेज मुकाबला बन चुका है—जहां हर सीट पर कांटे की टक्कर देखने को मिल सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 Mar 2026 19:07:10 +0530</pubDate>
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                <title>वैश्विक संकट के बीच ट्रेड की जंग—भारत की डील पर सियासी टकराव तेज</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली।  दुनिया इस समय कई बड़े संघर्षों से गुजर रही है—यूक्रेन-रूस युद्ध, इजराइल-हमास टकराव और अब ईरान से बढ़ता तनाव। इन हालातों ने वैश्विक व्यापार को गहरे असर में डाल दिया है। रेड सी संकट, होर्मुज स्ट्रेट पर खतरा, शिपिंग रूट्स का बदलना और बढ़ती इंश्योरेंस लागत ने अंतरराष्ट्रीय ट्रेड को धीमा कर दिया है। WTO ने भी चेतावनी दी है कि 2026 में वैश्विक व्यापार वृद्धि बहुत सीमित रह सकती है।ऐसे समय में भारत की राजनीति में भी ट्रेड को लेकर बहस तेज हो गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी लगातार India-US इंटरिम ट्रेड डील पर सवाल उठा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/state/delhi/trade-war-amid-global-crisis-%E2%80%93-political-conflict-intensifies-over/article-1756"><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/400/2026-03/rahulg.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली।  दुनिया इस समय कई बड़े संघर्षों से गुजर रही है—यूक्रेन-रूस युद्ध, इजराइल-हमास टकराव और अब ईरान से बढ़ता तनाव। इन हालातों ने वैश्विक व्यापार को गहरे असर में डाल दिया है। रेड सी संकट, होर्मुज स्ट्रेट पर खतरा, शिपिंग रूट्स का बदलना और बढ़ती इंश्योरेंस लागत ने अंतरराष्ट्रीय ट्रेड को धीमा कर दिया है। WTO ने भी चेतावनी दी है कि 2026 में वैश्विक व्यापार वृद्धि बहुत सीमित रह सकती है।ऐसे समय में भारत की राजनीति में भी ट्रेड को लेकर बहस तेज हो गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी लगातार India-US इंटरिम ट्रेड डील पर सवाल उठा रहे हैं। संसद और अपनी रैलियों में उन्होंने इस समझौते को किसानों, उद्योग और डेटा सुरक्षा के लिए नुकसानदायक बताया है। उनका कहना है कि इस डील से भारत को बराबरी का फायदा नहीं मिलेगा और सरकार को इसे रद्द करने पर विचार करना चाहिए।</p>
<p>राहुल गांधी ने अपने बयानों में यह भी दावा किया कि इस समझौते में कुछ ऐसे प्रावधान हैं जो भारतीय उद्योग और डेटा हितों को प्रभावित कर सकते हैं। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि जल्दबाजी में यह डील की गई और संसद में इस पर पर्याप्त चर्चा नहीं हुई।वहीं दूसरी तरफ सरकार और भाजपा इस आलोचना को खारिज कर रहे हैं। उनका कहना है कि मौजूदा वैश्विक संकट के बीच यह ट्रेड डील भारत के लिए नए बाजारों तक पहुंच और सप्लाई चेन को सुरक्षित करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। सरकार का दावा है कि इससे खासकर टेक्सटाइल और अन्य निर्यात क्षेत्रों को फायदा मिल सकता है और भारत की वैश्विक स्थिति मजबूत होगी।</p>
<p>विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा हालात में वैश्विक सप्लाई चेन पहले से ज्यादा अस्थिर हो गई है। रेड सी में हमलों के कारण जहाजों को लंबा रास्ता लेना पड़ रहा है, जिससे लागत बढ़ रही है। वहीं होर्मुज स्ट्रेट पर तनाव ने ऊर्जा सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ा दी है। ऐसे में देशों के लिए वैकल्पिक व्यापार साझेदार और सुरक्षित रूट्स खोजना जरूरी हो गया है। इसी वजह से भारत के लिए भी यह जरूरी हो गया है कि वह अपने व्यापारिक विकल्पों को मजबूत करे और नए समझौतों के जरिए जोखिम कम करे। हालांकि इस पर राजनीतिक मतभेद साफ दिखाई दे रहे हैं—एक पक्ष इसे अवसर मान रहा है, तो दूसरा इसे संभावित खतरे के रूप में देख रहा है।पूरे घटनाक्रम में सबसे अहम सवाल यही है कि जब दुनिया तेजी से बदल रही है और वैश्विक व्यापार नए समीकरणों की ओर बढ़ रहा है, तो क्या भारत को तेजी से निर्णय लेने चाहिए या ज्यादा सतर्क होकर हर पहलू पर विचार करना चाहिए?</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दिल्ली</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 Mar 2026 18:42:15 +0530</pubDate>
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                <title>5 दिन की राहत या तूफान से पहले की शांति? ट्रंप ने ईरान पर हमले रोके</title>
                                    <description><![CDATA[<p>अमेरिका। मिडिल ईस्ट की लगातार बढ़ती जंग के बीच एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अचानक ऐलान किया है कि अगले 5 दिनों तक ईरान के किसी भी पावर प्लांट और एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर कोई सैन्य हमला नहीं किया जाएगा। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब हालात तेजी से युद्ध की ओर बढ़ते दिख रहे थे और दुनिया भर में चिंता बढ़ गई थी। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा कि हाल ही में हुई “बहुत अच्छी और प्रोडक्टिव बातचीत” के बाद उन्होंने डिपार्टमेंट ऑफ वॉर को निर्देश दिया</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/%E0%A4%85%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%AF/5-days-respite-or-calm-before-the-storm-trump-stops/article-1754"><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/400/2026-03/trump-image.jpg" alt=""></a><br /><p>अमेरिका। मिडिल ईस्ट की लगातार बढ़ती जंग के बीच एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अचानक ऐलान किया है कि अगले 5 दिनों तक ईरान के किसी भी पावर प्लांट और एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर कोई सैन्य हमला नहीं किया जाएगा। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब हालात तेजी से युद्ध की ओर बढ़ते दिख रहे थे और दुनिया भर में चिंता बढ़ गई थी। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा कि हाल ही में हुई “बहुत अच्छी और प्रोडक्टिव बातचीत” के बाद उन्होंने डिपार्टमेंट ऑफ वॉर को निर्देश दिया है कि ईरान के पावर प्लांट्स और एनर्जी साइट्स पर हमले को 5 दिन के लिए टाल दिया जाए। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि बातचीत पूरे हफ्ते जारी रहेगी, यानी फिलहाल अमेरिका बातचीत के रास्ते को मौका देना चाहता है।दरअसल कुछ ही दिन पहले ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे का सख्त अल्टीमेटम दिया था। उन्होंने साफ कहा था कि अगर होर्मुज स्ट्रेट को बिना किसी बाधा के पूरी तरह नहीं खोला गया, तो अमेरिका ईरान के सबसे बड़े पावर प्लांट से शुरुआत करके पूरे एनर्जी सिस्टम को तबाह कर देगा। यह बयान अपने आप में बेहद आक्रामक था और इससे जंग का खतरा और बढ़ गया था।</p>
<p>होर्मुज स्ट्रेट की अहमियत को समझना जरूरी है। यह वही रास्ता है, जहां से दुनिया का करीब 20% तेल गुजरता है। अगर यह रास्ता बाधित होता है, तो ग्लोबल ऑयल सप्लाई पर सीधा असर पड़ता है और कीमतें तेजी से बढ़ जाती हैं। हाल ही में इसी तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल के दाम तेजी से उछलते हुए देखे गए।लेकिन अब अमेरिका और ईरान के बीच वीकेंड पर हुई बातचीत ने हालात में थोड़ी नरमी लाई है। इसी बातचीत के बाद ट्रंप ने 5 दिन का यह “ब्रेक” देने का फैसला लिया है। इसे एक तरह से तनाव कम करने की कोशिश और बातचीत को आगे बढ़ाने का मौका माना जा रहा है।हालांकि इस फैसले के बावजूद हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं। ईरान की तरफ से अभी तक इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। वहीं, इजरायल और ईरान के बीच मिसाइल हमले और जवाबी कार्रवाई की खबरें अभी भी सामने आ रही हैं, जिससे यह साफ है कि जमीनी स्तर पर तनाव अभी भी बना हुआ है।</p>
<p>अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह 5 दिन का ब्रेक जंग खत्म होने की शुरुआत है, या फिर यह सिर्फ एक रणनीतिक विराम है जिसके बाद हालात और ज्यादा बिगड़ सकते हैं। क्योंकि अगर बातचीत सफल नहीं होती, तो वही पावर प्लांट पर हमले की योजना फिर से सक्रिय हो सकती है।इस पूरे घटनाक्रम का असर सिर्फ मिडिल ईस्ट तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी दुनिया पर पड़ सकता है। तेल की कीमतों से लेकर वैश्विक अर्थव्यवस्था तक, हर चीज इस तनाव से प्रभावित हो रही है। भारत जैसे देशों के लिए भी यह स्थिति बेहद संवेदनशील है, क्योंकि ऊर्जा सप्लाई का बड़ा हिस्सा इसी क्षेत्र पर निर्भर करता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतराष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 Mar 2026 18:02:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Pratyakshdarshi Samachar]]></dc:creator>
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                <title>“असम से बंगाल तक सियासी संग्राम! महागठबंधन vs हिमंत—क्या बदलेगा खेल?</title>
                                    <description><![CDATA[<p>असम। असम विधानसभा चुनाव 2026 से ठीक पहले राज्य की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। शिवसागर और गुवाहाटी से आई खबरों के मुताबिक, कांग्रेस अध्यक्ष और सांसद गौरव गोगोई ने 6 प्रमुख विपक्षी दलों के महागठबंधन का ऐलान कर दिया है। यह गठबंधन सीधे मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और भाजपा सरकार को चुनौती दे रहा है। गोगोई ने साफ शब्दों में कहा कि इस बार भाजपा के खिलाफ वोटों का बंटवारा नहीं होगा और एकजुट विपक्ष सरकार को सत्ता से बाहर कर देगा।</p>
<p>का बयान चुनावी माहौल को और गर्म कर चुका है। उन्होंने कहा कि</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/national/%E2%80%9Cpolitical-battle-from-assam-to-bengal-grand-alliance-vs-himanta/article-1753"><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/400/2026-03/gaurav-gangoi..jpg" alt=""></a><br /><p>असम। असम विधानसभा चुनाव 2026 से ठीक पहले राज्य की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। शिवसागर और गुवाहाटी से आई खबरों के मुताबिक, कांग्रेस अध्यक्ष और सांसद गौरव गोगोई ने 6 प्रमुख विपक्षी दलों के महागठबंधन का ऐलान कर दिया है। यह गठबंधन सीधे मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और भाजपा सरकार को चुनौती दे रहा है। गोगोई ने साफ शब्दों में कहा कि इस बार भाजपा के खिलाफ वोटों का बंटवारा नहीं होगा और एकजुट विपक्ष सरकार को सत्ता से बाहर कर देगा।</p>
<p>का बयान चुनावी माहौल को और गर्म कर चुका है। उन्होंने कहा कि छह दलों के इस गठबंधन से विपक्षी वोट एकजुट होंगे और जनता तक एक मजबूत संदेश जाएगा। उनका दावा है कि अगर वोट बंटे नहीं, तो भाजपा को हराना संभव है। यह बयान सिर्फ राजनीतिक रणनीति नहीं, बल्कि सीधी चुनौती है—“हम मिलकर हिमंत बिस्वा सरमा को सत्ता से बाहर करेंगे।”</p>
<p>इस महागठबंधन में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के साथ असम जातीय परिषद (AJP), रायजोर दल, CPI(M), CPI(ML) और ऑल पार्टी हिल लीडर्स कॉन्फ्रेंस (APHLC) शामिल हैं। कांग्रेस ने 126 में से 100 सीटों पर चुनाव लड़ने का फैसला किया है, जबकि बाकी सीटें सहयोगी दलों के लिए छोड़ी गई हैं। इससे साफ है कि विपक्ष हर सीट पर एक मजबूत उम्मीदवार उतारकर भाजपा को सीधी टक्कर देना चाहता है।</p>
<p>यह गठबंधन इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि पिछले चुनावों में विपक्षी वोटों के बंटवारे ने भाजपा को सीधा फायदा पहुंचाया था। कई सीटों पर विपक्ष के अलग-अलग उम्मीदवारों ने एक-दूसरे का वोट काटा, जिससे भाजपा को जीत आसान हुई। लेकिन इस बार विपक्ष उसी गलती को सुधारने की कोशिश कर रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर यह एकता जमीन पर दिखती है, तो भाजपा के लिए यह चुनाव अब तक की सबसे बड़ी चुनौती बन सकता है।</p>
<p>लेकिन इस चुनाव में सिर्फ गठबंधन ही नहीं, बल्कि एक और बड़ा मुद्दा उभरकर सामने आया है—ध्रुवीकरण। असम की राजनीति अब धीरे-धीरे “पहचान और वोट बैंक” की लड़ाई में बदलती नजर आ रही है। एक तरफ “Indigenous vs Infiltrator” यानी असमिया अस्मिता का मुद्दा है, तो दूसरी तरफ “Hindu consolidation vs Minority unity” की बहस तेज हो गई है।</p>
<p>यही पैटर्न पश्चिम बंगाल में भी देखने को मिल रहा है। वहां टीएमसी पर मुस्लिम वोट बैंक को साधने और तुष्टिकरण के आरोप लगाए जा रहे हैं, जबकि भाजपा हिंदू वोटों को एकजुट करने की रणनीति पर काम कर रही है। टीएमसी नेता हुमायूं कबीर के “मुस्लिम मुख्यमंत्री” वाले बयान ने इस बहस को और भड़का दिया है। भाजपा ने इसे सीधा ध्रुवीकरण बताकर हमला बोला है।</p>
<p>असम में भी बयानबाजी तेज हो चुकी है। गौरव गोगोई ने हिमंत सरकार पर मुस्लिम समुदाय के खिलाफ सख्त कार्रवाई और माहौल खराब करने के आरोप लगाए हैं। वहीं मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने पलटवार करते हुए उन्हें “पाकिस्तानी एजेंट” तक कह दिया। इस तरह के तीखे बयान इस चुनाव को और ज्यादा संवेदनशील बना रहे हैं।</p>
<p>भाजपा की रणनीति भी बिल्कुल साफ दिख रही है। पार्टी ने अपनी उम्मीदवारों की सूची में एक भी मुस्लिम चेहरा शामिल नहीं किया है और “घुसपैठ”, “बांग्लादेशी” और eviction drive जैसे मुद्दों को जोर-शोर से उठा रही है। भाजपा इसे असमिया पहचान और सुरक्षा का सवाल बता रही है। Delimitation के बाद सीटों के समीकरण में हुए बदलाव ने भी इस रणनीति को मजबूती दी है।</p>
<p>वहीं विपक्ष अपनी छवि को “सेकुलर” बनाए रखने की कोशिश में लगा है। कांग्रेस ने AIUDF जैसे मुस्लिम-केंद्रित दल से दूरी बनाकर यह संदेश देने की कोशिश की है कि यह गठबंधन किसी एक समुदाय के लिए नहीं, बल्कि पूरे असम के लिए है। लेकिन असली सवाल यही है—क्या यह संदेश जमीन तक पहुंचेगा?</p>
<p>अब असम की राजनीति एक बेहद दिलचस्प मोड़ पर खड़ी है। एक तरफ मजबूत संगठन और नेतृत्व के साथ भाजपा है, जो लगातार सत्ता में वापसी की कोशिश कर रही है। दूसरी तरफ एकजुट विपक्ष है, जो बदलाव का नारा लेकर मैदान में उतरा है। यह मुकाबला सिर्फ सीटों का नहीं, बल्कि दो अलग-अलग राजनीतिक सोच का बन चुका है।</p>
<p>9 अप्रैल को होने वाला मतदान अब तय करेगा कि असम की जनता किस दिशा में जाना चाहती है। क्या लोग बदलाव के पक्ष में वोट देंगे या फिर हिमंत बिस्वा सरमा को एक और मौका देंगे? क्या महागठबंधन सच में वोटों को जोड़ पाएगा या फिर जमीनी हकीकत कुछ और ही होगी?</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 Mar 2026 17:47:57 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>PM मोदी का बड़ा अलर्ट: कोरोना जैसा वक्त फिर आ सकता है! क्या है असली खतरा?” </title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली।  हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में अपने संबोधन के दौरान “कोरोना काल” का उदाहरण देते हुए देश को आने वाली चुनौतियों के लिए तैयार रहने की बात कही। इस बयान के सामने आते ही सोशल मीडिया पर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं—कुछ लोगों ने इसे संभावित लॉकडाउन से जोड़ दिया, तो कुछ ने इसे किसी बड़े संकट का संकेत माना। लेकिन सच्चाई इससे थोड़ी अलग है।प्रधानमंत्री का यह बयान किसी नए लॉकडाउन का संकेत नहीं है, बल्कि मौजूदा वेस्ट एशिया में चल रहे तनाव और वैश्विक अस्थिरता को देखते हुए एक चेतावनी और</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/%E0%A4%85%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%AF/draft-add%E2%80%9Cpm-modis-big-alert-times-like-corona-may-come/article-1752"><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/400/2026-03/ivk3kedg_pm-modi-new-parliament_625x300_28_may_23.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली।  हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में अपने संबोधन के दौरान “कोरोना काल” का उदाहरण देते हुए देश को आने वाली चुनौतियों के लिए तैयार रहने की बात कही। इस बयान के सामने आते ही सोशल मीडिया पर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं—कुछ लोगों ने इसे संभावित लॉकडाउन से जोड़ दिया, तो कुछ ने इसे किसी बड़े संकट का संकेत माना। लेकिन सच्चाई इससे थोड़ी अलग है।प्रधानमंत्री का यह बयान किसी नए लॉकडाउन का संकेत नहीं है, बल्कि मौजूदा वेस्ट एशिया में चल रहे तनाव और वैश्विक अस्थिरता को देखते हुए एक चेतावनी और तैयारी का संदेश है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते टकराव, तेल-गैस सप्लाई पर खतरा और वैश्विक बाजार में अस्थिरता को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री ने देशवासियों से कहा कि जिस तरह हमने कोरोना महामारी के दौरान धैर्य, संयम और एकजुटता के साथ मुश्किल समय का सामना किया था, उसी तरह अब भी हमें तैयार रहना होगा। उन्होंने साफ किया कि यह समय घबराने का नहीं, बल्कि सतर्क रहने का है। अगर वैश्विक हालात और बिगड़ते हैं, तो इसका असर भारत की अर्थव्यवस्था, ईंधन आपूर्ति और आम लोगों की जिंदगी पर पड़ सकता है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा तेल आयात करता है और उसका एक बड़ा भाग वेस्ट एशिया से आता है, इसलिए वहां की किसी भी अस्थिरता का सीधा असर देश के अंदर महसूस हो सकता है—चाहे वह पेट्रोल-डीजल की कीमतें हों, ट्रांसपोर्ट खर्च हो या रोजमर्रा की चीजों के दाम।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने यह भी भरोसा दिलाया कि सरकार पूरी तरह स्थिति पर नजर बनाए हुए है और हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। पेट्रोल-डीजल, LPG और बिजली की सप्लाई फिलहाल सामान्य है और किसी तरह की कमी की स्थिति नहीं है। साथ ही, विदेशों में फंसे भारतीयों की सुरक्षा को लेकर भी सरकार लगातार सक्रिय है और जरूरत पड़ने पर उन्हें सुरक्षित वापस लाने की पूरी तैयारी की गई है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अगर हालात और गंभीर होते हैं, तो अफवाह फैलाने वालों और जमाखोरी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि आम जनता को किसी तरह की परेशानी न हो। यानी सरकार सिर्फ तैयारी की बात नहीं कर रही, बल्कि हर संभावित स्थिति से निपटने के लिए एक मजबूत व्यवस्था भी बना रही है।</p>
<p>इस पूरे बयान का निष्कर्ष यही है कि “कोरोना जैसी तैयारी” का मतलब लॉकडाउन नहीं, बल्कि सतर्कता, एकजुटता और जिम्मेदारी से हालात का सामना करना है। प्रधानमंत्री का यह संदेश एक तरह से देश को पहले से सचेत करने का प्रयास है, ताकि अगर भविष्य में कोई वैश्विक संकट आता है, तो भारत तैयार रहे और उसका असर कम से कम हो।अब सवाल यही है कि क्या यह सिर्फ एक सावधानी भरा संदेश है या आने वाले समय में वाकई कोई बड़ा वैश्विक संकट खड़ा हो सकता है?<br />ईरान जंग पर अचानक ब्रेक! ट्रंप का चौंकाने वाला ऐलान – अगले 5 दिन तक पावर प्लांट पर कोई अटैक नहीं! दोस्तों, मिडिल ईस्ट की जंग में पहली बार राहत की सांस... अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद ऐलान कर दिया है कि ईरान के किसी भी पावर प्लांट और एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर अगले 5 दिन तक कोई सैन्य हमला नहीं होगा! ट्रंप ने अपनी ट्रुथ सोशल पोस्ट में लिखा:<br /><strong>"बहुत अच्छी और प्रोडक्टिव बातचीत के आधार पर... मैंने डिपार्टमेंट ऑफ वॉर को निर्देश दे दिया है कि ईरान के पावर प्लांट्स और एनर्जी साइट्स पर हमले को 5 दिन के लिए पोस्टपोन कर दिया जाए। ये बातचीत पूरे हफ्ते जारी रहेगी।"</strong></p>
<p>क्या है पूरा मामला?कुछ दिन पहले ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था – होर्मुज स्ट्रेट को बिना किसी धमकी के पूरी तरह खोलो, वरना अमेरिका ईरान के सबसे बड़े पावर प्लांट से शुरू करके सब(तबाह) कर देगा!  होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के 20% तेल का रास्ता है। इसके बंद होने से ग्लोबल ऑयल कीमतें आसमान छू रही थीं।  अब अमेरिका और ईरान के बीच विकेंड पर हुई बहुत अच्छी बातचीत  के बाद ट्रंप ने ये 5 दिन का ब्रेक दे दिया है। बातचीत जारी रहेगी – क्या ये जंग खत्म होने की शुरुआत है?ईरान की तरफ से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई, लेकिन तनाव अभी भी बरकरार है। इजरायल-ईरान मिसाइल एक्सचेंज भी जारी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतराष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 Mar 2026 17:36:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Pratyakshdarshi Samachar]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>J&amp;K Encounter: गणतंत्र दिवस से पहले सुरक्षाबलों की बड़ी स्ट्राइक</title>
                                    <description><![CDATA[26 जनवरी से पहले दहलाने की थी साजिश, बंधक संकट को टालकर JKP के जांबाजों ने घर में घुसकर आतंकी को मारा; दिल्ली-NCR समेत पूरे देश में 'हाई अलर्ट']]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/national/jk-encounter-big-strike-by-security-forces-before-republic-day/article-1751"><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/400/2026-01/gemini_generated_image_79b4pz79b4pz79b4.png" alt=""></a><br /><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/2026-01/gemini_generated_image_79b4pz79b4pz79b4.png" alt="before_republic_day_encounter_in_j&amp;k" width="1344" height="768"></img>
गणतंत्र दिवस के पहले जम्मू एवं कश्मीर में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता

<p> </p>
<p><strong>जम्मू/कठुआ: गणतंत्र दिवस (Republic Day 2026) </strong>समारोह से ठीक दो दिन पहले भारतीय सुरक्षाबलों ने जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) को करारा झटका दिया है। शुक्रवार रात और शनिवार की सुबह तक चले एक सटीक 'क्लिनिकल ऑपरेशन' में सेना, सीआरपीएफ (CRPF) और जम्मू-कश्मीर पुलिस (JKP) की संयुक्त टीम ने जैश के खूंखार कमांडर उस्मान (Usman alias Abu Maviya) को मार गिराया।<br /><br /><strong>बंधक संकट और जांबाजी की कहानी</strong><br />मुठभेड़ की शुरुआत कठुआ के बिलावर (Billawar) तहसील के परहेतर (Parhetar) गांव में हुई। पुलिस को सूचना मिली थी कि एक विदेशी आतंकी भोजन की तलाश में गांव के एक घर में छिपा है और उसने वहां मौजूद नागरिकों को बंधक (Hostage) बना लिया है।<br /><br /><strong>रेस्क्यू ऑपरेशन: </strong>जम्मू-कश्मीर पुलिस की एक छोटी टुकड़ी ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए पहले नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाला।</p>
<p><strong>अचूक वार: </strong>इसके बाद पुलिस के जवानों ने सीधे घर के अंदर धावा बोलकर आतंकी से उसकी राइफल छीनी और उसे मार गिराया।</p>
<p><strong>रिकवरी:</strong> मारे गए आतंकी के पास से अमेरिका निर्मित M4 कार्बाइन (US-made M4 Rifle) और भारी मात्रा में गोला-बारूद बरामद हुआ है।</p>
<p><strong>कौन था मारा गया आतंकी उस्मान?</strong><br />मारे गए आतंकी की पहचान पाकिस्तानी मूल के उस्मान के रूप में हुई है। वह 2024 से कठुआ-उधमपुर बेल्ट में सक्रिय था और सुरक्षाबलों पर हुए 6 बड़े आतंकी हमलों का मास्टरमाइंड था। वह हाल ही में बसंतगढ़ में हुई मुठभेड़ के दौरान अपने समूह से अलग हो गया था और अकेले ही हमले की फिराक में था।<br /><br /><strong>'ऑपरेशन 26-26' और देशभर में हाई अलर्ट</strong><br />इंटेलिजेंस इनपुट्स के अनुसार, पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठनों ने गणतंत्र दिवस पर बड़े हमलों की साजिश रची है, जिसे कोडनेम "26-26" दिया गया था।</p>
<p><strong>दिल्ली-NCR: </strong>लाल किले और कर्तव्य पथ के आसपास सुरक्षा का 'सेवेन लेयर' घेरा बनाया गया है।<br />अयोध्या: राम मंदिर की सुरक्षा भी बढ़ाई गई है क्योंकि इसे भी संभावित टारगेट बताया गया था।<br />सर्च ऑपरेशन: पंजाब और जम्मू की सीमाओं पर पुलिस और सेना 'एंटी-टेरर' सर्च ऑपरेशन चला रही है ताकि किसी भी घुसपैठ को नाकाम किया जा सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 24 Jan 2026 19:24:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Pratyakshdarshi Samachar]]></dc:creator>
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                <title>Defense Expo 2026: भारत बना हथियारों का बड़ा निर्यातक</title>
                                    <description><![CDATA[पूरी दुनिया में गूंजी 'मेक इन इंडिया' की धमक; 80 से ज्यादा देशों को हथियार बेच रहा है भारत, डिफेंस एक्सपो में दिखी स्वदेशी 'किलर ड्रोन' की ताकत।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/national/defense-expo-2026-india-becomes-big-exporter-of-arms/article-1750"><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/400/2026-01/brahmhos_aur_tejas_ka_hoga_niryat.jpg" alt=""></a><br /><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/2026-01/brahmhos_aur_tejas_ka_hoga_niryat.jpg" alt="brahmhos_aur_tejas_ka_hoga_niryat" width="1200" height="675"></img>
Defence Expo: 2026 भारत बना हथियारों का बड़ा निर्यातक

<p> </p>
<p><strong>नई दिल्ली/गांधीनगर:</strong> भारत के रक्षा मंत्रालय ने आज वित्तीय वर्ष 2025-26 के रक्षा निर्यात के आंकड़े जारी किए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान के तहत भारत का रक्षा निर्यात अब ₹35,000 करोड़ के पार निकल गया है। यह 10 साल पहले के आंकड़ों की तुलना में लगभग 20 गुना ज्यादा है। भारत अब केवल हथियार खरीदने वाला देश नहीं, बल्कि दुनिया को 'अचूक' हथियार बेचने वाला देश बन गया है।<br /><br /><strong>दुनिया भर में 'ब्रह्मोस' और 'तेजस' का बोलबाला</strong><br />रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, फिलीपींस को ब्रह्मोस मिसाइल की सफल डिलीवरी के बाद वियतनाम और कई खाड़ी देशों ने भी इसमें रुचि दिखाई है। वहीं, स्वदेशी लड़ाकू विमान LCA तेजस और हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर (LCH) प्रचंड के लिए दक्षिण-पूर्व एशिया और अफ्रीकी देशों से बड़े ऑर्डर मिलने की संभावना है।<br /><br /><strong>डिफेंस एक्सपो 2026: स्वदेशी 'किलर ड्रोन' ने खींचा ध्यान</strong><br />गुजरात में आयोजित हो रहे 'डिफेंस एक्सपो' में भारतीय स्टार्टअप्स ने अपनी तकनीक का लोहा मनवाया है।<br /><br /><strong>आत्मघाती ड्रोन (Kamikaze Drones): </strong>भारतीय कंपनियों ने ऐसे ड्रोन प्रदर्शित किए हैं जो दुश्मन के रडार की पकड़ में आए बिना हमला करने में सक्षम हैं।</p>
<p><strong>आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI):</strong> इस बार एक्सपो की थीम 'AI इन डिफेंस' है, जिसमें रोबोटिक सोल्जर्स और स्वायत्त टैंकों का प्रदर्शन किया जा रहा है।</p>
<p><strong>वैश्विक समीकरणों में भारत का बढ़ता कद</strong><br />रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत का लक्ष्य 2029 तक रक्षा निर्यात को ₹50,000 करोड़ तक ले जाना है। स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) की हालिया रिपोर्ट भी तस्दीक करती है कि भारत अब दुनिया के टॉप 25 हथियार निर्यातक देशों की सूची में मजबूती से अपनी जगह बना चुका है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 24 Jan 2026 17:59:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Pratyakshdarshi Samachar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Health Alert: देश के 50 शहरों में 'रेड जोन' में पहुंचा प्रदूषण</title>
                                    <description><![CDATA[दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत के कई शहरों में सांस लेना हुआ दूषित; स्वास्थ्य मंत्रालय की सलाह- बुजुर्ग और बच्चे घर से बाहर निकलने में बरतें सावधानी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/national/health-alert-pollution-reaches-red-zone-in-50-cities-of/article-1749"><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/400/2026-01/most_polluted_cities_in_india.jpg" alt=""></a><br /><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/2026-01/most_polluted_cities_in_india.jpg" alt="most_polluted_cities_in_india" width="800" height="435"></img>
देश के 50 शहरों में प्रदूषण रेड जोन तक

<p> </p>
<div><strong>नई दिल्ली:</strong> जनवरी के आखिरी हफ्ते में कड़ाके की ठंड के साथ-साथ प्रदूषण ने भी विकराल रूप धारण कर लिया है। आज जारी केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली, नोएडा, कानपुर, लखनऊ और पटना समेत 50 बड़े शहरों का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 'गंभीर' (Severe) श्रेणी में दर्ज किया गया है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि कम हवा की गति और नमी के कारण प्रदूषक कण (PM 2.5) सतह के करीब जमा हो गए हैं।<br /><br /><strong>केंद्र सरकार की नई 'क्लीन एयर' नीति 2026</strong><br />बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए केंद्र सरकार ने आज 'नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम (NCAP) 2.0' की गाइडलाइंस जारी की हैं। इसके तहत:<br /><br /><strong>GRAP-4 लागू: </strong>दिल्ली-NCR में निर्माण कार्यों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है।<br />इलेक्ट्रिक मोबिलिटी: शहरों में सार्वजनिक परिवहन के लिए केवल ई-बसों और सीएनजी वाहनों को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया गया है।</div>
<div> </div>
<div><strong>ग्रीन बेल्ट:</strong> नगर निगमों को शहरी क्षेत्रों में 'मियांवाकी' तकनीक से छोटे जंगल विकसित करने के लिए विशेष बजट आवंटित किया गया है।</div>
<div><br /><strong>डॉक्टरों की चेतावनी: बढ़ रहे हैं अस्थमा और हार्ट अटैक के मामले</strong><br />एम्स (AIIMS) दिल्ली के विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि खराब हवा के कारण अस्पतालों में सांस के मरीजों की संख्या में 30% की वृद्धि हुई है।<br /><br /><strong>मास्क का उपयोग:</strong> डॉक्टरों ने घर से बाहर निकलने पर N-95 मास्क पहनने की सलाह दी है।<br />डाइट टिप्स: प्रदूषण के प्रभाव को कम करने के लिए विटामिन-C युक्त फल और गुड़ का सेवन करने का सुझाव दिया गया है।</div>
<div> </div>
<div><strong>सुप्रीम कोर्ट सख्त: "सिर्फ कागजों पर न रहे एक्शन"</strong><br />प्रदूषण के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने भी स्वतः संज्ञान लिया है। कोर्ट ने राज्यों को फटकार लगाते हुए कहा कि पराली जलाने और औद्योगिक उत्सर्जन पर नियंत्रण के लिए जमीनी स्तर पर काम होना चाहिए, न कि केवल बैठकों में।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 24 Jan 2026 17:38:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Pratyakshdarshi Samachar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Budget 2026: बजट से पहले आम आदमी को राहत</title>
                                    <description><![CDATA[वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पेश करेंगी मोदी सरकार 3.0 का तीसरा पूर्ण बजट; 'मिडिल क्लास' की उम्मीदों और '8% GDP ग्रोथ' के लक्ष्य पर टिकी दुनिया की नजर।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/national/relief-to-the-common-man-before-budget-2026/article-1748"><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/400/2026-01/union-budget-2026-benefits.webp" alt=""></a><br /><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/2026-01/union-budget-2026-benefits.webp" alt="union-budget-2026-benefits" width="1920" height="1200"></img>
नये बजट के पहले आम आदमी को राहत

<p> </p>
<p><strong>नई दिल्ली:</strong> केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, भारत की खुदरा महंगाई दर (CPI) जनवरी 2026 में घटकर 3.9% पर आ गई है। यह पिछले 20 महीनों का सबसे निचला स्तर है। खाद्य वस्तुओं, विशेषकर खाद्य तेलों और दालों की कीमतों में स्थिरता ने सरकार और आम जनता दोनों को बड़ी राहत दी है।<br /><br /><strong>बजट 2026: क्या है पिटारे में?</strong><br />आगामी बजट सत्र को लेकर वित्त मंत्रालय में हलचल तेज है। सूत्रों के मुताबिक, इस बार के बजट में 'विकसित भारत' के विजन को ध्यान में रखते हुए तीन मुख्य क्षेत्रों पर जोर दिया जाएगा:<br /><br /><strong>इनकम टैक्स में छूट: </strong>मध्यम वर्ग को बड़ी राहत देते हुए 'Standard Deduction' की सीमा को ₹50,000 से बढ़ाकर ₹1,00,000 किए जाने की संभावना है।<br />इंफ्रास्ट्रक्चर पर रिकॉर्ड खर्च: पीएम गति शक्ति योजना के तहत रेलवे और हाईवे के लिए फंड में 15-20% की बढ़ोतरी हो सकती है।</p>
<p><strong>एग्रीकल्चर स्टार्टअप्स:</strong> ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए खेती में AI और ड्रोन तकनीक के उपयोग के लिए विशेष पैकेज की घोषणा संभव है।</p>
<p><strong>GDP ग्रोथ: भारत बना 'ग्लोबल ग्रोथ इंजन'</strong><br />विश्व बैंक और IMF की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, भारत साल 2026 में 8% की GDP विकास दर के साथ दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बना रहेगा। विनिर्माण (Manufacturing) और सेवा क्षेत्र (Services) में आए उछाल ने भारत को '5 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी' के लक्ष्य के और करीब पहुंचा दिया है।<br /><br /><strong>शेयर बाजार में उत्साह</strong><br />बजट और महंगाई के सकारात्मक आंकड़ों का असर दलाल स्ट्रीट पर भी दिख रहा है। सेंसेक्स (Sensex) ने आज 82,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर लिया है, जबकि निफ्टी (Nifty) 25,000 के ऊपर कारोबार कर रहा है। विदेशी निवेशकों (FIIs) का भारतीय बाजार में भरोसा फिर से लौटा है।    </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 24 Jan 2026 17:20:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Pratyakshdarshi Samachar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Gaganyaan-1 Launch: अंतरिक्ष में भारत की ऐतिहासिक छलांग</title>
                                    <description><![CDATA[श्रीहरिकोटा से लॉन्च होगा 'व्योममित्र' रोबोट; गगनयान मिशन के जरिए भारत बनेगा अंतरिक्ष में इंसान भेजने वाला चौथा देश]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/national/gaganyaan-1-launch-indias-historic-leap-into-space/article-1747"><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/400/2026-01/gaganyaan_indias_top_space_mission.jpg" alt=""></a><br /><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/2026-01/gaganyaan_indias_top_space_mission.jpg" alt="gaganyaan_indias_top_space_mission" width="1200" height="900"></img>
गगनयान के जरिये भारत बनेगा विश्व का चौथा देश

<p> </p>
<p><strong>बेंगलुरु/श्रीहरिकोटा: </strong>भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने आज घोषणा की है कि भारत के पहले मानवयुक्त अंतरिक्ष मिशन 'गगनयान' के पहले चरण (Gaganyaan-1) की लॉन्चिंग प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इसरो चीफ एस. सोमनाथ ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि फरवरी 2026 के पहले सप्ताह में यह मानवरहित मिशन अंतरिक्ष के लिए रवाना होगा।<br /><br /><strong>'व्योममित्र' बनेगी भारत की पहली अंतरिक्ष यात्री</strong><br />इस मिशन की सबसे खास बात इसमें जाने वाली 'व्योममित्र' (Vyommitra) है। यह एक महिला रोबोट (Humanoid) है, जिसे इसरो ने विशेष रूप से विकसित किया है।<br /><br /><strong>काम क्या होगा?</strong> यह रोबोट अंतरिक्ष यान के अंदर ठीक वैसे ही काम करेगा जैसे एक इंसान करता है। यह लाइफ सपोर्ट सिस्टम, पैनल ऑपरेशन्स और अंतरिक्ष के वातावरण का डेटा इकट्ठा करेगी।<br />सुरक्षा जांच: इस मिशन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि क्या हमारा 'क्रू मॉड्यूल' इंसानों के रहने के लिए पूरी तरह सुरक्षित है।</p>
<p><br /><strong>भारत रचेगा इतिहास: दुनिया की नजरें टिकीं</strong><br />अगर गगनयान के सभी चरण (G1, G2 और अंत में मानव मिशन) सफल रहते हैं, तो भारत अमेरिका, रूस और चीन के बाद अंतरिक्ष में इंसान भेजने वाला दुनिया का चौथा देश बन जाएगा।<br /><br /><strong>LVM3 रॉकेट का उपयोग: </strong>इस मिशन के लिए भारत के सबसे शक्तिशाली रॉकेट LVM3 (Launch Vehicle Mark 3) का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिसे 'बाहुबली' रॉकेट भी कहा जाता है।<br />लैंडिंग: अंतरिक्ष में चक्कर लगाने के बाद यह मॉड्यूल बंगाल की खाड़ी में लैंड करेगा, जहां भारतीय नौसेना इसे रिकवर करेगी।</p>
<p><strong>पीएम मोदी का 'स्पेस विजन 2040'</strong><br />प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसरो के वैज्ञानिकों को बधाई देते हुए कहा कि "गगनयान सिर्फ एक मिशन नहीं है, यह 140 करोड़ भारतीयों की आकांक्षाओं की उड़ान है।" भारत का लक्ष्य 2035 तक अपना अंतरिक्ष स्टेशन बनाना और 2040 तक चंद्रमा पर भारतीय को उतारना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 24 Jan 2026 16:58:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Pratyakshdarshi Samachar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Republic Day 2026: कर्तव्य पथ पर दिखेगी 'वंदे मातरम' की 150 साल की यात्रा; पहली बार यूरोपीय संघ के प्रमुख होंगे मुख्य अतिथि</title>
                                    <description><![CDATA[भारत अपने 77वें गणतंत्र दिवस के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार है। इस साल का समारोह न केवल सैन्य शक्ति का प्रदर्शन होगा, बल्कि यह राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' के 150 वर्ष पूरे होने का जश्न भी मनाएगा। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस बार कर्तव्य पथ पर होने वाली परेड की थीम सांस्कृतिक पुनरुत्थान और 'आत्मनिर्भर भारत' पर केंद्रित होगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/national/republic-day-2026/article-1746"><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/400/2026-01/9d0mpmtg_republic-day-2024_625x3.jpg" alt=""></a><br /><img src="https://www.pratyakshdarshisamachar.com/media/2026-01/9d0mpmtg_republic-day-2024_625x3.jpg" alt="9d0mpmtg_republic-day-2024_625x3" width="545" height="307"></img>
इस बार गणतंत्र दिवस पर दिखेंगे बेहद खास झलकियां

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<p><strong>नई दिल्ली: </strong>भारत अपने 77वें गणतंत्र दिवस के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार है। इस साल का समारोह न केवल सैन्य शक्ति का प्रदर्शन होगा, बल्कि यह राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' के 150 वर्ष पूरे होने का जश्न भी मनाएगा। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस बार कर्तव्य पथ पर होने वाली परेड की थीम सांस्कृतिक पुनरुत्थान और 'आत्मनिर्भर भारत' पर केंद्रित होगी।</p>
<p><strong>मुख्य अतिथि: भारत-EU संबंधों का नया अध्याय</strong><br />इस साल गणतंत्र दिवस के अवसर पर यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। यह पहली बार है जब यूरोपीय संघ (EU) के दो शीर्ष नेता एक साथ परेड की शोभा बढ़ाएंगे। परेड के अगले दिन यानी 27 जनवरी को 16वां भारत-EU शिखर सम्मेलन भी आयोजित किया जाएगा।<br /><br /> <br /><strong>परेड की खास बातें: क्या होगा नया?</strong><br />वंदे मातरम थीम: परेड के दौरान 1923 में बनाए गए वंदे मातरम के दुर्लभ चित्रों और दृश्यों को प्रदर्शित किया जाएगा।<br /><br /> <br /><strong>सैन्य शक्ति: </strong>पहली बार भारतीय सेना 'फेज्ड बैटल एरे फॉर्मेशन' (Phased Battle Array Formation) का प्रदर्शन करेगी, जिसमें मैकेनाइज्ड और कैवलरी कॉलम शामिल होंगे।<br /><br /> <br /><strong>झांकियां:</strong> कुल 30 झांकियां निकलेंगी, जिनमें 17 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की और 13 मंत्रालयों की होंगी।<br /><br /> <br /><strong>विशेष अतिथि:</strong> समाज के विभिन्न वर्गों के 10,000 'विशिष्ट मेहमान' (इनोवेटर्स, किसान और वैज्ञानिक) इस बार वीआईपी गैलरी में बैठेंगे।<br /><br /> <br /><strong>सुरक्षा का कड़ा पहरा: चप्पे-चप्पे पर नजर</strong><br />गणतंत्र दिवस को देखते हुए दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने सुरक्षा का घेरा सख्त कर दिया है।<br /><br /><strong>फेशियल रिकग्निशन:</strong> सुरक्षा के लिए आधुनिक फेशियल रिकग्निशन कैमरों और एंटी-ड्रोन यूनिट्स को तैनात किया गया है।<br />फुल ड्रेस रिहर्सल: आज (24 जनवरी) दिल्ली के कर्तव्य पथ और लखनऊ के विधानसभा मार्ग पर भव्य फुल ड्रेस रिहर्सल की गई, जिसमें मार्चिंग टुकड़ियों ने अपनी तैयारी को अंतिम रूप दिया।</p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Sat, 24 Jan 2026 16:45:06 +0530</pubDate>
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